चतुर लोमड़ी और कौआ की कहानी – Clever Fox and Crow Story in Hindi with Moral



Clever Fox and Crow Story in Hindi with Moral – नमस्कार दोस्तों कैसे हो आप लोग आज हम आप लोगों के साथ एक और ऐसी मनोरंजक और सीख देने वाली कहानी शेयर करने वाले हैं और इस कहानी का नाम है चालाक लोमड़ी और कौवे की कहानी

यह कहानी बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है और इस कहानी को ज्यादातर लोगों ने सुन रखा है लेकिन आज हम यह स्टोरी आपके साथ इसलिए शेयर कर रहे हैं क्योंकि बच्चों को अच्छी सीख देना हमारा काम होता है और यह कहानी अगर बच्चे पढ़ेंगे तो उनको एक बहुत ही अच्छी सीख मिलेगी जो कि उनको जीवन में बहुत ज्यादा काम आएगी

हम आपको यह रिक्वेस्ट करेंगे कि आप इस स्टोरी को पूरा अंत तक पढ़े ताकि आपको इस कहानी से मिलने वाली सीख के बारे में पता चल पाए. वैसे तो आप लोगों को पता ही होगा कि लोमड़ी कितनी ज्यादा चालाक होती है और इस कहानी में आप देख पाएंगे कि लोमड़ी अपनी चालाकी के दम पर कवि को किस तरीके से बेवकूफ बना देती है और अपना काम बना लेती है

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हम उम्मीद करते हैं कि आपका यह स्टोरी पढ़कर आपको एक बहुत ही अच्छी सीख मिलेगी, तो चलिए दोस्तों ज्यादा समय बर्बाद न करते हुए हम आज की इस रोमांचक हिंदी कहानी के बारे में शुरूआत करते हैं

Clever Fox and Crow Story in Hindi with Moral
चतुर लोमड़ी और कौवे की कहानी हिंदी में

Clever Fox and Crow Story in Hindi with Moral

एक जंगल में एक बहुत ही चालाक लोमड़ी रहा करती थी वह एक दिन रास्ते से जा रही थी. तब उसको रास्ते में एक पेड़ दिखाई दिया और उसने पेड़ में देखा कि एक कौवे के मुंह में रोटी है

यार देख कर उस चालाक लोमड़ी के मुंह में पानी आ गया और उसने सोचा कि मैं ऐसा क्या करूं कि इस कौवे के मुंह से रोटी नीचे गिर जाए और मैं उसको लेकर भाग जाऊं

कौवे को रोटी कहीं से मिल गई थी और वह उसको बड़े ही चाव से खा रहा था और उसी समय लोमड़ी ने उसको देख लिया

अब लोमड़ी के समझ में यह नहीं आ रहा था कि कौवे के मुंह से मैं रोटी कैसे छीने, क्योंकि यदि लोमड़ी कुछ करता है तो कौवा रोटी लेकर उसके से उड़कर कहीं दूर चला जाएगा और इसकी वजह से लोमड़ी को वह रोटी नहीं मिल पाएगी

इसी वजह से लोमड़ी ने अपना दिमाग चढ़ाया और जैसा की हमने आपको पहले ही बताया कि वह बहुत चतुर और चालाक होती है

और कौवे से रोटी छीनने के लिए उसने अपनी चालाकी का इस्तेमाल किया. उसने कौवे से कहा अरे कल कोई गाना गा रहा था वह आप ही थे ना आपकी आवाज तो बहुत ही जबरदस्त है और आप बहुत ही अच्छा गाते हैं

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और आज क्या बात आप बहुत सुंदर भी लग रहे हो. पूरे जंगल वाले समझते हैं कि आप अच्छा गाना बिल्कुल भी नहीं जा सकते हो लेकिन जब कल मैंने आप का गाना सुना तब मुझे यकीन नहीं हुआ कि आप इतना अच्छा गाना गाते हो आप के गले में इतना मधुर सूर है

अपनी तारीफ लोमड़ी के मुंह से सुनकर कौवा चने की झाड़ पर चढ़ गया, क्योंकि कौवे की तारीफ कोई भी नहीं करता है लेकिन आज लोमड़ी के मुंह से उसकी सुंदरता के बारे में और उसकी मधुर आवाज के बारे में सुनकर कवर बहुत ज्यादा खुश हो गया और जोश में आ गया

तब लोमड़ी ने कहां कि कृपया करके आप एक बार फिर से वही गाना मेरे लिए गा सकते हो तो आपकी बहुत मेहरबानी होगी क्योंकि आपकी आवाज पूरे जंगल में सभी पक्षियों से मधुर है और आप बहुत अच्छा गाते हो तो एक बार आप मेरे लिए वह गाना फिर से गा दीजिए

कौवा वैसे ही चने के झाड़ पर चढ़ा हुआ था लोमड़ी के मुंह से अपनी तारीफ सुनकर तो तुरंत ही उसने गाना गाने का निर्णय लिया और जैसे ही उसने अपना चौच खोला तो उसके मुंह से वह रोटी नीचे गिर गई

लोमड़ी ने तुरंत ही उस रोटी को अपने मुंह में पकड़ कर वहां से दौड़ लगा दी और कौवा वही चिल्लाता रहा लेकिन लोमड़ी वहां से फरार हो चुका था

उसके बाद कौवे को समझ में आ गया कि लोग भी उसकी तारीफ क्यों कर रहा था, उसके तारीफ करने का मेन मकसद रोटी हासिल करना था. और उसके बाद बाद में कौवा बहुत पछताया

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इस कहानी से आप लोगों को सीख क्या मिलती है

Moral of this Story

दोस्तों कभी-कभी हम लोगों को जीवन में ऐसे लोग मिल जाते हैं जो लोग हमारी झूठी तारीफ करते हैं हमें चने के झाड़ पर बिठाते हैं और हम बहुत आसानी से उनकी बातों में आ जाते हैं और जो वह कहते हैं वह काम कर लेते हैं और फिर बाद में पछताते हैं

हम यह नहीं समझ पाते कि सामने वाला हमारी तारीफ इतनी क्यों कर रहा है क्योंकि इसमें उसका फायदा होता और वह हम को बेवकूफ बनाकर अपना काम करना चाहता है

इसलिए हम आपको कहेंगे कि कभी भी कोई भी काम करने से पहले या किसी की बातों में आने से पहले आप दोबारा से सोचिए कि जो मैं करने जा रहा हूं वह सही है या गलत

आपको दुनिया में ऐसे लाखों करोड़ों लोग मिल जाएंगे जो लोग आपकी झूठी तारीफ कर के आप से अपना काम बनवा लेंगे. क्योंकि इंसान को अपनी तारीफ सुनना अच्छा लगता है लेकिन कभी-कभी हम लोग झूठी तारीफ के चक्कर में आ जाते हैं और फिर गलत कदम उठा देते हैं.

इसलिए हम आपसे कहेंगे कि आप कभी भी जीवन में सोच समझकर काम कीजिए और किसी की झूठी तारीफ या झूठी बातों में आकर कोई भी गलत कदम न उठाएं ताकि आपको बाद में पछताना ना पड़े

आपकी और दोस्तों

दोस्तों यह था चालाक लोमड़ी और कौवे की कहानी ( Clever Fox and Crow Story in Hindi with Moral ) हम उम्मीद करते हैं कि आज की यह स्टोरी पढ़कर आपको पता चल गया होगा कि जीवन में आपको हमेशा सोच समझकर कुछ भी काम करना चाहिए ताकि आपको बाद में पछताना ना पड़े

अगर आपको हमारी यह कहानी पसंद आई हो तो कृपया करके स्टोरी को facebook WhatsApp Twitter और गूगल प्लस पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सब लोगों को इस कहानी से अच्छी सीख मिल पाए धन्यवाद दोस्तों