NEFT Full Form in Hindi | NEFT का फुल फॉर्म क्या है

NEFT Full Form in Hindi: दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल में हम आपको ” नेफ्ट के फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, नेफ्ट का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर नेफ्ट का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको नेफ्ट से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त होगी।

आज के इस टेक्नोलॉजी के दौर में सभी चीजें काफी एडवांस हो गई है,क्योंकि बढ़ती हुई टेक्नोलॉजी के कारण हमारे कई काम अब आसान हो गए हैं। आज हमारे भारत देश की जनसंख्या 130 करोड़ के पार पहुंच गई है और इतनी बड़ी जनसंख्या होने के कारण हमारा बाजार भी काफी बड़ा है,

जिसके कारण दुनिया के बहुत से देश हमारे देश में इंटरेस्ट लेते हैं और दुनिया की बहुत सी कंपनियां हमारे देश में आकर अपना रोजगार स्थापित करती हैं, जिसके कारण हमारे भारत देश के लोगों को भी रोजगार प्राप्त होता है।

जहां पहले कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को जब तनख्वाह लेने की बारी आती थी तब वह अपनी तनख्वाह कैस में लेते थे वहीं अब अधिकतर कंपनियां अपने कर्मचारियों की सैलरी उनके अकाउंट में एक निश्चित तारीख को ट्रांसफर कर देती है।

हालांकि पहले ऐसा नहीं था, क्योंकि पहले बैंकिंग सिस्टम इतना तेज नहीं था ना ही हमारे भारत के सभी लोगों के पास बैंक अकाउंट था, इसलिए अधिकतर कंपनियां कैस में ही लोगों की पेमेंट करती थी परंतु धीरे-धीरे सरकार को बैंकिंग सिस्टम को मजबूत बनाने के बारे में विचार आने लगा

और फिर इस पर काम होने लगा जिसके बाद हमारे भारत के बहुत से लोगों ने बैंक में अपना खाता खुलाया और जब साल 2014 में भाजपा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी बने तब उन्होंने लोगों के बैंक अकाउंट खुलवाने के लिए प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत की

और इस योजना का यह फायदा हुआ कि भारत में दुगनी रफ़्तार से लोगों ने अपने बैंक अकाउंट खुलवाने चालू कर दिए।आज हमारे भारत में लगभग 70% अधिक लोगो के पास अपना बैंक अकाउंट है।

इसके अलावा अब लोग खुद ही घर बैठे बैठे अपने काम भी कर रहे हैं।लोग घर बैठे बैठे ही एक जगह से दूसरी जगह पैसे भेज सकते हैं और इसके लिए आमतौर पर NEFT, आरटीजीएस या फिर आइएमपीएस का इस्तेमाल होता है।

अगर आप इंटरनेट बैकिंग करते हैं तो आपने NEFT का नाम अवश्य सुना होगा। अगर नहीं सुना तो कोई बात नहीं है, आइए इसके बारे में जानते हैं।

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NEFT Full Form in Hindi

NEFT का फुल फॉर्म क्या है

NEFT Full Form in Hindi

■ NEFT का फुल फॉर्म क्या होता है

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि नेफ्ट का फुल फॉर्म क्या होता है। नेफ्ट का फुल फॉर्म होता है “नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर”। इसे हिंदी में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण कहा जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह एक नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल करके एक बैंक अकाउंट से दूसरे किसी अन्य व्यक्ति के बैंक अकाउंट में पैसे भेजे जाते हैं या फिर रिसीव किए जाते हैं।

इसके जरिए पैसे भेजना बिल्कुल सुरक्षित होता है।जहां सामान्य तौर पर जब हम किसी फोन एप्लीकेशन के द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को पैसे भेजते हैं, तो वहा हमारे पैसे कभी-कभी फंस जाते हैं।वह इसमें नहीं होता है।इसमें आप जिस व्यक्ति को पैसे भेजेंगे उस व्यक्ति तक सुरक्षित पैसे पहुंच जाते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी व्यक्ति को इसके जरिए पैसे भेजने के लिए सबसे पहले शुरुआत में आईएफएससी कोड डालना होता है। यह आईएफसी कोड उस खाताधारक की बैंक का होना चाहिए, जिसे आप पैसे भेजना चाहते हैं।

इस सिस्टम का इस्तेमाल करके पूरे भारत में सभी NEFT इनेबल बैंक में पैसे भेजे जा सकते हैं।इसके द्वारा पैसे भेजने के लिए व्यक्ति को वह जिस व्यक्ति को पैसे भेजना चाहता है, उस व्यक्ति का खाता नंबर, आईएफएससी कोड, बैंक ब्रांच और अकाउंट होल्डर नेम का होना जरूरी है।

■ नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड सिस्टम की शुरुआत कब हुई थी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड सिस्टम की शुरुआत साल 2005 में हुई थी और इसे हमारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा संचालित किया जाता है। यह प्रक्रिया बहुत ही सुरक्षित होती है पैसे भेजने के लिए।

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा का इस्तेमाल मुख्य तौर पर दो तरीकों से किया जा सकता है, जिसमें पहला तरीका है ऑफलाइन मोड, जो कि बैंक की शाखा द्वारा होता है और दूसरा तरीका है ऑनलाइन मोड जो बैंक अपने ग्राहकों को उपलब्ध करवाती है।

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के द्वारा होने वाले समय की बचत और सरल प्रक्रिया के कारण यह बहुत ही पॉपुलर फंड ट्रांसफर सिस्टम है, क्योंकि इसके लेनदेन को ऑनलाइन बैंकिंग द्वारा बहुत ही आसानी से किया जा सकता है।

अगर वास्तव में देखा जाए तो नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर दूसरे उपाय जैसे कि आरटीजीएस और आइएमपीएस से थोड़ा अलग है।जब व्यक्ति आरटीजीएस या आइएमपीएस के जरिए किसी व्यक्ति को पैसे भेजते है, तो वह पैसे उस व्यक्ति के अकाउंट में तुरंत ही पहुंच जाते हैं।

परंतु नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के जरिए भेजा गया पैसा सामने वाले व्यक्ति के अकाउंट में कुछ समय लेकर पहुंचता है, परंतु यह सुरक्षित रूप से सामने वाले के अकाउंट में पहुंच जाता है।

■ नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के जरिए ऑनलाइन फंड ट्रांसफर कैसे करें

फंड ट्रांसफर करने के लिए आप नीचे दी गई प्रक्रिया को अपनाएं।

सबसे पहले आप अपनी नेट बैंकिंग अकाउंट पर लॉगिन करें। अगर आपका नेट बैंकिंग अकाउंट चालू नहीं है, तो आप इसे बैंक से फोरम भरकर चालू करवा सकते हैं।

अपने नेट बैंकिंग अकाउंट में लॉग इन करने के बाद आपको बेनेफिशरी को Payee के हिसाब से ऐड करना होगा। यहां पर बेनेफिशरी का मतलब वह है, जिसको आप पैसे भेजना चाहते हैं और ऐसा करने के लिए आपको बेनेफिशरी की कुछ डिटेल भी भरनी होगी।

जैसे कि अकाउंट नंबर, नाम, आईएफएससी कोड, अकाउंट टाइप इत्यादि। बेनेफिशरी ऐड करने के लिए ऐड नाउ के ऊपर क्लिक करें। इसके बाद ऊपर बताई गई डिटेल भरें और फिर कंफर्म करके सेव कर ले।

जब एक बार Payee Add हो जाए तो उसके बाद आपको Neft को फंड ट्रांसफर मोड के हिसाब से चुनना होगा। इसके बाद आपको वह अकाउंट सिलेक्ट करना है, जिसे आप पैसे देना चाहते हैं।यहां पर आपको Payee सिलेक्ट करना है और उसके बाद आप जितने रुपए भेजना चाहते हैं, उसे इंटर करना है फिर सबमिट के ऊपर क्लिक कर देना है।इतना करते ही सामने वाले व्यक्ति को पैसे चले जाएंगे।

■ ऑफलाइन नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के जरिए पैसे कैसे भेजे

ऑफलाइन नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के जरिए पैसे भेजने के लिए नीचे दी गई प्रक्रिया को अपनाएं।

सबसे पहले बैंक जाएं और वहां से आरटीजीएस या Neft एप्लीकेशन फॉर्म ले और उसमें नीचे दी गई जानकारी भरें और उसके बाद इस फॉर्म को जमा कर दें।

  • Name.
  • Account Number.
  • Bank Name.
  • Branch.
  • IFSC Code.
  • Account Type.
  • Account Number.
  • Amount जितना आपको transfer करना है.

■ नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर काम कैसे करता है

अगर आप ऑफलाइन या फिर ऑनलाइन नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर करते हैं, तो इसके बाद बैंक आपकी डिटेल को मैच करता है और उसके बाद आपकी डिटेल मैच करने के बाद आपने जिस व्यक्ति के खाते में पैसे भेजे होते हैं उस व्यक्ति के खाते में कुछ समय बाद पैसे सुरक्षित तौर पर पहुंच जाते हैं।

हालांकि अगर आप तुरंत पैसे देना चाहते हैं, तो आप आइएमपीएस का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइएमपीएस के द्वारा भेजे गए पैसे तुरंत सामने वाले व्यक्ति के बैंक अकाउंट में पहुंच जाते हैं और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के द्वारा भेजे गए पैसे को सामने वाले व्यक्ति के बैंक अकाउंट में पहुंचने में कुछ समय लगता है, जो आमतौर पर 2 से 3 घंटे का होता है।

■ नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की फीस और चार्ज

– Amounts Rs 10000 तक

Rs 2.50 + Applicable GST

– Amounts Rs 10000 से ऊपर और up to Rs 1 lakh तक

Rs 5 + Applicable GST

– Amounts Rs 1 lakh से ऊपर और up to Rs 2 lakh तक

Rs 15 + Applicable GST

– Amounts Rs 2 lakh से ऊपर और up to Rs 5 lakh तक

Rs 25 + Applicable GST

– Amounts Rs 5 lakh से ऊपर और up to Rs 10 lakh तक

Rs 25 + Applicable GST

ऊपर हमने जितने भी चार्ज बताए हैं, वह समय-समय पर बैंक द्वारा बदलते रहते हैं, इसलिए हो सकता है कि जब आप नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के जरिए पैसे भेजने जाएं तो आपको ज्यादा या कम चार्ज लगे।

■ नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड के जरिए कौन पैसे भेज सकते हैं

कोई भी फॉर्म, कंपनी या व्यक्ति इसका इस्तेमाल करके किसी अन्य व्यक्ति को पैसे भेज सकते है। हालांकि पैसे भेजने के लिए आप जिस व्यक्ति को पैसे भेजना चाहते हैं उसका बैंक में खाता होना चाहिए और उसके खाते में नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सर्विस उपलब्ध होनी चाहिए।

हालांकि आप चाहे तो नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की स्लिप भर के भी पैसे भेज सकते हैं परंतु ऐसा करने पर आप एक बार में अधिकतम ₹50000 ही भेज सकते हैं।

■ नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड के जरिए कौन पैसे रिसीव कर सकता है

ऐसे व्यक्तिगत फॉर्म, व्यक्ति, कंपनी या कॉरपोरेशन नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के जरिए पैसे रिसीव कर सकते हैं जिनका बैंक में अकाउंट हो परंतु इसके लिए बेनेफिशरी कस्टमर का उस बैंक ब्रांच में बैंक अकाउंट होना जरूरी है जिसमें Neft फैसिलिटी इनेबल या फिर अवेलेबल हो।

■ नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की टाइम सेटिंग

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर बैंक के सभी कार्य दिवस में काम करता है। अगर समय की बात की जाए तो यह सुबह 8:00 बजे से लेकर शाम को 7:00 बजे तक होता है।

इसके अलावा अगर किसी कारण इसमें देरी हो रही हो तो, अगले दिन वर्किंग हावर में पैसे चले जाते हैं, साथ ही महीने के दूसरे और
चौथे शनिवार को कोई भी सेटलमेंट नहीं होता है और साप्ताहिक अवकाश तथा पब्लिक होलीडे में भी कोई सेटलमेंट या फिर ट्रांजैक्शन नहीं होता है।

■ भारत के किन बैंकों में नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा उपलब्ध है

  • कैनरा बैंक
  • बैंक ऑफ़ इंडिया
  • सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया
  • स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया
  • इलाहबाद बैंक
  • पंजाब नेशनल बैंक
  • यूको बैंक
  • यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया
  • सिंडिकेट बैंक
  • आंध्र बैंक
  • ओरिएण्टल बैंक ऑफ़ कॉमर्स
  • विजया बैंक
  • नैनीताल बैंक
  • देना बैंक
  • यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया
  • आई सी आई सी आई बैंक
  • एच् डी एफ सी बैंक
  • इंडस इंड बैंक
  • एक्सिस बैंक
  • यस बैंक

■ NEFT की कुछ खास बाते

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर पैसे भेजने की एक इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया है और इसके द्वारा पैसे भेजने के लिए बेनेफिशरी का बैंक अकाउंट नंबर और बैंक का आईएफएससी कोड जरूरी है। ऐसे हर व्यक्ति नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा का लाभ ले सकते हैं जिनका बैंक में अकाउंट है।

इसका इस्तेमाल करके आप ऑफलाइन तथा ऑनलाइन दोनों तरह से पैसे भेज सकते हैं। नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा सभी सीबीएस ब्रांच देते हैं। हालांकि यह सुविधा सभी बैंकों के पास नहीं है। यह सुविधा जिन बैंकों के पास है उनकी जानकारी हमने आपको ऊपर दी है, उस पर गौर अवश्य करें।

■ नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के फायदे

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर पैसे भेजने का और पैसे रिसीव करने का बहुत ही आसान और सेफ तरीका है। इसके जरिए आप किसी भी अमाउंट को काफी कम समय में अपने किसी भी रिश्तेदार या दोस्त को सुरक्षित तौर पर भेज सकते हैं। इसके द्वारा पैसे भेजने पर आप से कम प्रोसेसिंग फीस ली जाती है जो अन्य एप्लीकेशन के मुकाबले काफी कम होती है, जिसे हम मामूली फीस कह सकते हैं।

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि इसकी प्रोसेसिंग फीस बहुत ही कम होती है और आप बहुत ही कम प्रोसेसिंग दर पर अपने पैसे किसी भी व्यक्ति को भेज सकते हैं।

हमारे भारत देश की सभी बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा संचालित नियम और कानून का पालन करती हैं और इसी लिए यह काफी सुरक्षित मानी जाती है।

■ नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा का नुकसान

इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए व्यक्ति का थोड़ा पढ़ा लिखा होना जरूरी है। यह इंटरनेट के जरिए और लैपटॉप या फिर स्मार्टफोन के इस्तेमाल के द्वारा होता है और इसके लिए जो लोग पढ़े लिखे नहीं हैं, वह इस सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर पाते, क्योंकि हमारे देश की अधिकतर आबादी अभी भी अनपढ़ या फिर कम पढ़ी लिखी है।

■ NEFT के FAQs

– नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर क्या है?

यह एक ऐसा सिस्टम है जिसके द्वारा व्यक्ति सुरक्षित रूप से अपने पैसे किसी अन्य व्यक्ति के बैंक अकाउंट में भेज सकता है और व्यक्ति इसके द्वारा पैसे रिसीव भी कर सकता है।

– क्या नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के जरिए पैसे भेजने के लिए आईएफएससी कोड जरूरी है?

जी, इसके लिए आईएफसी कोड जरूरी है। नेफ्ट के जरिए किसी भी व्यक्ति को पैसे भेजने के लिए आईएफएससी कोड होना जरूरी है।

– क्या सभी बैंकों के पास नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर की सुविधा उपलब्ध होती है?

जी नहीं सभी बैंकों के पास यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती है। यह सुविधा जिन बैंकों के पास उपलब्ध है, उसकी लिस्ट हमने आपको ऊपर दी है।

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था neft का फुल फॉर्म क्या है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको neft का फुल फॉर्म के बारे में जानकारी मिल गयी होगी|

अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी तो पोस्ट को १ लाइक और शेयर अवश्य करे और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करना ना भूले क्यूंकि हम चाहते है की ज्यादा से ज्यादा लोगो को neft के बारे में पूरी जानकारी मिल पाए. धन्येवाद दोस्तों.

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