अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भाषण | Woman’s Day Speech in Hindi

Woman’s Day Speech in Hindi: नमस्कार दोस्तों आज के इस लेख में हम आपके साथ महिला दिवस पर भाषण शेयर करने वाले हैं जिसको पढ़ कर आप सभी को बहुत अच्छा लगेगा और महिलाओं के प्रति आप और भी ज्यादा मान सम्मान करेंगे|

महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाता है. तो चलिए दोस्तों बिना कोई समय बर्बाद करते हुए सीधे इस पोस्ट की शुरुआत करते हैं|

1. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भाषण

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आप सभी को प्रातः काल का नमस्कार!

आज 8 मार्च है और आज के दिन विश्व में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है इसकी शुरुआत आज से 112 वर्ष पहले यानी 1908 में हुई थी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक मजदूर आंदोलन से उपजा है जो अमेरिका के शहर न्यूयॉर्क में हुआ था जहां पर महिलाओं ने अपनी मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया था।।

इस दिन के बाद से ही 8 मार्च को विश्व में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है जो कि नारी सशक्तिकरण का भी प्रतीक है आज के समय में नारी किसी से कम नहीं है हर क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है और हर जगह अपना नाम कर रही है।।

महिलाओं ने हर क्षेत्र में तरक्की पर के राष्ट्र के सामने एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है कि केवल पुरुष ही समाज में सब कुछ नहीं होते महिलाएं भी बराबर की भागीदार होती हैं महिलाओं को घर के कार्य के साथ ऑफिस का कार्य को भी संभालती हैं मां बेटी और पत्नी बन कर परिवार की सेवा करती हैं और एक सैनिक सिपाही बंदर भी देश सेवा करती हैं।।

पर हम सिर्फ नारी सशक्तिकरण की बात करते हैं पर कुछ लोगों की मानसिकता आज भी वैसी ही है और वह नारी का सम्मान नहीं करते हैं आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह प्रण किया जाए किनारी को उतना ही सम्मान दिया जाएगा जितना कि पुरुष को नारी राष्ट्रीय की निर्माता होती है और आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं उनको सादर नमन करता हूं।।

इसके साथ मैं अपने शब्दों को पूर्ण विराम देता हूं आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद।।

2. महिला दिवस पर भाषण
(Speech on International Women’s Day)

सुप्रभात साथियों!

जैसा की आप सबको पूर्व ज्ञात है कि हम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने और महिलाओं का सम्मान करने के लिए आज यहां एकत्रित हुए हैं 8 मार्च को हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है।

वर्तमान युग में महिलाओं की स्थिति में बहुत सुधार आया है
शिक्षित होने के साथ-साथ राष्ट्र के लिए भी अपनी संपूर्ण भागीदारी महिलाएं हर क्षेत्र में निभा रही हैं परंतु नारी का वह सम्मान भारत देश में नहीं किया जाता है आज की नारी के ऊपर बहुत अत्याचार होते हैं और समाज की प्रताड़ना का शिकार होती हैं।।

सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन ही नहीं हमको हर दिन नारी का सम्मान करना चाहिए और उनको हर वह आजादी देना चाहिए जिससे वह अपने क्षेत्र में अच्छा से अच्छा काम कर सकें आज अगर महिलाओं की स्थिति पूर्ण रूप से अच्छी होती तो हमें अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की जरूरत नहीं पड़ती।।

आज के युग में नारी सशक्तिकरण होना बहुत आवश्यक है जो भी समाज में बढ़ती अपने अपराधों के कारण महिलाएं कई प्रताड़नाओं का शिकार हो रही हैं जिसे सिर्फ हम ही मिलकर बंद करवा सकते हैं हमें यह प्रण लेना चाहिए कि हम आज से नारी का सम्मान करेंगे और उनको समाज में हर अधिकार दिलाने का संपूर्ण प्रयत्न करेंगे।।

इसके साथ मैं अपने शब्दों को पूर्ण विराम देता हूं आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद।।

3. International women’s day speech in Hindi
महिला दिवस पर भाषण

सुप्रभात साथियों और सम्मानित अतिथि रन को मेरा सादर प्रणाम आज का दिन भारतीय इतिहास का गौरवशाली दिन है क्योंकि आज का दिन महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है इसकी शुरुआत 8 मार्च को अमेरिका में स्थित न्यूयॉर्क शहर से हुई थी।।

यह आंदोलन तब पनपा था जब महिलाओं को उनके अधिकार नहीं दिए गए थे और वह इसके लिए सड़कों पर उतर गई थी उसी दिन से उस दिवस को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में घोषित किया गया और उसी उपलक्ष्य में हम आज सब यहां पर एकत्रित हुए हैं।।

पर महिला दिवस कुछ क्षेत्रों में अपना मूल अधिकार को चुका है क्योंकि यह दिवस भी दूसरे अन्य दिवसों की तरह ही हो गया है जहां पर सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं लेकिन महिलाओं की अधिकारों और उनके सम्मान पर प्रश्न नहीं उठाए जाते… कुछ जगहों पर बैंगनी रंग के रिबन पहन कर भी महिला दिवस को मनाया जाता है।।

सबसे पहले यह दिवस न्यूयॉर्क शहर में समाजवादी राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में मनाया गया था उसके बाद 1917 में सेवियत संघ ने इसे राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर दिया उसके पश्चात यह कहीं पूर्वी देशों में भी मनाया जाने लगा।।

भारत में महिला दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है पर आज ही महिलाओं की स्थिति पर विचार किया जाना आवश्यक है कुछ क्षेत्रों में अभी भी महिलाओं को असहनीय कष्ट का सामना करना पड़ रहा है जिसकी जवाबदेही सरकार और कुछ हद तक हमारी भी बनती है मैं आशा करता हूं कि आप इस चीज में अपना सहयोग प्रदान करेंगे।।

इसके साथ मैं अपने शब्दों को पूर्ण विराम देता हूं आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद।।

4. महिला दिवस पर ओजस्वी भाषण

प्रातकाल वंदन के साथ आप सब को मेरा प्यार भरा नमस्कार और सभी बड़ों को सादर प्रणाम यह आप सबको पूर्व ज्ञात है कि हम यहां पर आज महिला दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं मुझे आज बोलने का मौका मिला है और में महिलाओं की स्थिति पर कुछ विचार प्रकट करना चाहता हूं।।

यह तो आप सब को पता ही है की 8 मार्च को महिला दिवस मनाया जाता है और हर वर्ष यह दिवस लगातार मनाया जा रहा है लेकिन क्या हम जैसी बातें करते हैं वैसा सम्मान है महिलाओं को कर पा रहे है।।

आज की महिलाएं समाज की क्रूर नीतियों और कुछ वहशी दरिंदों की शिकार हो रही हैं क्यों ना ऐसा कानून बनाया जाए की महिलाएं स्वतंत्र होकर सड़कों पर निकल सकें और रातों में भी अपना काम कर सकें आज भी महिला सुरक्षा की दृष्टि से भारत सबसे पीछे है और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अत्यंत कार्य किया जाना बहुत आवश्यक है।।

महिलाएं राष्ट्र का गौरव और सम्मान होती हैं और हमें इनका आदर करना ही चाहिए महिला एक मां होती है जो शिशु को जन्म देती है और परिवार के साथ अनेक जिम्मेदारियों को संभालती है महिलाओं की स्थिति पर विचार किया जाना अत्यंत आवश्यक है बहुत-सी महिलाओं को आज भी दहेज प्रथा का शिकार बनाया जाता है और जिंदा जला दिया जाता है।

सरकार ने समय-समय पर बहुत कानून बनाए हैं लेकिन क्या हम सब उन कानूनों का पालन सही रूप से कर पा रहे हैं इस बात पर भी विचार किया जाना आवश्यक है कानून बनाना सरकार का काम है लेकिन उस पर अमल करना और उसको लागू करने का फर्ज हम भारतवासियों का भी बनता है इसीलिए महिला दिवस के दिन मेरा अनुरोध है आप सब महिलाओं का सम्मान करें और जहां भी उनके साथ अन्याय होता देखें तो चुप ना रहे पूरा अपनी आवाज बुलंद करें आज की नारी किसी से कम नहीं है और अगर हमने यह किया तो अवश्य एक दिन भारत नारी सशक्तिकरण में विश्व का प्रथम राष्ट्र बन जाएगा।।

इसके साथ मैं अपने शब्दों को पूर्ण विराम देता हूं आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद।।

5. महिला दिवस पर छात्रों का भाषण

सर्वप्रथम आप सभी को सुप्रभात और मंच पर बैठे हुए मेरे आदरणीय गुरु जन पूर्व मुख्य अतिथि महोदय को सादर नमन और मेरे प्यारे साथियों को दिल से अभिनंदन।।

जैसा की आप सबको पता है आज महिला दिवस है और यह कार्यक्रम हमारे विद्यालय में भी मनाया जा रहा है महिला दिवस प्रतिवर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है यह सर्वप्रथम न्यूयॉर्क अमेरिका के शहर में मनाया जाता जहां पर महिलाओं ने अपनी आजादी और ज्यादा वेतन के लिए सड़कों पर उतर कर मांगी थी इसी वजह से इस दिन महिला दिवस के रूप में संयुक्त संघ ने घोषित किया।।

महिलाएं हमारे देश का समान होती है और उनका आदर करना हमारी संस्कृति ने हमें सिखाया है पुरातन काल से महिलाएं भारतीय समाज में सम्मान का प्रतीक रहे हैं वेदों में एक कथन भी है “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते तत्र रमंते देवता”
अर्थात जहां नारी की पूजा होती है वहां देवताओं का वास होता है इसीलिए हम सबको महिलाओं का सम्मान करना चाहिए और उनके साथ शिष्टाचार पूर्ण व्यवहार अपनाना चाहिए।।

वर्तमान मैं महिलाओं की स्थिति के ऊपर कुछ प्रकाश डालना चाहता हूं आज बहुत से क्षेत्रों में महिलाएं आगे बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और बहुत काम भी कर रही हैं परंतु भारत के कुछ हिस्से अभी भी ऐसे हैं जहां पर महिलाओं को पूर्ण अधिकार प्राप्त नहीं है और वह अपनी मांग को खुलकर नहीं रख सकते क्योंकि उनको दबा कर रखा जाता है और आज भी सिर्फ उनको घर के कार्यों के लिए समझा जाता है।।

लेकिन महिलाएं किसी से कमजोर नहीं होती हैं वह अपना हर कार्य बखूबी और अच्छी तरीके से कर सकती हैं और हर क्षेत्र में अपना नाम कमा सकती हैं हमको यह प्रयास करना चाहिए कि हम नारी सशक्तिकरण के लिए आवाज उठाएं और नारी पर हो रहे अत्याचारों को सहन ना करें और इसी के साथ मैं अपने शब्दों को पूर्ण विराम देना चाहूंगा।।

आप सब ने मुझे इतनी प्यार से सुना उसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।।

आपकी और दोस्तों

दोस्तों यह था महिला दिवस पर भाषण, हम आशा करते हैं कि आपको हमारे लिए स्पीच पसंद आई होगी यदि हां तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और फेसबुक और व्हाट्सएप पर भी अवश्य शेयर करें|

ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को हिंदी दिवस का भाषण पढ़ने को मिले धन्यवाद दोस्तों|

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