Rip Full Form in Hindi | RIP का फुल फॉर्म क्या है

नमस्कार दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में हम आपको आर आई पी के फुल फॉर्म के बारे में जानकारी देने वाले हैं।अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि रिप का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर रिप का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं।

दोस्तों हम अपनी रोजमर्रा की बोलचाल की लिए विभिन्न प्रकार के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं और उन शब्दों में से कुछ शब्द ऐसे होते हैं, जिन्हें बोलने के लिए हम उनके शॉर्ट नेम का इस्तेमाल करते हैं।

कई बार तो हमें हम जो शब्द बोलते हैं, उसका फुल फॉर्म भी पता नहीं होता है, परंतु हमने यह देखा होता है कि बहुत से लोग उन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो हम भी उनकी देखा देखी उन शब्दों का इस्तेमाल करने लगते हैं

परंतु हमें उसका फुल फॉर्म या उसका सही मतलब पता नहीं होता है। हालांकि हम उन शब्दों को बोलते हैं क्योंकि हमें यह पता होता है कि इसे कब और कैसे इस्तेमाल करना है परंतु उन शब्दों का अर्थ क्या होता है हमें उसके बारे में जानकारी नहीं होती है।

हम अपनी रोज की बोलचाल में कई शब्दों के शॉर्ट नेम का इस्तेमाल करते हैं। जैसे हम रोजाना कम से कम 5 बार तो ओके, ओएमजी, हेलो जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते ही हैं और इन्हीं में से एक शब्द है r.i.p।

आपने देखा होगा कि, पिछले कुछ सालों से सोशल मीडिया पर इसका काफी चलन हो गया है और ऐसे में आपने इस बात पर गौर अवश्य किया होगा कि, जब सोशल मीडिया पर कोई किसी के मरने की खबर डालता है तो लोग कमेंट बॉक्स में r.i.p लिखते हैं।

ऐसे में आप यह अवश्य सोचते होंगे कि, आखिर ये r.i.p होता क्या है।आपको यह लगता होगा कि भाई किसी के मरने पर तो ओम शांति कहा जाता है या फिर जो जिस धर्म का होता है, वह उस धर्म के शब्दों का इस्तेमाल करता है फिर यह आखिर रिप क्या बला है जो आजकल इस्तेमाल हो रही है, तो आज हम आपको इसी के बारे में बताने वाले हैं, आइए जानते हैं कि आरआईपी क्या है।

1. R.I.P का फूल फॉर्म

RIP full form in hindi

अगर हम r.i.p के फुल फॉर्म के बारे में बात करें, तो इसका फुल फॉर्म होता है रेस्ट इन पीस।आपने अक्सर इंटरनेट पर सोशल मीडिया इस्तेमाल करते हुए यह अवश्य देखा होगा कि आजकल इस शब्द का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर बहुत अधिक होने लगा है और आप यह सोचते होंगे कि आखिर r.i.p का मतलब होता क्या है, तो आप आज इसके बारे में जान ही गए होंगे।

अगर आप ऐसे लोगों में से हैं, जो इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और सोशल मीडिया से जुड़े हुए हैं, तो आपको यह अवश्य पता होगा कि सोशल मीडिया पर हमेशा नए नए शब्दों की उत्पत्ति या खोज होती रहती है और सोशल मीडिया पर हर रोज नए नए ट्रेंड भी होते रहते हैं।

एक इंटरनेट यूजर की सोशल मीडिया पहली पसंद होती है और सोशल मीडिया में भी खास तौर पर वह व्हाट्सएप और फेसबुक तथा इंस्टाग्राम जैसी चीजें इस्तेमाल करना पसंद करता है।

अधिकतर लोग सोशल मीडिया में शॉर्ट फॉर्म का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, जैसे कि उदाहरण के तौर पर लोग गुड मॉर्निंग को जीएम, गुड नाइट को जीएन और ब्रदर को ब्रो लिखते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शॉर्ट फॉर्म इस्तेमाल करने के पीछे दो कारण होते हैं, एक तो इससे समय बचता है और दूसरा यह फैशन या फिर स्टाइल बन जाता है।

कुछ शब्द ऐसे होते हैं, जिनका शॉर्ट फॉर्म इतना पॉपुलर हो जाता है कि धीरे-धीरे उनका इस्तेमाल सोशल मीडिया के बाहर यानी कि हमारे दैनिक जीवन में साधारण बोलचाल के लिए भी किया जाने लगता है।

जैसे ब्रदर को लोग शॉर्ट में ब्रो लिखते हैं और यह शब्द सबसे पहले सोशल मीडिया पर ही आया था और उसके बाद यह शब्द हमारे आम बोलचाल की भाषा में भी इस्तेमाल होने लगा। ब्रदर का मतलब भाई होता है और अब अधिकतर लोग अपने भाई को बुलाने के लिए ब्रो शब्द का इस्तेमाल करने लगे हैं।

2. RIP का मतलब क्या होता है

आपने अक्सर सोशल मीडिया पर ध्यान दिया होगा कि सोशल मीडिया पर रिप शब्द का इस्तेमाल उन्हीं पोस्ट में किया जाता है, जिस पोस्ट में किसी की मृत्यु यानी की डेथ हो जाती है या फिर ऐसी पोस्ट में इसका इस्तेमाल होता है, जिसमें किसी की मृत्यु की जानकारी या फिर खबर होती है।

सोशल मीडिया पर पोस्ट होने वाली ऐसी हर पोस्ट में रिप शब्द का इस्तेमाल कमेंट के द्वारा होता है, जिसमें किसी की मृत्यु हो जाती है या फिर किसी की मृत्यु की जानकारी होती है।

अतः इन सब बातों से एक बात तो क्लियर हो जाती है कि, इस शब्द का इस्तेमाल किसी की मृत्यु से संबंधित पोस्ट के कमेंट बॉक्स में संवेदना व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यानी कि यह शब्द शोक प्रकट करने का एक शब्द है और इस शब्द का इस्तेमाल करके लोग अपना शोक प्रकट करते हैं।

R.I.P का हिंदी में अर्थ होता है आत्मा की शांति यानी कि जब हमें किसी व्यक्ति की मृत्यु पर अपना शोक प्रकट करना होता है तब हमें उसके प्रति अपना शोक प्रकट करने के लिए भगवान से यह प्रार्थना करनी होती कि हे भगवान उसकी आत्मा को शांति दे और इसी बात को अंग्रेजी भाषा में रेस्ट इन पीस कहा जाता है, जिसका मतलब होता है कि मृत व्यक्ति की आत्मा को शांति मिले।

सामान्य तौर पर जब कोई व्यक्ति मर जाता है तब हम यही कामना करते हैं कि भगवान उसकी आत्मा को शांति दे और यही बात अंग्रेजी में कहने के लिए हम रेस्ट इन पीस यानी कि रिप शब्द का इस्तेमाल करते हैं।

रेस्ट का हिंदी में अर्थ होता है आराम और पीस का मतलब होता है शांति। अगर आप इस शब्द को ट्रांसलेट करने का प्रयास करेंगे तो इसका मतलब वह नहीं निकलेगा जो हम आपको बता रहे हैं पर सही मायने में इसका हिंदी में अर्थ वही होता है जो हमने आपको ऊपर बताया है।

R.I.P एक संस्कृत शब्द है, जिसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर अपनी संवेदना प्रकट करने के लिए या फिर उसकी आत्मा की शांति के लिए कामना करने के लिए होता है।

अगर इस शब्द का इस्तेमाल किसी जीवित व्यक्ति के लिए किया जाता है, तो उस व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है या फिर वह व्यक्ति आपसे नाराज भी हो सकता है।

3. R I P शब्द की उत्पति कैसे हुई

दोस्तों हर चीज की उत्पत्ति कहीं ना कहीं से हुई होती है, उसी तरह रिप शब्द भी कहीं ना कहीं से उत्पन्न हुआ है, आइए आपको इसके बारे में बताते हैं कि r.i.p शब्द कहां से आया।

जब क्रिस्चियन यानि की ईसाई धर्म में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तब उसे हिंदुओं की तरह जलाया नहीं जाता है, बल्कि कब्रिस्तान में उसे दफनाया जाता है और उसकी कब्र पर लिखा जाता है “रेस्ट इन पीस” और बस यही से इस शब्द की शुरुआत हुई है।

क्योंकि धीरे-धीरे अंग्रेजी भाषा काफी लोकप्रिय होती जा रही है और अधिक संख्या में इंग्लिश भाषा को बोला लिखा जा रहा है। इसीलिए रेस्ट इन पीस शब्द काफी पॉपुलर होता जा रहा है।

बल्कि कई लोग तो अब हिंदू और मुस्लिम धर्म के लोगों के मरने पर भी रेस्ट इन पीस शब्द का इस्तेमाल करने लगे हैं।यह अधिकतर सोशल मीडिया पर ही इस्तेमाल किया जाता है।

रेस्ट इन पीस शब्द की उत्पत्ति और उसके लोकप्रिय बनने के पीछे सोशल मीडिया का बहुत बड़ा हाथ है, क्योंकि सबसे पहले इसका अधिकतर इस्तेमाल सोशल मीडिया पर ही होने लगा था।

4. श्रद्धांजलि

सभी धर्म तथा मजहब और संप्रदायों में मृत आत्मा को श्रद्धांजलि देने के लिए अलग-अलग तरीका बताया गया है।जैसे क्रिश्चियन तथा इस्लाम धर्म में जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तब उसके शव को हिंदुओं की तरह जलाया नहीं जाता है बल्कि उसके शव को दफनाया जाता है और उसकी कब्र के ऊपर r.i.p. लिख दिया जाता है।

5. Rest in Peace का शॉर्टकट

इंटरनेट की दुनिया में सभी शब्दों का अधिकतर शार्ट नेम इस्तेमाल किया जाता है। जैसे गुड मॉर्निंग के लिए जी एम, गुड नाइट के लिए जीएन का इस्तेमाल किया जाता है। इसी तरह के रेस्ट इन पीस लिए रिप शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। वर्तमान के समय में सोशल मीडिया में प्रयोग हो रहे शॉर्टकट शब्दों के बारे में जानकारी रखना आपको अति आवश्यक होता है।

क्योंकि कई बार किसी शॉर्ट नेम के फुल फॉर्म के बारे में जब आपको जानकारी नहीं होती है, तब आपको शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है और आप किसी से ढंग से बात नहीं कर पाते।

6.  मौत के बारे में लोगों की धारणा

सभी प्रकार के धर्मों के लोगों की मौत के बारे में अलग-अलग धारणाएं हैं, परंतु एक बात तो तय है कि इस धरती पर जो भी व्यक्ति जन्म लेता है, एक ना एक दिन उसकी मृत्यु होनी ही है।

क्योंकि जो भी इस दुनिया में आजा है, उसे एक ना एक दिन जाना ही है।फिर चाहे वह किसी भी धर्म या मजहब तथा संप्रदाय से संबंध रखता हो। इस दुनिया में कोई भी व्यक्ति अमरता प्राप्त नहीं कर सकता।यही धरती का कालचक्र है कि, जो इस धरती पर आया है, उसे जाना ही होगा।

बहुत से धर्मों में पुनर्जन्म की बात भी कही गई है। इसमें से मुख्य रूप से हिंदू धर्म में शामिल है। हमारे हिंदू धर्म में बताया गया है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तब उसकी आत्मा उसका शरीर छोड़ देती है और फिर आत्मा उस शरीर को छोड़कर किसी अन्य शरीर में प्रवेश करती है।अर्थात आत्मा की मृत्यु कभी नहीं होती, सिर्फ व्यक्ति का शरीर ही मरता है।

8. मृत्यु के बाद क्या होता है

यह बात जानने में बहुत से लोग रुचि रखते हैं कि, आखिर मृत्यु के बाद क्या होता है। सबसे पहले तो आपको बता दें कि मृत्यु के बाद जो भी होता है, उसका सबसे ज्यादा वर्णन हिंदू धर्म ग्रंथों में किया गया है।

हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो सबसे पहले उसके शरीर से उसकी आत्मा बाहर निकल जाती है, जिसके बाद शरीर एकदम बेजान हो जाता है।

आत्मा बाहर निकलने के बाद कुछ समय तक आत्मा को यह पता ही नहीं होता कि उसने अपना शरीर छोड़ दिया है और वह अपने शरीर को देखकर दुखी होती रहती है।

इसके अलावा शरीर से बाहर निकलने के बाद आत्मा अपने सगे संबंधियों को बहुत पुकारती है परंतु उसकी आवाज कोई भी नहीं सुन पाता। आत्मा लगातार अपने सगे संबंधियों से बात करने की कोशिश करती है, परंतु उसके सगे संबंधी ना तो उसे देख पाते हैं ना उसकी कोई भी आवाज सुन पाते हैं।

हालांकि आत्मा अपने शरीर में वापस प्रवेश करने की कोशिश भी करती है, परंतु यमराज के यमदूत उन्हें ऐसा करने से रोक देते हैं और सबसे आखरी में आत्मा यह मान लेती है कि अब विदाई का वक्त हो गया है।

इसके बाद यमराज के यमदूत आत्माओं को लेकर यमराज के दरबार में जाते हैं और वहां पर आत्मा ने अपने जीवित रहते हुए जो कर्म किए होते हैं, उसके अनुसार उसे सजा या माफी दी जाती है। अगर आत्मा ने कठोर पाप किए हैं तो उसे नर्क में भेजा जाता है और अगर आत्मा ने अच्छे काम किए हैं, तो उसे मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था RIP का फुल फॉर्म, हम आशा करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप सभी को ये पता चल गया होगा की rip का फुल फॉर्म क्या होता है|

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