मोबाइल फोन का आविष्कार किसने कब और कैसे किया था | Who Invented Mobile Phone in Hindi

मोबाइल का आविष्कार किसने, कब और कैसे किया था: मोबाइल फोन आज के समय में मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन है। मनोरंजन के साथ-साथ मोबाइल फोन ने हमारी बहुत सी परेशानियों को दूर किया है। आजकल हर छोटा और बड़ा काम लगभग मोबाइल फोन की वजह से होता है। बिना मोबाइल फोन के आज की दुनिया की कल्पना करना मुश्किल है।

आधुनिक समय में प्रत्येक व्यक्ति के पास मोबाइल फोन अवश्य है। रोटी, कपड़ा और मकान के बाद मोबाइल फोन आज के समय में इंसान की सबसे बड़ी आवश्यकता है। आज से तकरीबन 15 साल पहले मोबाइल फोन बहुत ही दुर्लभ पाए जाते थे। लेकिन आज बाजार में मोबाइल फोन की सबसे बड़ी मांग है।

भारत जैसे बड़े वैश्विक बाजार में रोजाना लाखों की संख्या में मोबाइल फोन बेचे जाते हैं। आज के समय में भारत दुनिया में मोबाइल फोन का सबसे बड़ा बाजार है। चीन, अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया जैसे देश भारत में मोबाइल इंडस्ट्री से जबर्दस्त मुनाफा कमा रहे हैं।

लेकिन क्या आपको पता है, इस आधुनिक मनोरंजन के साधन को बनाने का विचार किसके मन में आया था? यानी मोबाइल फोन को किसने बनाया था? या मोबाइल का आविष्कार किसने किया था? तो आज हम आपके इन्हीं सवालों के जवाब बारीकी से देंगे, तो सबसे पहले समझते है कि मोबाइल फोन होता क्या है?

मोबाइल फोन का आविष्कार किसने, कब और कैसे किया था?

Who Invented Mobile Phone in Hindi

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1. मोबाइल फोन

मोबाइल फोन एक ऐसा यंत्र है जिससे हम दुनिया में कहीं पर भी बात कर सकते हैं। यह एक वायरलेस हैंडहेल्ड डिवाइस है, जो हमारी आवाज किसी तक पहुंचाने और किसी की आवाज हमारे तक पहुंचाने की सुविधा प्रदान करता है। इसके अलावा मोबाइल फोन हमें संदेश, ई-मेल, ऑडियो, विडियो आदि भेजने की सुविधा देता है।

मोबाइल फोन रेडियो फ्रिक्वेन्सी पर काम करते हैं। इसमें रेडियो तरंगे मोबाइल से निकलती है, फिर वो मोबाइल फोन ऑपरेटर के यंत्र पर पहुँचती है। इसके बाद जिस फ्रिक्वेन्सी पर फोन किया जाता है, मोबाइल फोन ऑपरेटर उस पर उन तरंगों को स्थानातंरित कर देता है।

इस तरह से मोबाइल फोन किसी कॉल को भेजता और प्राप्त करता है। लेकिन आधुनिक मोबाइल सेवा सेल्यूलर नेटवर्क पर काम करती है। यह सेल्यूलर नेटवर्क अंतरिक्ष में चक्कर लगा रहे सैटेलाइट की टेक्नोलोजी पर काम करता है। सैटेलाइट नेटवर्क की खासियत है कि यह पूरी दुनिया में काम करता है।

2. मोबाइल फोन का इतिहास

हते हैं जिस वस्तु की हम कल्पना करते हैं उसे हम बना भी सकते है। इसी प्रकार मोबाइल फोन भी किसी इंसान के कल्पना करने का ही नतीजा है। साल 1906 में एक ब्रिटिश चित्रकार Lewis Baumer ने एक कार्टून बनाया था। इस कार्टून में सर्वप्रथम मोबाइल फोन की रूपरेखा दिखाई गई थी।

इस कार्टून में एक महिला अपने बॉयफ्रेंड के साथ एक ऐसे यंत्र से बात कर रही थी। जो बिल्कुल वायरलेस था। फिर इसके बाद 1926 में Karl Arnold ने भी एक ऐसा ही कार्टून बनाया था। जिसमें एक लड़का शहर की गली में वायरलेस टेलीफ़ोन पर बात कर रहा था।

मोबाइल फोन के इतिहास की शुरुआत 1908 से होती है। जब Albert Jahnke ने TATPC कंपनी के साथ मिलकर एक वायरलेस टेलीफ़ोन को बनाया था।

लेकिन इन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया, जिस कारण यह उस वायरलेस टेलीफ़ोन के विकास को आगे नहीं बढ़ा पाए। हालांकि कुछ वर्ष बाद यह आरोप गलत साबित हुआ।

इसके बाद 1918 में जर्मन की एक कंपनी ने एक वायरलेस टेलीफ़ोन को विकसित किया जो दो सैन्य रेलगाड़ियों के बीच में संपर्क रखता था। फिर इसी प्रणाली पर 1924 में सार्वजनिक रूप से इसका परीक्षण किया गया।

1926 तक जर्मन में रेलगाड़ियों के मध्य वायरलेस टेलीफ़ोन की सुविधा सार्वजनिक रूप से प्रदान कर दी गई। हालांकि ट्रेन में यह प्रथम श्रेणी यात्रियों के लिए उपलब्ध था।

द्वितीय विश्वयुद्ध तक आते-आते ऐसे यंत्रों की भारी आवश्यकता पड़ने लगी। क्योंकि युद्ध में सैनिकों को निर्देश देने के लिए यह सबसे उत्तम साधन था। शुरुआत में बनाए गए टेलीफ़ोन काफी भारी थे। इसलिए उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने पर दिक्कत होती थी। इसके अलावा वो भारी मात्रा में बिजली की खपत भी करते थे।

इन्हीं समस्याओं को देखते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका ने ऐसे टेलीफ़ोन बनाने पर ज़ोर दिया गया। जो ऑटोमोबाइल से टेलीफ़ोन कॉल को भेज और प्राप्त कर सके। जिसके बाद 17 जून, 1946 को St. Louis और Missouri ने इस टेलीफ़ोन सेवा का उद्घाटन किया। जो एक सीमित क्षेत्र में काम करता था।

फिर 1961 में Moscow के एक इंजीनियर Leonid Kupriyanovich ने एक पॉकेट साइज़ संचार रेडियो का आविष्कार किया। जिसका वजन मात्र 70 ग्राम था जो हथेली में आराम से आ सकता था। परंतु इस फोन से सिर्फ एक व्यक्ति से ही बात हो सकती थी।

1965 में Bulgarian Company “Radioelektronika” ने Leonid के द्वारा बनाए गए फोन की कमियों को दूर किया। इस फोन से तकरीबन 15 लोगों के साथ बात हो सकती थी। इस तरह से धीरे-धीरे मोबाइल फोन में सुधार होते गए। फिर शुरुआत होती है मार्टिन कूपर की जो मोबाइल फोन के आविष्कारक माने जाते है।

3. मोबाइल फोन का आविष्कार

आधुनिक मोबाइल के आविष्कार का श्रेय मार्टिन कूपर को दिया जाता है। 3 अप्रैल, 1973 का वो ऐतिहासिक दिन था, जब मोबाइल फोन का आविष्कार हुआ। हालांकि John F. Mitchell ने भी मोबाइल फोन बनाने में मार्टिन कूपर का साथ दिया था। लेकिन उनका नाम इतिहास में दर्ज नहीं हो पाया।

1973 में John F. Mitchell और मार्टिन कूपर ने मिलकर मोटोरोला कंपनी में पहले हैंडहेल्ड मोबाइल का आविष्कार किया। जिसे DynaTAC नाम दिया गया। इस पहले मोबाइल फोन का वजन तकरीबन 1.1 किलोग्राम था। हालांकि यह पहला मोबाइल फोन था लेकिन फिर भी इसमें काफी खामियाँ थी।

इस कारण एक दशक बाद पहले मोबाइल फोन को लोगों के लिए बाजार में उतारा गया। जब इसे बाजार में पहली बार उतारा गया तो इसकी कीमत लगभग $3500 थी। उस समय इस फोन को DynaTAC 8000x नाम दिया गया। यह सेल्यूलर नेटवर्क पर काम करता था।

इस पहले फोन से एक बार चार्ज होने के बाद सिर्फ 30 मिनट तक बात होती थी और इसे चार्ज होने में तकरीबन 10 घंटे का समय लगता था। यह आकार में भी काफी बड़ा था, जिसे हाथ में लेना मुश्किल था। इस कारण धीरे-धीरे इसमें बदलाव किए गए।

4. आधुनिक मोबाइल फोन की रूपरेखा

मार्टिन कूपर के द्वारा बनाए गए पहले फोन Motorola DynaTAC 8000x में भी काफी खामियाँ थी। इसके अलावा यह काफी महंगा फोन था। पहले मोबाइल फोन के बाजार में आने के बाद इसे बनाने की होड़ मच गई। इंजीनियर अब कूपर के द्वारा बनाए गए फोन की कमियाँ दूर करने में लग गए।

इसी क्रम में 1989 में मोटोरोला कंपनी ने Motorola Microtac 9800X मोबाइल बाजार में उतारा। लेकिन इसमें भी काफी खामियां निकली। यह मोबाइल सिर्फ सीमित क्षेत्र ही में ही काम करता था। इसलिए Motorola के इंजीनियर बाजार में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए जल्दी से इसकी खामियाँ दूर करने लगे।

लेकिन 1992 में Nokia इस प्रतिस्पर्धा में कूद गया। Nokia ने Nokia 1011 मोबाइल फोन को लॉंच कर सबको चौंका दिया। यह दुनिया का पहला मोबाइल फोन था जो दुनिया में कहीं पर भी काम कर सकता था।

यह फोन ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशन (Global System for Mobile Communication- GSM) पर काम करता था। GSM 2G वायरलेस नेटवर्क सेल्यूलर टेक्नोलोजी पर आधारित है।

इसके बाद 16 अगस्त, 1994 को Mitsubishi Electric Company ने IBM Simon मोबाइल फोन को लॉंच किया। यह फोन एक स्मार्टफोन की तरह काम करता था, जिसमें एक टचस्क्रीन डिस्प्ले थी।

इसके अलावा इस फोन में अपने खुद के सॉफ्टवेर थे। जिसमें एक एड्रैस बूक, कैल्कुलेटर, कलेंडर, डिजिटल नोटपेड, वर्ल्ड क्लॉक आदि शामिल थे। कंपनी ने 6 महीनों के अंदर ही ऐसे 50,000 फोनों को बाजार में बेचा।

इस तरह मोबाइल फोन में दिनों-दिन अनेक सुधार होने लगे। 1996 में Nokia ने Nokia 9000 Communicator फोन को बाजार में उतारा।

Nokia 9000, Nokia कंपनी को पहचान दिलाने वाला पहला फोन था। क्योंकि यह फोन ई-मेल और फ़ैक्स भेजने वाला दुनिया का पहला फोन था। इस फोन ने नोकिया की किस्मत ही बदल दी थी।

फिर इसी साल Motorola ने भी अपना एक मोबाइल फोन Motorola StarTAC लॉंच किया। मोटोरोला के StarTAC लाइन का यह पहला फोन था।

StarTAC दुनिया का पहला ब्रांडेड Luxury फोन था। इसका वजन सिर्फ 88 ग्राम था। जो उस समय के मोबाइल फोन में सबसे कम था। जिसे आसानी से पॉकेट में रखा जा सकता था।

इसी साल नोकिया ने Nokia 9000 लॉंच करने के बाद Nokia 8110 मोबाइल फोन को प्रदर्शित किया। यह चलाने में बहुत ही आसान था। इसमें दो स्लाइडें लगी हुई थी, जिसमें एक स्लाइड को ऊपर करने से फोन कॉल रिसिव होत था। फिर उसी स्लाइड को नीचे करने पर फोन कॉल समाप्त होती थी।

1999 में BlackBerry कंपनी ने अपना पहला मोबाइल फोन बाज़ार में उतारा। इस मोबाइल को RIM (BlackBerry) 850 नाम दिया गया। इस फोन में सबसे पहले QWERTY कीबोर्ड का इस्तेमाल किया गया। इसमें ईमेल भेजने और प्राप्त करने की क्षमता थी। इसके अलावा इसमें इंटरनेट भी चलाया जा सकता था।

Nokia अब बड़ी तेजी से मोबाइल फोन टेक्नोलोजी पर काम कर रहा था। 1999 में नोकिया ने Nokia 7110 को लॉंच किया, जो कुछ-कुछ 8110 जैसा था। यह पहला मोबाइल था जिसमें WAP ब्राउज़र में इंटरनेट एक्सैस होता था। इसके अलावा इस फोन में रिंगटोन डाउनलोड करने की भी सुविधा थी। जो उस समय बहुत प्रसिद्ध हुआ।

धीरे-धीरे मोबाइल फोन में नए-नए फंकशन जुड़ रहे थे। 2000 में जापानी कंपनी Sharp ने Sharp J-SH04 फोन लॉंच किया। कंपनी ने इस फोन में डिजिटल कैमरा की सुविधा प्रदान की। जो दुनिया को कैमरा की सुविधा देने वाला पहला फोन था। तब इसका कैमरा सिर्फ 0.11 मेगापिक्सल का था।

फिर आती है Nokia के पहले सबसे बेहतरीन फोन की बारी। साल 2000 में Nokia ने Nokia 3310 मोबाइल लॉंच किया। दुनियाभर में तकरीबन 125 मिलियन इस मॉडल के मोबाइल बेचे गए। इसमें स्वागत संदेश और साँप वाला खेल था। इसके अलावा यह अपनी लंबी बैटरि के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय हुआ।

इस तरह से दिनों-दिन मोबाइल टेक्नोलोजी पहले से ज्यादा सुदृढ़ होती जा रही थी। वर्ष 2000 के समय में बेहतरीन मोबाइल बनाने की प्रतिस्पर्धा में नोकिया सबसे आगे चल रहा था। 2003 में Nokia ने Nokia 1100 मॉडल लॉंच किया। यह आज के आधुनिक फीचर फोन जैसा था।

इसका आकार भी सामान्य फोन की तरह था। इसके अलावा इसमें अलार्म, स्नेक गेम-II, कॉल, टेक्स्ट आदि अनेक सॉफ्टवेर थे। आपको जानकार आश्चर्य होगा, इस मॉडल के लगभग 250 मिलियन फोन पूरी दुनिया में बिके थे। इसके सबसे ज्यादा बिकने का कारण इसकी बहुत कम कीमत थी। हकीकत में यह फोन Nokia का आज तक सबसे सस्ता फोन है।

2003 में पूरी दुनिया में 3G नेटवर्क की शुरुआत हो चुकी थी। इस कारण सभी कंपनियाँ अब 3G सपोर्टिंग मोबाइल बनाने पर ज्यादा ध्यान देने लगी। Motorola ने 2004 में Motorola Razr V3 मॉडल बाजार में उतारा। यह उस समय मोटोरोला का सबसे लोकप्रिय फोन था। 2006 तक इस मॉडल के कुल 50 मिलियन फोन पूरी दुनिया में बेचे गए।

2005 में Sony ने अपनी पार्टनर कंपनी Ericsson के साथ मिलकर Sony Ericsson Walkman W800 फोन को लॉंच किया। इस फोन में संगीत और वीडियो चलाने की सुविधा कंपनी के द्वारा दी गई थी।

इसके अलावा इस फोन में 2 मेगापिक्सल का कैमरा था जिसमें वीडियो रिकॉर्डिंग करने की क्षमता थी। इसके अलावा इस फोन में ब्लुटूथ, गेम्स डाउनलोड, MP3 रिंगटोनस, 3G कनैक्शन, WAP इंटरनेट ब्राउज़र और 34 MB इंटरनल मेमोरी थी। साथ ही यह फोन 2 GB मेमोरी कार्ड को भी सपोर्ट करता था।

फिर शुरुआत होती है iPhone की दुनिया की। जून 2007 में एप्पल ने अपना पहला iPhone बाज़ार में उतारा। तब इसकी शुरुआती कीमत $499 थी। दुनियाभर में पहले iPhone के 6 मिलियन फोन बेचे गए थे। यह दुनिया का पहला स्मार्टफोन था, जिसमें ढेर सारे सॉफ्टवेर समाहित थे।

2008 में HTC ने पहला Android Operating System Mobile Phone लॉंच किया। इस फोन के बाद दुनियभार में Android फोन की शुरुआत हुई। HTC ने अपने मोबाइल को HTC (T-Mobile) Dream G1 नाम दिया। जो सच में अपने नाम के अनुरूप हर किसी का ड्रीम (सपना) था।

इसके बाद 2008 में Android ने अपना एप स्टोर लॉंच किया। इस एप स्टोर को “Android Market” नाम दिया गया। जो आज के समय में Google Play Store के नाम से प्रसिद्ध है। इस एप स्टोर ने दुनियाभर में एप्स बनाने की होड़ मचा दी।

2009 में Whatsapp और 4G सेवा की शुरुआत हुई। इसके बाद मोबाइल टेक्नोलोजी में भूचाल सा आ गया। दिनों-दिन एक से बढ़कर एक नए फोन आने लग गए।

iPhone ने दुनिया को स्मार्टफोन दिये। लेकिन 2015 में Samsung ने Samsung Galaxy S6 Edge को लॉंच कर एक बेहतरीन एण्ड्रोयड स्मार्टफोन दिया।

सैमसंग का यह मॉडल एक बेहतरीन स्मार्टफोन साबित हुआ। जो सिर्फ 10 मिनट चार्जिंग के बाद 4 घंटे तक उपयोग में लिया जा सकता था।

इसके अलावा यह बिना वायर के भी चार्ज होने वाला पहला फोन था। इसमें 16 मेगापिक्सल का कैमरा था। इस Android फोन ने iPhone को बाजार में कड़ी टक्कर दी।

इस तरह से आज के आधुनिक मोबाइल फोन का निर्माण हुआ। अभी प्रत्येक दिन नए-नए मोबाइल फोन बाज़ार में आ रहे हैं। जो हमें एक से बढ़कर एक नई सुविधाएँ प्रदान कर रहे हैं।

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तो दोस्तों ये था मोबाइल फोन का अविष्कार किसने कब और कैसे किया था, हम आशा करते है की इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने के बाद आप सभी को पता चल गया होगा की मोबाइल का निर्माण कैसे हुआ था|

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