गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड के लिए सैड शायरी | Sad Shayari For Girlfriend Boyfriend

नमस्कार दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपके साथ बहुत ही सैड शायरी की कलेक्शन शेयर करने वाले है जिसको आप अपने बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड के साथ शेयर कर सकते हो.

दोस्तों ये शायरी इतने ज्यादा उदास कर देने वाले है जी अगर इसको कोई भी लड़का या लड़की पड़ती है तब उनका दिल पूरी तरह से पिघल जायेगा.

Sad Shayari For Girlfriend Boyfriend

गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड के लिए सैड शायरी

Sad shayari in hindi

1
जिंदगी कुछ इस तरह चल रही है
उसके बिना अब ये रात कहा कट रही है
एक वक्त था जब हम दोनो दिल्लगी करते थे
अब तो जिंदगी हर रोज मर रही है।

2
ये प्यार मोहब्बत शायद मेरी किस्मत मैं नही है
हमसफर मिला पर वो शायद दुआओं मैं नही है
खुदा भी देकर छीन लेता है
सुकून मेरी जिंदगी मैं ही नहीं है।।

3
मुझे छोड़कर तेरा किसी और से बात करना
आज भी बहुत खलता है
ये जो मेरे हाथ मैं गुलाब है
ये मेरे पैर के कांटो पर बहुत हंसता है।।

4
वो मुझे कुछ नहीं समझती है
मैं उसे जान समझता हूं
वो प्यार नही करती मुझसे
मैं फिर भी उसे अपनी मोहब्बत समझता हूं।।

5
जो नही मिलता उसी से प्यार होता है
जिंदगी मैं उसी का इंतजार होता है
लोग कहते है उसे बेवफा
पर हमे फिर भी उस पर एतबार होता है।।

6
जिंदगी कुछ इस तरह से कट रही
राते सुनी और दर्द मैं बंट रही है
लोग कहते है मुझे पागल
मोहब्बत मैं मेरी जान जल रही है।।

7
मैं अकेला हूं अब किसी का साथ नही चाहिए
मुझे अब किसी का हाथ नही चाहिए
लोग से दूर जा चुका हूं मैं
मोहबब्त का अब दर्द नही चाहिए।।

8
कुछ सफर अधूरे रह जाते है
कुछ वादे टूट जाते है
जिंदगी कहा मिल पाती है किसी को
एक हम ही है जो अकेले रह जाते है।।

9
वो कहती है कोई उसे प्यार करता है
पर क्या वो मुझसे ज्यादा इंतजार करता है
मेने तो इश्क में सब दे दिया तुझे
क्या वो तुझे जान से ज्यादा प्यार करता है।।

10
किसी के लिए कोई नही रुकता
सब आगे बढ़ जाया करते है
जिंदगी मैं मिलते है कुछ लोग
जो सबक सिखा जाया करते है।।

11
वो कहती है अब मैं उसका नही रहा
या फिर ये कहूं उसे मुझ पर एतबार नही रहा
पहले करती थी वो मुझे प्यार
अब मैं उसका यार नही रहा।।

12
हमसे किया मोहब्बत के वादे
अब वो कही और निभा रहे है
कहते थे मर जाएंगे तुम्हारे बिना
आज वो किसी और के साथ
जिंदगी बिता रहे है।।

13
दिल टूटा है तो फिर सवाल क्या करना
अब उस मोहब्बत का इंतजार क्या करना
जिसमे दर्द के सिवा कुछ नहीं मिला
अब उससे क्या प्यार करना।।

14
अब ये झूठी हमदर्दी किसे दिखा रहे हो
मिया तुम हमे पागल बना रहे हो
तुम कहते हो हम तुम्हारे लिए सब कुछ है
और तुम किसी और से इश्क लड़ा रहे हो।।

15
इश्क मोहब्बत अब मुझे रास नहीं आती
तुम मुझसे थोड़ा दूर रहा करो
और जो कहते हो अपने आप को अच्छा
तो हमे जेसो से दूर रहा करो।।

16
अब कितना दर्द है बतलाऊ क्या
तुम पास नही हो तो मर जाऊं क्या
जब तुम खुश हो मेरे बगैर किसी गैर के साथ
अब भी तुमसे मोहब्बत का फर्ज निभाऊ क्या।।

17
हम भी कहानियां लिखने में मशूरूफ रहा करते थे
उनको अपनी जान कहा करते थे
पर जब धोका दे दिया उसने हमे
तो खुद को ही फिर पागल कहा करते थे।।

18
भारी महफिल मैं मुझे पागल कहा गया
जिससे की मोहब्बत उसके सामने रुसवा किया गया
अब कहती है मैं नही थी ऐसी मजाक किया था
पर जरा सोचो मेने कैसे वो दर्द का घूंट पिया था।।

19
अपने आप को अच्छा बताया करती है
मुझसे बोलकर झूठ किसी और से मिलने जाया करती है
मैं कहता हु उसे कहा गई थी जान
पर वो सच को जगह मुझे पागल बनाया करती है।।

20
जब से तुम गई हो तब से
इन रातो मैं मेरा बसेरा हो गया
लोग कहते है मुझे बुरा
पर मैं तो अब किस्मत का मारा हो गया।।

21
उसकी याद मैं आज फिर सिगरेट जला ली हमने
दर्द थोड़ा कम हो जाएगा शराब की बोतल उठा ली हमने
हर तरफ सबकी मोहब्बत के चर्चे थे
जब बात हम पर आई तो नजरे झुका ली हमने।।

22
दर्द शायद थोड़ा कम हो जाएगा
जब उसका नाम लिया जाएगा
मैं कोई नही लगता हु उसका
क्या वो फिर भी मेरा हो जाएगा।।

23
अब कुछ कहने को दिल नही करता
हमे अब जीने का मन नहीं करता
उसके बिना कहा जिंदगी है हमारी
हमे तो अब कुछ अच्छा नही लगता।।

24
दिल ने कुछ तरह भरोसा किया था
हमने मोहबब्त पर ऐतबार किया था
जब तोड़ दिया उसने यकीन हमारा
हमने फिर भी उसका साथ दिया था।।

25
वो अब भी कहते है हम पर यकीन करो
उन्हें जाकर कोई ये बताओ
टूटे हुए सीशे कभी जुड़ा नही करते।।

26
बात अगर उस पर आती थी
मैं सबसे लड़ जाया करता था
वो उड़ाती थी मेरा मजाक
मैं फिर भी हंस जाया करता था।।

27
अब कुछ दिन और जीना है मुझे
फिर तो दर्द मैं मरना है मुझे
वो तो अब कभी लौटकर नहीं आएगा
फिर भी उसका इंतजार करना है मुझे।।

28
अभी भी वो झूठ बोले जा रही है
मुझे झूठा और खुद को सच्चा बता रही है
मैं तो मोहब्बत के हाथो मजबूर हूं
पर वो मेरी मोहब्ब्त का मजाक बना रही है।।

29
अपनी आदत लगाकर छोड़ जाया करते है
वो फिर हमे बड़े सताया करते है
हम मर जाएंगे उनके बिना पता है
फिर भी हमे रोज रुलाया करते है।।

30
झूठ बोला जाए वो अच्छा है
खुद को संभाला जाए तो अच्छा है
जब रहा नही वो हमारा
तो उसे दिल से निकाला जाए तो अच्छा है।।

31
अब जब दिल टूट गया है
तो फिर सवाल क्या करना है
जिंदगी कितनी बची है हमारी
हमे तो एक दिन मरना है।।

32
आज फिर कुछ ऐसा आलम आया है
उसमे झूठ बोल कर हमे फिर तड़पाया है
हम कहते रहे क्या कर रही हो
पर उसने हमे सच ना बताया है।।

33
कुछ इस तरह साए में जिंदगी गुजार देंगे
तेरी मोहब्बत को दिल मैं रख लेंगे
तू तो ना हो सका हमारा
पर हम तेरी बेवफाई की भी लाज रख लेंगे।।

34
अब तक नही आई वो
पता नही कब आएगी
किसी और के इंतजार मैं होगी
और बहाना हमसे बनाएगी।।

35
तुम ना लिखो तो ही अच्छा है
मोहब्बत का ये किस्सा ही अच्छा है
वो जब है खुश किसी गैर के साथ
तो उसका वही रहना ही अच्छा है।।

36
जिसको दिल से निकाल फेंकते है हम
उसको दिल मैं बसाया नही करते
वो कितना भी कर के मोहब्बत फिर
उस पर विश्वास जताया नही करते।।

37
जख्म इस तरह भर जाया करते है
हम खुद की चोट पर मरहम लगाया करते है
वो नही आता हमसे मिलने अब
हम फिर भी उसे कॉल मिलाया करते है।।

38
अब क्या किया जाएगा
क्या ऐसे ही रोया जाएगा
लोग कहते रहेंगे हमे बुरा
पर क्या हमे इस दर्द से उभारा जाएगा।।

39
उसने आज फिर खुद को महान बताया है
दर्द मैं था मैं फिर भी अहसान जताया जाता है
वो तो पहले ही दे चुकी है बेशुमार दर्द
आज तो उसने अपना असली रंग दिखाया है।।

40
जिंदगी कुछ इस तरह बिता रहे है
उसके बिना जिंदा है और जिए भी जा रहे है
ये वक्त नही कटता पर हमारा
हम आज भी उसके बिना वक्त बिता रहे है।।

41
मोहब्ब्त मैं कोई सवाल नही होता
एक चला गया तो दूसरे का
जीने वाला हाल नही होता
इश्क तो करना मगर उसमे डूबना मत
वरना मरने का हाल नही होता।।

42
कुछ इस कदर अपना दुःख सबको बता दिया
शायरी लिखी हमने और लोगो को सुना दिया
समझने वाले समझ गए इसको
बाकी लोगो ने ठहाका लगा दिया।।

43
कुछ सवाल आज भी दिल मैं रह जाते है
मलाल कुछ जिंदगी मैं बाकी रह जाते है
वो नही था मेरा मुर्शीद
पर उसके बिना मेरे अधूरे ख्वाब रह जाते है।।

44
अब क्या जीना है उसके साथ
मुझे कुछ समझ नहीं आता
उसके सिवा कोन था मेरा
क्या उसे अब मेरा ख्याल नही आता।।

45
दिन रात एक बंद कमरे मैं बैठकर लिखना
और बस तुझे सोचना इसके अलावा कोई काम ना रहा
खुद को कब का भूल चुका हु मै
मुझे तो अब आराम भी ना रहा।।

46
वो जब से गई है कुछ अच्छा नही लगता
उसके बिना ये जीना कोई जीना नही लगता
जिंदा हूं मैं सच है मगर
उसके बिना अब कुछ अच्छा नही लगता।।

47
अब कुछ दिन अकेले बिताना है
हमे जिंदगी जीना नही गुजारना है
कुछ रास्ते अधूरे थे जिंदगी के
हमे उन सब पर चलते जाना है।।

48
अब नही करता मैं उससे शिकायते
क्युकी वो मेरा नही रहा
मोहब्बत तो कभी थी ही नहीं उसे
पर अब वो मेरा यार भी ना रहा।।

49
अब कुछ दिन ऐसे ही जीना है
उसकी यादों में गम का घुट पीना है
लोग रह जाते है अकेले
पर हमे अब भी उसकी यादों के साथ जीना है।।

50
सफर कुछ इस तरह तय किया जाएगा
जो नही है अब हमारा उसे भुलाया जाएगा
मोहब्ब्त तो दूर की बात है
अब उससे नफरत का रिश्ता निभाया जाएगा।।

51
कर लो आज सितम जितने तुम्हे करने है
पर एक दिन वक्त हमारा भी आएगा
आज दर्द है तो क्या हुआ
कल खुशी का पल भी आएगा।।

52
कितना मनाया मेने उसे कितना रोका
पर वो एक पल भी ना रुकी
मैं हाथ पकड़कर उसका रोता रहा
पर वो एक बार भी ना मुड़ी।।

53
कल तुम भी हमारे जाने का दुःख मनाओगे
आज हम रो रहे है कल तुम भी बहुत पछताओगे
कितने ही हो जाए सितम हम पर
मोहब्बत मैं तुम हमे कभी भुला नहीं पाओगे।।

54
भूल नही पाता मैं उसको और उसकी यादों को
वो हर पल मुझे सताया करती है
याद जब भी आती है उसकी
वो मुझे बहुत रुलाया करती है।।

55
आज हम उसके लिए कुछ ना रहे
कल वो हमारे लिए कुछ नहीं होगा
अगर नही हैं उसे मोहब्बत तो कोई बात नही
अब हमारी तरफ से भी कोई सवाल नही होगा।।

56
वो आज किसी और को हमसफर कहती है
हमे वो अब बिता हुआ कल कहती है
हम कैसे रह पाएंगे उसके बिना
वो तो हम गुजरा हुआ जमाना कहती है।।

57
जब भी पुरानी बात याद आया करती है
हमे बहुत सताया करती है
रो पड़ते है हम उसे याद करके
पर वो हमारे पास नही आया करती है।।

58
अब तो बस सिर्फ खुश रहने की कोशिश किया करते है
पर हम कहा खुश रहा करते है
लोग कहते है बर्बाद हो चुके है हम
पर हम अपनी आदतों से बाज कहा आया करते है।।

59
खत्म ना हुआ ये रिश्ता कभी!
ये और बात है कि उसने कहीं और दिल लगा लिया।
हम बिछड़े जरूर पर
हमने किसी ओर को गले ना लगाया।।

60
आज हम है कल सिर्फ हमारी बातें होंगी।
याद करोगे इतना कि आँशुओ की बरसाते होगी।
पलटोगे पन्ने जिंदगी के ..
तो सिर्फ हमारी यादें होंगी।

61
डाल कर खुद की आदत..
ये लोग कहते है वक़्त नहीं है!
हमने भी दिया उन्हें वक़्त..
बातें तो बहुत है पर अब होती नहीं है।

62
रहो खुद में मसरूफ तुम..
हम भी अब खुद में मगरूर है
एक सलाह दूँ तुम्हें मुफ्त की..
याद हमारी आये तो खुद से ही बातें कर लेना।

63
बहुत तकलीफ देते है वो जख्म…
जो किसी अपने ने दिए हो।
कहे भी नहीं जाते..
ओर सहे भी नहीं जाते!!

64
हर तन्हा रात में उसका नाम याद आता है..
सोचते है कर ले मोहब्बत फिर से ..
फिर से अपनी मोहब्बत का अंजाम याद आता है।।

65
लफ़्ज़ों से सिर्फ बयाँ बातें होती है..
दिल के जज्बात खामोशियों में छुपे होते है।
ना जताना है ना बताना है..
समझ पाओ तो समझ जाओ!

66
अजीब सी कश्मकश में हूँ यारों..
ना बताऊँ किसी को तो कायर..
और बताऊँ किसी को तो शायर!।

67
ये दिल ! बुरा ही सही..
भरे बाजार तो ना कहो..
कुछ दिन तो तुमने भी इसमें गुजारे थे!

68
कहीं तो खुद को खो दिया है..
पुरानी तस्वीरें ये बता रही है..
ऐसे गुमसुदा तो ना थे हम..
खामोशी हर पल ये जता रही है।

69
ये कैसा असर है तेरे इश्क़ का..
हम सवँर के भी रहते है..
मिजाज से उखड़े उखड़े!

70
चाँद की रोशनी में..
अजीब से सुरुर होते है…
दिल भी जाकर उनसे लगता है..
जो दूर होते है !।

71
दो पल की खुशी..
फिर जिंदगी भर का गम..
इस से तो अच्छा है भाई..
इस इश्क़ की बीमारी से दूर रहे हम!

72
भूली बिसरी सारी यादे..
सब जला दूँगा..
उस से कहो थोड़ा सब्र तो करे..
दर्द कम होने दो मैं खुद चला जाऊँगा।।

73
गलती मेरी ये थी कि..
तुझसे इश्क़ कर बैठे..
पर रोवोगे तुम भी जनाब.
की सच्चा प्यार खो बैठे!

74
पता नहीं किस बात पे..
नाराज होकर बैठे है वो..
अक्सर ख्वाबों में मिलती है..
पर बात नहीं करती है !

75
इतना मजाक भी ना बनाया करो यार..
दर्द हमें भी तो होता है..
पत्थर दिल नहीं है हमारा..
चोट खाने पे ये भी रोता है!

76
आजकल कहाँ जरूरत है..
हथियार उठाने की..
घायल करने वाले तो..
जुबान से भी कर देते है !!

77
मुझको उसका आँचल ना मिला..
उसकी जुल्फों का आशियाना ना मिला..
कहा उसने मुझे ही बेवफा..
जब छोड़ने के लिए कोई बहाना ना मिला।

78
मोहब्बत का नतीजा इस दुनियाँ में..
हमने इतना बुरा देखा..
जो कसमें खाते थे वफ़ा की..
हमने उन्हें ही बेवफा देखा।।

79
सोचा नहीं था एक दिन वक्त ऐसा भी आएगा
हम रोते रह जाएंगे और तेरे दिल को सुकून आएगा
हम यहां तड़पते रहेंगे तेरी याद मैं
और तेरे दिल को करार आएगा।।

80
इतनी मोहब्ब्त की मेने
पर उसका कोई फायदा ना हुआ
इश्क का जो अंजाम होना था
वो अंजाम ना हुआ।।

81
अब कुछ यादें हमे उसके संग बिताना है
फिर शायद मोका नही मिल पाएगा
हम तड़पते रह जाएंगे उसके लिए
वो किसी और को हमसफर बनाएगा।।

82
अब कहा तक इतना सब कुछ सह पाऊंगा
मैं तुम्हारा हूं बस यही रह जाऊंगा
तुम मत करो मुझसे मोहब्ब्त
मैं फिर भी तुमको चाहूंगा।।

83
बहुत नींद आती है हम फिर भी नही सोते
तुम्हारा हर पल इंतजार किया करते है
तुम नही रहते हमारे पास
फिर भी तुमसे मोहब्बत किया करते है।।

84
कुछ बाते जो कहनी थी मुझे तुमसे
वो आज भी मुझे याद आती है
तुम नही करते मुझे याद
पर वो मुझे बहुत तड़पाती है।।

85
कुछ तो हमारी मोहब्ब्त का लिहाज किया होता
कुछ तो हमे खुद के काबिल समझा होता
हम तो सिर्फ तुम्हारे थे
हम कभी प्यार से परखा होता।।

86
हर रात तेरा खयाल
और बस तेरा इंतजार रहता है
मुझे बस तुझसे ही प्यार रहता है
लोगो की फिक्र नहीं करता मैं
मुझे तेरी हां का इंतजार रहता है।।

87
दुःख बताने से कोनसा कम हो जाएगा
जो चला गया कौन सा वापस आ जाएगा
मैं नहीं रहता अब किसी के इंतजार में
उसके आ जाने से कौन सा वक्त बदल जाएगा।।

88
जिस हालत में वह मुझे छोड़ कर गया था
मैंने हर रोज गम का घुट पिया था
उसे तो नहीं आई मेरी याद
पर मैंने रातों में भी उसका नाम लिया था।।

89
अब मैं कहा जिंदा रह पाऊंगा
उसके बिना कहा कुछ कर पाऊंगा
जब से वो गई है छोड़कर
मैं कहा कुछ खा पाऊंगा।।

90
अब जब भी उसकी याद आती है
आंसुओ की बरसात ले आती है
मैं रोता रहता हु उसकी याद मैं
पर वो मुझे कहा चुप कराने आती है।।

91
लोग कितनी जल्दी भूल जाया करते है
हमे याद नही रखा करते है
हम करते थे जिससे प्यार
वो हमसे अब दूर जाया करता है।।

92
अब कहा वो पहले जैसी बात रही है
अब कहा वो मोहब्बत की रात रही है
जब मिलते थे हम बेसर्बी
अब कहा वो मुलाकात रही है।।

93
ये दुआ करता हु जहा भी रहो तुम खुश रहो
मैं तो जी लूंगा दर्द के साथ
पर तुम हमेशा खुश रहो।।

94
कभी तेरी खुशी के अलावा कुछ चाहा नही है
मेने तेरे सिवा किसी को चाहा नही है
अगर तू ना रहा तो कोई बात नही
तेरे बाद किसी से प्यार जताया नही।।

95
अब भी तेरी वो बाते याद आती है
मुझे तेरी वो हंसी आती है
रो पड़ता हु हंसते हंसते
जब तेरी बेवफाई याद आती है।।

96
अब नही रहूंगा तेरे बगैर
मैं एक पल मैं मर जाऊंगा
गर रह भी गया जिंदा
तो जिंदा लाश बन जाऊंगा।।

97
अब कुछ सफर मैं बचा नही है
मोहब्बत का आलम रहा नही है
हम दोनो पास नही है अब
और मोहब्बत का कोई जाम बचा नही है।।

98
तुम वादा करती थी ना जाने का
पर आज खुद छोड़कर जा रही हो
मेने कितना रोका तुम्हे
पर तुम मेरा दिल तोड़कर जा रही हो।।

99
तुझे भूल नही सकता
तेरे अलावा किसी को चाहा नही सकता
तू जिंदगी है मेरी
ये भी मैं किसी और को बता नही सकता।।

100
अब रहना तुम अपने उस घर मैं
किसी अजनबी के साथ
हम रहेंगे यह तुम्हारी यादों के साथ
और कुछ अधूरी बातो के साथ।।

101
अब कुछ याद नही आता
तेरे सिवा कोई नही भाता
तुम तो खुश होगी
मगर हमे रोना भी नही आता।।

102
अब कुछ तो रहम कर दे
ए खुदा मुझे मौत ही दे दे
दर्द अब सहा नही जाता
और उसके बिना रहा नही जाता।।

103
मैं नही भूल पाता हु उसे
वो एक पल मैं मुझे भुला दिया करती है
मैं सोचता हु वो मेरी है
और वो किसी और गले लिया करती है।।

104
मेने सोचा था भुला दूंगा उसे
पर अब उसे भुलाया नही जाता
सोचता था रह लूंगा उसके बिना
पर अब ये दर्द सहा नही जाता।।

105
अगर तुम्हे धोका ही करना था
तो मोहब्बत का नाटक क्यों किया
हमसे करके यू वादा वफा का
किसी गैर का साथ क्यों दिया।।

106
तेरे जाने के बाद पाता चला
दुनिया कितनी बड़ी है
मैं तो तुम्हे ही
अपनी दुनिया समझ बैठा था।।

107
मैं अपनी जिंदगी की एक कहानी छोड़ आया हु
कोई ना पढ़ पाएगा मेरे दिल को
मैं उसे अब अधूरा छोड़ आया हू।।

108
कुछ तो बात कर कुछ तो नजरे मिला
ए बेवफा हमसे यू ना दिल चुरा
कितना दर्द दिया है तूने
जरा मुझे हिसाब तो बता।।

109
हर बार हर गम तेरे लिए सहा है
मेने सबसे तेरे लिए लड़ा है
फिर भी तू किसी और की हो गई
जब मेने तुझे इतना प्यार किया है।।

110
शायद मेरी मोहबब्त मैं ही कमी रही गई
मेरी इबादत ही झूठी रह गई
तभी वो मुझे इस कदर छोड़कर चली गई।।

111
अब कहा कुछ अच्छा लगता है
ये सावन भी अधूरा लगता है
जब वो थी तो खुशी थी
अब तो ये महफिल भी सुना लगता है।।

112
सुना है को भी मेरे लिए आंसू बहा रही है
दर्द उसको भी है वो भी जाता रही है
पर जाने के फैसला उसका ही था
अब वो क्यों गम माना रही है।।

113
एक दिन वो भी रोएगा
एक दिन वो भी पछतायगा
जब मैं छोड़कर चला जाऊंगा उसे
वो उस दिन मेरे पास आएगा।।

114
दुनिया दारी से अब क्या लेना है
हमे मोहब्बत से अब क्या लेना है
लोग तो कुछ नही जानते है
हमे अब महबूब से क्या लेना है।।

115
आज जब देखा मेने उसे
वो बड़ा खुश नजर आई थी
शायद वो खुश है उसके साथ
फिर हमसे क्यों मोहब्बत जताई थी।।

116
जब दिल टूट जाता है
तब कुछ अच्छा नही लगता
हमे उसके सिवा अब कोई नही जंचता।।

117
खाना खाया नही जाता है
बिस्तर से उठा नही जाता है
अगर मोहब्बत मैं मिलता है इतना दर्द
तो हमसे ये दर्द सहा नही जाता है।।

118
दर्द के इंतहा हो चुकी है
मुझे तो अब इसकी आदत हो चुकी है
मैं नही करता फिक्र किसी की
बर्बाद होने की अब फितरत हो चुकी है।।

119
कुछ इस तरह जख्म दिए है
उसने कहा भी नही जाता
और उन जख्मों को अब सहा भी नही जाता।।

120
कुछ तो रहम किया होता खुदा
आखिर मुझसे तेरी क्या दुश्मनी थी
जो दर्द दे दिया तूने मुझे
मुझसे तेरी कौनसी दिल्लगी थी।।

121
कितना प्यार कर लूंगा मै उससे
मै कितनी मोहब्बत कर लूंगा
जाने वाले तो चला गया अब
मै उसे कैसे रोक लूंगा।।

122
किसी से दिल की बात मत कहा करो
यहां कोई अपना नहीं है
सब करते है यह दिल का सौदा
सच्चे प्यार कि कोई कद्र नहीं है।।

123
मोहब्बत बहुत थी उनसे हमे
हम उनको बहुत चाहते थे
पर हमारा साथ मंजूर ना था किसी को
सब हमे अलग करना चाहते थे।।

124
उसे बेवफा भी नहीं कह सकता
उसने तो अपना फर्ज निभाया था
मां बाप के कहने पर
उसने ब्याह रचाया था।।

125
जिंदगी से जब उदास हो जाया करता हूं
मै अपने संग एक शाम बिताया करता हूं
अकेले पन मै रहना अब अच्छा लगता है
मै सबसे दूर जाया करता हूं।।

126
अब मुझे किसी से प्यार हो नहीं सकता
अब किसी पर ऐतबार हो नही सकता
वो कितना भी कह ले खुद को सही
पर पर मुझे उससे प्यार हो नही सकता।।

127
आज भी उससे बात हो जाती है
पर अब पहले जैसा रिश्ता नहीं रहा
वो नहीं रही अब मेरी
मुझसे उसका कोई मतलब नहीं रहा।।

128
उसका मतलब निकाल गया अब
वो मुझसे बात नहीं करती
जो पहले बात करने को तरसती थी
वो अब एक मुलाकात भी नहीं करती।।

129
इतना प्यार किया मैने उससे
की उसका मुझसे मन ही भर गया
मै कौन लगता हू उसका अब
उसका तो मुझसे यकीन ही उठ गया।।

130
हमारी मजबूरी तो देखो हम उनसे कुछ कह नहीं सकते
मोहब्बत करते है पर बता नहीं सकते है
वो है किसी ओर की अमानत अब
उस पर अपना हक जता नहीं सकते है।।

131
जिंदगी से मन भर गया मेरा अब
मै तो जीना भी नहीं चाहता
लोग कहते है मै जिंदा हूं
पर मै ऐसी जिन्दगी नहीं चाहता।।

132
जहां हर रोज तकलीफ मिलती है
मुझे दर्द से निजात नहीं मिलती है
ऐसी जिन्दगी का क्या मतलब
जहां मुझे मेरी मोहब्बत नहीं मिलती है।।

133
हर किरदार उनका अच्छा लगता है
हमे उनका प्यार अच्छा लगता है
जब वो फिक्र करते है हमारी
तो हमे उनका मासूम चहेरा अच्छा लगता है।।

134
अब क्या कहे उनके बारे मै हम
उनकी हर अदा प्यारी लगती है
वो बहुत मासूम से बच्ची है
मुझे उसकी शैतानी अच्छी लगती है।।

135
क्या मतलब ऐसी मोहब्बत का
जो सिर्फ हमे तकलीफ देती है
हम कोई नहीं है जिसके
उसे वो हमारा सब कुछ बना देती है।।

136
अपनी जिंदगी को अपने पास रखो
खुद से ज्यादा किसी को अहमियत मत देना
कोई कितना भी कहे यकीन करो मेरा
तुम इस पर कभी भरोसा मत करना।।

137
हर दिल मै बैठा रहता हूं उसके इंतज़ार मै
वो एक दिन तो मेरे पास आएगी
मुझे गले लगाकर वो
प्यार का इजहार कर जाएगी।।

138
जब लिखा है नहीं उसका साथ किस्मत मै
तो किसी को क्या दोष देना
हमारा मिलान खुद को ही मंजूर नहीं
तो फिर किस्मत को क्या दोष देना।।

139
आज फिर वो मुझसे बात कर रही है
आज कोनसा मतलब है उसका मुझसे
जो वो फिर से ये मुलाकात कर रही है।।

140
दिल से जुड़े रिश्तों को भी उसने ठुकरा दिया
अब हम भी उनसे मोहब्बत नहीं करते
वो नहीं रहे अब हमारे
हम भी उनसे कभी मुलाकात नहीं करते।।

141
परेशानियां क्या कर लेंगी मेरा
मै जंग जीतकर आया हूं
किस्मत का लिखा भी मोड़ दूंगा
मै मेहनत से अपना भाग्य लिखने आया हु।।

142
कब तक उसकी याद में रहेंगे
हम तो अब उसे भुला चुके हैं
वो नहीं है अब हमारा
हम तो कबका उसे दिल से निकाल चुके है।।

143
किसी पत्थर को भी तरस आ जाता
पर उसे मुझ पर तरस नहीं आया
मैने कितना चाहा था उसे मुर्शीद
पर उसे मुझ पर कभी प्यार नहीं आया।।

144
जिन्दगी को इस तरह जी रहा हूं मै
उसके बिना भी अब जिंदा रह रहा हूं मै
जिससे बात होती थी रोजाना
अब उससे मुलाकात भी नहीं कर रहा हूं मै।।

145
जब उसे पहली बार देखा था
तभी उसे नजरों मै बसा लिया था
उससे हो गई थी मोहब्बत हमे
उसने हमे अपना दीवाना बना लिया था।।

146
एक पल भी नहीं रहा जाता उसके बिना
हम जिंदगी कैसे गुजार पाएंगे
हर लम्हा सोचा है जिसे हमने
उस हम कैसे भुला पाएंगे।।

147
साथ रहना मेरे मुझे कभी छोड़कर मत जाना
मै उसे हर पल ये कहा करता था
फिर भी वो चली गई मुझे छोड़कर
जबकि मै उससे इतनी मोहब्बत किया करता था।।

148
कितनी लड़ाई करती है वो मुझसे
इतनी मोहब्बत क्यों नहीं करती
मै उसे हर वक्त मनाता हूं
वो मुझसे प्यार क्यों नहीं करती।।

149
हर चालकी उससे ही सीखी है हमने
हम कहा ये दिमाग से खेलने आता था
हम तो दिल के आदमी थे
हमे कहा उसकी तरह फरेब करना आता था।।

150
एक नया रास्ता, एक नया सफर, एक नई मंजिल
की तलाश मै निकला हूं मै
मोहब्बत के दर्द को भुलाकर
जिंदगी की तलाश मै निकला हूं मै।।

151
दुनिया की रहा मै बहुत कांटे मिले है
अब मुझे इन पर चलना आ गया है
कैसे भूलते है किसी को
मुझे वो कला मै पारंगत होना आ गया है।।

152
अब कभी मोहब्बत नहीं करेंगे
अब कभी दिल नहीं लगाएंगे
वो कौन लगते थे हमारे
जो हमे याद आएंगे।।

153
कभी इधर तो कभी उधर चलता हूं
मै पता नहीं जाने किधर चलता हूं
हर तरफ उसकी ही याद है
फिर भी उसके बिना सफर तय करता हूं।।

154
उसकी वो बाते बड़ी याद आती है
जब वो मुझे प्यार से बुलाया करती थी
मै मनाता ता उसको हर बार
जब वो मुझसे रूठ जाया करती थी।।

155
मैने खुद लिखी है अपनी बर्बादी
किसी का इसमें हाथ नहीं है
मैने की थी मोहब्बत खुद
किसी की इसमें कोई ग़लती नहीं है।।

156
एक पल नहीं सोचा उसने जाने से पहले
इस दिल पर क्या गुजर रही होगी
जिसने चाहा उसे हद से ज्यादा
उस पर क्या गुजर रही होगी।।

157
कभी तो आ जाओ वापस हम भी तुम्हे देखना चाहते है
जिस तरह मिला करते थे पहले मिलना चाहते है
तुम्हे जी भर कर देखकर, गले से लगाना चाहते है।।

158
अब कभी किसी मत ऐतबार नहीं करता
मै अब किसी से प्यार नहीं करता
कोई कितना भी कह ले मुझे
अब मै किसी से मोहब्बत नहीं करता।।

159
उसके जाने के बाद दिन
किस तरह से काट रहा हूं मै
रोज मर मर कर जी रहा हूं मै
हर रोज रोता हू उसकी याद मै
तनहाई मै जीवन काट रहा हूं मै।।

160
गए हुए लोग वापस नहीं आते
आज मुझे समझ आया है
कितनी भी कर लो मोहब्बत
जाने वाला चला जाता है
आज मुझे समझ आया है।।

161
अब क्या किसी से मोहब्बत करनी
जो किसी ओर को हो गया
जिसे चाहा हमने जान से ज्यादा
वो किसी ओर के साथ सो गया।।

162
उसकी बेवफाई के किस्से बहुत सुनाया करता हूं मै
उसके अब गले से नहीं लगाया करता हूं मै
बहुत धोका दिया है उसने मुझे
उस पर ऐतबार अब नहीं जताया करता हूं मै।।

163
आज दिल बहुत घबरा रहा है मेरा
पता नहीं क्या होने वाला है
उसकी याद बहुत आ रही है मुझे आज
क्या दर्द फिर से मिलने वाला है।।

164
किसी से मोहब्बत करके
उसको भूल जाना आसान नहीं होता
जहां से शुरू कि थी जिंदगी
उस लम्हे मै वापस जाना आसान नहीं होता।।

165
मिल रहा है दर्द मुझे हर रहा है
अब कोई साथी मददगार नहीं रहा
मैने जब भी पुकारा वो नहीं आया
अब मेरा कोई यार ना रहा।।

166
भूल चुका हूं मै भी उसे अब
जब उसने मुझे भुला दिया है
मै कौन होता हूं उसे याद करने वाला
जब उसने मेरी मोहब्बत को ठुकरा दिया है।।

167
नफ़रत हो चुकी है मुझे अब उस चेहरे से
जिससे कभी मोहब्बत किया करता था
जिसे चाहा था मैने सबसे ज्यादा
जिससे इश्क़ किया करता था।।

168
किसी से कितना भी प्यार कर लो
वो आपको एक दिन छोड़कर चला ही जाएगा
कितना भी कसकर हाथ थाम लो उसका
वो आपको बीच रहा मै छोड़कर चला ही जाएगा।।

169
जिंदगी मै कुछ लोग पुराने है
उनके दिए हुए घाव पुराने है
अभी तक झेल रहा हूं उस दर्द को
उनके वो वादे पुराने है।।

170
मैने नहीं किया था वादा उससे कोई इश्क़ का
मैने तो हर पल उसको चाहा था
उसने मानकर अपना खुदा
उसकी हर खुशी को रब से मांगा था।।

171
उसके बारे मै क्या कहूं मै
वो मुझे सबसे प्यारी लगती थी
कोई नहीं था उसके जैसा
वो मुझे जन्नत की हूर लगती थी।।

172
पहली बार मै ही उसकी निगाहों मै खो गया था
उसको देखते ही उससे प्यार हो गया था
एक नजर देखा था मैने उसके
उससे भी मुझे पहली नजर मै प्यार हो गया था।।

173
आज भी रिश्ता वहीं है बस बात नहीं होती
अब उससे रोज मुलाकात नहीं होती
वो भूल चुकी है मुझे अब
मुझे फिर भी उससे नफ़रत नहीं होती।।

174
लोग कहते है दूर जाने पर भी आपको याद रखेंगे
आपसे हम तब भी मोहब्बत रखेंगे
पर वो झूठ कहा करते थे
कोई नहीं रखता याद सब भूल जाता करते है।।

175
कोई किसी का नहीं लगता
कोई किसी का अपना नहीं होता
सब होते है मतलब इस दुनिया मै
किसी को सच्चा प्यार नसीब नहीं होता।।

176
कोई कद्र नहीं करता सच्चा प्यार कि
क्युकी सबको गलत ही सही लगता है
कोई कितना भी कर ले उससे मोहब्बत
उसे सब झूठ ही लगता है।।

178
झूठ सच का पता नहीं मुझे
पर उसको बहुत चाहा था मैने
उससे ही की थी मोहब्बत
उसे है अपना माना था मैने।।

179
अब नहीं मिलती वो मुझे
अब वो मुझसे बात नहीं करती
मै करता है हर रोज कोशिश
वो मुझसे मुलाकात नहीं करती।।

180
मुझे गलत खुद को सही बता रही है
वो अपने आप को शरीफ बता रही है
मैने जो आंखों से देखा वो झूठ था
वो मुझे आज प्यार का मतलब समझा रही है।।

181
उसकी मासूमियत तो देखो यार
मुझे इश्क की हद समझा रही थी
खुद मुझे धोका देकर
किसी ओर को गले लगा रही थी।।

182
मै चाहता तो उससे बदला ले सकता था
अपने हर दर्द का हिसाब चुका सकता था
पर मैने उससे मोहब्बत की थी
मै उसे कैसे चोट पहुंचा सकता था।।

183
उसने भी माना था मुझे हमसफ़र
वो भी मुझसे मोहब्बत किया करती थी
कभी कभी मै नाराज़ हो जाता था
वो भी मुझे मनाया करती थी।।

184
किस कदर तुम उसे मनाया करती हो
जरा आज हमे भी बता दो
हमसे नहीं की जो मोहब्बत तुमने
उसका कोई कारण भी बता दो।।

185
आज वो किसी ओर की हो गई
मेरा अब उसपर कोई हक़ नहीं रहा
मै कोन होता हूं अब उसे कुछ कहने वाला
जब मेरा उससे कोई रिश्ता ही ना रहा।।

186
उससे मुलाकात हुई मेरी बहुत दिनों के बाद
सुना है वो मुझे आज भी याद करता था
वो भी रोता है मेरे लिए मेरे तरह
मुझसे वो आज भी मोहब्बत करता था।।

187
क्यों चली गई थी मुझे छोड़कर तुम
मेरे प्यार मै क्या कमी रह गई थी
मैने क्या नहीं किया तुम्हारे लिए
जो तुम किसी ओर के पास चली गई थी।।

188
कभी तो पूछो हमारे दिल के हाल
अब किस तरह से जिंदगी गुजार रहे है
तुम्हारे बिना अकेले हो चुके है हम
अब वापस चले आओ
हम कबसे तुम्हे पुकार रहे है।।

189
अब असर नहीं होता किसी बात का मुझ पर
मै पहले से बहुत बदल चुका हूं
जो नहीं करते थे मेरी इज्जत
अब मै उनसे दूर जा चुका हूं।।

190
सफर सुहाना तभी लगता है
जब कोई हमे अपना लगता है
लोगो कि कहा तक सुनते रहंगे हम
हमे तो अपना ही अलग जमाना लगता है।।

191
एक अलग कहानी एक अलग पहचान है मेरी
उसके जाने के बाद भी उसकी याद है मेरी
मुझे कभी नहीं मिलता प्यार दुनिया मै
हर बार दुःख भारी कहानी है मेरी।।

192
कहानियों मै जिंदगी देखने वाले
उनमें अपना हमसफ़र खोजने वाले
अक्सर अकेले रह जाते है
सच्ची मोहब्बत करने वाले।।

193
पूरी जिंदगी हमे किसी के साथ बिताना है
हम उसके साथ हर पल गुजारना है
जिससे कि है मोहब्बत हमने इतनी
एक बार उसे मिलकर गले से लगाना है।।

194
अब मै सो जाया करता हूं उसके बिना
मुझे भी नींद आने लगी है
मै नहीं चाहता उसे याद करना
फिर भी हर रात उसकी याद सताने लगी है।।

195
जिसके लिए सबको छोड़ दिया
हमने उसके लिए सबसे नाता तोड़ दिया
आज वो ही नहीं रहा मेरे पास
उसने है आज मुझे अकेला छोड़ दिया।।

196
जिंदगी मै अब कभी दुबारा मोहब्बत नहीं करूंगा
मै अब किसी की सच्ची इबादत नहीं करूंगा
प्यार मै मिलता है सिर्फ दर्द ओर धोका
मै अब किसी से इजहार नहीं करूंगा।।

197
कितना लिख चुका हूं मै तुम्हे
अब तो कलम भी टूट चुकी है
हर हद से गुजर चुका हूं मै अब
के अब मेरी सांसे भी छूट चुकी है।।

198
अब नहीं चाहिए किसी का साथ
मैने अकेले जीना सीख लिया है
गम के साथ साथ
तन्हाई मै रहना सीख लिया है।।

199
जब भी उसकी याद आया करती है
मै अब रो लिया करता हूं
उसके पुरानी तस्वीर से
जी भरकर बाते कर लिया करता हूं।।

200
सफर जिंदगी का उसके बगैर ही काट रहा है हम
जिंदगी अब तन्हा जी रहे है हम
वो नहीं रहा अब हमारे पास
अकेले ही गम की रातें काट रहे है हम।।

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