Neet Full Form in Hindi | Neet का फुल फॉर्म क्या है

दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल में हम आपको ” नीट के फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, नीट का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर नीट का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको नीट से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त होगी।

भारत में जन्म लेने वाले सभी विद्यार्थियों का एक ही सपना होता है कि वह अच्छी पढ़ाई लिखाई करके एक अच्छी नौकरी प्राप्त करें और इसके लिए वह दसवीं कक्षा से ही काफी मेहनत करते हैं, क्योंकि किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए शुरू से ही उसके बारे में सोचना पड़ता है और उस चीज को अपना लक्ष्य बनाकर उसके अनुसार अपनी तैयारी करनी पड़ती है।

कोई भी चीज हमें एक ही दिन में प्राप्त नहीं होती है।किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए हमें निरंतर प्रयास करना होता है, फिर चाहे वह पैसा हो या फिर नौकरी हो।हमारे भारत देश में हर साल लाखों लोग विभिन्न प्रकार की नौकरियों के लिए आवेदन देते हैं।

हालांकि आज के इस दौर में नौकरी पाना इतना आसान नहीं है, क्योंकि आप तो यह बात जानते ही हैं कि, हमारे भारत देश की जनसंख्या कितनी ज्यादा है और इतनी बड़ी जनसंख्या होने के कारण हमारे भारत देश में सीमित संसाधन है और अधिक जनसंख्या होने के कारण सभी को तो नौकरी नहीं दी जा सकती

या फिर सभी लोग नौकरी नहीं कर सकते। इसीलिए हमारे भारत देश में जो लोग अच्छी नौकरी प्राप्त नहीं कर पाते वह लोग अन्य स्वरोजगार के काम करते हैं। नौकरी पाने के लिए आज के समय में एजुकेशन की डिमांड बहुत ही बढ़ गई है।

क्योंकि वर्तमान के समय में ऐसी कोई भी फील्ड नहीं है, जहां पर शिक्षा का महत्व ना हो। अगर आपने अच्छी पढ़ाई लिखाई की है तभी आप एक अच्छी नौकरी प्राप्त करने के बारे में सोच सकते हैं और अगर आपने कम पढ़ाई की है तो आपको एक अच्छी नौकरी मिलना मुश्किल है।

सरकारी नौकरी पाना कोई बच्चों का खेल नहीं है। सरकारी नौकरी पाने के लिए काफी मेहनत के साथ पढ़ाई करनी पड़ती है और मेहनत के साथ साथ एक सटीक रणनीति बना कर चलना पड़ता है, क्योंकि जब व्यक्ति का उदेश्य अपनी मंजिल को हर हाल में पाना ही होता है तो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को सही दिशा की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रयत्न करना चाहिए।

हमारे भारत देश में ऐसे कई लड़के और लड़कीया है, जो 12वीं कक्षा को पास करने के बाद इस असमंजस में हो जाते हैं कि, अब वह आगे क्या करें, क्योंकि 12वीं कक्षा को पास करने के बाद हमें ग्रेजुएशन करना होता है और हम जिस भी विषय में ग्रेजुएशन करते हैं, हमें उसी के हिसाब से नौकरी प्राप्त होती है।

जैसे जो अभ्यर्थी कॉमर्स विषय से ग्रेजुएशन करते हैं अधिकतर बैंकिंग सेक्टर में नौकरी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा जो अभ्यर्थी साइंस के विषयों से ग्रेजुएशन पूरी करते हैं वह अधिकतर मेडिकल के क्षेत्र में जाते हैं।

तथा जो अभ्यर्थी आर्ट के विषयों से अपनी ग्रेजुएशन पूरी करते हैं, वह अधिकतर अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद विभिन्न सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते हैं और आईएएस और आईपीएस जैसे पदों को पाने की कोशिश करते हैं।

हमारे भारत देश में सरकारी नौकरी पाने का क्रेज इसलिए भी है क्योंकि एक तो सरकारी नौकरी में बहुत आराम होता है और इसमें तनख्वाह भी ज्यादा होती है।

परंतु यह बात तो आप जानते ही हैं कि कोई भी बिना किसी संस्थान या फिर ऑर्गनाइजेशन के संपन्न नहीं होती है।हमारे भारत में या फिर दुनिया में जितनी भी परीक्षाएं होती हैं उसे करवाने की जिम्मेदारी कोई ना कोई संस्था अवश्य लेती है।

आपने भी जब कभी कोई परीक्षा दी होगी तब यह जरूर देखा होगा कि उस परीक्षा का आयोजन करने की जिम्मेदारी किसी एक संस्था के पास होती है। हमारे भारत देश में विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित होती है और बहुत से पदों के लिए कोई एक ही संस्थान परीक्षा आयोजित करती है।

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Neet Full Form in Hindi

Neet का फुल फॉर्म क्या है

Neet Full Form in Hindi

■ नीट का फुल फॉर्म क्या होता है

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि नीट का फुल फॉर्म क्या होता है। नीट का फुल फॉर्म होता है NATIONAL ELIGIBILITY ENTRANCE TEST

■ नीट का हिंदी में क्या मतलब होता है

नीट का फुल फॉर्म होता है नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट और इसे हिंदी में राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा के नाम से जाना जाता है।

हमारे भारत देश में ऐसे कई छात्र हैं, जो अच्छी पढ़ाई लिखाई करके मेडिकल के क्षेत्र में जाने की इच्छा रखते हैं और जो छात्र मेडिकल के क्षेत्र में जाने की इच्छा रखते हैं उन्हें मेडिकल के क्षेत्र में किसी भी कॉलेज में एडमिशन लेने के पहले एक एंट्रेंस एग्जाम में शामिल होना पड़ता है

और अगर वह इस एंट्रेंस एग्जाम को पास कर लेते हैं, तो वह उस कोर्स में एडमिशन पा जाते हैं जिस कोर्स के लिए उन्होंने इंटरेस्ट एग्जाम दी होती है।

हम जिस एंट्रेंस एग्जाम के बारे में बात कर रहे हैं उसे नीट कहा जाता है, जिसका पूरा नाम है नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट। मेडिकल के क्षेत्र में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को इस परीक्षा को पास करना जरूरी है।

जो छात्र इस परीक्षा को पास कर लेते हैं, उन्हें फिर उनके कोर्स में एडमिशन मिल जाता है। इस परीक्षा को पास करने के बाद छात्रों को केंद्र सरकार के द्वारा संचालित मेडिकल इंस्टिट्यूट में एडमिशन दिया जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट को ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट के नाम से जाना जाता था और बाद में इसका नाम बदलकर नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी कि नीट कर दिया गया। नीट की परीक्षा का आयोजन हमारे पूरे भारत देश में एक साथ किया जाता है और इस परीक्षा का आयोजन हर साल होता है।

■ नीट एंट्रेंस एग्जाम क्या है

जो छात्र मेडिकल के क्षेत्र में एमबीबीएस और बीडीएस जैसे कोर्स में प्रवेश पाना चाहते हैं, उन्हें इस कोर्स में प्रवेश पाने के लिए एक एंट्रेंस एग्जाम पास करना जरूरी होता है जिसे नीट एंट्रेंस एग्जाम के नाम से जाना जाता है।

इस एंट्रेंस एग्जाम को पास करने के बाद छात्र अपनी इच्छा के अनुसार कॉलेज में एडमिशन पा सकते हैं। इस परीक्षा को देने के बाद एक मेरिट लिस्ट जारी की जाती है और काउंसलिंग में इंस्टिट्यूट का आवंटन प्राप्त अंकों के आधार पर होता है।

नीट की परीक्षा का आयोजन हमारे पूरे भारत देश में एक साथ किया जाता है और इस परीक्षा का आयोजन हर साल होता है।

जो छात्र इस परीक्षा को पास कर लेते हैं, उन्हें फिर उनके कोर्स में एडमिशन मिल जाता है। इस परीक्षा को पास करने के बाद छात्रों को केंद्र सरकार के द्वारा संचालित मेडिकल इंस्टिट्यूट में एडमिशन दिया जाता है।

■ नीट यूजी क्या है

नीट यूजी की परीक्षा में उन अभ्यर्थियों को शामिल होना होता है जो मेडिकल के क्षेत्र में एमबीबीएस, बीडीएस और neet-pg जैसे ग्रेजुएशन के सिलेबस की पढ़ाई करना चाहते हैं। इसके साथ ही इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए छात्र एमडी और एमएस जैसे ग्रेजुएशन मेडिकल पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने के लिए एडमिशन ले सकते हैं।

■ नीट यूजी की परीक्षा की जानकारी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसकी परीक्षा का सबसे पहली बार आयोजन साल 2013 में 5 मई को हुआ था और इस परीक्षा का आयोजन विभिन्न भाषाओं में किया गया था, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, तमिलतेलुगू उड़िया भाषा शामिल थी।

इस परीक्षा में छात्रों को मल्टीपल ऑप्शन वाले सवालों को हल करना होता है, जिसके लिए उन्हें 3 घंटे का समय संस्था की तरफ से दिया जाता है। छात्रों को 3 घंटे के अंदर ही इस पेपर को देना होता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस पेपर के अंतर्गत छात्रों को तीन प्रश्न पत्र हल करने होते हैं। इसमें छात्रों को भौतिकी के साथ 45 प्रश्न हल करने होते हैं, रसायन विज्ञान के साथ 45 प्रश्न हल करने होते हैं वही जीव विज्ञान में छात्रों को 90 सवालों के जवाब देने होते हैं।

ऐस तरह कुल मिलाकर छात्रों को 180 सवालों का जवाब देना होता है और आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसमें हर सवाल के 4 अंक दिए जाते हैं।इस तरह टोटल 720 अंक होते हैं और आप जितने सवालों के सही जवाब देते हैं, आपको उतने अंक प्राप्त होते हैं। इसके अलावा इस परीक्षा में माइनस मार्किंग भी होती है। हर गलत उत्तर के लिए छात्रों के पूरे अंकों में से 25% की कटौती कर ली जाती है।

इसलिए आपको जिन सवालों को जवाब आते हैं उनका ही जवाब लिखें और आपको जिन सवालों के जवाब नहीं आते हैं, उन्हें खाली छोड़ दें। इस परीक्षा में तुक्का मारने का प्रयास बिल्कुल भी ना करें, वरना माइनस मार्किंग के कारण आपने जो अंक प्राप्त किए हैं, उसमें भी कटौती हो सकती है।

■ NEET UG के लिये शैक्षिक योग्यता

अगर आप neet-ug की परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको अपनी 12वीं कक्षा भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के विषयों के साथ पास करनी होगी।

इसके अलावा इस परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्र सीमा भी निर्धारित की गई है। नीट की परीक्षा में शामिल होने के लिए आपकी कम से कम उम्र 17 साल होनी चाहिए जिनकी उम्र इससे कम है, वह इस परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते।

इसके अलावा सामान्य वर्ग से संबंध रखने वाले छात्रों की कम से कम उम्र 17 साल और अधिक से अधिक उम्र 25 साल होनी चाहिए, वही जो लोग एससीएसटी तथा ओबीसी समुदाय से संबंध रखते हैं, उन्हें हमारे भारतीय संविधान में दिए गए आरक्षण के तहत उम्र सीमा में छूट दी जाती है।

जिसके अंतर्गत नीट की परीक्षा में शामिल होने के लिए ओबीसी समुदाय के छात्रों की उम्र कम से कम 17 साल और अधिक से अधिक 28 साल होनी चाहिए। इसके अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की कम से कम उम्र 17 साल और अधिक से अधिक उम्र 30 साल होनी चाहिए।

हालांकि उम्र सीमा में छूट का फायदा लेने के लिए एससी एसटी तथा ओबीसी समुदाय के लोगों को अपने आरक्षण का सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी है, जिनके पास आरक्षण का सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें उम्र सीमा का फायदा नहीं मिलेगा

■ नीट की परीक्षा देने के लिए नागरिकता

नीट की परीक्षा में वही लोग शामिल हो सकते हैं जो भारतीय नागरिकता रखते हैं। इसके अलावा नेपाल तथा भूटान के नागरिक भी नीट की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

■ नीट पीजी परीक्षा की जानकारी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कॉमन एंट्रेंस टेस्ट को ही नीट पोस्टग्रेजुएट एग्जाम कहा जाता है और इस परीक्षा का माध्यम ऑनलाइन मोड कंप्यूटर आधारित मोड में किया जाता है।

इस परीक्षा को देने के लिए अभ्यर्थियों को टोटल 3 घंटे और 30 मिनट का समय दिया जाता है। इसी समय के अंदर अभ्यर्थियों को इस परीक्षा को देना होता है। इस परीक्षा के प्रश्न पत्रों को तीन भागों में आयोजित किया जाता है।

जिसमें भाग A में अभ्यर्थियों को 50 प्रश्न हल करने होते है ,भाग B में 100 प्रश्नों को हल करना होता है और भाग C में 150 प्रश्नों को हल करना होता है, जिसके लिए अभ्यर्थियों को 3 घंटे 30 मिनट का समय प्राप्त होता है। इस परीक्षा का आयोजन अंग्रेजी भाषा में ही किया जाता है।

■ NEET PG के लिये शैक्षिक योग्यता

जो छात्र इस परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं उनके पास इस परीक्षा में शामिल होने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के द्वारा मान्यता प्राप्त एमबीबीएस की डिग्री या फिर अंतिम एमबीबीएस पासिंग सर्टिफिकेट होना जरूरी है या फिर अभ्यर्थी के पास मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया या स्टेट मेडिकल काउंसिल के द्वारा जारी एमबीबीएस का स्थाई रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट होना जरूरी है।

इस परीक्षा में शमिल होने के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा के दिन एमसीआई, एसएमसी पंजीकरण प्रमाण पत्र परीक्षा केंद्र में लाना जरूरी होता है।

■ नीट परीक्षा महत्वपूर्ण जानकारी

1: भाषा

अंग्रेजी, ओड़िया, तमिल, असमी, तेलुगु, हिंदी, मराठी, कन्नड़, बंगाली, गुजराती और उर्दू

2: प्रश्न का प्रकार

बहुविकल्पीय प्रश्न

3: प्रश्न की संख्या

180

4: विषय

भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान

5: अंक योजना 4 अंक सही उत्तर

6: नकारात्मक अंक

गलत उत्तर देने पर 1 अंक की कटौती

7: परीक्षा मोड

पेन एंड पेपर

■ नीट का एग्जाम कितनी बार होता है

हमारे भारत देश में नीट की परीक्षा हर साल में एक बार आयोजित होती है और उस परीक्षा में जितने भी छात्र पास होते हैं, उन्हें किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन प्राप्त हो जाता है और जो अभ्यर्थी नीट की परीक्षा को पास नहीं कर पाते, उन्हें दोबारा इसकी परीक्षा अगले साल देनी होती है।

■ नीट की एग्जाम फीस कितनी होती है

किसी भी परीक्षा में शामिल होने के लिए सबसे पहले हमें उस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होता है और किसी भी परीक्षा में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए हमें कुछ फीस भरनी होती है। इसी तरह नीट की परीक्षा में अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग फीस निर्धारित की गई है।

जो अभ्यर्थी सामान्य वर्ग से संबंध रखते हैं उन्हें नीट की परीक्षा में शामिल होने के लिए 1400 की फीस भरनी पड़ती है तथा जो अभ्यर्थी एससी एसटी तथा ओबीसी समुदाय से संबंध रखते हैं, उन्हें इसकी परीक्षा में शामिल होने के लिए ₹750 की फीस भरनी होती है।

■ नीट एग्जाम पैटर्न क्या होता है

अगर नीट एग्जाम पैटर्न के बारे में बात करें तो इसमें छात्रों को भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान तथा वनस्पति विज्ञान से संबंधित विषयों का अध्ययन अच्छे से करना चाहिए, क्योंकि इनमें इसी विषयों से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं, आइए इसे एक चार्ट के माध्यम से समझते हैं।

– बॉटनी 45 अंक
– फिजिक्स 45 अंक
– जूलॉजी 45 अंक
– केमिस्ट्री 45 अंक

■ नीट की परीक्षा की तैयारी कैसे करें

नीट की परीक्षा की तैयारी करने के लिए छात्रों को इंटरमीडिएट की केमिस्ट्री,फिजिक्स और बायोलॉजी की किताबों का अच्छे से अध्ययन करना चाहिए।

जब आप यह निश्चय कर लें कि मुझे
नीट की परीक्षा पास करनी है, तो इसके बाद आपको नीट की परीक्षा के पाठ्यक्रम को अच्छे से समझना होगा। आपको नीट की परीक्षा के पाठ्यक्रम को बहुत ही गंभीरता से लेना होगा

और परीक्षाओं के लिए अलग-अलग योजना बनानी होगी तथा सिलेबस के सभी पॉइंट को मार्किंग करते हुए क्लियर करते जाएं की आपको क्या-क्या बातें जाननी और सीखनी है, क्योंकि किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए परीक्षा के पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है।

पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद आपको इसका रिवीजन अवश्य करना है क्योंकि रिवीजन करने से आपने जो भी पढा है या सीखा है,वह आपको अवश्य याद रहेगा।

आप जितना ज्यादा रिवीजन करेंगे, आपकी परीक्षा में सफल होने के उतनी ही ज्यादा चांस होंगे, क्योंकि बार-बार रिवीजन करने से आदमी के दिमाग में वह बातें बैठ जाती है, जो उसने पढ़ी या सिखी होती है।

नीट की परीक्षा की अच्छे से तैयारी
करने के लिए आपको अपने खुद के नोट्स अवश्य बनाने चाहिए, क्योंकि अगर आपके खुद के नोट है तो आपको अधिक समय तक सभी चीजें यह याद रहेगी

इसके अलावा अपनी तैयारी करने के लिए आपको एक टाइम टेबल का निर्माण भी करना होगा, क्योंकि टाइम टेबल का निर्माण करने से आपको यह बातें पता रहेंगी कि, आपको कौन से दिन किस विषय का अध्ययन कितनी देर तक करना है।

टाइम टेबल बनाने से आपकी कमांड सभी विषयों पर समान रूप से बनी रहेगी और आप अच्छे से अपनी तैयारी कर पाएंगे।

आपने जो भी पड़ा है या जो भी सीखा है समय-समय पर उसे चेक करते रहें, इसके अलावा नीट की परीक्षा में सफल होने के लिए आप इसके मॉडल टेस्ट पेपर को भी हल करने का प्रयास करें। इसके अलावा आप चाहे तो ऑनलाइन मॉक टेस्ट में भाग ले लेकर भी अपनी तैयारी परख रख सकते हैं

साथ ही अगर हो सके तो, नीट के पिछले 5 सालों के क्वेश्चन पेपर को इकट्ठा करने का प्रयास करें और उनके पैटर्न और प्रश्नों को समझें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नीट की परीक्षा के प्रश्न पत्र आपको ऑनलाइन आसानी से प्राप्त हो जाएंगे।

7: इसके अलावा अगर आप नीट की तैयारी करवाना चाहते हैं, तो आप अपने घर के आस-पास स्थित किसी अच्छे कोचिंग इंस्टिट्यूट का सहारा भी ले सकते हैं और अगर आपके घर के आसपास कोई अच्छा कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं है तो आप ऑनलाइन यूट्यूब के माध्यम से भी अपनी पढ़ाई कर सकते हैं

क्योंकि आज के समय में यूट्यूब पर एजुकेशन से रिलेटेड ऐसे कई चैनल है, जहां पर सिर्फ नीट ही नहीं बल्कि अन्य बड़ी-बड़ी परीक्षा की तैयारी भी करवाई जाती है। यूट्यूब पर विभिन्न चैनल मौजूद है,जहां से आप अपने इंटरेस्ट के हिसाब से चैनल का चुनाव पढ़ाई करने के लिए कर सकते हैं।

8: इसके अलावा नीट की तैयारी करने के लिए रोजाना अखबार और मैगजीन अवश्य पढ़ें, क्योंकि इससे आपको करंट अफेयर के बारे में बहुत सी जानकारियां प्राप्त होती है।इससे आपको यह पता भी होगा कि आपको किसी विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए ज्यादा रिसर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी

■ नीट की परीक्षा देने के लिए कितना समय मिलता है

नीट की परीक्षा देने के लिए छात्रों को 3 घंटे और 30 मिनट का समय दिया जाता है और उसी समय के अंदर उन्हें इसकी परीक्षा पूरी करनी होती है।

■ Neet Exam कब होता है

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर साल नवंबर के महीने में इसकी ऑफिशल नोटिस सामने आती है और मई तक इसकी परीक्षा हो जाती है। नीट की परीक्षा हर साल एक बार अवश्य होती है।

■ नीट एग्जाम कैसे होता है

हमारे भारत में बहुत सी ऐसी परीक्षा है जो ऑनलाइन आयोजित होती है परंतु अगर हम नीट की परीक्षा के बारे में बात करें तो इसकी परीक्षा ऑफलाइन होती है, जिसमें आपको पेन के द्वारा अपने जवाब आंसर शीट पर टिक करने होते हैं।

■ नीट की परीक्षा में किस प्रकार के क्वेश्चन आते हैं

नीट की परीक्षा में ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाते हैं, यानी कि आपको किसी सवाल के जवाब को देने के लिए चार विकल्प दिए जाते हैं। इसमें से आपको जो भी जवाब सही लगता है, उसके सामने बने हुए गोल बिंदु में बॉल पेन से गोल गोल निशान बनाना होता है।

अगर आपका जवाब सही होता है, तो आपको एक सवाल का सही जवाब देने पर 4 अंक प्राप्त होते हैं। इसी तरह आप जितने सवालों का सही जवाब देंगे, आपको उतना ही अधिक अंक प्राप्त होंगे। वहीं अगर आप किसी सवाल का गलत जवाब देते हैं, तो आपका एक नंबर काट भी लिया जाएगा यानी कि इस परीक्षा में माइनस मार्किंग होती है।

■ नीट परीक्षा किस भाषा में होता है

नीट की परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होती है। इसके अलावा इसकी परीक्षा कुछ क्षेत्रीय भाषाओं में भी होती है जैसे कि तमिल, तेलुग, कन्नड़, गुजराती इत्यादि

■ नीट की परीक्षा पास करने के बाद क्या होता है

नीट की परीक्षा को पास करने के बाद काउंसलिंग होती है और काउंसलिंग के आधार पर छात्रों को इंडिया के बेस्ट मेडिकल कॉलेज, सर्जरी कॉलेज में एडमिशन प्राप्त होता है।

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था NEET का फुल फॉर्म क्या है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको Neet के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी|

अगर आपको हमारी ये पोस्ट अच्छी लगी तो पोस्ट को लाइक और शेयर जरुर करे और ये भी बताये की आपको ये पोस्ट कैसे लगी धन्येवाद दोस्तों|

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