SDM Full Form in Hindi | SDM का फुल फॉर्म क्या है

SDM Full Form in Hindi : दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल में हम आपको “आईपीएस के फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, आईपीएस का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर आईपीएस का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको आईपीएस से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त होगी।

हमारा भारत देश जनसंख्या के मामले में विश्व में दूसरा सबसे बड़ा देश है। हमारे देश के पहले जनसंख्या के मामले में चीन का नंबर आता है। वर्तमान में हमारे भारत देश की जनसंख्या 130 करोड़ के पार पहुंच गई है और इतनी बड़ी जनसंख्या होने के कारण अपराध दर भी हमारे भारत में बहुत ज्यादा है।

और अपराध को कम करने के लिए तथा लोग कानून का पालन करे, इसके लिए हमारी भारतीय सरकार ने भारतीय पुलिस विभाग की स्थापना की है, जो भारत के हर जिले में रहकर कानूनों का पालन करवाती है और जो अपराधी होते हैं उन्हें पकड़कर कोर्ट के सामने पेश करती है और फिर कोर्ट उस अपराधी को सजा सुनाती है।

इसके अलावा हमारे देश की सीमा की सुरक्षा के लिए हमारी भारतीय सरकार ने विभिन्न आर्मी को तैनात किया हुआ है,जिसमें जल, थल और वायु सेना शामिल है। इसके अलावा हमारे भारत के जंगलों में तथा ऐसे इलाकों में जो नक्सली से प्रभावित है, वहां पर भारतीय सरकार ने सीआईएसएफ और सीआरपीएफ की स्थापना की है।

जो नक्सली हमलों से आम लोगों को बचाते हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि किसी भी सिस्टम को चलाने के लिए बहुत से लोगों की आवश्यकता होती है, अगर इसे उदाहरण के तौर पर समझा जाए पुलिस को अपराधी को गिरफ्तार करने का अधिकार है ना कि उसे सजा देने का।

परंतु कई बार ऐसा होता है कि, पुलिस खुद ही बेलगाम हो जाती है और वह अपनी मनमर्जी करने लगती है। आपने ऐसे कई उदाहरण देखे होंगे, जहां पर पुलिस खुद ही नियम कानून को ताक पर रखकर कई निर्णय लेने लगती है,

जिससे लोगों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसीलिए हमारी भारतीय सरकार ने सभी लोगों को मैनेज करने के लिए किसी ना किसी अधिकारी को रखा है।

उदाहरण के तौर पर अगर पुलिस में कोई व्यक्ति सब इंस्पेक्टर के पद पर है तो उसे नियंत्रित करने के लिए एसओ का पद भी रखा जाता है और एसओ को नियंत्रित करने के लिए सीओ का पद रखा जाता है।

आज के इस कंपटीशन के दौर में सभी क्षेत्रों में काफी कंपटीशन बढ़ रहा है, जिसके लिए बहुत से छात्र पहले से ही अपने लक्ष्य को निर्धारित करके अपने लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत करते हैं। हर छात्र की अलग-अलग फील्ड में रुचि होती है।

जैसे कोई छात्र डॉक्टर बनना चाहता है तो कोई छात्र इंजीनियर बनना चाहता है। इसके अलावा हमारे भारत में कई छात्र हैं, जो आईएएस,आईपीएस,एसडीएम बनने का ख्वाब देखते हैं परंतु किसी भी क्षेत्र में सफलता को प्राप्त करने के लिए उस क्षेत्र से संबंधि सभी जानकारी रखना आवश्यक होता है, तो चलिए एसडीएम के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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SDM Full Form in Hindi

SDM का फुल फॉर्म क्या है

SDM full form in hindi

■ एसडीएम एम का फुल फॉर्म क्या होता है

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि एसडीएम का फुल फॉर्म क्या होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एसडीएम का फुल फॉर्म होता है “सब डिविजनल मजिस्ट्रेट” इसे हिंदी में उप प्रभागीय अधिकारी कहा जाता है।

एसडीएम अधिकारी उसके क्षेत्र में होने वाले सभी भूमिगत काम करता है इसके अलावा भी एसडीएम अधिकारी अन्य बहुत से काम करता है। एसडीएम अधिकारी वाहनों और शादी का रजिस्टेशन, चुनाव के काम, राजस्व समारोह किसी भी प्रकार के हथियार का लाइसेंस, राजस्व कामकाज और एससी एसटी तथा ओबीसी और डर्मासिल सर्टिफिकेट जारी करने का काम भी करता है।

इसके अलावा भी बहुत से काम एसडीम अधिकारी करता है।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एसडीएम अधिकारी एक सरकारी अधिकारी होता है, इसलिए इन्हें सरकार ने बहुत से पावर दे रखी होती है। डीएम के बाद किसी क्षेत्र में सबसे ज्यादा महत्व एसडीएम अधिकारी ही रखता है। हमारे भारत देश में जो भी एसडीएम अधिकारी बन जाता है, उसे समाज में काफी मान-सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

■ एसडीएम को हिंदी में क्या कहते हैं

एसडीएम को हिंदी में उप प्रभागीय अधिकारी कहा जाता है और इसे इंग्लिश में सब डिविजनल ऑफीसर कहते हैं।

■ एसडीएम क्या है

एसडीएम हमारे भारत देश में एक सरकारी नौकरी होती है और यह भी काफी ऊंचा पद माना जाता है। आपको शायद पता ना हो परंतु एसडीएम राज्य प्रशासनिक सेवा में सबसे ऊपर का पद माना जाता है।

जैसा कि आप जानते हैं कि, हमारे भारत देश में विभिन्न राज्य हैं और उन सभी राज्यों में अलग-अलग जिले बनाए गए हैं और सभी जिलों में एक एसडीम अधिकारी की नियुक्ति हमारी भारतीय सरकार करती है।इसके अलावा हर जिले में अलग-अलग तहसील भी होती है परंतु एसडीएम अधिकारी का अपने उपखंड के तहसीलदारों पर सीधे तौर पर कंट्रोल होता है।

■ सब डिविजनल मजिस्ट्रेट की सैलरी और मिलने और सुविधाएं

एसडीएम एक सरकारी पद होता है और इसीलिए एसडीएम को काफी अच्छी तनख्वाह मिलती है। इसके साथ इन्हें अन्य कई सरकारी लाभ भी मिलते हैं, साथ ही इन्हें मान सम्मान भी प्राप्त होता है।

अगर हम एसडीम अधिकारी की महीने की सैलरी के बारे में बात करें तो एक सब डिविजनल ऑफीसर को महीने की सैलरी के तौर पर ₹50000 से लेकर ₹100000 तक मिलते हैं।

इसके अलावा भी एसडीएम अधिकारी अन्य कई तरीके से पैसे कमा सकते हैं, परंतु वह सभी तरीके अवैध हैं, आइए जानते हैं कि एसडीएम अधिकारी को महीने की तनख्वाह के अलावा कौन-कौन से लाभ सरकार के द्वारा दिए जाते हैं।

एसडीएम सरकारी एक सरकारी पद होता है, इसीलिए एसडीएम अधिकारी की जिस भी जिले में नियुक्ति होती है, वहां पर उन्हें सरकार की तरफ से रहने के लिए फ्री में घर दिया जाता है। इस घर के बदले एसडीएम अधिकारी से कोई भी किराया नहीं लिया जाता है।

इसके अलावा एसडीएम अधिकारी की सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से सुरक्षा गार्ड भी दिए जाते हैं तथा एसडीएम अधिकारी के घर के कामों को करने के लिए नौकर, माली और बावर्ची भी सरकार की तरफ से ही दिया जाता है।

साथ ही एसडीम अधिकारी के आवागमन के लिए सरकारी गाड़ियां भी एसडीम अधिकारी को मिलती है और अगर एसडीम अधिकारी कहीं टूर पर जाते हैं तो उन्हें ठहरने के लिए हाई क्लास घर दिया जाता है।

एसडीम अधिकारी को रेलवे में मुफ्त यात्रा का अधिकार होता है। इसके अलावा गाड़ी चलाने के लिए एसडीएम अधिकारी को ड्राइवर भी दिया जाता है, साथ ही एसडीएम अधिकारी को पीएफ और ग्रेजुएटी का लाभ भी मिलता है।

■ सब डिविजनल मजिस्ट्रेट बनने के तरीके

एसडीएम का पद सिविल सर्विस सेवा के अच्छे पदों में से एक पद माना जाता है। इसके अलावा हमारे समाज में एसडीएम को बहुत ही सम्मान की नजरों से देखा जाता है और यह बड़े ही अच्छे तरीके से अपने जिंदगी का मजा लेते हैं।

हर राज्य एसडीएम के चयन के लिए साल में एक बार परीक्षा का आयोजन अवश्य करवाता है, शायद आपको पता ना हो परंतु आप दो तरह से एसडीएम बन सकते हैं।आइए दोनों के बारे में जानते हैं।

– यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के द्वारा

एसडीएम बनने का पहला तरीका है कि आप यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली सिविल सर्विस सेवा की परीक्षा को पास करें और इस परीक्षा में शामिल होने के लिए सबसे पहले आपको अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करनी होगी।

क्योंकि एसडीएम बनने के लिए आपका ग्रेजुएशन होना जरूरी है। आप अपना ग्रेजुएशन किसी भी सब्जेक्ट से कर सकते हैं। इसके बाद जब आप यूपीएससी की परीक्षा को पास कर ले तो, फिर आपको आईएएस ऑफिसर की शुरुआत में एसडीएम की पोस्ट मिलती है और जब आपके कुछ साल बीत जाते हैं तब आपको डिस्टिक मजिस्ट्रेट की पोस्ट मिलती है।

– स्टेट पीसीएस एग्जाम के द्वारा

एसडीएम बनने का दूसरा तरीका है कि आप स्टेट पीसीएस की परीक्षा में अपना आवेदन दें और इस परीक्षा में शामिल होकर इस परीक्षा को सफलतापूर्वक अच्छे अंको से पास करें।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस परीक्षा में शामिल होने के लिए भी आपको ग्रेजुएट होना जरूरी है।

आप अपने ग्रेजुएशन की डिग्री किसी भी विषय में कर सकते हैं। जब आप स्टेट पीसीएस की परीक्षा को दे देंगे, तो फिर आप अगर टॉप रैंक में आते हैं, तो ट्रेनिंग होने के बाद आपको सीधा एसडीम की पोस्ट मिल जाती है और फिर कुछ साल बीत जाने के बाद आपको डीएम की पोस्ट प्राप्त होती है।

अगर कोई अभ्यर्थी पीसीएस एग्जाम को पास कर लेता है, परंतु वह टॉप रैंक में नहीं आता है तब भी वह उसके पास एसडीएम बनने का मौका होता है।अगर वो टोप रैंक में नहीं आता है, तो ऐसी अवस्था में एसडीएम बनने के लिए राज्य पीसीएस परीक्षा को पास करने के बाद उसे नायब तहसीलदार की पोस्ट मिलती है और फिर 20 साल के बाद जब उसका प्रमोशन हो जाता है, तब वह एसडीएम बनता है।

■ एसडीएम की परीक्षा का आयोजन कौन करता है

इस परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग करवाता है। संघ लोक सेवा आयोग को हिंदी में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन कहा जाता है।यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन इसके अलावा भी अन्य कई परीक्षाओं का आयोजन करवाता है।

■ संघ लोक सेवा आयोग क्या है

शायद आपको पता ना हो परंतु आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब हमारा भारत देश आजाद नहीं हुआ था और जब हमारा भारत देश अंग्रेजों की कैद में था, तब आईएएस की परीक्षा का आयोजन इंग्लैंड में किया जाता था

परंतु जब हमारे भारत देश के राष्ट्र वादियों को इसके बारे में पता चला, तब हमारे भारत देश के राष्ट्र वादियों ने काफी लंबा आंदोलन करके अंग्रेज सरकार से इसे भारत में ट्रांसफर करने की मांग की थी।

इसके बाद पहली लोक सेवा आयोग की स्थापना अक्टूबर के महीने में साल 1926 में हुई थी और जब हमारा भारत देश अंग्रेजों से आजाद हो गया, तब इसे संघ लोक सेवा आयोग का नाम दिया गया।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग की स्थापना हमारे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत की गई है।

■ संघ लोक सेवा आयोग कौन- कौन सी परीक्षा का आयोजन करता है

वर्तमान के समय में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन 24 सर्विस के लिए विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन हर साल करवाता है। इसमें से मुख्य नाम इस प्रकार हैं।

  • भारतीय अभियांत्रिकी सेवा
  • भारतीय आर्थिक और सांख्यिकी सेवा
  • भूगर्भ सेवा
  • भारतीय प्रशासनिक सेवा
  • भारतीय पुलिस सेवा
  • भारतीय राजस्व सेवा
  • विशिष्ट श्रेणी रेलवे प्रशिक्षु सेवा
  • संयुक्त चिकित्सा सेवा
  • केंद्रीय पुलिस सेवा
  • संयुक्त रक्षा सेवा
  • राष्टीय रक्षा सेवा

■ सब डिविजनल मजिस्ट्रेट बनने के लिए शैक्षिक योग्यता

अगर आप एसडीएम बनना चाहते हैं या फिर भविष्य में एसडीएम बनने की इच्छा रखते हैं तो आपको यह जानकारी रखना अति आवश्यक है कि एसडीएम बनने के लिए आपको कितनी पढ़ाई करनी पड़ेगी।

अगर आप नहीं जानते तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एसडीएम बनने के लिए आपको ग्रेजुएशन की डिग्री लेनी होगी, हालांकि इसमें विषय की कोई बाध्यता नहीं है। आप अपना ग्रेजुएशन किसी भी विषय से कर सकते हैं।

■ एसडीएम बनने हेतु आयु सीमा

एसडीएम बनने के लिए अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग उम्र सीमा निर्धारित की गई है। जो अभ्यर्थी सामान्य वर्ग से संबंध रखते हैं और एसडीएम बनना चाहते हैं, वह कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 40 साल तक एसडीएम बन सकते हैं।

इसके अलावा एससी एसटी, ओबीसी समुदाय को भारतीय संविधान में दिए गए आरक्षण के तहत उम्र सीमा में छूट दी जाती है। sc-st समुदाय से संबंध रखने वाले लोग कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 45 साल तक एसडीएम बन सकते हैं।

इसके साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंध रखने वाले लोग भी कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 45 साल तक एसडीम बन सकते हैं तथा जो दिव्यांग जन हैं वह कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 55 साल तक एसडीएम बनने की कोशिश कर सकते हैं।

■ कितनी बार दे सकते हैं एसडीएम की परीक्षा

एसडीएम की परीक्षा भी विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग निर्धारित की गई है। सामान्य वर्ग से संबंध रखने वाले अभ्यर्थी एसडीम की परीक्षा अधिकतम 6 बार दे सकते हैं।

ओबीसी समुदाय से संबंध रखने वाले अभ्यर्थी अधिकतम 9 बार दे सकते हैं। एससी एसटी समुदाय के लोग जितनी मर्जी उतनी बार एसडीएम बनने की परीक्षा दे सकते हैं।इनके लिए अधिकतम प्रयास की कोई भी सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

■ एसडीएम बनने के लिए नागरिकता

भारत में रहने वाले लोग एसडीएम बनने के लिए आवेदन दे सकते हैं, हालांकि इसके लिए उनके पास भारतीय नागरिकता होना जरूरी है।इसके अलावा नेपाल और भूटान के नागरिक भी भारत में एसडीएम बनने के लिए पढ़ाई कर सकते हैं और एसडीएम बन सकते हैं।

■ एसडीएम बनने हेतु चयन प्रक्रिया

अन्य नौकरियों की तरह ही एसडीएम की नौकरी प्राप्त करने के लिए आपको तीन चरणों से गुजरना होता है, जिसमें सबसे पहले आपसे प्रारंभिक परीक्षा ली जाती है। इसके बाद आपको मुख्य परीक्षा में शामिल होना होता है और सबसे आखरी में आपको इंटरव्यू देना होता है।

जब आप इन्हीं तीनों चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं, तो फिर आपको ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है और फिर उसके बाद ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आपको पोस्टिंग दे दी जाती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपकी ट्रेनिंग के दरमियान आप की जितनी भी तनख्वाह बनती है, वह आपको ट्रेनिंग पूरी होने के बाद दी जाती है, मतलब कि आप को ट्रेनिंग के भी पैसे मिलते हैं।

■ सब डिविजनल मजिस्ट्रेट बनने के लिए प्रारंभिक परीक्षा का पैटर्न

– सामान्य ज्ञान-1
200 अंक

– सामान्य ज्ञान- 2
200 अंक

■ सब डिविजनल मजिस्ट्रेट बनने के लिए मुख्य परीक्षा का पैटर्न

– हिंदी
150 अंक

– निबंध
150 अंक

– सामान्य अध्ययन 1
200 अंक

– सामान्य अध्ययन 2
200 अंक

– सामान्य अध्ययन 3
200 अंक

– सामान्य अध्ययन 4
200 अंक

– वैकल्पिक विषय पेपर 1
200 अंक

-वैकल्पिक विषय पेपर 2
200 अंक

■ सब डिविजनल मजिस्ट्रेट का इंटरव्यू

जो अभ्यर्थी एसडीएम बनने के लिए प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा को पास कर लेते हैं उन्हें सबसे आखरी में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इस इंटरव्यू में अभ्यर्थी के मानसिक स्तर को समझने के लिए विभिन्न प्रकार के सवाल पूछे जाते हैं।

इस इंटरव्यू में इंटरव्यू लेने वाले लोगों की टीम द्वारा कुछ ऐसे सवाल पूछे जाते हैं, जिनका जवाब सोचने में काफी आसान होता है, परंतु उसका जवाब काफी मुश्किल होता है।

इसलिए जब भी अभ्यर्थी इंटरव्यू देने के लिए जाएं, तब एकदम शांति से बैठे और इंटरव्यू लेने वाले लोगों की टीम की पूरी बातों को ध्यान से सुने और उसके अनुसार ही एकदम शांति से और धैर्य पूर्वक अपना जवाब दें।

■ सब डिविजनल मजिस्ट्रेट का अधिकार

एसडीएम का पद सरकारी पद होता है, इसीलिए इन्हें सरकार की तरफ से कुछ अहम निर्णय लेने के लिए स्वतंत्रता दी गई है, आइए उनके बारे में जानते हैं।

एसडीएम के पास अपने क्षेत्र में शांतिपूर्ण चुनाव करवाने का अधिकार होता है एवं चुनाव आचार संहिता का पालन सही ढंग से हो रहा है या नहीं यह देखना भी एसडीम का काम ही होता है।

इसके अलावा सरकार ने एसडीएम को अलग-अलग प्रकार के प्रमाण पत्र को स्वीकार करने और प्रमाण पत्र को जारी करने का अधिकार भी दिया हुआ है। जैसे आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र,डोमासाइल सर्टिफिकेट, कैरेक्टर सर्टिफिकेट,जाति सर्टीफिकेट इत्यादि

इसके साथ ही एसडीएम का विभिन्न प्रकार के लाइसेंस के अपडेशन की देखरेख करने का अधिकार भी सरकार ने दिया है।इसके साथ ही अगर किसी शादीशुदा महिला की मौत शादी के 7 साल के अंदर हो जाती है, तो एसडीएम चाहे तो अपनी पावर से उसकी मौत की जांच करवा सकता है।

■ एसडीएम अधिकारी बनने के लिए तैयारी कैसे करे

जैसा कि आप जानते हैं कि किसी भी परीक्षा को पास करने के लिए एक निश्चित रणनीति के तहत काम करना होता है।

क्योंकि हमने आपको पहले ही बता दिया है कि एसडीएम का पद काफी जिम्मेदारी वाला पद होता है, इसलिए हमारी भारतीय सरकार यही चाहती है कि इस पद पर ऐसे ही लोगों का चयन हो जो वाकई में इसके हकदार हो और इसीलिए एसडीएम की परीक्षा को इस प्रकार से बनाया गया है कि केवल योग्य व्यक्तियों का ही चयन इसमें हो सके

और इसीलिए एसडीएम बनने के लिए आपको विशेष तौर पर तैयारी करनी होती है आइए जानते हैं कि एसडीएम बनने के लिए तैयारी कैसे करें।

1: एसडीएम के पद तक पहुंचने के लिए अभ्यर्थियों को काफी संयम रखना पड़ता है। अगर इसमें आपका मनोबल जरा सा भी कमजोर हुआ तो आप अपनी मंजिल से भटक जाएंगे और आप अपनी मंजिल को प्राप्त नहीं कर पाएंगे।

इसलिए जब आप आप अपने मन में यह बात ठान ले कि मुझे एसडीएम बनकर ही रहना है तभी इस क्षेत्र में अपना कदम आगे बढ़ाए, क्योंकि जिस व्यक्ति का मनोबल कमजोर होता है, वह कुछ नहीं कर पाता क्योंकि उसका दिमाग यहां-वहां भटकता है इसीलिए अपने मनोबल को मजबूत बनाएं।

2: जब आप यह निश्चय कर लें कि मुझे एसडीएम बनना है, तो इसके बाद आपको एसडीएम की परीक्षा के पाठ्यक्रम को अच्छे से समझना होगा। आपको एसडीएम की परीक्षा के प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम को बहुत ही गंभीरता से लेना होगा

और दोनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग योजना बनानी होगी तथा सिलेबस के सभी पॉइंट को मार्किंग करते हुए क्लियर करते जाएं की आपको क्या-क्या बातें जाननी और सीखनी है, क्योंकि किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए परीक्षा के पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है।

3: पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद आपको इसका रिवीजन अवश्य करना है क्योंकि रिवीजन करने से आपने जो भी पड़ा है या सीखा है वह आपको अवश्य याद रहेगा।

आप जितना ज्यादा रिवीजन करेंगे, आपकी परीक्षा में सफल होने के उतनी ही ज्यादा चांस होंगे, क्योंकि बार-बार रिवीजन करने से आदमी के दिमाग में वह बातें बैठ जाती है, जो उसने पढ़ी या सिखी होती है।

4: एसडीएम की परीक्षा की अच्छे से तैयारी
करने के लिए आपको अपने खुद के नोट्स अवश्य बनाने चाहिए, क्योंकि अगर आपके खुद के नोट है तो आपको अधिक समय तक सभी चीजें यह याद रहेगी

5:इसके अलावा अपनी तैयारी करने के लिए आपको एक टाइम टेबल का निर्माण भी करना होगा, क्योंकि टाइम टेबल का निर्माण करने से आपको यह बातें पता रहेंगी कि, आपको कौन से दिन किस विषय का अध्ययन कितनी देर तक करना है।

टाइम टेबल बनाने से आपकी कमांड सभी विषयों पर समान रूप से बनी रहेगी और आप अच्छे से अपनी तैयारी कर पाएंगे। जैसे आपने जिम में देखा होगा कि जिम में हर दिन अलग-अलग कसरत करवाई जाती है और हर दिन अलग-अलग कसरत करने से ही आदमी के सभी अंगों पर पर असर पड़ता है

और उसकी बॉडी बनती है, इसी तरह एसडीएम की परीक्षा में सफल होने के लिए टाइम टेबल का भी महत्व है, क्योंकि जब आप सभी विषयों पर समान रूप से ध्यान देंगे तो आपको सभी बातों की जानकारी प्राप्त होगी।

6: आपने जो भी पढा है या जो भी सीखा है समय-समय पर उसे चेक करते रहें, इसके अलावा एसडीएम की परीक्षा में सफल होने के लिए आप इसके मॉडल टेस्ट पेपर को भी हल करने का प्रयास करें। इसके अलावा आप चाहे तो ऑनलाइन मॉक टेस्ट में भाग ले लेकर भी अपनी तैयारी परख रख सकते हैं

साथ ही अगर हो सके तो, एसडीएम के पिछले 5 सालों के क्वेश्चन पेपर को इकट्ठा करने का प्रयास करें और उनके पैटर्न और प्रश्नों को समझें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एसडीएम की परीक्षा के प्रश्न पत्र आपको ऑनलाइन आसानी से प्राप्त हो जाएंगे।

7: इसके अलावा अगर आप एसडीएम की तैयारी करना चाहते हैं, तो आप अपने घर के आस-पास स्थित किसी अच्छे कोचिंग इंस्टिट्यूट का सहारा भी ले सकते हैं और अगर आपके घर के आसपास कोई अच्छा कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं है तो आप ऑनलाइन यूट्यूब के माध्यम से भी अपनी पढ़ाई कर सकते हैं

क्योंकि आज के समय में यूट्यूब पर एजुकेशन से रिलेटेड ऐसे कई चैनल है, जहां पर सिर्फ एसडीएम ही नहीं बल्कि अन्य बड़ी-बड़ी परीक्षा की तैयारी भी करवाई जाती है। यूट्यूब पर विभिन्न चैनल मौजूद है,जहां से आप अपने इंटरेस्ट के हिसाब से चैनल का चुनाव पढ़ाई करने के लिए कर सकते हैं।

8: इसके अलावा एसडीएम की तैयारी करने के लिए रोजाना अखबार और मैगजीन अवश्य पढ़ें, क्योंकि इससे आपको करंट अफेयर के बारे में बहुत सी जानकारियां प्राप्त होती है।इससे आपको यह पता भी होगा कि आपको किसी विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए ज्यादा रिसर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी

साथ ही पहले से ही अगर आप एसडीएम बनने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको दसवीं कक्षा में उन विषयों को चुनना चाहिए, जिसमें आपको इंटरेस्ट हो और जिसे आप सिविल सर्विस के दौरान चुन सके। अगर आपके पास अपनी पसंद का विषय है तो आपको तैयारी करने में काफी आसानी होगी।

9: इसके अलावा ऐसे लोगों से मिलने का प्रयास करें जो एसडीएम बनने की कोशिश कर रहे हैं या फिर एसडीएम की तैयारी कर रहे हैं और उनसे उनके अनुभव के बारे में जानकारी प्राप्त करें, क्योंकि जो जिस फील्ड में होता है, उसे उस फील्ड के बारे में अच्छी नॉलेज होती है, इसलिए ऐसे लोग आपको काफी जानकारी प्रदान कर सकते हैं।

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आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था SDM का फुल फॉर्म क्या है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको sdm के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी.

अगर आको ये पोस्ट अच्छी लगी तो प्लीज इसको लाइक और शेयर जरुर करे. धन्येवाद दोस्तों|

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