संगठन में शक्ति है कहानी – एकता में बल होता है स्टोरी



संगठन में शक्ति है कहानी – हेल्लो फ्रेंड्स कैसे हो आप लोग आज एक और बहुत ही अच्छी स्टोरी हम आपके साथ शेयर कर रहे है और इस कहानी में आपको पता चलेगा की एकता में बल होता है.

दोस्तों आज के ज़माने में हर कोई स्वार्थी हो चूका है और कोई भी मिल जुल कर काम करने में विश्वास नहीं करता है. तो दोस्तों इस कहानी को पढने बाद आपको पता चल जायेगा की संगठन में ही शक्ति होती है. तो चलिए दोस्तों आज की स्टोरी की शुरुवात करते है.

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संगठन में शक्ति है कहानी
एकता में बल होता है स्टोरी

Sangathan Me Shakti Hai Par Kahani Story

किसी गांव में एक बहुत बूढ़ा किसान रहता था. उसके चार बेटे थे जो हमेशा एक दूसरे से लड़ाई झगड़ा करते हैं और मिल-बांटकर कभी भी काम नहीं करते थे. किसान अपने चारों बेटों को बहुत समझाने की कोशिश करता लेकिन उन लोगों के दिमाग में कुछ घुसता ही नहीं था.

यह देखकर उस बूढ़े किसान को बहुत ज्यादा दुख होता था और वह बहुत ज्यादा परेशान रहता था. एक बार बूढ़ा किसान बहुत ज्यादा बीमार हो गया और उसको लगने लगा कि अब मेरा बचना बहुत ज्यादा मुश्किल है और मेरी मृत्यु हो जाएगी.

किसान ने अपने चारों बेटों को तुरंत ही अपने पास बुलाया और उन्हें लकडियो का बंधा गट्ठर लेन को कहा. उसके पुत्र लकडियो का गट्ठर लेकर आते है. किसान ने बारी बारी से अपने चारों लड़कों से कहा कि एक एक कर के आओ और इस लकड़ी के गट्ठर को तोड़ो.

सभी किसान के चारों लड़के एक-एक करके आते हैं और लकड़ी के गट्ठर को तोड़ने की कोशिश करते हैं लेकिन अपनी पूरी ताकत लगाने के बावजूद भी किसान के एक भी पुत्र ने उस लकड़ी के गट्ठर को तोड़ने में कामयाबी हासिल नहीं कर पाई.

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जब किसान के सभी पुत्रों ने हार मान ली तब किसान लकड़ी के गट्ठर को खोलता है और उस गटर में से एक एक लकड़ी अपने चारों पुत्र के हाथ में दे देता है. उसके बाद किसान कहता है कि अब अपने अपने लकड़ियों को तोड़ने की कोशिश करो.

किसान के चारों पुत्र ने बड़ी आसानी से और बड़े आराम से अपनी-अपनी लकड़ी तोड़ डाली. उसके बाद उस बूढ़े किसान ने अपने चारों पुत्रों को समझाया कि जिस तरीके से तुमने इतनी मोटी लकड़ी के गट्ठर को तोड़ दिया उसी तरीके से यदि आप मिलजुलकर काम करोगे तो आप मुसीबत से मुसीबत काम को बहुत आराम से कर पाओगे और आप लोगों का कोई भी कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा.

लेकिन यदि तुम एक दूसरे से हमेशा लड़ते झगड़ते रहोगे और मिल-जुलकर एक दूसरे के साथ काम नहीं करोगे तो हमेशा तुम्हारी हार होगी और कोई भी तुम्हें आसानी से हानि पहुंचा सकता है.

अपने पिताजी की यह बात सुनकर चारों बेटों को पता चल गया है कि हमें हमेशा मिलजुल कर काम करना चाहिए.

शिक्षा – दोस्तों इस कहानी से हम लोगों को यह शिक्षा मिलती है कि चाहे काम कितना भी ज्यादा मुश्किल क्यों ना हो एकता में बल होता है और संगठन में शक्ति होती है. इसलिए हमको हमेशा मिलजुल कर काम करना चाहिए और एक दूसरे का साथ देना चाहिए. यदि आप लोग मिल जुलकर रहोगे तब आप कठिन से कठिन काम बहुत ही आसान तरीके से कर पाओगे.

आपकी और दोस्तों

दोस्तों ये था संगठन में शक्ति है पर कहानी ( एकता में बल होता है स्टोरी ) हम उम्मीद करते है की आज की ये कहानी पढने के बाद आपको जरुर बहुत अच्छी सीख मिली होगी और आपको पता चल गया होगा की एकता में बहुत ताकत होती है.

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संगठन में शक्ति है कहानी – एकता में बल होता है स्टोरी
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