प्रेगनेंसी में क्या खाए और क्या नहीं खाना चाहिए

हेलो दोस्तों! कैसे हो आप सभी। आशा करते हैं अच्छे होंगे। आज के पोस्ट में हम प्रेगनेंसी के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए इस विषय में बात करने वाले हैं तो अगर आप को भी इस बारे में बिल्कुल ज्ञान नहीं है तो इस आर्टिकल से आपको बहुत मदद मिलने वाली है।

इस पोस्ट में हम विस्तार में इस विषय पर चर्चा करने वाले हैं। आप सभी को बस इस पोस्ट को पूरा पढ़ना है और इस आर्टिकल में दी गयी जानकारियों को फॉलो करना है। तो चलिए शुरू करते हैं और सबसे पहले नजर डालते हैं कुुुछ बातों पर —

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गर्भावस्था के दौरान खान-पान के मामले में ध्यान देने लायक बातें:

pregnancy me kya khaye aur kya na khaye

● गर्भावस्था के दौरान, आपको दिन भर में कुछ समय के अंतराल पर थोड़ा थोड़ा करके भोजन करते रहना चाहिए।

● दूध और डेयरी उत्पादों जैसे दही, छाछ, पनीर का सेवन करें, क्योंकि ये कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन के समृद्ध स्रोत हैं।

● ताजे / मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन करें क्योंकि ये विटामिन और आयरन से भरपूर होते हैं।

● अनाज, साबुत अनाज और दालों का सेवन जरूर से जरूर करना चाहिए क्योंकि ये प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।

● हरी पत्तेदार सब्जियां भी बहुत जरूरी है क्योंकि ये आयरन और फोलिक एसिड से भरपूर होती हैं।

● शाकाहारियों के लिए, मुट्ठी भर (45 ग्राम) नट और कम से कम दो कप दाल प्रोटीन की दैनिक आवश्यकता को आसानी से पूरा करता है।

● मांसाहारी लोगों के लिए, मांस, अंडा, चिकन या मछली प्रोटीन, विटामिन और आयरन के अच्छे स्रोत हैं।

● ध्यान एक अच्छी तरह से संतुलित आहार जिसमें विभिन्न प्रकार के भोजन शामिल होते हैं, शिशु की वृद्धि और एनीमिया को रोकने में मदद करता है।

महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के कुछ समृद्ध स्रोत इस प्रकार हैं, इन खाद्यपदार्थों का सेवन प्रेग्नेंसी के दौरान
जरूर करें:

  • लोहा = हरी पत्तेदार सब्जियाँ, साबुत अनाज, अनाज, ड्राई फ्रूट्स, नट्स, मीट, गुड़ इत्यादि
  • कैल्शियम = दूध, दुग्ध उत्पाद, तिल, बादाम, सोया दूध, शलजम (शलगम), अंडा इत्यादि।
  • विटामिन = नारंगी और गहरे हरे रंग की सब्जियां, खट्टे फल, सेब, टमाटर, आंवला, सब्जियां, मांस, मछली, अंडे, धूप, दूध और दूध उत्पाद, सोया उत्पाद इत्यादि।
  • प्रोटीन = पनीर, दूध और अन्य दूध उत्पाद, संयुक्त अनाज, बीज, नट, अंडा, मांस, पोल्ट्री, सोयाबीन इत्यादि
  • वसा = मक्खन, घी, तेल, मेवे इत्यादि

प्रेग्नेंसी के दौरान क्या खाना चाहिए:

● ताजे फलों का जूस

प्रेगनेंसी के दौरान ताजे फलों का जूस पीना बहुत फायदेमंद होता है। सिर्फ गर्भावस्था में ही क्यों ऐसे भी अगर किसी को सेहतमंद रहना है तो जूस जरूर पीना चाहिए और बात जब प्रेगनेंसी की हो तो माँ और बच्चे दोनों की सेहत के लिए जूस पीना बहुत जरूरी है। लेकिन जूस पीते समय भी सावधानियां बरतनी जरूरी है। कभी भी जूस बाहर से खरीद कर ना पियें। हमेशा ताजे फलों का और घर पर बनाए गए फ्रेश जूस का ही सेवन करें।

● हरी सब्जी

हरी सब्जी पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। लेकिन सब्जियों का साफ होना और कीटाणुमुक्त होना बहुत जरूरी है। अगर आप गर्भवती है तो सब्जी को पकाने से पहले सब्जियों को अच्छी तरह से धो लें।

● ड्राई फ्रूट्स

अगर किसी को कमजोरी है तो रोजाना सुबह ड्राइ फ्रूट्स का सेवन करने से कमजोरी दूर हो जाती है। ठीक वैसे ही गर्भावस्था के दौरान भी रोज सुबह ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने से मां और बच्चे दोनों की सेहत अच्छी रहती है
साथ ही गर्भवती महिला को किसी तरह की कमजोरी या चक्कर आने जैसी समस्या नहीं होती।

● दाल और फलिया

दाल और फलियां तो गर्भावस्था के दौरान खाना ही चाहिए। हालांकि ज्यादा लोगो को दाल पसन्द नहीं होता लेकिन कम से कम और सेहत के लिए दाल का सेवन करना जरूरी होता है। गर्भवती स्त्री को अपने बच्चे और खुद की सेहत लिए ज्यादा से ज्यादा दाल और फलियों का सेवन करना चाहिए।

● बैर की प्रजाति के फल

बैर के प्रजाति के फलों में पानी, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है। गर्भावस्था के दौरान इस तरह के फलों का सेवन करने से बच्चे का विकास सही से होता है और मां के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ता है इसीलिए प्रेग्नेंसी के दौरान स्ट्रॉबेरी, ब्लैकबेरी इत्यादि जैसे फलों का सेवन जरूर करना चाहिए।

● Avocado(एवोकाडो)

गर्भवती महिला और उसके शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए गर्भावस्था के दौरान औरतों को एवोकाडो खाने की सलाह दी जाती है। एवोकाडो में पोटेशियम, कॉपर, विटामिन के, विटामिन ई इत्यादि भरपूर मात्रा में होता है और यह एक बहुत ही अच्छा फल है।

इसीलिए गर्भावस्था में रोज एवोकाडो का सेवन जरूर करें।अगर प्रेगनेंसी के दौरान आप एवोकाडो का सेवन करते हैं तो आपके बच्चे की मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी का विकास सही तरह से होगा।

● खूब पानी पिए

प्रेगनेंसी के दौरान खून पानी पीना जरूरी होता है। वैसे भी हम जितना ज्यादा पानी पीते है, उतने हीं रोगो से मुक्त रहते हैं। पानी पीने से शरीर का सारा विषैला तत्व बाहर निकल जाता है और हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। खास करके गर्भावस्था के दौरान बहुत ज्यादा पानी पीना चाहिए और दिन भर पानी या जूस पीते रहना चाहिए। अगर गर्मी का मौसम है तो पानी में ग्लूकोस मिलाकर पीना चाहिए।

● शकरकंद

शकरकंद में मुख्य रूप से भी विटामिन ए पाया जाता है और हम सभी जानते हैं हमारी आंखों के लिए विटामिन ए कितना फायदेमंद है। गर्भावस्था में शकरकंद का सेवन करना बच्चे की दृष्टि के विकास में मदद करेगा। इसलिए प्रेग्नेंसी के समय शकरकंद जरूर खाएं। शकरकंद को पानी में उबालकर दूध के साथ खा सकते हैं या फिर अगर आपको ऐसे ही पसंद है तो आप ऐसे भी खा सकते हैं।

● साबुत अनाज

गर्भावस्था के समय साबुत अनाज का सेवन मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए अच्छा होने के साथ-साथ नॉर्मल डिलीवरी में भी सहायक है। इसीलिए गर्भावस्था के समय साबुत अनाज को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें अगर आप एक स्वास्थ्य डिलीवरी और स्वस्थ बच्चे को जन्म देना चाहती है।

● कॉड लिवर ऑयल

यह तेल कॉड मछली के लीवर से बनाया जाता हैऔर इसमें प्रचुर परिमाण में ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन ए और विटामिन के होता है। जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान कॉड लिवर तेल का सेवन करती है उनके बच्चे का दिमाग और आंखों का विकास अच्छी तरह से होता है।

इसके अलावा एक शोध में साबित हो चुका है कि कॉड लिवर ऑयल का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं के शिशुओं को टाइप 1 मधुमेह का खतरा कम रहता है इसीलिए गर्भावस्था के समय इस तेल का इस्तेमाल करें।

लेकिन ध्यान रहे कॉड लिवर ऑयल का इस्तेमाल सीमित परिमाण में ही करें। इसके लिए आप लोग चाहे तो किसी चिकित्सक की सलाह ले सकते हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान क्या न खाएं:

● धूम्रपान और तंबाकू

कुछ महिलाओं को धूम्रपान या तंबाकू की आदत होती है। लेकिन प्रेगनेंसी में धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करने से बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसीलिए गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान या तंबाकू के सेवन से दूर रहना चाहिए।

अगर आपको तंबाकू खाने की आदत है तो आप गर्भावस्था के दौरान उसका परिमाण कम कर दें और हो सके तो धीरे-धीरे बंद कर दे। तंबाकू की जगह सौफ या फिर चुइंगम हमेशा मुंह में रखे। इससे आपको तंबाकू खाने की तलब नहीं लगेगी।

● शराब से दूर रहें

प्रेगनेंसी में शराब का सेवन भी जहर के समान है। शराब के सेवन से ना सिर्फ बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ेगा, इससे गर्भपात का खतरा भी हो सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं डिलीवरी के समय भी काफी दिक्कतें आ सकती है। इसीलिए गर्भावस्था के दौरान शराब का सेवन बिल्कुल भी ना करें।

● जंक फूड से दूर रहे

कुछ लोगों को बाहर का खाना खाए बिना पेट ही नहीं भरता तो वहीं कुछ लोग जॉब या किसी और वजह के कारण बाहर का खाना खाने को मजबूर है। लेकिन अगर आप गर्भवती है तो आपको जंक फूड अवॉइड करना होगा।

उस दौरान आप जंक फूड का सेवन एकदम ना करें। इसके बजाय आप घर पर बना हुआ फ्रेश खाना खाए, भले ही घर का खाना बोरिंग लगे और ठंडा ही खाना पड़े लेकिन बाहर का खाना खाने से घर पर बना हुआ खाना बहुत बेहतर है। कम से कम प्रसव के समय तक जंक फूड का सेवन बिल्कुल ना करें।

● खट्टी चीजें ज्यादा ना खाएं

हालांकि खट्टी चीजें खाना काफी चीजों में हमारी सेहत को फायदा पहुंचाती है। लेकिन हद से ज्यादा खट्टा खाना नुकसानदायक होता है। प्रेगनेंसी के दौरान अक्सर औरतों को खट्टा खाने का मन करता है लेकिन हद से ज्यादा ईमली, कच्चे आम वगैरा का सेवन हानिकारक है।

प्रेगनेंसी का 9 महीना बहुत ही Sensitive होता है और इस समय बहुत ही सावधानी से चलना पड़ता है। इसीलिए खट्टी चीजो सेवन सीलिए मात्रा में करें और हो सके तो खट्टे से दूर ही रहे।

● कच्चे या कम पके हुए अंडे

कुछ लोग कच्चे अंडे खाते हैं या फिर अंडे को हाफ बॉईल करके खाते हैं। हालांकि यह फायदेमंद है लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान कच्चे अंडे या फिर हाफ बॉयल अंडे का सेवन नहीं करना चाहिए।

इससे बच्चे और मां दोनों को संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसीलिए गर्भावस्था के दौरान अंडे को पूरी तरह से बॉईल करके ही खाए और सीमित परिमाण में अंडे का सेवन करें।

● ज्यादा वसा युक्त आहार

ज्यादा वसायुक्त आहार के सेवन से बचें। हालांकि बच्चे की ग्रोथ के लिए वसा भी जरूरी होता है लेकिन ज्यादा वसा युक्त आहार का सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है। इसीलिए सीमित परिमाण में वसा का सेवन करें और इस तरह के खाद्य पदार्थ के अधिक सेवन से बचें।

● बासी खाना

प्रेगनेंसी के दौरान बासी खाना भी नहीं खाना चाहिए। हालाकी बासी खाना खाना वैसे भी नुकसानदायक होता है लेकिन अगर नॉर्मल हालत में अब कभी कभार बासी खाना खा भी लेते हैं तो ज्यादा कोई इशू नहीं है लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान बासी खाना एकदम नहीं खाना चाहिए।

क्योंकि बासी भोजन में वैसे ही सारे पोषक तत्व नष्ट हो चुके होते हैं ऊपर से इस तरह के भोजन करने से संक्रमण का खतरा भी रहता है। इसके अलावा कब्ज, पेट दर्द जैसी शिकायत भी हो सकती है। इसीलिए बासी खाना खाने से परहेज करें।

● हर्बल सप्लीमेंट्स और हर्बल टी

वैसे तो बहुत लोगों को अलग-अलग शारीरिक स्थितियों के अनुसार हर्बल सप्लीमेंट्स और हर्बल टी लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर की सलाह लिए बिना किसी भी तरह के हर्बल सप्लीमेंट्स के सेवन से बचना चाहिए|

और किसी प्रकार के हर्बल टी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस तरह की के सप्लीमेंट्स में अलग-अलग प्रकार के जड़ी बूटियां मिलाएं हुई रहती है, जो कब और किस तरह से नुकसान कर जाए बताना मुश्किल है।

जब हम नॉर्मल अवस्था में इस तरह के सप्लीमेंट्स को लेते हैं तो हमारी सेहत पर ज्यादा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन गर्भावस्था के दौरान माता के साथ बच्चे की सेहत का भी ध्यान रखना पड़ता है इसीलिए बिना चिकित्सक से पूछे किसी तरह के हर्बल सप्लीमेंट्स को न खरीदें।

● अत्यधिक मसालेदार भोजन

अत्यधिक मसालेदार भोजन किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं होता। लेकिन कुछ लोग ज्यादा मसालेदार खाने के आदी होते हैं, ऐसे लोग अगर सब्जी में मसाला जरा भी कम हो तो भोजन करना पसंद नहीं करते लेकिन अगर आप भी उन्हीं लोगों में से हैं तो आपको संभल जाना चाहिए।

क्योंकि गर्भावस्था के दौरान आपको मसालेदार भोजन के मोह को कुछ दिनों के लिए त्याग देना होगा। जितना हो सके सादा और कम मसाला, कम तेल वाला भोजन रें।

● मुलेठी

वैसे तो मुलेठी बहुत सी दवाइयां और बहुत से सप्लीमेंट्स में डाला जाता है और इसके बहुत सारे फायदे हैं। लेकिन गर्भावस्था के दौरान मुलेठी के सेवन से बचना चाहिए। क्योंकि मुलेठी गर्भाशय में संकुचन का कारण बन सकता है जिसके समय से पहले ही प्रसव पीड़ा शुरू हो सकती है या फिर हो सकता है कोई और बड़ी समस्या खड़ी हो जाए। इसलिए गर्भावस्था का मुलेठी का सेवन ना करें।

● कैफीन

गर्भावस्था के समय कैफीन का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि कैफीन बच्चे की सेहत को नुकसान पहुंचाता है। इसके बजाय थोड़ी सी ग्रीन टी या फिर दूध ले सकते हैं। कम से कम प्रसव के 9 महीने तक कैफिन से दूर रहे।

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निष्कर्ष:-

आज के पोस्ट में हमने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान आपको किन चीजों का सेवन करना चाहिए और किन चीजों से दूर रहना चाहिए। तो अगर आप भी अभी तक कंफ्यूज थे कि गर्भावस्था के दौरान आपको किन खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए और क्या खाना चाहिए तो आशा करते हैं आपकी कंफ्यूजन दूर हो गई होगी।

अब आप सभी से अनुरोध है कि इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर दें और अगर हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आई तो हमें कमेंट करें। अगर आपके पास भी इस विषय में कोई महत्वपूर्ण सुझाव है तो हमें कमेंट करके बता सकते हैं।

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