गणतंत्र दिवस पर कविता | Republic Day Poem in Hindi

Republic Day Poem in Hindi: नमस्कार दोस्तों आज हम आपके साथ गणतंत्र दिवस पर कविता शेयर करने वाले हैं जिसको पढ़ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा|

गणतंत्र दिवस को इंग्लिश में रिपब्लिक डे कहा जाता है. गणतंत्र दिवस पर स्कूल कॉलेज और दफ्तर सब कुछ बंद होता है क्योंकि इस दिन नेशनल हॉलिडे होती है|

चलिए दोस्तों बिना कुछ समय बर्बाद करते हुए सीधे हम गणतंत्र दिवस पर कविता को पढ़ते हैं|

गणतंत्र दिवस पर कविता

Republic Day Poem in Hindi

Republic Day poem in hindi

1. 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर कविता

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है
संविधान का ये जब पावन उत्सव आता है
सब झूम उठते ही नहीं रंगो से
आजादी का पर्व मनाया जाता है।।

जिन्होंने दिया बलिदान देश के लिए
उनको याद किया जाता है
हर जगह तिरंगे का सम्मान
और उसको फहराया जाता है।।

हर साल मनाते है ये उत्सव
आजादी की याद में
सब रंग जाते हैं इस दिन
देशभक्ति की याद में।।

संविधान की शपथ और महत्व भी सीख लाया जाता है
इसीलिए साथियों गणतंत्र दिवस मनाया जाता है
श्रद्धा फूल चढ़ाए जाते शहीदों की याद में
भारत के चमन गए जो राष्ट्र के बलिदान में

2. गणतंत्र दिवस पर बच्चों की कविता

हम सब स्कूल जाएंगे 26 जनवरी मनाएंगे
स्कूल में झंडारोहण करंगे और राष्ट्रगान गाएंगे
खेलेंगे कुदंगे हम सब मिलकर भाईचारा बढ़ाएंगे
आज हम सब 26 जनवरी मनाएंगे।।

प्रात काल उठ जाएंगे
तैयार हो जाएंगे
दिल में देश प्रेम लिए
स्कूल में हम जाएंगे।।

झंडे को नमन करेंगे
टीचर भाषण सुनाएंगे
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से
सबका मन बहलाएंगे
आज हम 26 जनवरी मनाएंगे।।

लड्डू भी बटेंगे मिठाईयां भी खाएंगे
सब प्यारे बच्चे कविता भी सुनाएंगे
खूब करेंगे मजा हम
आजादी का उत्सव मनाएंगे
संविधान के बारे में भी सबको दिखलाएंगे
आज हम 26 जनवरी मनाएंगे।।

3. झंडा ऊंचा रहे हमारा

झंडा ऊंचा रहे हमारा
यह हम सबकी आंखों का तारा
भारत का संविधान रहे
हमारी मान पहचान रहे
इसको नीचे ना गिरने दे हम
यह हमारा संविधान रहे
राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का अभिमान रहे
झंडा ऊंचा रहे हमारा
यह हम सबकी शान रहे
भाईचारे प्रेम शांति का देता यह संदेश
अशोक चक्र की 24 तीलियां देती प्रगति का संदेश
सफेद रंग ही शांति का प्रतीक
केसरिया रंग है क्रांति का प्रतीक
हरा रंग हरियाली का प्रतीक
प्रेम से रहे ये देश हमारा
हम सबकी आंखों का तारा
झंडा ऊंचा रहे हमारा
इसकी शान मै सर झुके
चाहे कर जाए सर हमारा
पर झंडा ऊंचा रहे हमारा।।

4. हम भारत के निवासी

हम भारत के निवासी संविधान का मान करें
ना लड़े कभी एक दूसरे से भाईचारे का सम्मान करें
जातिवाद पर ना बाटे ना सिख ईसाई मुस्लिम करें
भारत एक जुट रहे सदा, ये पैगाम सबके नाम करे।।

बहुत लड़ी लड़ाइयां इस दिन को लाने में
सरहदों पर खून बहाया सैनिक वीर जवानों
गोली बारूद से खेले भारत के रण आशियाने में
तब आया गणतंत्र महान भारत देश संविधान में।।

बहुत बांटा अंग्रेजों ने जाति धर्म के नाम पर
अत्याचार किए भारत पर और संविधान पर
ना आजादी मिली किसी को मनमर्जी से रहने की
ना खाने की ना पीने की ना स्वतंत्र घूमने की।।

उसी समय जब आजादी का परचम लहराया था
आंदोलन हुए अंग्रेजों को मार भगाया था
तब जाकर कहीं संविधान बन पाया था
राष्ट्र की उत्पत्ति में योगदान निभाया था
जब जाकर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस मनाया था।।

5. गणतंत्र दिवस पर छोटी कविता

26 जनवरी एक ऐसा दिन आता है,
प्रत्येक भारतवासी के मन में हर्ष उल्लास छाता है,
मातृभूमि के प्रति अपार स्नेह उठ जाता है,
यह आयोजन हमें शहीदों की याद दिलाता है,
जिन्होंने किया संघर्ष आजादी का महत्व समझाता है,
निस्वार्थ देश प्रेम से ओतप्रोत करवाता है,
जन्म भूमि के प्रति कर्तव्य मार्ग दिखाता है,
देश पर मर मिटने की प्रेरणा दी जाता है,
विदेशी आक्रमणों से हमें लड़ना सिखाता है,
हर वर्ष 26 जनवरी का ये दिन आता है,
नई उमंग देश प्रेम की खुशियां लाता है,
लाल किले से भी 26 जनवरी को मनाया जाता है,
नए युवाओं में देशभक्ति का जोश भर जाता है।।

6. आओ नमन करे

आओ हम नमन करें उनको
जो मिट गए मातृभूमि के बलिदान में
ऐसे वीर सपूत हुए थे भारत के हिंदुस्तान में
एक नई क्रांति आई थी भारत के वीर जवानों में
एकजुट हुआ था राष्ट्र प्रगति के उत्थान में।।

बड़ी मुश्किल से आजाद हुआ था, भारत संविधान में
कई किए आंदोलन हमने, इसकी रक्षा स्वाभिमान में
कई नेता जेल गए भारत का संविधान बनाने में
पर झुके नहीं किसी के आगे भारत के शेर मैदानों में।।

देखा था जो एक सपना तब जाकर साकार हुआ
संविधान की बैठक में पूर्ण अधिकार हुआ
26 जनवरी को ये पूर्ण गणराज्य स्वीकार हुआ।।

इसीलिए हम सब इस को मनाते हैं
इसके सम्मान में हमेशा अपना शीश झुकाते है
आदर करते हैं सम्मान के फूल चढ़ाते हैं
इसीलिए हम 26 जनवरी का उत्सव मनाते हैं।।

7. हमारा संविधान

क्या हम संविधान का मान कर पाते हैं
जो उसमें लिखा है क्या उसका सम्मान कर पाते हैं
हर तरफ छाई भ्रष्टाचारी
फिर कैसा गणतंत्र दिवस मनाते हैं।।

इमानदारी का कोई मोल नहीं
धर्म के व्यापार किए जाते हैं
एक दिन खरीदकर तिरंगा
दूसरे दिन सड़कों पर फेंके जाते हैं
हम यह कैसा गणतंत्र दिवस मनाते हैं।।

भारत लड़ रहा बलात्कारियों से
हम उसको फांसी नहीं दे पाते हैं
हम यह कैसा संविधान बनाते हैं
जातिवाद और नस्ल बाद में हम सब बह जाते हैं
हमें ये कैसा गणतंत्र दिवस मनाते हैं।।

भाईचारा प्रेम एकतार का ये कैसा संदेश दे जाते हैं
अनपढ़ और भुखमरी का ये कैसा राष्ट्र बनाते हैं
हम ये कैसा गणतंत्र दिवस मनाते हैं।।

हम सब को यह चाहिए मिलकर इसका सम्मान करें
संविधान में लिखी गई बातों का का हम मान करे
एक भारत ऐसा बनाएं जहां स्त्रियों का सम्मान करें
भुखमरी अनपढ़ बेरोजगारी का हम नाश करें
तब जाकर हम हम संविधान के गणतंत्र दिवस को याद करें।

8. गणतंत्र दिवस पर कविता

1950 में संविधान आया, लाहौर अधिवेशन में बनाया
भारत हुआ पूर्ण गणराज्य, सबने गणतंत्र दिवस मनाया
राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान भी सब ने गाया
इस पावन बेला पर सबने लाल किले पर तिरंगा फहराया।।

सब झूम उठे मस्ती में, सबने सम्मान में सर झुकाया
भारत हो गया था पूर्ण आजाद
सब ने मिलकर आजादी का जश्न मनाया
जिन्होंने दिया बलिदान देश के लिए
उन सब का मिलकर सम्मान बढ़ाया
सब ने गणतंत्र दिवस मनाया।।

आजादी के संग भारतीय अखंडता का महत्व समझाया
हर सरकारी विभाग कार्यालय में तिरंगा लहराया
सबने मिलकर यह पर्व मनाया
खुशी से झूम में हर्षोल्लास मनाया
सब ने आजादी का उत्सव मनाया
हर और सुमंगलकारी वातावरण छाया
देखो आज गणतंत्र दिवस है आया।।

9. भारत का पावन पर्व गणतंत्र दिवस

भारत के पावन पर्व में गिनती है गणतंत्र की
इस दिन ही शपथ हुई थी
स्वतंत्र भारत की अस्तित्व की
कहीं वीरों ने शीश कटाए
तब जाकर आजादी पाई थी।।

एक अनोखी लो हमने जग में जलाई थी
हर और आजादी की क्रांति छाई थी
भारत पहला देश बना,जिसने स्वतंत्रता पाई थी
आजादी की पहचान हुई हिंदुस्तान के नाम हुई।।

यह हम सब का नारा है स्वतंत्र भारत हमारा है
इसके लिए कुछ भी कर जाएंगे
प्राण भी अपने हम दे जाएंगे
मातृभूमि का मोल चुकाएंगे
हम एक गणतंत्र भारत बनाएंगे।।

लिखा है जो संविधान में
हम सब उसको दोहराएंगे
नियमों का पालन करेंगे
झंडा ऊंचा लहराएंगे।।

अधिकार दिए जो मूलभूत
हम सब उनको भी निभाएंगे
स्वतंत्र भारत में रहते हैं हम
उसकी कसम भी खाएंगे
हम सब मिलकर 26 जनवरी को
गणतंत्र दिवस मनाएंगे
आजादी का पर्व खुशियों के साथ मनाएंगे।।

आपकी और दोस्तों

दोस्तों यह था गणतंत्र दिवस पर कविता हम उम्मीद करते हैं कि आपको यह सभी कविताएं बहुत अच्छी लगी होगी|

यदि आपको हमारी यह कविता पसंद आई हो तो प्लीज इसे एक लाइक अवश्य करें और अपने दोस्तों के साथ सोशल नेटवर्क साइट पर जरूर शेयर करें Happy Republic Day

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