नारी शिक्षा का महत्व पर निबंध



नारी शिक्षा का महत्व पर निबंध – नमस्कार दोस्तों आज का पोस्ट आप लोगों के लिए बहुत ज्यादा शिक्षा प्रदान करने वाला आर्टिकल है क्योंकि इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि नारी शिक्षा का महत्व क्या होता है.

हमसे बहुत विद्यार्थी पूछते हैं कि हमारे परीक्षा में नारी शिक्षा का महत्व पर निबंध लिखो, लेकिन समस्या की बात उनके सामने यह आ जाती है कि उन लोगों को समझ में नहीं आता है कि इस निबंध में हम क्या लिखें.

आप लोगों की मदद करने के लिए हम आज आपके साथ नारी शिक्षा के महत्व पर हिंदी निबंध शेयर कर रहे हैं जिसको आप उपयोग कर सकते हैं तो चलिए दोस्तों ज्यादा समय बर्बाद ना करते हुए हम आज के हिंदी निबंध की शुरूआत करते हैं.

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नारी शिक्षा का महत्व पर निबंध

जहां तक शिक्षा का प्रश्न है यह तो नारी हो या पुरुष दोनों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है. शिक्षा का कार्य तो व्यक्ति के विवेक को जगा कर उसे सही दिशा प्रदान करना है. शिक्षा सभी का समान रूप से हित साधन किया करती है.

लेकिन फिर भी भारत जैसे विकासशील देश में नारी की शिक्षा का महत्व इसलिए अधिक है कि वह देश की भावी पीढ़ी को योग्य बनाने के कार्य उचित मार्गदर्शन कर सकती है. बच्चे सबसे अधिक माताओं के संपर्क में रहा करते हैं.

माताओं के संस्कारों व्यवहार व शिक्षा का अभाव बच्चों के मन मस्तिष्क पर सबसे अधिक पढ़ा करता है. माताओं की बच्चों के कोमल व और बरमान मस्तिष्क में उन समस्त संस्कारों के बीज बो सकती है जो आगे चलकर अपने समाज देश और राष्ट्र के उत्थान के लिए परम आवश्यक हुआ करते हैं.

नारी का कर्तव्य बच्चों के पालन-पोषण का अधिक से अपने घर परिवार की व्यवस्था और संचालन करना भी होता है. एक शिक्षित और विकसित मन-मस्तिष्क वाली नारी परिस्थिति घर के प्रत्येक सदस्य की आवश्यकता आदि का ध्यान रखकर उचित व्यवस्था एवं संचालन कर सकती है.

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अशिक्षित पत्नी होने के कारण अधिकांश परिवार आज के युग में नर्क के समान बनते जा रहे हैं. विद्वानों का कथन है कि गृहस्थी के कार्य को सुचारु रुप से चलाने के लिए शिक्षा की अत्यंत आवश्यकता है. विश्व की प्रगति शिक्षा के बल पर ही चरम सीमा तक पहुंच सकी है.

विश्व संघर्ष को जीतने के लिए चरित्र शस्त्र की आवश्यकता पड़ती है. यदि नारी जाति अशिक्षित हो तो वह अपने जीवन को विश्व की गति के लिए अनुकूल बनाने में सदा असमर्थ रही है.

यदि वह शिक्षित हो जाए तो उसका पर पारिवारिक जीवन स्वर्ग में हो सकता है और उसके बाद देश समाज और राष्ट्र की प्रगति में वह पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने में समर्थ हो सकती है.

भारतीय समाज में शिक्षक माता गुरु से भी बढ़कर मानी जाती है, क्योंकि वहां अपने पुत्र को महान से महान बना सकती है. आज खुद नारी समाज के सामने घर परिवार परिवेश समाज रीति नीतियों तथा परंपराओं के नाम पर जो अनेक तरह की समस्याएं उपस्थित है

उनका निराकारण नारी समाज हर प्रकार की शिक्षा के धन से संपन्न होकर ही कर सकती है. इन्हीं सब बुराइयों को दूर करने के लिए नारी शिक्षा अत्यंत आवश्यक है. शिक्षा के द्वारा नारी जाति समाज में फैली कुप्रथाओं को मिटाकर अपने ऊपर लगे लांछन ओ का सहज ही निराकरण कर सकती है.

इसलिए आज के जमाने में कितना लड़कों को शिक्षा देना जरूरी है उतना ही लड़कियों को भी शिक्षित बनाना बहुत ज्यादा जरूरी. लेकिन जो लोग गांव में रहते हैं उन लोगों की सोच अच्छी नहीं होती है वह लोग केवल अपने लड़कों को स्कूल या कॉलेज पढ़ाई करने के लिए भेजते हैं और लड़कियों को केवल घर का काम करने के लिए कहते हैं.

हमारे हिसाब से यह बिल्कुल गलत है क्योंकि अगर हम लड़कियों को पढ़ने लिखने का मौका नहीं देंगे तब वह लोग अपने कदम को आगे बढ़ाने में कामयाब नहीं हो पाएंगे. इसलिए हम समझते हैं कि नारी जाति को शिक्षित होना बहुत ज्यादा जरूरी है.

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आपकी और दोस्तों

दोस्तों यह था नारी शिक्षा का महत्व पर निबंध हम उम्मीद करते हैं कि आज का यह आर्टिकल पढ़ने के बाद आप लोगों को इंतिहान और परीक्षा में इस टॉपिक पर निबंध लिखने में कोई भी प्रॉब्लम नहीं होगी.

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