RTO अफसर कैसे बने | RTO ऑफिसर बनने के लिए क्या करे

RTO अफसर कैसे बने: हमारा भारत देश एक विशाल जनसंख्या वाला देश है और हमारे भारत देश की आबादी लगभग 130 करोड़ की है और इतनी बड़ी आबादी होने के कारण हमारे भारत देश में कई समस्याएं भी हैं, जिसमें प्रमुख समस्या गरीबी, भुखमरी और बेरोजगारी की है।

जनसंख्या अधिक होने के कारण हमारे भारत देश में कई जगह जरूरी सामानों की कमी ना हो, इसके लिए रोजाना भारत की हाईवे द्वारा हजारों ट्रक भारत के एक राज्य से दूसरे राज्य में सामानों की आवाजाही करते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जो ट्रक खरीदे या बेचे जाते हैं तथा रोड पर चलते हैं, उनके लिए भारतीय सरकार ने आरटीओ विभाग का निर्माण किया है।

आरटीओ विभाग में अनेक प्रकार के काम होते हैं परंतु जो अधिकारी गाड़ियों के नंबर प्लेट जारी करता है या फिर उन्हें फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करता है|

उसे आरटीओ ऑफिसर के नाम से जाना जाता है।अगर आप आरटीओ ऑफिसर बनने में इंटरेस्टेड है और आरटीओ ऑफिसर बन कर अपना कैरियर संवारना चाहते हैं, तो आज के हमारे इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में हम आपको आरटीओ ऑफीसर के बारे में सारी जानकारी देने वाले हैं।

आरटीओ ऑफीसर कैसे बने
आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए क्या करें

RTO officer kaise bane

आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आरटीओ ऑफीसर क्या है, आरटीओ ऑफीसर कैसे बने, आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए कौन-कौन सी योग्यताएं होनी चाहिए|

आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है, आरटीओ ऑफीसर की सैलेरी कितनी होती है, आरटीओ ऑफिसर की पावर कितनी होती है, तो चलिए चलते हैं मुख्य मुद्दे पर और जानते हैं कि आखिर आरटीओ ऑफीसर कैसे बने।

1. आरटीओ बनने के लिए शैक्षिक योग्यता

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफीसर बनने के लिए कोई डायरेक्ट भर्ती नहीं होती है, बल्कि ट्रांसपोर्ट विभाग में काम करने वाले इंजीनियर या फिर असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफीसर प्रमोशन के द्वारा आरटीओ अधिकारी बनते हैं|

परंतु यहां पर आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए जो शिक्षा लगती है, उसकी बात इसलिए जरूरी है कयोंकि ट्रांसपोर्ट इंजीनियर या फिर असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट अधिकारी बनने के लिए भी पढ़ाई की आवश्यकता पड़ती है।

ऐसे अभ्यर्थी जो खुद आरटीओ बनना चाहते हैं या फिर ऐसे माता-पिता जो अपने बच्चों को आरटीओ के पद पर देखना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले 12वीं की कक्षा को पास करना होगा और 12वीं की कक्षा में अच्छे अंक लाने होंगे।

इसके बाद वह पॉलिटेक्निक, ऑटोमोबाइल या मैकेनिकल इंजीनियरिंग का कोर्स कर सकते हैं या फिर मेकेनिकल में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग का कोर्स भी कर सकते हैं, लेकिन सहायक विषय के तौर पर ऑटोमोबाइल का होना भी आवश्यक है।आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए महिला और पुरुष दोनों लोग आवेदन कर सकते हैं।

2. आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए व्यक्तिगत योग्यता

आईटी ऑफिसर बनने के लिए कौन सी पढ़ाई जरूरी होती है, इसकी जानकारी हमने आपको ऊपर बताई है, परंतु आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए सिर्फ पढ़ाई ही जरूरी नहीं होती। इसके अलावा आपके अंदर कुछ व्यक्तिगत योग्यता भी होनी चाहिए। वह कौन सी योग्यताएं हैं, उसकी जानकारी हम आपको नीचे दे रहे हैं।

आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए अभ्यर्थी को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। यह दोनों चीजें महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थियों के लिए लागू होती है।

इसके अलावा जो व्यक्ति आरटीओ ऑफिसर बनना चाहता है, उसके पास मोटर बाइक से लेकर भारी वाहनों को चलाने के लिए वैलिड लाइसेंस भी होना चाहिए।

अभ्यर्थी के पास ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या फिर मैकेनिकल में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री भी होनी चाहिए।

उम्मीदवार के पास कम से कम 1 साल किसी मैकेनिकल वर्कशॉप में काम करने का एक्सपीरियंस होना चाहिए।

अगर किसी व्यक्ति को सभी प्रकार के वाहन चलाना आता है, तो वह काफी शानदार रहेगा।

3. रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफीसर बनने के लिए उम्र

जो लोग सामान्य वर्ग से संबंध रखते हैं, वह लोग 21 साल से लेकर 30 साल तक रीजनल ट्रांसपोर्ट अधिकारी बन सकते हैं। इसके अलावा एससी एसटी समुदाय से संबंध रखने वाले लोगों को रीजनल ट्रांसपोर्ट अधिकारी बनने के लिए उम्र में 5 साल की छूट दी जाती है। यह छूट सरकार द्वारा प्रदान की जाती है, साथ ही ओबीसी समुदाय के लोगों को भी उम्र में 3 साल की छूट सरकार द्वारा दी जाती है।

4. आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए क्या करें

आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए सबसे पहले अभ्यर्थियों को आवेदन करना होता है।
इसमें आवेदन करना बहुत ही आसान है। आरटीओ की परीक्षा पास करने के लिए आपको टोटल दो परीक्षा देनी होती है और फिर उसके बाद आपका इंटरव्यू होता है, जिसे आप को पास करना होता है, तो चलिए जानते है इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में।

5. लिखित परीक्षा

आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए सबसे पहले आपको लिखित परीक्षा में शामिल होना होता है।यह परीक्षा 200 अंको की होती है और इस परीक्षा को देने के लिए आपको 2 घंटे का समय दिया जाता है।

इस परीक्षा में आपसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय में घटित होने वाली वर्तमान की घटनाओं के बारे में, भारत के इतिहास के बारे में, भूगोल के बारे में, आर्थिक और सामाजिक विकास के बारे में, इन्वायरमेंट और सामान्य ज्ञान तथा अंग्रेजी भाषा से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं।

आरटीओ बनने की लिखित परीक्षा में आपको ऊपर बताए गए विषयों का अच्छे से अध्ययन करना होगा, तभी आप इस परीक्षा को पास कर पाएंगे।

6. फिजिकल टेस्ट

जब आप लिखित परीक्षा को पास कर लेते हैं, तो उसके बाद आपका फिजिकल टेस्ट किया जाता है। इसीलिए आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है।

7. इंटरव्यू

लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट को पास करने के बाद अभ्यर्थी का इंटरव्यू लिया जाता है। इसमें इंटरव्यू लेने वाले लोग अभ्यर्थी से उसकी बुद्धि क्षमता से संबंधित सवाल पूछते हैं।

इसके अलावा थोड़े बहुत सवाल करंट अफेयर से भी पूछे जाते हैं और अभ्यर्थी से उसकी बायोग्राफी के बारे में भी पूछा जाता है। जो अभ्यर्थी इस इंटरव्यू को पास कर लेता है उसे फिर आरटीओ ऑफिसर के लिए चुन लिया जाता है और उसे आरटीओ ऑफीसर के पद की नियुक्ति प्रदान की जाती है।

8. आरटीओ ऑफीसर का परीक्षा सिलेबस

आरटीओ ऑफिसर की परीक्षा में सफलता पाने के लिए आपको इसके सिलेबस के बारे में पता होना बहुत ही जरूरी है, तभी आप इसकी पढ़ाई अच्छे से कर पाएंगे। आमतौर पर आरटीओ ऑफीसर बनने की, जो परीक्षा होती है, उसमें नीचे बताए गए विषयो से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं।

  • जनरल नॉलेज
  • जनरल स्टेट भाषा
  • जनरल इंग्लिश
  • जनरल स्टडी
  • ऑप्शनल सब्जेक्ट

9. आरटीओ ऑफिसर की सैलरी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरटीओ अधिकारी की तनख्वाह में बहुत सी रैंक शामिल होती है और आरटीओ ऑफिसर की तनख्वाह उनकी रैंक के हिसाब से अलग-अलग होती है।

हालांकि आरटीओ अधिकारी को महीने की अच्छी तनख्वाह मिलती है। एक आरटीओ अधिकारी को महीने की तनख्वाह के रूप में 20000 से लेकर 45000 रुपए मिलते हैं।इसके अलावा आरटीओ अधिकारी को पीएफ,ग्रेजुएटी का लाभ भी मिलता है।

10. आरटीओ ऑफिसर की तैयारी कैसे करें

आरटीओ की परीक्षा को पास करने के लिए आपको इसकी तैयारी पर विशेष तौर पर ध्यान देना होगा। आप आरटीओ की परीक्षा की तैयारी किस प्रकार कर सकते हैं, इसकी जानकारी हमने नीचे दी है।

आरटीओ की परीक्षा को पास करने के लिए आपको करंट अफेयर को विशेष तौर पर पढ़ना होगा, क्योंकि इसमें अधिकतर सवाल करंट अफेयर से जुड़े हुए ही आते हैं। करंट अफेयर के बारे में जानकारी लेने के लिए आप रोजाना अखबारों और इंटरनेट का सहारा ले सकते हैं तथा यूट्यूब और फेसबुक पर न्यूज़ चैनल भी देख सकते हैं।

इसके अलावा जो अभ्यर्थी आरटीओ की तैयारी कर रहा है, उसकी जनरल अवेयरनेस भी अच्छी होनी चाहिए।

अभ्यर्थी के पास अंग्रेजी, बेसिक गणित और जनरल नॉलेज का अच्छा ज्ञान होना चाहिए।

इसके अलावा आप आरटीओ की तैयारी करने के लिए अपने घर के आस-पास स्थित किसी अच्छे कोचिंग इंस्टिट्यूट का सहारा भी ले सकते हैं या फिर आप घर बैठे ही यूट्यूब के द्वारा भी आरटीओ की परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं, क्योंकि यूट्यूब पर ऐसे कई चैनल है|

जो काफी पढ़े लिखे लोगों द्वारा चलाए जाते हैं और उन चैनलों पर आपको ना सिर्फ आरटीओ बल्कि अन्य परीक्षा की तैयारी कैसे करें, इसके बारे में भी जानकारी बताई जाती है तथा परीक्षा से संबंधित सभी अपडेट दिए जाते हैं।

11. आरटीओ ऑफिसर का काम क्या होता है

आरटीओ विभिन्न प्रकार के काम करता है। अगर कोई व्यक्ति कोई भी नई गाड़ी खरीदता है, तो उसे गाड़ी के कुछ जरूरी कागजात बनवाने के लिए आरटीओ ऑफिस जाना पड़ता है, आइए जानते हैं कि आरटीओ कौन-कौन से काम करते हैं।

12. ड्राइविंग लाइसेंस

हमारे और आपके पास जो ड्राइविंग लाइसेंस होता है, उसे आरटीओ विभाग ही जारी करता है। यह बात तो आप जानते ही होंगे कि किसी भी वाहन को चलाने के लिए आज के समय में ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है।

ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए ड्राइवर को कुछ टेस्ट देने होते हैं और जब वह उन टेस्ट को पास कर लेता है, तो उसे आरटीओ विभाग द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किया जाता है।

इस लाइसेंस पर लाइसेंस कितने साल तक वैलिड है, उसकी डेट लिखी होती है और जब इसकी वैलिडिटी समाप्त हो जाती है, तब आपको आरटीओ ऑफिस में जाकर फिर से इसे रिन्यू कराना पड़ता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप जिस जिले में रहते हैं आपको उसी जिले में जाकर आरटीओ ऑफिस के अंदर लाइसेंस के लिए अप्लाई करना होता है।भारत के हर राज्य में हर जिले में एक आरटीओ ऑफिस होता है।

13. व्हीकल रजिस्ट्रेशन

जब आप या हम कोई नया वाहन खरीदते हैं, चाहे वह स्कूटर हो, बाइक हो, कार हो, ट्रक हो या बस हो तो उस वाहन पर कानूनी तौर पर अपना हक पाने के लिए हमें उस वाहन को आरटीओ विभाग में रजिस्टर्ड कराना होता है।

जब आप आरटीओ विभाग में अपने वाहन को रजिस्टर्ड कराते हैं, तो कुछ दिनों के बाद आरटीओ विभाग आपके वाहन के लिए एक नंबर प्लेट जारी करता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप बिना नंबर प्लेट के अपनी गाड़ी चलाते हैं, तो आपको इसके लिए जुर्माना भरना पड़ सकता है।

14. पॉल्यूशन टेस्ट

आरटीओ विभाग के द्वारा आप की गाड़ियों का पॉल्यूशन लेवल भी टेस्ट किया जाता है और जो वाहन ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं, उनका रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया जाता है। आमतौर पर आज के समय में पॉल्यूशन सर्टिफिकेट 100 रुपए में बनता है।

15. इंश्योरेंस

जब आप या हम कोई नया वाहन लेते हैं या कोई इस्तेमाल किया हुआ वाहन खरीदते हैं, तो आपको उसका इंश्योरेंस कराना भी जरूरी है, क्योंकि अगर कभी आप का वाहन किसी भी प्रकार का एक्सीडेंट करता है,तो आपके वाहन को जो नुकसान होता है, उसकी भरपाई इंश्योरेंस के पैसों से हो जाए।

इंश्योरेंस करने का काम भी आरटीओ विभाग ही करता है परंतु आज के समय में भारत में ऐसी कई प्राइवेट कंपनियां है, जो इंश्योरेंस करने का काम करती है।इसमें श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी व्हीकल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस, एचडीबी इंश्योरेंस मुख्य है।

16. फिटनेस सर्टिफिकेट

जैसा कि आप जानते हैं कि भारत सरकार ने कुछ साल पहले ही 15 साल से अधिक उम्र की गाड़ियों को रोड पर चलने के लिए मना कर दिया है। इसलिए जो गाड़ियां 15 साल से अधिक उम्र की हो गई है, वह अब रोड पर नहीं चल सकती।

अब आप यह सोच रहे होंगे कि आखिर कौन सी गाड़ी कितनी पुरानी है उसका पता कैसे लगता है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरटीओ विभाग अब हर 2 साल में गाड़ियों का फिटनेस चेक करता है और जो गाड़ियां 15 साल से कम उम्र की होती है, उन्हें फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करता है तथा जो गाड़ियां 15 साल से अधिक उम्र की हो जाती हैं, उनका फिटनेस कैंसिल कर देता है।

इसके अलावा आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आपके पास कोई ट्रक है और उसमें इंश्योरेंस है, तो इंश्योरेंस का पैसा पाने के लिए आपके ट्रक का फिटनेस सर्टिफिकेट होना भी जरूरी है।अगर आपके ट्रक का फिटनेस सर्टिफिकेट होगा तभी आपको इंश्योरेंस का पैसा मिलेगा। यह नियम हाल ही में सरकार ने लॉन्च किया है।

17. स्पीड गवर्नर

यह नियम भी हाल ही में सरकार ने लॉन्च किया है।स्पीड गवर्नर एक छोटा सा डिवाइस होता है, जो आपकी गाड़ी की स्पीड को नापने के लिए आपकी गाड़ी में फिट किया जाता है। इस डिवाइस को आपकी गाड़ी में फिट करने के लिए आपको कुछ पैसे आरटीओ विभाग में देने होते हैं।

इसके अलावा आरटीओ ऑफीसर के पास किसी भी गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस पॉलिसी, फिटनेस सर्टिफिकेट को चेक करने का अधिकार होता है और यदि किसी गाड़ी के पास यह सब कागजात नहीं है तो आरटीओ अधिकारी उस गाड़ी और गाड़ी के मालिक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करता है।

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आपकी और दोस्तों

दोस्तों यह था आरटीओ ऑफीसर कैसे बने या आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए क्या करें हम उम्मीद करते हैं कि इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप सभी लोगों को पता चल गया होगा कि आरटीओ ऑफिसर बनने की तैयारी कैसे करते हैं.

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