100 बेस्ट ऐटिटूड शायरी | Best Royal Attitude Shayari in Hindi

हेल्लो फ्रेंड्स आज के इस पोस्ट में हम आपके साथ बेस्ट ऐटिटूड शायरी शेयर करने वाले है जो की सामने वाले को आपकी वैल्यू समझने पर मजबूर कर देगा.

लाइफ में कभी कभी हम दूसरों के लिए बहुत ही सीधे बन जाते है लेकिन लोग इसका गलत फायदा उठाते है लेकिन अब हमको भी उनको दिखाना है की अगर तुम शेरखान हो तो हम भी किसी से कम नहीं है.

Best Royal Attitude Shayari in Hindi

100 बेस्ट ऐटिटूड शायरी

Attitude shayari hindi

1
कायदे में रहोगे तो अच्छा है..
क्योंकि हम बेकायदा है!!
रहोगे शराफत से जनाब
तो आपकी सेहत के लिए अच्छा है!!

2
हो सके तो सामने से बात करना..
ये पीठ पीछे छुरे ना घोपना..
हम जहरीले नाग है..
काट लेंगे तो पानी भी न मांगना!

3
गर्म लहजे हमें ना दिखाया करो..
हम चाय भी ठंडी कर के पीते है!
औरर ये जो तुम गुरुर दिखा रहे हो..
वो हमारी नजरो से कई बार टूटते है!

4
वक़्त भी कटेगा..तेरा गुरुर भी हटेगा..
देख रहा हूँ तेरे रंग बदलते मिजाज..
फिर तेरा वजूद भी मिटेगा।

5
वक़्त की रेत है जनाब..
धीरे-धीरे फिसलेगी ..
ये जो सीने में आग है..
किसी और के सीने में भी लगेगी।

6
भाड़ में जाये ये लोग ..
और इनकी ये बेतुकी बातें..
हम जीते थे अपनी मर्जी से..
और आज भी जियेंगे हम..
जैसे जीना है हम चाहते।

7
थोड़ा संभल कर रहा करो
ये तेवर हमें ना दिखाया करो
हम तुम्हारे बाप हैं तुम हमें ना समझाया करो।।

8
यह जो तुम हमें समझा रहे हो
यह तुम किसका असर दिखा रहे हो
पहले तो नही थे ऐसे
फिर आज क्यों ओकात दिखा रहे हो।।

9
हमसे दूर रहना ही बेहतर होगा
हमारे पास ना आया करो
और ये झूठी हमदर्दी
किसी और को बताया करो।।

10
आज भी हमारे सामने
किसी के खड़े होने की हिम्मत नहीं है
और तुम हमें नसीहत दे रहे हो
जिसका खुद कोई वजूद नहीं है।।

11
जरा पहले अपनी करतूतों को देखा करो
फिर हमें समझाया करो
और अगर आग लगती है हमारे तेवर से
तो तुम घर से पानी पी कर आया करो।।

12
हम नहीं जानते कुछ भी
हम अपनी मर्जी से जिया करते हैं
लोग पलते हुए टुकड़ों पर
हम शेर की तरह जिया करते हैं

13
जिंदगी एक जंग है
और हमें इसे खेल की तरह खेलते हैं
और जो लोग आते हैं हमारे रास्ते में
वह जल्द ही मौत से खेलते हैं।।

14
मौत सबको आनी है
एक दिन हमें भी आ जाएगी
पर जिंदगी की वह मिसाल बना जाएंगे
कि हर एक की देखकर फट जाएगी।।

15
मैं अपने उसूलों से कभी समझौता नहीं करता
और जो देता है मुझे धोखा
में कभी उसे माफ नहीं करता।।

16
जो आया है उसे एक दिन जाना ही होगा
और कुछ लोग हैं बहुत ही ज्यादा बुरे
उन्हें तो सबक सिखाना ही होगा

17
मैं सबको माफ कर दिया करता हूं
क्योंकि इंसान अच्छा नहीं हूं मैं
इसीलिए सब कुछ भूल जाया करता हूं
और जो धोखा देते हैं मुझे उ
न्हें उनकी नानी याद दिलाया करता हूं।।

18
मैंने कहा था मुझसे बराबरी मत करना
और अगर दिखाओ अपनी औकात
तो फिर मुझसे पंगा मत लेना।।

19
जब भी हम शहर मैं निकला करते हैं
हर तरफ हमारे चर्चे हुआ करते हैं

20
हम नहीं करते दरियाओ कि खुशामद
हम प्यासे रहने का हुनर जानते हैं
और हर मुसीबत से पाला पड़ा है हमारा
हम तुम जैसों को उनकी सही जगह दिखाना जानते हैं।।

21
हम जिंदगी अपने हिसाब से जीते हैं
किसी के कहने पर नहीं चलते
और जो लोग कहते हैं हमे मार देंगे
हम उनके बच्चों जैसी धमकी से नहीं डरते।।

22
जिन लोगों ने मुझे गलत कहा था
उन एक दिन सबक जरूर सिखाऊंगा
और उन्हें दिखाइए मुझे अपनी औकात
तो मैं भी उन्हें उनकी असली जगह दिखाऊंगा

23
तुम हमसे दूर ही रहा करो तो अच्छा है
वरना किसी दिन बेमौत मारे जाओगे।।

24
लोग कहते हैं मैं अच्छा नहीं हूं बुरा हूं
पर मुझे अच्छा बनने का शौक भी नहीं है
मैं बुरा ही अच्छा हूं

25
जितना मैंने सीखा है अपने तजुर्बे से
उसी से एक बात बता रहा हूं
लोग होते हैं बहुत कामिने
ये ही तुम्हे समझा रहा हूं।।

26
तूने क्या सोचा था तेरे जाने के बाद कैसे जी पाएंगे
तेरे जैसी लड़कियां बहुत घूमती है मेरे आगे पीछे
हम तेरे बाद कही और दिल लगाएंगे।।

27
जिंदगी एक सफर है और मैं सफर का खिलाड़ी हूं
हर खेल खेलना हूं अपनी मर्जी से
क्योंकि मैं गुलाम नहीं बादशाह हूं।।

28
अब मैं किसी से नहीं डरता
क्योंकि सब कुछ जान चुका हु
लोगो के धोखे को अब अच्छे से पहचान चुका हु।।

29
अब बस इतना करना है
तुम जैसों के मुंह नही लगना है
मैं रहूंगा मस्ती मैं अपनी
और तुम्हे आस पास भी नहीं भटकने देना है।।

30
एक बात याद रखना
मैं लौटकर जरुर आऊंगा
और फिर देखना
तुम्हारी तबाही मचाऊंगा।।

31
थोड़ा गर्म और ठंडा लहजा रखते है
हम अपने जिगर मैं बहुत दम रखते है
तुम बचकर रहना लाडले
हम गन और हथियार भी रखते है।।

32
तेरे जैसे बहुत देखे है मेने
मैं अब किसी से नहीं डरता
बहुत मंजर देख चुका हू
अब इस आग से नही डरता।।

33
हम जैसे है अच्छे है
झूठ नही बोलते
सामने से करते है वार
पीठ पीछे छुरा नही घोंपते।।

34
तुम अपने आप को जरा संभाल कर रखना
हमसे खुद को बचाकर रखना
हम दरिया है डूबा देंगे
इस सैलाब से खुद को दूर रखना।।

35
एक दिन वक्त मेरा भी आएगा
तब सबको दिखा दूंगा
खामोश हूं अभी
फिर तहलका मचा दूंगा।।

36
तुम क्या समझते हो
हमे बच्चा समझते हो
हम तुम्हारे बाप है
और तुम खुद को राजा समझते है।।

37
लड़कियों के पीछे नही भागते
हम उनकी इज्जत करते है
जो लोग नही रहते हमसे अच्छे से
हम उनका काम तमाम करते है।।

38
हम तो अपने दिल की बात किसी को नही बताते
क्योंकि लोग अपने ओकात दिखाने से बाज नहीं आते।।

39
अकेला रहना ही अच्छा लगता है
क्युकी अब धोखे से नफरत है
और तुम जैसे लोग बहुत देखे है
मुझे तुम्हारी शक्ल से भी नफरत है।।

40
अपनी ये सदी शकल हमे ना दिखाया करो
अगर गुनाह किया है तुमने
तो फिर तुम इसे ना छुपाया करो।।

41
हम तुम्हे तुम्हारी हैसियत बता देंगे
तुम देखते रह जाओगे
और तुझे तुम्हारी असली जगह दिखा देंगे।।

42
आज शहर में इतनी खामोशी क्यों है
आज कोन आया है
हम तो दिखा चुके है अपना हुनर
फिर आज कोन अपनी जान गवाने आया है।।

43
हम थोड़ा इधर थोड़ा उधर चलते है
जहा मर्जी है वहा कदम रखते है
जिंदगी हमारी है किसी की जागीर नहीं
हम खुद के दम पर जिया करते है।।

44
आज देखा है मेने सबको
आज सबका धोका देखा है
अच्छाई के पीछे छुपा हुआ
वो चहरे देखा है।।

45
ये जो छुप छुप कर हम पर नजर रखते हो
तुम हमसे इतना क्यों डरते हो
अगर हिम्मत है तो बात करो
यू पीछे क्यों भौंकते हो।।

46
सबको जवाब दिया जाएगा
सबका हिसाब किया जाएगा
लोगो ने जो किया है मेरे साथ
वो उनके साथ भी आजमाया जायेगा।।

47
सुबह कहा होती है
शाम कहा होती है
कुछ पता नही चलता
मेरा भी उसके बिना दिल नही लगता।।

48
अपनी पहचान खुद बनाना है
मुझे अपने दम पर जीना है
लोग कहे कुछ भी
मुझे किसी की नही सुनना है।।

49
हर बात का बदला लूंगा
अपने हर अपमान का बदला लूंगा
तुम क्या बिगाड़ पाओगे मेरा
मैं तुमसे तुम्हारा सब कुछ छीन लूंगा।।

50
याद रखना मैं जरुर आऊंगा
उस दिन वक्त भी मेरा होगा
और मै तुम्हे तुम्हारी औकात दिखाउंगा।।

51
अब थोड़ा सा मजा लेना है
जिन्होंने कहा था मुझे पागल
उनको सच मैं पागल करना है।।

52
अब कुछ इस तरह से अपनी लाइफ जीयूंगा
तुम कुछ भी करो मैं तुम्हारी शक्ल
कभी नही देखूंगा।।

53
आज भी वही तेवर रखते है
आज भी वही हुनर रखते है
जमाना हमारे पीछे है
हम जमाने के पीछे नही चलते है।।

54
तुम इतनी सी बात याद रखना
मैं तुम्हारे साथ हूं याद रखना
कभी जरूरत पड़े तो साथ दूंगा हमेसा
तुम बस इस भाई को याद रखना।।

55
मैं जैसा भी हूं
दिखा देता हूं
झूठी बात कहने की मुझे आदत नही है।।

56
मैं लोगो से मुंह नही लगता
फालतू की बात नही करता
लोग क्या कहते है फर्क नहीं
क्युकी मैं अब किसी की बात नही करता।।

57
मैं अपना हुनर आजमा रहा हु
जिस दिन सफल हो जाऊंगा
उस दिन सबको उनकी जगह दिखाउंगा।।

58
अब रास्ता आसान नहीं है
फिर भी चलते जाना है
यही से कुछ दूरी पर
अब अपना ठिकाना है।।

59
तुम बस इतनी से बात याद रखना
मुझे भूल मत जाना याद रखना
मैं हवा हूं वापस आऊंगा
मेरा नाम और पता याद रखना।।

60
तुमने सोचा था मैं मर गया
पर कोई मुझे कोई मार नही सकता
तेरे जैसे बहुत आए
मुझे कोई डरा नहीं सकता।।

61
मैं प्यार नही करता
क्युकी प्यार का झूठा नाटक नही करता
लोग देते है धोका
इसलिए किसी से वफा नही करता।।

62
सब लोगो से ऊब चुका हु
अब किसी का सात नही चाहिए
दर्द मैं रहता हूं
फिर भी किसी की मदद नही चाहिए।।

63
हम अपने मैं ही रहते है
किसी की नही सुनते
शहर के नवाब है हम
तुम्हारे मुंह नही लागते।।

64
जब तक शांत हूं तब तक बहुत अच्छा हु
जिस दिन गुस्सा आ जायेगा
फिर मै बहुत बुरा हूं।।

65
मेरा गुस्सा बहुत खतरनाक हुआ करता है
और शेर और भी ज्यादा घातक हो जाता है
जब वो जख्मी हुआ करता है।।

66
मोहब्बत है तुमसे हमे
पर अपना सर नही झुख्यांगे
अगर मोहब्बत मैं होना पड़ता है जलील
तो तेरे से कोई रिश्ता नहीं निभाएंगे।।

67
अब तू दूर रहती है
बहुत अच्छा किया करती है
मैं तो खुश हूं तेरे बिना
और तू भी खुश रहा करती है।।

68
क्या कहा था मेरे बिना मर जाओगी
फिर अभी तक जिंदा क्यू हो
और तुम्हारा फरेब देख चुका हु मै
तुम कभी तक मेरे साथ क्यों हो।।

69
फालतू लोगो को मुंह नही लगता
उन्हें उनकी हैसियत बता देता हु
वो अगर कहे कुछ उल्टा
मैं भी अपना असली रंग दिखा देता हू।।

70
तुमने जो सोचा है
वो तो कभी नही हो पायेगा
आखिर खुदा मेरा भी हु
मेरा भी अच्छा वक्त आएगा।।

71
कुछ लोगो के लिए दिल मैं इतनी नफरत भर चुकी है की
उन्हें देखना भी पसंद नही करते
हम नही चाहते किसी का साथ
अब मोहब्बत को भी पसंद नही करते।।

72
तुम्हारी तरह किसी के तलवे नही चाटा करता
तुम अगर करते हो नफरत
तो मैं भी मोहब्बत किया नही करता।।

73
अब तुम मुझे अपने दिल मैं नही रखती
चलो अच्छा है कम से कम
फरेब तो नही रखती।।

74
हम किसी की नही सुनते
क्युकी जमाना हमसे चलता है
हम जमाने से नही
जमान हम से चलता है।।

75
हर बात को अच्छे से समझा दूंगा
अगर ज्यादा नाटक किया तो
मुंह तोड़कर बता दूंगा।।

76
मैं हड्डियां भी तोड़ा करता हु
मैं अच्छे से धोया भी करता हूं
तू मुझसे बचकर रहना
मैं दिल भी तोड़ा करता हूं।।

77
एक दिन इन मंजिलों का गुरूर भी तोड़ना है
इन्हे इनकी जगह दिखानी है
इन तक पहुंच कर
इन्हे इनकी कीमत बतानी है।।

78
हम अब किसी का इंतजार नहीं करते
हम अब किसी से प्यार नहीं करते
बहुत झेल ली हमने इश्क में बेवफाई
अब हम मोहब्बत पर ऐतबार नहीं करते।।।।

79
अपनी अकड़ को अपने पास रखना
वरना एक झटके में तोड़ देंगे
और तुम्हारी 206 हड्डियां मिनटों में तोड़ देंगे।।

80
तूने क्या सोचा था हमें बर्बाद कर दोगे
हम तो बहता हुआ दरिया है
तुम हमें कैसे बर्बाद कर दोगे।।

81
तुम्हारी औकात भी अच्छे से जानते हैं
हम तुम्हें भी अच्छे से पहचानते हैं
और जो की है तुमन किसी और के कहने पर हमारी बुराई हम उसे भी अच्छे से जानते हैं।।

82
अब जरा एक बात का खयाल रखना
दुबारा हमसे कभी पंगा मत लेना।।

83
नजर झुका कर बात किया करो
तमीज और औकात दोनो
याद रखा करो।।

84
हमारे सामने खड़े होने की तुम्हारी हैसियत नहीं है
कर तुम हमसे बदजुबानी करते हो
दूर रहा करो हमसे
और तुम हमे अपनी जवानी दिखाया करते है।।

85
तेरा घमड़ मिनटों मैं तोड़ देंगे
तुझसे हर नाता तोड चुके है
ज्यादा किया तो अब
तेरी हड्डियां भी तोड़ देंगे।।

86
बहुत नींद आ रही है
मुझे तेरी याद आ रही है
पर बात नही करूंगा मैं तुझसे
क्युकी तू भी अपना रंग दिखा रही है।।

87
गिरगिट की तरह होते है कुछ लोग
हर पल अपना रंग बदलते है
हम करते है उन पर यकीन
और वो हमे ही धोका दिया करते है।।

88
अब किसी से क्या शिकायत करूंगा
जख्म तो अपनो ने दिए है
मैं अब उनसे दूर रहा करूंगा।।

89
मुझ पर एक एहसान करना
मुझे अब खुद से दूर कर देना
अगर हो गया मैं एक बार बेकाबू
तो अपना रास्ता पकड़ लेना।।

90
हर किसी को मैं समझ नहीं आता
हर किसी के दिमाग नही आता
दिल से नही खेलता किसी के
और दिमाग को नही भाता।।

91
किसी को अच्छे तो किसी को बुरे लगते है
जैसी जिसकी सोच हम उसे वैसे लगते है।।

92
अब किसी से कुछ नही चाहिए
क्युकी लोग यहां हर चीज का सौदा करते है।।

93
हम किसी का एहसान नहीं लेते हम किसी से बात नहीं करते और जो नहीं रहता हमारे पास हम भी उससे मुलाकात नहीं करते

94
कुछ लोगों कौन-कौन से असली चेहरा दिखानी है
उन्होंने की है जो हमारे साथ ही उनके साथ करनी है

95
जो मुझे दूर से देखा करते हैं
तो मुझे अच्छा समझा करते हैं
पर जिन्होंने मेरे अंदर देखा है
वो मेरी असलियत समझा करता है

96
तुम बस इतना सा याद रखना तेवर कल भी वही थे
और आज भी वही है उसे याद रखना

97
जो मेरा ना हुआ मैं भी उस का नहीं होता
और जो देता है मुझे धोखा मैं उसे कभी माफ नहीं करता

98
हम किसी से क्या डरेंगे
हम किसी के टुकड़ों पर नहीं पलते
किसी इंसानों की तरह बुजदिल नही है हम
क्योंकि हम किसी से डरा नहीं करते।।

99
जब शहर में जाया करते हैं
तो लोग हमारे नाम से खूब प्यार करते हैं
सब प्यार से बात करते हैं हमसे
और सलाम करके सर झुकाया करते हैं

100
तुम्हें क्या लगा था तुम्हें ऐसे ही छोड़ दूंगा
और तुम्हें ऐसे ही जाने दूंगा
अरे मैं तूफान हूं तुम से बदला जरूर लूंगा

101
आज मेरा वक्त नहीं है तो क्या हुआ
मैं कल वापस लौट कर आऊंगा
और तुम्हें तुम्हारी औकात के साथ
तुम्हें तुम्हारी हैसियत भी दिखाऊंगा

102
आज पैसे नहीं है मेरे पास तो क्या हुआ
मैं बहुत बड़ा दिल रखता हूं
अपने सीने में ईमान और इमानदारी की झलक रखता हूं

103
जो मेरे मां-बाप ने मुझे सिखाया है
मैं उसे आज तक नहीं भूला
ईमानदारी की खाना है
मैं कभी बेईमानी की रोटी नहीं तोड़ा

104
तेरे जैसी लड़कियों को मैं कुछ नहीं समझता
सिर्फ मेकअप की दुकान समझता हूं
और हर तरफ नहीं हो मेरे लायक
मैं तुझे सिर्फ गिरी हुई लड़की समझता हूं

105
मुझसे इश्क का इजहार करने से पहले सौ बार सोच लेना मुझे झेल सकूं तभी मुझसे मोहब्बत कर लेना
मैं हूं बहुत बुरा हूं पहले ही बता देता हु
किसी और की बात पर यकीन है
तो मुझसे फिर दूरी बना लेना

106
तुम मुझे कहां के लिए बुला रहे हो
जहां बुला रहे हो वह भी मेरा इलाका है
और तुम मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकते
क्योंकि तुम्हारे अंदर मर्द का जिगरा नहीं है

107
मर्द की तरह जीता हूं अपनी शान से जीता हूं
मुछो पर ताव देता हूं और तुम जैसों को कदमों पर रखता हूं।।

108
तुम्हारी जगह मेरे पैरों में है
मैं तुम्हें धूल समझता हूं
तुम क्या समझते हो अपने आपको
मैं तुम्हें कुत्ता समझता हूं

109
एक दिन तुम्हें तुम्हारी असली चेहरा दिखाऊंगा
जहां तुम कभी नहीं रहे हो वहां कचरे में फेंक कर आऊंगा

110
तुम यूंही अपनी असलियत दिखा रहे हो
हमारे फेंके हुए टुकड़े ही तो उठा रहे हो
तुम्हारे बाप दादा हम करते थे हमारी गुलामी
और आज तुम हमें आंखें दिखा रहे हो

111
यह जो तुम हमारी खबर किसी और से लिया करते हो हमारे मारे डर जाते हो या फिर खुद की जान बचाया करते हो

112
मैं एक दिन फिर अकेला हूं
फिर तू अपनी टोली के साथ आना
मैं तुझे फिर मारूंगा और तू फिर से भाग जाना

113
में किसी से भी किसी से नहीं डरता था
मैं आज भी किसी से नहीं डरता
लोगों की धूल समझता था
और मैं आज भी किसी के बाप से नहीं डरता

114
एक दिन अपना वो मुकाम बनाऊंगा
कोई मेरे सामने खड़ा नहीं हो पाएगा
अगर बात करनी होगी मुझसे
तो सौ बार सोच कर ही नजर मिलाएगा

115
तुम मुझे क्या मार पाएगा
तू तो मुझे हाथ भी नहीं लगा सकता
तेरा हाथ तोड़ दूंगा मैं
तेरा बाप भी मुझसे नजर नहीं बना सकता

116
अभी कोई मेरे परिवार वाले पर जाता है
मैं उसे नहीं छोड़ता
उसकी एक-एक हड्डियां में किस्तों में नहीं
गिन गिन कर तोड़ता

117
यह चिल्ला चिल्ला कर मर्द कहने से
कोई मर्द नहीं बन जाता
मां के पेट से जन्म लेता मर्द
यह दो को मारने से कोई शेर नहीं बन जाता

118
अपने आप को शेर कहते हो तो
कभी अकेले आया करो
यह हरदम क्या बोलते हो कुत्तों की तरह
कभी हमसे नजरें तो मिला करो

119
हमारी बुराई किसी और के सामने किया करते हो
चलो तुम अच्छा ही किया करते हो
तुम डरते हो हमसे
इसीलिए तो हमारे सामने नहीं किया करते हो

120
थोड़ा संभल कर चला करो
एक दिन गिर जाओगे
और अगर हमसे टकराओगे
तो मिट्टी में मिल जाओगे

121
यह तुम हमें क्या समझते हो
तुम नहीं जानते हो तुम हमें गलत समझते हो
तुम समझते हो हम अच्छे हैं
तो तुम हमें फिर बहुत बुरा समझते हो

122
मुझे आज तक कोई नहीं समझ पाया
तुम क्या समझ जाओगी
2 दिन की मोहब्बत जताकर
तुम मुझे उसके बाद फिर छोड़ कर चली जाओगी

123
यह क्या मोहब्बत मोहब्बत लगा रखी है
मैं किसी से प्यार नहीं करता
और तुम जैसी लड़की को तो मैं घास भी नहीं डालता
और मैं किसी पर अब यकीन नहीं करता

124
झूठे प्यार से नफरत है मुझे
तुम मुझे छोड़ कर चली जाओगी पता है मुझे
तुम्हारी औकात यही है आज भी यह भी याद है मुझे

125
मैं किसी के दिल से नहीं जाता
किसी के दिमाग से नहीं खेलता
किसी को धोखा नहीं देता
और किसी से बेवफाई नहीं करता

126
अकेले जीने में जो मजा है
वह किसी के साथ जीने में कहा
और जो मजा किसी का गुरूर तोड़ने में है
वो मजा किसी की हड्डी तोड़ने मैं कहा

127
तुम्हें इतनी सी मौत देंगे मौत भी काम चाहिए पर हम तुम्हें इतनी आसानी से जीने नहीं देंगे

128
इतना दर्द तुमने मुझे दिया है
हर एक बात का बदला लूंगा
और जो तुम दिख रही हो अपनी औकात
मैं भी तुम्हें अपनी औकात दिखा दूंगा।

129
तुम बस इतना सा ख्याल रखना
मैं कौन हूं यह तुम याद रखना

130
शेर जंगल छोड़कर जाने से कुत्ता नहीं बन जाता
और जो कुत्ते भोंकते हैं वह कभी शेर नहीं बन जाता

131
दो पकदम हमने पीछे हटा लिए
तो अपने आप को बादशाह समझने लगे
अरे तुम आज भी हमारे टुकड़े पर पलते हो
और तुम अपने आप को शेर समझने लगे।।

132
अब मैं कुछ ऐसा कर जाऊंगा
तुम्हे मैं मरने के बाद भी याद आऊंगा
देख लेना वह मौत दूंगा तुम्हे
तुम्हारी जिंदगी से बत्तर सजा दूंगा तुम्हे

133
हम वह हैं जो नदियों का रुख मोड़ दिया करते हैं
तूफान अच्छे लगते हैं हमें
हम हवाओं से नाता तोड़ दिया करते हैं

134
उड़ती हुई परिंदों को समझा देना
हम आसमान में उड़ने का हुनर जानते हैं
हमें गिराना तुम्हारे बस की बात नहीं
हम ऊंची उड़ान भरने का हौसला जानते हैं

135
तुम क्या समझते हो हमें
हम कोई राह चलते राहगीर हैं
कि हाथ लगा लोगे बादशाह हैं हम
अगर आ गया गुस्सा
तो जान बचाकर भाग लोगे

136
हम जब शहर में मिला करते हैं
हर तरफ हमारी बुराई के धुआं उठा करते हैं
हम तो हैं गंदी आदतो के शिकार
पर दिल में मोहब्बत रखा करते हैं

137
कम से कम तुम्हारी तरह तो नहीं है कि
हम आज भी बुजदिल नहीं है
जैसे हैं सामने है
किसी की औकात नहीं है कि हाथ उठा दे हम पर

138
हम किसी से प्यार नहीं करते
किसी पर इतनी आसानी से एतबार नहीं करते
मैं तो मैं सोचा था तुम्हे राह का पत्थर
पर हम तुम जैसों पर कभी वार नहीं करते

139
हमारे पास तो खानदानी दौलत है
तुम अभी नए-नए अमीर हुए हो
इसीलिए पैसे उड़ा रहे हो
एक दिन जमीन पर गिर जाओगे
और तुम हमारे तलवे चाट रहे हो

140
हम नहीं डरते किसी से
किसी की खुशामदी नही करते
भूखे रह लेते हैं पर किसी की झूठी तारीफ नही करते

141
झूठ का नकाब पहन कर
जो तुम आज अच्छे बन रहे हो
पहले से अच्छे हो कि नहीं
फिर तुम कहां अभी बच्चे बन रहे हो

142
जरा अभी-अभी तो चलना सीखे हो
पहले अच्छे से चलना तो सीख जाओ
फिर आना हमसे लड़ने रे
पहले बंदूक चलाना तो सीख जाओ

143
अभी बच्चा है तू अपने बाप को मत सिखा
और अगर लड़ना है मुझसे
तो जा अपने बाप को लेकर आ

144
जब कोई मेरे परिवार पर जाता है
मैं उसकी हड्डियां तोड़ देता हूं
और मुझसे कितना भी कर ले फिर दोस्ती
मैं उसे उसकी औकात दिखा देता हूं

145
जिसने भी आज तक मुझे अपनी औकात दिखाई है
मैंने बाद में उसे उसकी असली जगह दिखाई
और लोग आज भी डरते हैं मेरा नाम से
मैंने अपनी इतनी दहशत बनाई है।।

146
झूठा डर और झूठी शान किसी और को दिखाना
हम जानते हैं तेरी असलियत
चल जा किसी और को समझाना

147
तू हमें बच्चा समझता है
और खुद को बड़ा समझता है
अरे तू क्या लगता है हमारे यहां
और तू हमें छोटा समझता है

148
दिल में प्यार बेशुमार रखते हैं
पैसा नहीं हुआ तो क्या हुआ
हम सबके लिए दिल में इज्जत रखते हैं

149
लड़कियों को हम पैर की धूल नहीं समझते
उनसे प्यार से बात करते हैं
और तुम जैसों को औकात दिखा देते हैं
जो उनसे बदतमीजी करते हैं

150
1 दिन अकेले रह जाएंगे
तब भी कोई कम नहीं है
और तुम जैसों को मार देंगे हम भी कम नहीं हैं

151
कमजोर समझने की भूल मत करना
आज भी हमारी यारी बहुत है
और तेरे दोस्त होंगे भले ही बलवान
हमारे दोस्तों में आज भी ताकत बहुत है

152
तू नहीं जानता हम कौन हैं
हम तेरे बाप हैं तू समझता है हमें अच्छा
पर हम बुराई के भी सरताज है

153
एक बात याद रखना जिस दिन मेरा दिमाग खराब हुआ उस दिन तू अपनी अर्थी तैयार रखना

154
तुम्हें जहां बुलाया है वहां भी आऊंगा
तुझे तेरी औकात भी दिखाऊंगा
और तूने किया है मुझसे जंग का ऐलान
तो फिर तेरी मौत साथ लेकर आऊंगा

155
ना मुझसे दोस्ती अच्छी है ना मुझ से दुश्मनी अच्छी है मुझसे दूर है उसी में तेरी भलाई अच्छी है

156
ये दुश्मन करता फिरता है
और हम से आंख लडाता है
और तेरी क्या औकात है हमारे सामने
तू हम से जुबान लडाता है

157
हम तो कैसे भी करके बच जाएंगे
पर तू कहां जाएगा
1 दिन लौट कर आना है हमारे पास
और हमारी तलवे चाटता जाएगा

158
एहसान करते हैं हम भी
पर किसी को दिखाया नहीं करते
और तुम्हारी तरह कह कर
बार-बार याद दिलाया नहीं करते

159
तूने दिया है धोखा पर मैं नहीं दूंगा
चल माफ किया तुझे मेने
मैं तेरी तरह तेरे साथ बदसलूकी नहीं करूंगा

160
अगर हम चाहते तो तुम भी हमारे आज साथ होती मोहब्बत थी इसलिए माफ कर दिया
वरना आज हमारे बिस्तर पर होती

161
चल तुझे जाने दिया तुझे भी माफ किया
तू भी क्या याद रखेगा किस से पाला पड़ा था
कल भी शेर थे आज भी शेर हैं हम
तुम्हें किसी शेर से दुश्मनी किया था

162
दोस्ती में भी हम जान दे देते हैं
और अगर कर लेते हो दुश्मनी तो फिर जान ले लेते हैं

163
यह जो तुम भेज रहे हो आज
ये कल तुम्हारे पास था
और आज हमारे पास है
तुमने कल कहा था हम कुछ नहीं
और आज देखो हम तुम्हारे बाप हैं

164
चिट्ठी आई है कोई धमकी आई है
और बताओ किसकी मौत आई है

165
आज भी वही तेवर पुराने हुए
हम आज भी वही खानदानी है
नवाबों की तरह रहते हैं हम
और दुनिया हमारी आज भी दीवानी है

166
सब हमें पसंद करते हैं
इसीलिए तेरी जलती है
और तुझे नहीं होता यकीन हम पर
इसीलिए तेरी हमसे फटती है

167
ज्यादा हमें अकड़ ना दिखाया करो
तुम्हारी असलियत सब जानते हैं
कितने झूठे हो तुम
और तुम्हारा घिनौना चेहरा भी पहचानते हैं

168
अगर मंजिल तक जाना है
तो हम सफर से दोस्ती नहीं करते
और तुम जैसों से दोस्ती तो दूर
हम दुश्मनी भी नहीं रखते

170
तुम तो हमारे किसी काबिल ही नहीं हो
हम तुम्हारे मुंह नहीं लगते
और तुम जैसे बहुत देखे हैं हमने
हम तुमसे कभी बात नहीं करते

171
लोग कहते हैं मैं घमंडी हूं
पर मुझे किसी से ज्यादा बात करना पसंद ही नहीं है
हर किसी ने दिया है धोखा
इसलिए मुझे किसी से रिश्ता निभाना पसंद ही नहीं है।।

172
तुम भी छोड़ कर जा रही हो तो जाओ
पर याद रखना कल मेरा भी वक्त आएगा
और जिसके लिए तुम मुझे छोड़ कर जा रही हो
मुझे खुदा मुझे उससे भी बड़ा बनाएगा

173
जब सारी दुनिया में हमारी चर्चे हैं
तब तुम लौट कर आई हो
मोहब्बत नहीं करती हम से
तुम हमारी शान देख कर वापस आई हो

174
पैसों से नहीं खरीदा है हम ये जनता का प्यार
सब हमें पसंद करते हैं
क्योंकि हम रहते हैं सबके दिलो मैं
इसीलिए सब हमसे मुहब्बत करते है

175
बच्चों से लेकर बड़ों तक हर जगह चर्चे हैं
लोग करते हैं हमारी तारीफ
क्योंकि हर जगह हमारे नाम के चर्चे हैं।।

176
तुमने तो कहा था
तुम मुझे आसानी से भूल जाओगी
फिर आज भी मैं तुम्हें क्यों याद आता हूं
और क्यू लौट कर आई हो मेरे पास
जब मैं तुम्हें इतना सताता हूं।।

178
चली जाओ तुम भी मेरी जिंदगी से
मुझे अब किसी की जरूरत नहीं है
क्युकी मुझे तेरे जैसे प्यार की कोई जरूरत नहीं है

179
अगर मुझे छोड़कर जाना है
तो फिर देरी किस बात की है
अपना सामान उठा और निकल
ये हमदर्दी किस बात की है।।

180
अभी तो बहुत कुछ करना बाकी है
कुछ लोगों को उनकी औकात दिखाना बाकी है
लोक एक दिन करेंगे मुझे सलाम
उन्हें मेरी असलियत दिखाना बाकी है

181
कभी सामने मिलो फिर हमसे बात करो
जो खत में भेजकर धमकी ना दिया करो
कभी अकेले में दो-दो हाथ की किया करो

182
हाथ में हथियार लेने से कोई बहादुर नहीं बन जाता
मर्द का जिगरा होना चाहिए सीने में
एक दो को मारने से कोई डॉन नहीं बन जाता।।

183
अपनी जिंदगी का रखवाला
हम किसी को नहीं बनाते
मर जाते हैं हम
मगर किसी के सामने सर नहीं झुकाते

184
अगर वादा किया है मैंने तो निभाऊंगा
अगर जान देनी पड़े तेरे लिए तो हंसते-हंसते मर जाऊंगा

185
हम कभी अपने वादे से नहीं मुकरते
अगर बढ़ा लिया है एक बार कदम आगे
तो कभी पीछे नहीं हटते
अंजाम जो भी हम परवाह नहीं करते
फिर चाहे सामने जो भी खड़ा हुआ हम उससे नही डरते

186
तुमने मुझे क्या समझा है
और मैं क्यों निकला यही सोच रहे हो ना
फिर तुम अभी हमारी असलियत कहां जानते हो
तुम अभी तक हमें अच्छा समझ रहे हो ना

187
मैं कुछ भी करूं कहां भी रहु
तुम्हें मुझसे कोई मतलब नहीं होना चाहिए
मैं अपने दम पर जीता हूं
तुम्हें मुझसे कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए

188
अगर है हवाएं हमारे खिलाफ तो होती रहे
हमने भी हर मिजाज का ठेका नहीं लिया

189
कोई अगर हमसे नाराज तो नाराज ही रहे
हम उसे मनाने नहीं जाएंगे
किसी के सामने झुकने की आदत नहीं है हमारी
हम अब किसी के सामने सर नहीं झुकाएंगे

190
जिस दिन मैं लौटकर आऊंगा
तुम बच नहीं पाओग
एक एक को मारूंगा
तुम मुझसे छुप नहीं पाओगे

191
जो वक्त आज तुम्हारा है
कल मेरा भी आएगा
और उस दिन बताऊंगा तुम्हें
जिस दिन यह बादशाह वापस लौटकर आएगा।।

192
हजारों के पीछे घूम के सोचते हो..
हम आपके हो जाएंगे..
वक़्त के साथ -साथ
लतफहमियां अच्छी पाल लेते हो!

193
ये दिलो से खेलने का शौक..
बुजदिलों का है..
हम तो वो बादशाह है..
जो दिमाग से खेलते है!

194
वक़्त और लोगों पे..ए
तबार आप करते होंगे..
हम वक़्त भी अपना चुनते है
और लोग भी अपने!!

195
बदला लेने की फितरत..
अब बदल चुके है हम..
हम तो माफ करके…
सीधे दिल से निकाल देते है।

196
शरीफ बहुत है हम..
किसी से लड़ते नहीं..
पर ये जमाना जानता है..
किसी के बाप से डरते नहीं।

197
हर किसी पे हक जमाउँ ..
ये सब मुझे पसंद नहीं..
पर जो मेरा है,उस खुदा की कसम..
वो किसी ओर का बिल्कुल नहीं।

198
शराफत में रहोगे ..
तो हम भी शराफत दिखायेंगे..
अगर दुश्मनी मोल लोगे हमसे..
तो जिंदा गाड़ देंगे ।

199
मैं ना तो समंदर हूँ.और
र न ही आसमान हूँ..तु
म्हारी सोच जहाँ तक ना पहुँचे..
मैं वो किनारा हूँ!

200
शराफत का नकाब था चेहरे पे..
इसलिए खामोश रहे..
रति भर बेशर्मी दिखाई होती ना..
तो तुम्हें टक्कर बराबर की देते!

201
मेरे दुश्मन भी मुरीद है मेरे..
सामने से निकलते है तो आदाब ..
और पीठ पीछे..
बकवास किया करते है!

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