URL Full Form in Hindi | URL का फुल फॉर्म क्या है

नमस्कार दोस्तों, आज के हमारे इस आर्टिकल में हम आपको ” यूआरएल की फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, यूआरएल का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर यूआरएल का मतलब क्या होता है तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं।क्योंकि आज के इस आर्टिकल में हम आपको यूआरएल की फुल फॉर्म के बारे में तथा यूआरएल के बारे में सभी जानकारियां प्रदान करने वाले हैं।

जिस तरह जब हमें कहीं पर जाना होता है, तब हम उस जगह के बारे में सबसे पहले जानकारी इकट्ठा करते हैं, जहां पर हमें जाना होता है, क्योंकि जब हमें उस जगह के बारे में जानकारी होगी और हमें उस जगह के रास्ते के बारे में पता होगा, तभी हम उस जगह पर पहुंच पाएंगे।

ठीक उसी तरह ही जब हमें किसी वेबसाइट के बारे में जानकारी हासिल करनी होती है, तो सबसे पहले हमें उस वेबसाइट की यूआरएल के बारे में जानकारी होना जरूरी होता है, तभी हम उस वेबसाइट तक पहुंच सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूआरएल को किसी भी वेबसाइट का एड्रेस कहा जाता है और अगर आप किसी वेबसाइट का एड्रेस नहीं जानते हैं, तो आप उस वेबसाइट तक नहीं पहुंच सकते

या फिर आपको उस वेबसाइट तक पहुंचने में थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि आप चाहे तो गूगल सर्च इंजन में उस वेबसाइट का नाम डालकर उस वेबसाइट को सर्च कर सकते हैं और उस वेबसाइट को एक्सेस कर सकते हैं।

परंतु कई बार ऐसा होता है कि हमें व्हाट्सएप पर फेसबुक पर या अन्य सोशल मीडिया साइट पर कोई व्यक्ति कोई चीज दिखाना चाहता है तो वह हमें एक लिंक भेजता है और उसके द्वारा हम सीधा ही उस चीज तक पहुंच जाते हैं।

उदाहरण के स्वरूप अगर आपको कोई व्यक्ति गुरु रंधावा का नया गाना दिखाना चाहता है, तो वह आपको यूट्यूब के वीडियो का एक लिंक भेजेगा और आप जैसे ही उस वीडियो के लिंक पर क्लिक करेंगे आप सीधा यूट्यूब एप्लीकेशन में चले जाएंगे और सीधा ही गुरु रंधावा का वीडियो अपने आप ओपन हो जाएगा।

अगर आप इंटरनेट पर नए हैं, तब आपने बहुत बार यूआरएल का नाम सुना होगा और यह नाम आपको काफी कनफयूशिंग लगा होगा। आप यह अवश्य सोचते होंगे कि आखिर यूआरएल का मतलब क्या होता है और शायद ही आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होगी।

वर्तमान के जमाने में पूरी दुनिया में ऐसी कई वेबसाइट है, जो रोजाना बन रही है और किसी भी वेबसाइट तक पहुंचने के लिए एक एड्रेस होता है जिसे वर्चुअल भाषा में यूआरएल कहा जाता है।यूआरएल एक लिंक होता है, जिस पर क्लिक करके हम उस वेबसाइट तक पहुंच सकते हैं, जिसका यूआरएल होता है। यूआरएल कई तरह के होते हैं जैसे वीडियो का यूआरएल, गाने का यूआरएल इत्यादि।

■ यूआरएल का फुल फॉर्म क्या होता है

URL Full Form in Hindi

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि यूआरएल का फुल फॉर्म क्या होता है। यूआरएल का फुल फॉर्म होता है “यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर” यूआरएल एक फॉर्मेटेड टेक्स्ट होता है, जिसे की वेब ब्राउजर, ईमेल क्लाइंट या फिर अन्य किसी सॉफ्टवेयर में यूज किया जाता है।

किसी भी नेटवर्क रिसोर्स को सर्च करने के लिए यूआरएल का इस्तेमाल किया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नेटवर्क रिसॉर्स कोई भी फाइल हो सकती है।जैसे कि टेक्स्ट डॉक्यूमेंट, वेब पेज, ग्राफिक या प्रोग्राम।

किसी भी यूआरएल के मुख्य तौर पर 3 भाग होते हैं।जैसे प्रोटोकॉल डिजाइननेशन, होस्ट नेम और फाइल। इन सभी सबस्ट्रिंग को अलग करने के लिए स्पेशल कैरेक्टर का इस्तेमाल किया जाता है।

■ यूआरएल को हिंदी में क्या कहते हैं

यूआरएल को अंग्रेजी में यूनिफार्म रिसोर्स लोकेटर कहते हैं और इसे हिंदी में “सम स्रोत निर्धारक” कहते हैं।यह वेबसाइट का नाम और पता होता है जिसके माध्यम से आप सर्वर पर स्टोर वेबसाइट और रिसोर्स को एक्सेस कर सकते हैं।

■ यूआरएल की हिस्ट्री क्या है

आपको बता दें कि सबसे पहले यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर के बारे में टीम बर्नर ली ने ही इस पूरी दुनिया को बताया था और उन्होंने ही इस टेक्नोलॉजी को पूरी दुनिया के सामने लाया था। यूआरएल के द्वारा उस चीज को आसानी से खोजा जा सकता है, जिसका यूआरएल होता है।

■ यूआरएल का मतलब क्या होता है

यूआरएल का इस्तेमाल हम इंटरनेट पर किसी भी वेबसाइट को एक्सेस करने के लिए करते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हम यूआरएल को एक्सेस सिर्फ गूगल क्रोम, मोज़िला फायरफॉक्स, ओपेरा मिनी, यूसी ब्राउजर और इंटरनेट एक्सप्लोरर के माध्यम से ही कर सकते हैं।यूआरएल की खोज सबसे पहले साल 1994 में टीम बर्नर्स ली ने की थी।

यूआरएल को बनाते समय केस काफी सेंसिटिव होता है, जिसके लिए आपको ध्यान में small alphabets और capital alphabets रखना होता है।वैलिड यूआरएल के लिए alphabets, numbers और symbol (!, _, $, +, (), ’, *) का यूज किया जाता है।यूआरएल बनाते समय स्पेस का इस्तेमाल नहीं किया जाता हैं।

■ यूआरएल का प्रकार

यूआरएल तीन प्रकार के होते हैं

उदहारण –

https://www.google.com

https:// इसे एक प्रोटोकाल कहते हैं, जो ब्राउजर और सर्वर के संचार का माध्यम होता है।

www. इसे सर्वर का पता कहते हैं।

Google.Com इसे वेबसाइट का डोमेन नेम कहते हैं।

■ URL की परिभाषा

“नेटवर्क पर मौजूद किसी संसाधन विशेष की इंसान के समझने लायक एक-रूप पहचान ही यूआरएल है.”

“इंटरनेट पर उपलब्ध संसाधन का पता है यूआरएल.”

“इंटरनेट पर उपलब्ध किसी डॉक्युमेंट और अन्य संसाधनों का ग्लोबल पता है यूआरएल.”

हमने ऊपर आपको यूआरएल को परिभाषित करने के लिए अलग-अलग परिभाषाएं दी है परंतु सभी परिभाषा में एक बात बहुत ही समान है कि, इंटरनेट पर यूआरएल किसी चीज का पता होता है।

■ यूआरएल के भाग

– Protocol
– Separator
– Subdomain
– Domain Name
– Directories
– Resource

■ यूआरएल शार्टनर क्या है

आपने शायद कभी ना कभी यूआरएल शार्टनर के बारे में तो सुना ही होगा। अगर आप नहीं जानते तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूआरएल शार्टनर एक ऐसा टूल होता है, जिसकी मदद से हम किसी बड़े यूआरएल को छोटा कर सकते हैं। बड़े यूआरएल को छोटा करने के लिए लोकप्रिय यूआरएल शार्टनर टूल है goo.gl, bitly, tinyurl।

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था यूआरएल का फुल फॉर्म क्या है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप सभी को यूआरएल के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी|

अगर आपको हमारी ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो प्लीज पोस्ट को १ लाइक जरुर करे और अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करे धन्येवाद दोस्तों|

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