NPR FullForm in Hindi | NPR क्या है

NPR FullForm in Hindi: आज के इस आर्टिकल में हम आपको एनपीआर के बारे में जानकारी देने वाले हैं। इसीलिए अगर आप एनपीआर के बारे में जानना चाहते हैं, तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

हमारी भारतीय सरकार ने हमारे देश में रहने वाले सभी लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सही से मिले और सही व्यक्ति तक सरकारी योजना पहुंचे, उसके लिए एक डेटाबेस बनाने का निश्चय किया है।

इस डेटाबेस के माध्यम से हमारी भारतीय सरकार नागरिकों की सही पहचान करेगी और ऐसा करने के पीछे सरकार का यह उद्देश्य है कि, जो व्यक्ति वाकई में सरकारी योजनाओं का लाभ पाने का हकदार है, उसे ही उस योजना का लाभ मिले और बीच में धांधली करने वाले लोगों पर लगाम लगे।

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NPR FullForm in Hindi

NPR क्या होता है

NPR FullForm in Hindi

1. एनपीआर के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी

इस समय हमारे भारत देश की केंद्र की सरकार में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विराजमान है और प्रधानमंत्री मोदी जी की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं, जिनमें से नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर एक मुख्य योजना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने नागरिकता संशोधन कानून के बाद अब एनपीआर यानी कि नेशनल पापुलेशन रजिस्टर को अपडेट करवाने की तैयारी कर ली है और इसके लिए भारत के सभी राज्यों को दिशा निर्देश भी दे दिए गए हैं।

और इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी जी कैबिनेट की बैठक करके समय-समय पर इस योजना के बारे में जानकारी भी लेते रहते हैं और इसीलिए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि केंद्र सरकार साल 2021 की जनगणना और नेशनल पापुलेशन रजिस्टर को अपडेट करने के बारे में फैसला ले सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब साल 2021 की जनगणना 1 अप्रैल 2020 से चालू हो सकती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एनपीआर यानी कि नेशनल पापुलेशन रजिस्टर, जिसे हिंदी में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर भी कहा जाता है, जनगणना का ही हिस्सा है और जनगणना से पहले ही इसे अपडेट किया जाता है।

पहली बार एनपीआर रजिस्टर साल 2010 में तैयार हुआ था और अब 10 साल बाद फिर से इसे अपडेट करने की तैयारी की जा रही है, क्योंकि केंद्र सरकार को साल 2021 तक भारत के सभी लोगों की जनगणना करनी है और उनके आंकड़े इकट्ठे करने हैं। जिसके कारण समय-समय पर एनपीआर के बारे में कैबिनेट की बैठक में चर्चा होती रहती है।

2. एनपीआर का फुल फॉर्म क्या है

साल 2004 में नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 14क में संशोधन हुआ था और उस संशोधन के अनुसार हमारे भारत देश के प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रीय रजिस्टर में अपना पंजीकरण यानी कि रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी था। भारतीय नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरआईसी) एक नेशनल डाटा है।

एनपीआर का इस्तेमाल नागरिकता के सत्यापन को करने के लिए किया जाता है। इसीलिए भारत के सभी सामान्य नागरिकों के लिए नेशनल पापुलेशन रजिस्टर में अपना रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है।अगर हम एनपीआर के फुल फॉर्म के बारे में बात करें, तो एनपीआर का फुल फॉर्म होता है नेशनल पापुलेशन रजिस्टर, जिसे हिंदी में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर कहा जाता है।

3. एनपीआर के अन्य फुल फॉर्म

  • Nail Polish Remover
  • National Palestine
  • National Parents Radio
  • National Peoples Radio
  • National Percentile Ranking
  • National Performance Review
  • National Press Release
  • National Public Radio
  • Nationalist Peoples Radio
  • Naval Projections Report
  • Nazi Propaganda Radio
  • Net Profit Ratio
  • Neutralization Potential Ratio
  • Never Pay Retail
  • Never Praise Republicans
  • New Phreakin River
  • New Plums Ripen
  • New Port Richey
  • New Product Request
  • Nipple Piercing Related
  • No Particular Reason
  • No Password Required
  • No Pertinent Reporting
  • No Place for Republicans
  • No Power Rangers
  • No Pride Remaining
  • No Problem Reporting
  • No Public Restroom
  • Noise Power Ratio
  • Noise Preferential Route
  • Noiseless Portable Reflector
  • Non Photorealistic Rendering
  • Non Photorealistically Rendered
  • Nonsense Pollux and Rubbish
  • Not Pretentious Really
  • Not Pro Republican
  • Nothing To Provoke Rebellion
  • Notice of Proposed Rulemaking
  • Nuclear Posture Review

4. एनपीआर में नई जानकारियां जोड़े जाने का प्रस्ताव

हमारी भारतीय सरकार नेशनल पापुलेशन रजिस्टर को अपडेट करने की तैयारी कर रही है, क्योंकि सरकार को साल 2021 तक भारत के सभी लोगों की जनगणना के आंकड़े को जुटाना है, जिसके कारण समय-समय पर एनपीआर के मुद्दे पर कैबिनेट की बैठक आयोजित होती रहती है।

एनपीआर में भारत के निवासियों से 15 जानकारी मांगी जाएगी और जनगणना के डाटाबेस को अपडेट किया जाएगा।

5. नेशनल पापुलेशन रजिस्टर में कौन सी जानकारी देनी होगी

जिन्होंने एनपीआर के बारे में सुना है, वह अवश्य यह जानने की कोशिश करते होंगे कि आखिर एनपीआर के तहत उन्हें कौन-कौन सी जानकारी सरकार को देनी होगी|

तो वैसे लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि एनपीआर के अंतर्गत आपको सरकार को एनपीआर के लिए शादीशुदा होने पर पति/पत्नी का नाम, लिंग, जन्म स्थान, नागरिकता, वर्तमान पता, व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से उसका संबंध,उनके माता-पिता का नाम, वैवाहिक स्थिति,पते पर रहने की अवधि, स्थायी पता, पेशा और शैक्षणिक स्थिति की भी जानकारी देनी होगी।

इसके अलावा भी सरकारी अधिकारी आपसे कुछ अन्य बातें भी पूछ सकते हैं। जैसे कि सरकारी आदमी आपसे आपके पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड से संबंधित जानकारी मांग सकते हैं।

इसके साथ ही आपसे यह भी पूछा जा सकता है कि, आप जिस स्थान पर रह रहे हैं क्या आप वहां पर 6 महीने से रह रहे हैं या फिर क्या आप आगे भी वहां 6 महीने रहेंगे या नहीं।

6. नेशनल पापुलेशन रजिस्टर की आवश्यकता क्यों है

एनआरसी और नेशनल पापुलेशन रजिस्टर में काफी भिन्नता है। एनआरसी के तहत हमारे भारत देश में रहने वाले अवैध लोगों की पहचान की जाती है|

तो वही नेशनल पापुलेशन रजिस्टर के तहत हमारे भारत देश के किसी भी राज्य में किसी भी जगह पर 6 महीने या फिर उससे अधिक समय से स्थानीय क्षेत्र में रहने वाले किसी भी निवासी को नेशनल पापुलेशन रजिस्टर में अपना रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होता है।

इसके अलावा अगर कोई बाहरी व्यक्ति भी हमारे देश में 6 महीने से अधिक रह रहा है तो उसे भी अपना नाम एनपीआर में डलवाना जरूरी है।

एनपीआर का उद्देश्य लोगों के बायोमैट्रिक डाटा को तैयार करना है और उसके द्वारा असली लाभार्थियों को सरकारी योजना का लाभ पहुंचाना है।

7. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का उद्देश्य

जैसा कि आप जानते हैं कि हर योजना या फिर नीति के पीछे कुछ ना कुछ उद्देश्य अवश्य होता है और इसीलिए एनपीआर यानी कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के भी कुछ उद्देश्य है, इसके बारे में आइए आगे जानते हैं।

– इसका सबसे बड़ा उद्देश्य यही है कि सही व्यक्ति को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिले और सही व्यक्ति की पहचान की जा सके। इससे यह फायदा होगा कि, जो लोग घोटाले करके दूसरे लोगों के लाभ प्राप्त कर लेते थे वह लोग इससे वंचित रह जाएंगे और सही लाभार्थी को ही सरकारी योजना का लाभ मिलेगा।

– राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के द्वारा हमारे भारत देश की रक्षा में सुधार किया जा सकेगा और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में भी हमारे भारत देश को सहायता प्राप्त हो सकेगी।

– इसके अलावा एनपीआर के तहत हमारे देश के सभी नागरिकों को एक साथ जोड़ा जा सकेगा।

8. एनपीआर से जुड़े हुए महत्वपूर्ण बिंदु

एनपीआर के द्वारा हमारे भारत देश की सरकार भारत के सभी नागरिकों का एक बहुत ही बड़ा डेटाबेस तैयार कर रही है। इस डेटाबेस में भारत के सभी नागरिकों की जनसांख्यिकी के साथ-साथ बायोमेट्रिक जानकारियां भी दर्ज होंगी। एनपीआर की प्रक्रिया साल 2010 और साल 2015 में दो चरणों में आयोजित हुई थी।

एनपीआर में सामान्य नागरिक को इस प्रकार से परिभाषित किया है कि जो व्यक्ति स्थानीय क्षेत्र में छ: महीने या उससे अधिक समय से निवास कर रहा है, वह एनपीआर मे अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत के सभी राज्यों में सिर्फ असम को छोड़कर एनपीआर तैयार किया जाएगा और असम को छोड़कर भारत के अन्य सभी राज्यों से लोगों की जानकारियां इकट्ठा की जाएंगी।

9. नेशनल पापुलेशन रजिस्टर और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजनशिप में क्या अंतर है

एनपीआर यानी कि नेशनल पापुलेशन रजिस्टर और एनआरसी यानी कि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजनशिप में काफी अंतर है।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, नेशनल पापुलेशन रजिस्टर का हमारे भारत देश की नागरिकता से कोई भी लेना देना नहीं है।

वहीं एनआरसी का उद्देश्य है कि, हमारे भारत में कितने लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। हमारे भारत में किसी भी क्षेत्र में 6 महीने या उससे अधिक समय से रहने वाले लोगों को एनपीआर में अपना रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है।

इसके अलावा अगर कोई बाहरी व्यक्ति भी हमारे देश के किसी भी हिस्से में 6 महीने से रह रहा है, तो उसे भी अपना पंजीकरण एनपीआर में करवाना आवश्यक है।

10. एनपीआर के अनुसार स्थानीय निवासी कौन है

नेशनल पापुलेशन रजिस्टर के अनुसार स्थानीय निवासी वह है, जो भारत के किसी भी स्थान पर 6 महीने या उससे अधिक समय से रह रहा है या फिर वह उस स्थान पर 6 महीने या उससे अधिक समय तक रहने की कोशिश में है।

11. क्या एनपीआर के तहत रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है

भारत की नागरिकता कानून में साल 2004 में संशोधन हुआ था और साल 2004 में हुए संशोधन के अनुसार सेक्शन 14 के अंतर्गत किसी भी भारतीय नागरिक के लिए नेशनल पापुलेशन रजिस्टर में अपना रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है।

12. एनपीआर में कैसे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन

एनपीआर में अपना रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आपको कहीं नहीं जाना है। साल 2020 के अप्रैल महीने से लेकर 2021 तक एनपीआर का डाटा तैयार करने वाले सरकारी कर्मचारी आपके घर पर ही जाएंगे और इसके बाद आपसे आपके परिवार के बारे मे जरूरी जानकारी लेकर उसे अपने डेटाबेस में फीड करेंगे और एक इलेक्ट्रॉनिक डाटा बेस तैयार करेंगे।

इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस में आपकी फोटोग्राफ, फिंगरप्रिंट जैसी चीजें शामिल होंगी।यह सभी प्रक्रिया एनपीआर तय करने के लिए सरकार द्वारा नियुक्त किए गए सरकारी अधिकारियों की देखरेख में ही संपन्न होगी।

13. क्या एनआरआई भी होंगे एनपीआर का हिस्सा

सामान्य तौर पर एन आर आई भारतीय नागरिक नहीं माने जाते हैं, क्योंकि एन आर आई का फुल फॉर्म होता है नॉनरेजिडेंट ऑफ इंडिया अर्थात जो भारत का नागरिक नहीं है।

इसलिए एनपीआर में एन आर आई को शामिल नहीं किया जाएगा। हां अगर वह भारत में आते हैं और यहां की नागरिकता ग्रहण कर लेते हैं, तभी उन्हें एनपीआर में शामिल किया जाएगा।

14. एनपीआर मे जानबूझकर या गलती से गलत जानकारी देने पर क्या होगा

अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर या फिर गलती से एनपीआर के तहत गलत जानकारी देता है, तो सिटीजनशिप एक्ट 2003 के तहत उसे जुर्माना भरना पड़ सकता है।

15.  क्या एनपीआर के तहत पहचान पत्र जारी होता है

अभी इस पर कोई पक्की बात नहीं कह सकते परंतु सरकार एनपीआर के तहत आइडेंटिटी कार्ड को जारी करने के प्रस्ताव पर विचार विमर्श कर रही है। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो सभी नागरिक को एक आइडेंटी कार्ड प्राप्त होगा जिसमें आधार कार्ड का भी जिक्र होगा।

16. एनपीआर और आधार के बीच क्या संबंध है?

एनपीआर यानी कि नेशनल पापुलेशन रजिस्टर हमारे भारत देश में रहने वाले सभी नागरिकों का एक सामान्य रजिस्टर है और नेशनल पापुलेशन रजिस्टर के तहत जुटाए गए डाटा को यूआईडीएआई को रिप्लिकेशन और आधार नंबर जारी करने के लिए भेजा जाएगा।इस रजिस्टर में मुख्य रूप से तीन चीजों के नंबर शामिल होंगे, जिसमें डेमोग्राफिक डाटा, आधार नंबर और बायोमैट्रिक डाटा शामिल होगा।

17. एनपीआर से असम को अलग क्यों रखा गया है

केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है कि भारत के असम राज्य में नेशनल पापुलेशन रजिस्टर को लागू नहीं किया जाएगा क्योंकि हाल ही में जब असम राज्य में एनआरसी को लागू किया गया था, तब इसके तहत बहुत से अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किया गया था और एनआरसी का उद्देश्य ही यही है कि अवैध प्रवासियों की पहचान हो और उन्हें वापस उनके देश भेजा जाए।

18. किन राज्यों ने एनपीआर को नहीं लागू करने की घोषणा की है

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह ऐलान किया है कि वह पश्चिम बंगाल में एनआरसी और सिटिजन अमेंडमेंट बिल को लागू नहीं होने देंगी। उन्होंने कहा कि बिना राज्य सरकार की परमिशन के एनपीआर का काम प्रदेश में नहीं शुरू होगा।

इसके अलावा भारत के केरल और राजस्थान राज्य के मुख्यमंत्रियों ने भी यही घोषणा की है। सिटीजन अमेंडमेंट बिल के बाद गैर बीजेपी शासित राज्यों ने एनआरसी और एनपीआर को लेकर असहयोग दिखाया है।

आपकी और दोस्तों:

तो दोस्तों ये था NPR का फुल फॉर्म क्या होता है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको NPR के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी. अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी तो प्लीज इसको अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे और पोस्ट को १ लाइक तो अवश्य करे. धन्येवाद दोस्तों.

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