UPSC Full Form in Hindi | UPSC का फुल फॉर्म क्या है

UPSC Full Form in Hindi: दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल में हम आपको ” यूपीएससी के फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, यूपीएससी का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर यूपीएससी का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको यूपीएससी से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त होगी।

भारत में जन्म लेने वाले सभी विद्यार्थियों का एक ही सपना होता है कि वह अच्छी पढ़ाई लिखाई करके एक अच्छी नौकरी प्राप्त करें और इसके लिए वह दसवीं कक्षा से ही काफी मेहनत करते हैं, क्योंकि किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए शुरू से ही उसके बारे में सोचना पड़ता है और उस चीज को अपना लक्ष्य बनाकर उसके अनुसार अपनी तैयारी करनी पड़ती है।

कोई भी चीज हमें एक ही दिन में प्राप्त नहीं होती है।किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए हमें निरंतर प्रयास करना होता है, फिर चाहे वह पैसा हो या फिर नौकरी हो।हमारे भारत देश में हर साल लाखों लोग विभिन्न प्रकार की नौकरियों के लिए आवेदन देते हैं।

हालांकि आज के इस दौर में नौकरी पाना इतना आसान नहीं है, क्योंकि आप तो यह बात जानते ही हैं कि, हमारे भारत देश की जनसंख्या कितनी ज्यादा है और इतनी बड़ी जनसंख्या होने के कारण हमारे भारत देश में सीमित संसाधन है और अधिक जनसंख्या होने के कारण सभी को तो नौकरी नहीं दी जा सकती

या फिर सभी लोग नौकरी नहीं कर सकते। इसीलिए हमारे भारत देश में जो लोग अच्छी नौकरी प्राप्त नहीं कर पाते वह लोग अन्य स्वरोजगार के काम करते हैं। नौकरी पाने के लिए आज के समय में एजुकेशन की डिमांड बहुत ही बढ़ गई है।

क्योंकि वर्तमान के समय में ऐसी कोई भी फील्ड नहीं है, जहां पर शिक्षा का महत्व ना हो। अगर आपने अच्छी पढ़ाई लिखाई की है तभी आप एक अच्छी नौकरी प्राप्त करने के बारे में सोच सकते हैं और अगर आपने कम पढ़ाई की है तो आपको एक अच्छी नौकरी मिलना मुश्किल है।

सरकारी नौकरी पाना कोई बच्चों का खेल नहीं है। सरकारी नौकरी पाने के लिए काफी मेहनत के साथ पढ़ाई करनी पड़ती है और मेहनत के साथ साथ एक सटीक रणनीति बना कर चलना पड़ता है, क्योंकि जब व्यक्ति का उदेश्य अपनी मंजिल को हर हाल में पाना ही होता है तो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को सही दिशा की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रयत्न करना चाहिए।

हमारे भारत देश में ऐसे कई लड़के और लड़कीया है, जो 12वीं कक्षा को पास करने के बाद इस असमंजस में हो जाते हैं कि, अब वह आगे क्या करें, क्योंकि 12वीं कक्षा को पास करने के बाद हमें ग्रेजुएशन करना होता है और हम जिस भी विषय में ग्रेजुएशन करते हैं, हमें उसी के हिसाब से नौकरी प्राप्त होती है।

जैसे जो अभ्यर्थी कॉमर्स विषय से ग्रेजुएशन करते हैं अधिकतर बैंकिंग सेक्टर में नौकरी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा जो अभ्यर्थी साइंस के विषयों से ग्रेजुएशन पूरी करते हैं वह अधिकतर मेडिकल के क्षेत्र में जाते हैं।

तथा जो अभ्यर्थी आर्ट के विषयों से अपनी ग्रेजुएशन पूरी करते हैं, वह अधिकतर अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद विभिन्न सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते हैं और आईएएस और आईपीएस जैसे पदों को पाने की कोशिश करते हैं।

हमारे भारत देश में सरकारी नौकरी पाने का क्रेज इसलिए भी है क्योंकि एक तो सरकारी नौकरी में बहुत आराम होता है और इसमें तनख्वाह भी ज्यादा होती है।

परंतु यह बात तो आप जानते ही हैं कि कोई भी बिना किसी संस्थान या फिर ऑर्गनाइजेशन के संपन्न नहीं होती है।हमारे भारत में या फिर दुनिया में जितनी भी परीक्षाएं होती हैं उसे करवाने की जिम्मेदारी कोई ना कोई संस्था अवश्य लेती है।

आपने भी जब कभी कोई परीक्षा दी होगी तब यह जरूर देखा होगा कि उस परीक्षा का आयोजन करने की जिम्मेदारी किसी एक संस्था के पास होती है। हमारे भारत देश में विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित होती है और बहुत से पदों के लिए कोई एक ही संस्थान परीक्षा आयोजित करती है

तथा कुछ ऐसी संस्थाएं भी है जो विभिन्न प्रकार के पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित करती है। हमारे भारत में मुख्य तौर पर दो ऐसी संस्थाएं हैं जो विभिन्न बड़ी-बड़ी पोस्ट के लिए परीक्षा का आयोजन करती है जिसमें से है यूपीएससी और एसएससी।

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UPSC Full Form in Hindi

UPSC का फुल फॉर्म क्या है

UPSC Full Form in Hindi

■ यूपीएससी का फुल फॉर्म क्या होता है

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि यूपीएससी का फुल फॉर्म क्या होता है। यूपीएससी का फुल फॉर्म होता है “यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन” जिसे संघ लोक सेवा आयोग कहा जाता है।

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन हमारे भारत देश में विभिन्न पदों के लिए होने वाली परीक्षाओं का आयोजन करवाती है।यह हमारे भारत देश की परीक्षा करवाने वाली सबसे बड़ी संस्था है।सामान्य तौर पर यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन सरकारी नौकरियों के लिए अधिक परीक्षा का आयोजन करवाती है।

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन संस्था नेशनल लेवल की कई बड़ी-बड़ी परीक्षाओं का आयोजन करवाती है और यह संस्था हमारी भारत सरकार के द्वारा संचालित होती है। इसका काम होता है कि अलग-अलग विभागों में जो पद है उनके लिए योग्य लोगों की भर्ती करने के लिए परीक्षा का आयोजन करवाना।

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन हर साल हमारे भारत में विभिन्न पदों के लिए विभिन्न प्रकार की परीक्षा का आयोजन करती है। जैसे आईपीएस, आईएएस, आईआरएस,एसडीएम इत्यादि।

■ संघ लोक सेवा आयोग क्या है

शायद आपको पता ना हो परंतु आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब हमारा भारत देश आजाद नहीं हुआ था और जब हमारा भारत देश अंग्रेजों की कैद में था, तब आईएएस की परीक्षा का आयोजन इंग्लैंड में किया जाता था

परंतु जब हमारे भारत देश के राष्ट्र वादियों को इसके बारे में पता चला, तब हमारे भारत देश के राष्ट्र वादियों ने काफी लंबा आंदोलन करके अंग्रेज सरकार से इसे भारत में ट्रांसफर करने की मांग की थी।

इसके बाद पहली लोक सेवा आयोग की स्थापना अक्टूबर के महीने में साल 1926 में हुई थी और जब हमारा भारत देश अंग्रेजों से आजाद हो गया, तब इसे संघ लोक सेवा आयोग का नाम दिया गया।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग की स्थापना हमारे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत की गई है।

■ संघ लोक सेवा आयोग कौन- कौन सी परीक्षा का आयोजन करता है

वर्तमान के समय में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन 24 सर्विस के लिए विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन हर साल करवाता है। इसमें से मुख्य नाम इस प्रकार हैं।

  • भारतीय अभियांत्रिकी सेवा
  • भारतीय आर्थिक और सांख्यिकी सेवा
  • भूगर्भ सेवा
  • भारतीय प्रशासनिक सेवा
  • भारतीय पुलिस सेवा
  • भारतीय राजस्व सेवा
  • विशिष्ट श्रेणी रेलवे प्रशिक्षु सेवा
  • संयुक्त चिकित्सा सेवा
  • केंद्रीय पुलिस सेवा
  • संयुक्त रक्षा सेवा
  • राष्टीय रक्षा सेवा

■ यूपीएससी की परीक्षा देने के लिए नागरिकता

हमारे भारत देश के निवासी यूपीएससी के लिए आवेदन दे सकते हैं। इसके अलावा जो अभ्यर्थी नेपाल या फिर भूटान के नागरिक हैं, वह भी भारत में यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

■ यूपीएससी की परीक्षा देने के लिए उम्र सीमा

यूपीएससी की परीक्षा देने के लिए अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग उम्र सीमा निर्धारित की गई है।हमारे भारतीय संविधान में दिए गए आरक्षण के तहत जो लोग एससीएसटी समुदाय से संबंध रखते हैं वह 20 साल से लेकर 35 साल तक
यूपीएससी की परीक्षा दे सकते हैं।

इसके अलावा ओबीसी समुदाय यानी की अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंध रखने वाले अभ्यर्थी कम से कम 20 साल और अधिक से अधिक 33 साल तक यूपीएससी की परीक्षा दे सकते हैं। इसके अलावा सामान्य वर्ग से संबंध रखने वाले अभ्यर्थी कम से कम 20 साल और अधिक से अधिक 30 साल तक यूपीएससी की परीक्षा दे सकते हैं।

हालांकि हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हम यहां पर कोई स्पेसिफिक पोस्ट के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। इसलिए ऊपर बताई गई आयु सीमा विभिन्न पोस्ट के लिए अलग-अलग हो सकती है, क्योंकि हर पोस्ट के लिए अलग-अलग उम्र सीमा मांगी जाती है, इसलिए जब आप किसी पोस्ट के लिए अप्लाई करें, तब उम्र सीमा व्यक्तिगत रूप से जांच लें।

■ यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के लिए शैक्षिक योग्यता

अगर आप एसडीओ बनना चाहते हैं या फिर भविष्य में एसडीओ बनने की इच्छा रखते हैं तो आपको यह जानकारी रखना अति आवश्यक है कि एसडीओ बनने के लिए आपको कितनी पढ़ाई करनी पड़ेगी।

अगर आप नहीं जानते तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एसडीओ बनने के लिए आपको ग्रेजुएशन की डिग्री लेनी होगी, हालांकि इसमें विषय की कोई बाध्यता नहीं है। आप अपना ग्रेजुएशन किसी भी विषय से कर सकते हैं।

■ यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन का सिलेबस

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि यूपीएससी अलग-अलग प्रकार की परीक्षाओं का आयोजन करवाती है। इसलिए इसका सिलेबस परीक्षा के हिसाब से अलग-अलग होता है, परंतु सामान्य तौर पर यूपीएससी तीन चरणों में अपनी परीक्षा संपन्न करवाती है।

जिसमें सबसे पहले अभ्यर्थी से प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने का आग्रह किया जाता है। प्रारंभिक परीक्षा में अभ्यर्थियों को परीक्षा के हिसाब से परीक्षा को देने के लिए अलग-अलग समय दिया जाता है और परीक्षा में प्रश्न पत्रों की संख्या भी पोस्ट के अनुसार अधिक या कम होती है।

सामान्य तौर पर परीक्षा को देने के लिए अभ्यर्थियों को 2 घंटे का समय दिया जाता है। इसके बाद जब अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा को पास कर लेता है तो उसे मुख्य परीक्षा में शामिल होना होता है।

मुख्य परीक्षा में कम से कम 3 से 5 पेपर होते हैं जिन्हें देने के लिए अभ्यर्थियों को 3 घंटे का समय दिया जाता है।यह सभी पांचों पेपर अलग-अलग अंक के होते हैं।जब अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा को भी पास कर लेता है तब सबसे आखरी में उसे इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।

इंटरव्यू में अभ्यर्थी से विभिन्न प्रकार के सवाल पूछे जाते हैं और अगर अब अभयर्ती इंटरव्यू को भी सफलतापूर्वक पास कर लेता है, तो फिर उसे ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है और जब अभ्यर्थी अपनी ट्रेनिंग पूरी कर लेता है तो फिर उसे उसने जिस पद के लिए अप्लाई किया था उस पद पर पोस्टिंग दे दी जाती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब अभ्यर्थी ट्रेनिंग कर रहा होता है और जब वह अपनी ट्रेनिंग पूरी कर लेता है, तब उसे उसकी ट्रेनिंग के पैसे भी दिए जाते हैं।

■ यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के द्वारा परीक्षा देने के लिए डॉक्यूमेंट

जब अभ्यर्थी सभी परीक्षाओं को पास कर लेता है और इंटरव्यू को भी पास कर लेता है तो उसे ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसे उसकी पोस्ट पर पोस्टिंग दी जाती है।

अभ्यर्थी जितने महीने पोस्ट की ट्रेनिंग करता है, उसे उतने महीने की तनख्वाह भी मिलती है, परंतु यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी के पास से कुछ डॉक्यूमेंट भी मांगे जाते हैं।जैसे 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र,बैंक अकाउंट डिटेल्स, चार पासपोर्ट साइज के फोटो इत्यादी।

■ यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होने के लिए शारीरिक योग्यता

अगर आप यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली किसी भी परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, तो ऐसी में आपको अपनी शारीरिक योग्यता के बारे में भी जानकारी रखना अति आवश्यक है, क्योंकि हर पोस्ट के लिए कुछ ना कुछ रिक्वायरमेंट मांगी ही जाती है।

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली परीक्षा में शामिल होने के लिए पुरुष उम्मीदवारों की लंबाई 168 सेंटीमीटर और छाती 84 सेंटीमीटर होनी चाहिए तथा जो महिला अभ्यर्थी है, उनकी लंबाई 155 सेंटीमीटर होनी चाहिए। हालांकि हर राज्य के हिसाब से शरीर की ऊंचाई में फर्क हो सकता है।

इसके अलावा महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थियों का वजन कम से कम 50 किलो होना ही चाहिए, साथ ही उनकी आंखों की दृष्टि बिल्कुल सही होनी चाहिए, मतलब कि उन्हें अपनी आंखों से बिल्कुल साफ साफ दिखना चाहिए।

■ पीएससी (UPSC) द्वारा आयोजित परीक्षाएं

  • सिविल सर्विस एग्जाम (CSE)
  • इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जामिनेशन (ESE)
  • कंबाइंड डिफेन्स सर्विस एग्जाम (CDSE)
  • नेशनल डिफेन्स एग्जाम (NDA)
  • इंडियन फोरेस्ट सर्विस (IFS)

■ यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की एग्जाम का सिलेबस

  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समकालीन घटनाएं
  • भारत का इतिहास और भारत का राष्ट्रीय आंदोलन
  • भारत और विश्व का भूगोल
  • भारतीय राजनीति विज्ञान और शासन संविधान, राजनीतिक तंत्र ,पंचायती राज ,लोकनीति ,अधिकार ,समस्या आदि
  • आर्थिक एवं सामाजिक विकास ,धारणीय विकास ,गरीबी, समावेशी विकास और अन्य सामाजिक एवं आर्थिक समस्या
  • पर्यावरण ,जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन
  • सामान्य विज्ञान
  • पद पढ़कर उसके आधार पर जवाब देना
  • communication skill
  • तार्किकता से जुड़े सवाल
  • निर्णय लेने और समस्याओं के हल संबंधित सवाल
  • मानसिक योग्यता से जुड़े सवाल
  • बुनियादी गणित से जुड़े सवाल
  • सांख्यिकी से जुड़े सवाल

■ यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन का इंटरव्यू

जब अभ्यर्थी यूपीएससी के द्वारा करवाई जाने वाली प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा को सफलतापूर्वक पास कर लेता है, तो सबसे आखरी में उसे इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है और इंटरव्यू में उससे इंटरव्यू लेने वाले लोगों की टीम द्वारा कुछ सवाल पूछे जाते हैं।

इसके साथ ही इंटरव्यू में अभ्यर्थी के मानसिक योग्यता को भी परखा जाता है और जो अभ्यर्थी इस इंटरव्यू को सफलतापूर्वक पास कर लेता है, उसे फिर ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसे उसने जिस पद के लिए अप्लाई किया था, उस पद पर पोस्टिंग दे दी जाती है।

■ यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा देने के बाद सैलरी

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि यूपीएससी विभिन्न पदों के लिए परीक्षा का आयोजन करती है और विभिन्न पदों की सैलरी भी अलग-अलग होती है।अगर हम इंडियन फॉरेन सर्विस की सैलरी के बारे में बात करें तो उनकी महीने की सैलरी ₹50000 से लेकर ₹80000 के आसपास होती है।

इसके अलावा आईपीएस अधिकारी की सैलरी ₹90000 से लेकर 120000 के आसपास होती है, वहीं एसडीएम अधिकारी की सैलरी ₹80000 से लेकर ₹90000 के आसपास होती है।

इसी तरह अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग सैलरी मिलती है पर एक बात तो तय है कि यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन बड़े-बड़े पदों के लिए परीक्षा का आयोजन करवाती है और इसीलिए यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा देने के बाद अभ्यर्थी को अच्छी-खासी महीने की सैलरी प्राप्त होती है।

इसके अलावा उसे अन्य सरकारी खर्चे भी मिलते हैं।जैसे आवागमन के लिए मुफ्त सरकारी वाहन, राशन खर्चा,
वाहन खर्चा, लाइट बिल खर्चा, पेट्रोल खर्चा, घर का काम करने के लिए नौकर, गाड़ी चलाने के लिए ड्राइवर इत्यादि।

■ यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन संस्थान में कितने लोग होते हैं

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन संस्था में टोटल 11 लोग होते हैं, जिनमें से एक यूपीएससी का चेयरमैन होता है तथा बाकी 10 लोग अन्य सदस्य होते हैं। यह 65 साल तक यूपीएससी में काम कर सकते हैं

और आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूपीएससी के इन सदस्यों का चयन हमारे भारत देश के राष्ट्रपति के द्वारा किया जाता है। हालांकि कोई सदस्य चाहे तो अपने कार्यकाल के बीच में ही राष्ट्रपति को अपने पद से इस्तीफा देना चाहता है तो वह दे सकता है और अगर राष्ट्रपति उसका इस्तीफा मंजूर कर देते हैं, तो वह व्यक्ति अपने पद से हट जाता है।

जिन लोगों का चयन यूपीएससी के सदस्य के तौर पर होता है, उनसे भी कुछ योग्यताएं मांगी जाती है। जैसे कि यूपीएससी संस्था में काम करने के लिए व्यक्ति को 10 साल तक केंद्रीय या फिर राज्य सेवा में काम किया होना चाहिए या फिर वह सिविल सेवा के पद पर काम करते होना चाहिए।

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था upsc का फुल फॉर्म क्या है , हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको पता चल गया होगा की upsc का फुल फॉर्म क्या होता है. अगर आपको हमारी ये पोस्ट अच्छी लगी तो प्लीज पोस्ट को लाइक और शेयर जरुर करे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगो को upsc के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल पाए धन्येवाद दोस्तों|

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