MBBS Full Form in Hindi | MBBS का फुल फॉर्म क्या है

MBBS Full Form in Hindi: दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल में हम आपको ” एमबीबीएस के फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, एमबीबीएस का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर एमबीबीएस का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको एमबीबीएस से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त होगी।

भारत में जन्म लेने वाले सभी विद्यार्थियों का एक ही सपना होता है कि वह अच्छी पढ़ाई लिखाई करके एक अच्छी नौकरी प्राप्त करें और इसके लिए वह दसवीं कक्षा से ही काफी मेहनत करते हैं, क्योंकि किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए शुरू से ही उसके बारे में सोचना पड़ता है और उस चीज को अपना लक्ष्य बनाकर उसके अनुसार अपनी तैयारी करनी पड़ती है।

कोई भी चीज हमें एक ही दिन में प्राप्त नहीं होती है।किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए हमें निरंतर प्रयास करना होता है, फिर चाहे वह पैसा हो या फिर नौकरी हो।हमारे भारत देश में हर साल लाखों लोग विभिन्न प्रकार की नौकरियों के लिए आवेदन देते हैं।

हालांकि आज के इस दौर में नौकरी पाना इतना आसान नहीं है, क्योंकि आप तो यह बात जानते ही हैं कि, हमारे भारत देश की जनसंख्या कितनी ज्यादा है और इतनी बड़ी जनसंख्या होने के कारण हमारे भारत देश में सीमित संसाधन है और अधिक जनसंख्या होने के कारण सभी को तो नौकरी नहीं दी जा सकती

या फिर सभी लोग नौकरी नहीं कर सकते। इसीलिए हमारे भारत देश में जो लोग अच्छी नौकरी प्राप्त नहीं कर पाते वह लोग अन्य स्वरोजगार के काम करते हैं। नौकरी पाने के लिए आज के समय में एजुकेशन की डिमांड बहुत ही बढ़ गई है।

क्योंकि वर्तमान के समय में ऐसी कोई भी फील्ड नहीं है, जहां पर शिक्षा का महत्व ना हो। अगर आपने अच्छी पढ़ाई लिखाई की है तभी आप एक अच्छी नौकरी प्राप्त करने के बारे में सोच सकते हैं और अगर आपने कम पढ़ाई की है तो आपको एक अच्छी नौकरी मिलना मुश्किल है।

सरकारी नौकरी पाना कोई बच्चों का खेल नहीं है। सरकारी नौकरी पाने के लिए काफी मेहनत के साथ पढ़ाई करनी पड़ती है और मेहनत के साथ साथ एक सटीक रणनीति बना कर चलना पड़ता है, क्योंकि जब व्यक्ति का उदेश्य अपनी मंजिल को हर हाल में पाना ही होता है तो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को सही दिशा की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रयत्न करना चाहिए।

हमारे भारत देश में ऐसे कई लड़के और लड़कीया है, जो 12वीं कक्षा को पास करने के बाद इस असमंजस में हो जाते हैं कि, अब वह आगे क्या करें, क्योंकि 12वीं कक्षा को पास करने के बाद हमें ग्रेजुएशन करना होता है और हम जिस भी विषय में ग्रेजुएशन करते हैं, हमें उसी के हिसाब से नौकरी प्राप्त होती है।

जैसे जो अभ्यर्थी कॉमर्स विषय से ग्रेजुएशन करते हैं अधिकतर बैंकिंग सेक्टर में नौकरी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा जो अभ्यर्थी साइंस के विषयों से ग्रेजुएशन पूरी करते हैं वह अधिकतर मेडिकल के क्षेत्र में जाते हैं।

तथा जो अभ्यर्थी आर्ट के विषयों से अपनी ग्रेजुएशन पूरी करते हैं, वह अधिकतर अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद विभिन्न सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते हैं और आईएएस और आईपीएस जैसे पदों को पाने की कोशिश करते हैं।

हमारे भारत देश में सरकारी नौकरी पाने का क्रेज इसलिए भी है क्योंकि एक तो सरकारी नौकरी में बहुत आराम होता है और इसमें तनख्वाह भी ज्यादा होती है।

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MBBS Full Form in Hindi

MBBS का फुल फॉर्म क्या है

MBBS Full Form Hindi

 

■ एमबीबीएस का फुल फॉर्म क्या है

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि एमबीबीएस का फुल फॉर्म क्या होता है। एमबीबीएस का अंग्रेजी में फुल फॉर्म होता है “बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी”

यह मेडिकल से जुड़ा हुआ कोर्स होता है और यह काफी हाई डिग्री वाला कोर्स होता है। इस कोर्स को करने के लिए व्यक्ति का दिमाग काफी तेज होना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 1000 में से लगभग 500 लोग ही ऐसे होते हैं, जो इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं

■ बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी क्या है

अगर आपने कभी भी अपने जीवन में डॉक्टर बनने का सपना देखा है या फिर आप डॉक्टर बनने की इच्छा रखते हैं, तो आपको इस बात का ध्यान अवश्य रखना होगा कि आप को किस प्रकार का डॉक्टर बनना है।

कहने का मतलब है कि आप को किस प्रकार के रोगों का डॉक्टर बनना है। जैसे जो चमड़ी के डॉक्टर होते हैं, उन्हें डर्मेटोलॉजिस्ट कहा जाता है। इसके अलावा जो दिल के डॉक्टर होते हैं उन्हें हार्ट डॉक्टर कहा जाता है।

डॉक्टर बनने के लिए आपको विभिन्न प्रकार के कोर्स करने पड़ते हैं। इसमें से एक कोर्स है एमबीबीएस जिसे बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बेस्ट ऑफ सर्जरी कहा जाता है।

एमबीबीएस का कोर्स काफी कठिन कोर्स होता है और यह एक लंबा कोर्स भी होता है, इसलिए अगर आप इस कोर्स को करने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको अपने अंदर धैर्य अवश्य रखना पड़ेगा।

एमबीबीएस का कोर्स करने के बाद व्यक्ति डॉक्टर बन जाता है और समाज में एक विशेष पहचान हासिल करता है। विद्यार्थी लोग जब 10 वीं या फिर 12वीं कक्षा पास करते हैं, तो वह इस कंफ्यूजन में पड़ जाते हैं कि वह आगे ऐसा कौन सा कोर्स करें जिससे उनका कैरियर अच्छे से स्थापित हो जाए।

क्योंकि दसवीं और बारहवीं कक्षा के बाद विद्यार्थियों के जीवन में एक ऐसा पड़ाव आता है, जिसमें उन्हें यह निर्णय लेना होता है कि वह अब आगे क्या करें क्योंकि बारहवीं के बाद वह जिस कोर्स का चुनाव करते हैं उसी के अनुसार उन्हें आगे चलकर नौकरी प्राप्त होती है।

अगर कोई विद्यार्थी 12वीं कक्षा को पास करने के बाद डॉक्टर बनने की इच्छा रखता है तो उसे दसवीं कक्षा से ही इसकी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को दसवीं कक्षा में फिजिक्स और बायोलॉजी विषय अवश्य लेनी चाहिए।

■ एमबीबीएस का कोर्स कितने साल का होता है

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप एमबीबीएस का कोर्स करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको साढे 5 साल का समय लगेगा, क्योंकि यह कोर्स साढे 5 साल का होता है और जो छात्र एमबीबीएस का कोर्स करना चाहते हैं उन्हें 12वीं कक्षा में बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स जैसे विषयों को अवश्य लेना चाहिए

क्योंकि एमबीबीएस में इन्हीं विषयों से संबंधित पढ़ाई करवाई जाती है। बायोलॉजी केमिस्ट्री और फिजिक्स जैसे विषयों में इंटरेस्ट रखने वाले विद्यार्थी एमबीबीएस करते हैं।

■ बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स के लिए शैक्षिक योग्यता

अगर आप बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी का कोर्स करना चाहते हैं या फिर भविष्य में बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी का कोर्स करने की इच्छा रखते हैं तो आपको यह जानकारी रखना अति आवश्यक है कि बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी का कोर्स करने के लिए आपको कितनी पढ़ाई करनी पड़ेगी।

अगर आप नहीं जानते तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी का कोर्स करने के लिए आपको ग्रेजुएशन की डिग्री लेनी होगी, हालांकि इसमें सब्जेक्ट की बाध्यता है।

एमबीबीएस का कोर्स करने के लिए आपको 12वीं कक्षा को 50% अंकों के साथ फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के विषयों के साथ पास करना जरूरी है, तभी आपको अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिल पाएगा।

अगर आप 12वीं कक्षा को फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलोजी के विषयों के साथ अच्छे अंको से पास कर लेते हैं, तो फिर आपको सरकारी कॉलेज में एमबीबीएस का कोर्स करने के लिए एडमिशन मिल जाएगा

और अगर आपके अंक कम आते हैं, तो फिर आपको मजबूरन प्राइवेट कॉलेज में एमबीबीएस का कोर्स करने के लिए दाखिला लेना पड़ेगा और प्राइवेट कोर्स में आपको सरकारी कॉलेज से ज्यादा फीस भरनी पड़ेगी।

■ बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स करने हेतु आयु सीमा

बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स करने के लिए अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग उम्र सीमा निर्धारित की गई है। जो अभ्यर्थी सामान्य वर्ग से संबंध रखते हैं और बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स करना चाहते हैं, वह कम से कम 18 साल और अधिक से अधिक 25 साल तक बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स कर सकते हैं।

इसके अलावा एससी एसटी, ओबीसी समुदाय को भारतीय संविधान में दिए गए आरक्षण के तहत उम्र सीमा में छूट दी जाती है। sc-st समुदाय से संबंध रखने वाले लोग कम से कम 18 साल और अधिक से अधिक 30 साल तक बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स कर सकते हैं।

इसके साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंध रखने वाले लोग भी कम से कम 18 साल और अधिक से अधिक 28 साल तक बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स कर सकते हैं तथा जो दिव्यांग जन हैं वह कम से कम 18 साल और अधिक से अधिक 40 साल तक बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स कर सकते हैं।

■ कितनी बार दे सकते हैं बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स की परीक्षा

बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स की परीक्षा भी विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग निर्धारित की गई है। सामान्य वर्ग से संबंध रखने वाले अभ्यर्थी
बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स की परीक्षा अधिकतम 6 बार दे सकते हैं।

ओबीसी समुदाय से संबंध रखने वाले अभ्यर्थी अधिकतम 9 बार दे सकते हैं। एससी एसटी समुदाय के लोग जितनी मर्जी उतनी बार
बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स की परीक्षा दे सकते हैं।इनके लिए अधिकतम प्रयास की कोई भी सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

■ बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स के लिए नागरिकता

बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी का कोर्स भारत के अलावा दुनिया के किसी भी देश के विद्यार्थी कर सकते हैं, क्योंकि एमबीबीएस का कोर्स एक इंटरनेशनल कोर्स होता है।

आपने अक्सर देखा होगा कि विदेशो के बहुत से विद्यार्थी हमारे भारत देश में एमबीबीएस का कोर्स करने के लिए हर साल एडमिशन लेते हैं, इसके अलावा हमारे भारत देश के भी बहुत से विद्यार्थी एमबीबीएस का कोर्स करने के लिए दुनिया के देशों में जाते हैं।

हमारे भारत से हर साल एमबीबीएस का कोर्स करने के लिए अधिकतर विद्यार्थी सिंगापुर कनाडा अमेरिका ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड रसिया फ्रांस तथा जर्मनी जैसे देशों में जाते हैं।

एमबीबीएस का सर्टिफिकेट अंतरराष्ट्रीय तौर पर मान्य होता है, इसलिए विद्यार्थी चाहे किसी भी देश से इस कोर्स को करें वह पूरी दुनिया में नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं, हालांकि इसके लिए वह जिस भी संस्थान से एमबीबीएस का कोर्स करें वह संस्थान गवर्नमेंट द्वारा मान्यता प्राप्त होनी चाहिए।

■ MBBS कोर्स करने की अवधि

बहुत से अभ्यर्थी यह सवाल करते हैं कि आखिर एमबीबीएस के कोर्स को पूरा करने में कितने दिन लगते हैं, तो वैसे लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि एमबीबीएस के कोर्स को पूरा करने के लिए कम से कम 5:30 साल का समय लगता है।

हालांकि एमबीबीएस के कोर्स में एडमिशन पाने के लिए सबसे पहले अभ्यर्थियों को नीट परीक्षा को पास करना होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नीट परीक्षा काफी कठिन होती है।

इसीलिए विद्यार्थियों को इस परीक्षा की तैयारी अच्छे से करनी चाहिए। नीट परीक्षा को पास करने के बाद अगर विद्यार्थी का रैंक अच्छा आता है तो फिर उसे सरकारी कॉलेज में एडमिशन मिल जाता है और जिन विद्यार्थियों का रैंक कम आता है उन्हें फिर प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लेना पड़ता है।

एमबीबीएस के कोर्स में विद्यार्थियों का मुख्य तौर पर 2 स्टेप से गुजरना पड़ता है, जिसमें पहले 4 साल तक विद्यार्थियों को कॉलेज में पढ़ाया तथा सिखाया जाता है और अंतिम 1 साल में विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के जरिए प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रदान की जाती है।

अगर आप नीट की परीक्षा क्वालीफाई नहीं कर पाते हैं और विदेशों से इस कोर्स को करना चाहते हैं, तो वहां पर भी आपको लगभग 5 साल इस कोर्स की पढ़ाई करनी होगी और उसके बाद जब आपको डॉक्टर की डिग्री मिल जाएगी तब अगर आप भारत में आकर डॉक्टर का काम करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको कॉमन एप्टिट्यूड टेस्ट देना पड़ेगा

और अगर आप इस टेस्ट में पास हो जाते हैं तो फिर आप डॉक्टर बन सकते हैं या फिर भारत में डॉक्टर का काम कर सकते हैं। बिना इसको पास किए आप भारत में डॉक्टर नहीं बन पाएंगे और अगर आप बिना इस टेस्ट को पास किए डॉक्टरी का काम करते हैं तो वह अवैध का माना जाएगा।

■ कैसे होती है एमबीबीएस की पढ़ाई

कुछ सालों पहले ही एमबीबीएस के कोर्स के सिलेबस में परिवर्तन किया गया है और इसमें नए सिलेबस को जोड़ा गया है। इस कोर्स में विद्यार्थियों को हर तरह की विशेषता से संबंधित थोड़ी-थोड़ी पढ़ाई करवाई जाती है।

जैसे हड्डी रोग दिल का रोग इत्यादि। इसके साथ ही एमबीबीएस के कोर्स में विद्यार्थियों को इंसानों की मरी हुई लाश के जरिए भी पढ़ाई करवाई जाती है।

■ बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी कोर्स का करने हेतु भारत के प्रमुख कोलेज की लिस्ट

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)
  • क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लूर
  • जेआईपीएमईआर, पांडुचेरी
  • मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली
  • ग्रांट मेडिकल कॉलेज, मुंबई
  • मद्रास मेडिकल कॉलेज, चेन्नई
  • यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड जीटीबी हॉस्पिटल, दिल्ली
  • सेंट जॉन्स मेडिकल, कॉलेज बेंगलुरू

■ मेडिकल लाईन से जुडे अन्य कोर्स

इन कोर्सेज को कर के आप आसानी मेडिकल लाईन मे अपना केरियर बना सकते है।

  • MBBS (Bachelor of medicine and bachelor of surgery)
  • BDS (Bachelor of dental surgery)
  • BHMS (Bachelor of homeopathic medicine and surgery)
  • BAMS ( Bachelor of Ayurvedic medicine and surgery )
  • MD (Doctor of medicine)
  • MS (Master in surgery)
  • DM (Doctorate in medicine)
  • B.PHARMA (Bachelor of pharmacy)
  • B.SC Nursing
  • BPT (Physiotherapy)
  • BOT (Occupational therapy)
  • BUMS (Unani medicine)
  • D. PHARMA 2 years
  • AYURVEDIC, SIDDHA MEDICINE
  • BMLT (Bachelor of medical lab technician)

■ MBBS की फीस कितनी होती है

एमबीबीएस के कोर्स की फीस का निर्धारण दो फैक्टर पर होता है। इसमें पहला यह है कि आप इस कोर्स को हमारे भारत देश के किसी भी संस्थान से करते हैं और दूसरा फेक्टर यह है कि आप इस कोर्स को विदेश में किसी संस्थान से करते हैं।

अगर आप एमबीबीएस के कोर्स को हमारे भारत देश के किसी भी सरकारी संस्थान से करते हैं, तो इस कोर्स को करने के लिए आपको सालाना तौर पर ₹30000 से लेकर ₹70000 तक की फीस भरनी पड़ सकती है

और अगर आप इस कोर्स को हमारे भारत देश के किसी भी प्राइवेट इंस्टिट्यूट से करते हैं तो इस कोर्स को करने के लिए सालाना तौर पर आपको 1200000 लाख रुपए से लेकर 1500000 रुपए तक खर्च करने पड़ सकते हैं।

वहीं अगर आप इस कोर्स को विदेश में किसी भी संस्थान से करते हैं, तो आपको इस कोर्स को करने के लिए सालाना तौर पर ₹2500000 से लेकर ₹300000 तक की फीस भरनी पड़ सकती है।

इस कोर्स को करने के बाद विद्यार्थियों को 1 साल का इंटर्नशिप करना होता है, हालांकि कुछ कॉलेज फ्री में विद्यार्थियों को इंटरशिप करवाते हैं, तो कुछ कॉलेज इंटर्नशिप करवाने के लिए विद्यार्थियों से फीस वसूल करते हैं।

■ MBBS करने के बाद छात्रो के लिए स्काॅप

जब अभ्यर्थी एमबीबीएस के कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं, तो उनके मन में यह सवाल अवश्य आता है कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद अब आगे क्या करें, तो ऐसे अभ्यर्थियों की जानकारी के लिए बता दें कि वर्तमान के समय में सर्जरी की डिमांड काफी बढ़ गई है।

जिस वजह से सर्जन की डिमांड भी काफी बड़ी हुई है और इसीलिए जो अभ्यर्थी एमबीबीएस का कोर्स कर लेता है, वह एक सर्जन बन जाता है जिसके पास काम करने के लिए विभिन्न एरिया होते हैं जैसे कि

  • सरकारी अस्पताल
  • प्राईवेट अस्पताल
  • प्रयोगशाला
  • बायोमेडिकल कम्पनियां
  • मेडिकल काॅलेज
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र
  • फार्मास्यूटिकल
  • बायोटक्नोलोजी इत्यादी

■ बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी का कोर्स करने के बाद मिलने वाले पद

  • जूनियर डाॅक्टर
  • जूनियर फिजिशीयन
  • जूनियर सर्जन
  • मेडिकल प्रोफेसर
  • वैज्ञानिक

■ MBBS के बाद डाॅक्टर कैसे बने

अगर आप एमबीबीएस कर रहे हैं या फिर डॉक्टर बनने की सोच रहे हैं, तो एमबीबीएस का कोर्स करने के बाद आपको सिर्फ एक सामान्य टेस्ट देना होगा और अगर आप उस टेस्ट को क्वालीफाई कर लेते हैं, तो फिर आप डॉक्टर का काम कर सकते हैं।

■ डॉक्टर बनने के लिए परीक्षा

मेडिकल के क्षेत्र में डॉक्टर बनने के लिए विद्यार्थियों को दसवीं कक्षा से ही अपनी शुरुआत करनी पड़ती है, क्योंकि जब विद्यार्थी दसवीं कक्षा को पास करके 11वीं कक्षा में प्रवेश लेते हैं, तो साइंस स्ट्रीम में विद्यार्थियों के सामने मेडिकल और नॉन मेडिकल दो तरह के विकल्प आते हैं।

इसके अंतर्गत डॉक्टर बनने के लिए उन्हें मेडिकल की फील्ड सिलेक्ट करनी होती है, जिसके अंतर्गत आपके विषय फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी होते हैं। इन विषयों में छात्रों को 60% से अधिक स्कोर लाना होता है, साथ ही एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी भी करनी होती है।

■ एंट्रेंस एग्जाम

12वीं कक्षा में आप ऑल इंडिया मेडिकल परीक्षा या फिर स्टेट लेवल के फॉर्म भर सकते हैं परंतु एंट्रेंस एग्जाम में आपको अच्छे अंक लाना जरूरी है, क्योंकि एंट्रेंस एग्जाम में प्राप्त अंकों के आधार पर ही आपको कॉलेज मिलेगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एमबीबीएस में एडमिशन के लिए नेशनल लेवल पर और स्टेट लेवल पर विभिन्न परीक्षाएं आयोजित होती हैं।

मेडिकल के क्षेत्र में जानें के लिए आपको सीबीएससी बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट-यूजी) की परीक्षा पास करके किसी मान्यता प्राप्त संस्था से एमबीबीएस की पढ़ाई करनी होती है।

वहीं मेडिकल की सबसे बड़ी संस्थान एम्स जैसी बड़ी संस्था सीधे तौर पर प्रवेश परीक्षा आयोजित करती हैं। नीचे हमने कुछ मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम के नाम दिए हैं, जो आपको देने पड़ सकते हैं।

  • आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज
  • उत्तर प्रदेश कम्बाइंड प्री-मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी)
  • गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी-दिल्ली
  • वर्धा मेडिकल कॉलेज-वर्धा, आम्र्ड फोर्स-पुणे

■ प्रवेश परीक्षा की तैयारी हेतु आवश्यक जानकारी

आपकी जानकारी के लिए बता दें की मेडिकल की एंट्रेंस एग्जाम 10वीं और 12वीं कक्षा के सिलेबस पर डिपेंड होती है और इसीलिए मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को दसवीं और बारहवीं कक्षा के सिलेबस को अच्छे से कवर करना जरूर
जरूरी है।

इसके अलावा मेडिकल की एंट्रेंस एग्जाम देने से पहले उसके पूर्व में जितने भी पेपर हुए हैं उन्हें इकट्ठा करके उन्हें हल करने का प्रयास करें। ऐसा करने से आपको परीक्षा पैटर्न के बारे में जानकारी प्राप्त होगी।

साथ ही जो मेडिकल की परीक्षा दे चुके हैं उनसे मिले और उनसे इसके बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करें।

पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद आपको इसका रिवीजन अवश्य करना है क्योंकि रिवीजन करने से आपने जो भी पड़ा है या सीखा है वह आपको अवश्य याद रहेगा।

आप जितना ज्यादा रिवीजन करेंगे, आपकी परीक्षा में सफल होने के उतनी ही ज्यादा चांस होंगे, क्योंकि बार-बार रिवीजन करने से आदमी के दिमाग में वह बातें बैठ जाती है, जो उसने पढ़ी या सिखी होती है।

एमबीबीएस की परीक्षा की अच्छे से तैयारी
करने के लिए आपको अपने खुद के नोट्स अवश्य बनाने चाहिए, क्योंकि अगर आपके खुद के नोट है तो आपको अधिक समय तक सभी चीजें यह याद रहेगी

इसके अलावा अपनी तैयारी करने के लिए आपको एक टाइम टेबल का निर्माण भी करना होगा, क्योंकि टाइम टेबल का निर्माण करने से आपको यह बातें पता रहेंगी कि, आपको कौन से दिन किस विषय का अध्ययन कितनी देर तक करना है।

टाइम टेबल बनाने से आपकी कमांड सभी विषयों पर समान रूप से बनी रहेगी और आप अच्छे से अपनी तैयारी कर पाएंगे। जैसे आपने जिम में देखा होगा कि जिम में हर दिन अलग-अलग कसरत करवाई जाती है और हर दिन अलग-अलग कसरत करने से ही आदमी के सभी अंगों पर पर असर पड़ता है

और उसकी बॉडी बनती है, इसी तरह
एमबीबीएस की परीक्षा में सफल होने के लिए टाइम टेबल का भी महत्व है, क्योंकि जब आप सभी विषयों पर समान रूप से ध्यान देंगे तो आपको सभी बातों की जानकारी प्राप्त होगी।

आपने जो भी पढा है या जो भी सीखा है समय-समय पर उसे चेक करते रहें, इसके अलावा एमबीबीएस की परीक्षा में सफल होने के लिए आप इसके मॉडल टेस्ट पेपर को भी हल करने का प्रयास करें। इसके अलावा आप चाहे तो ऑनलाइन मॉक टेस्ट में भाग ले लेकर भी अपनी तैयारी परख रख सकते हैं

साथ ही अगर हो सके तो, एमबीबीएस के पिछले 5 सालों के क्वेश्चन पेपर को इकट्ठा करने का प्रयास करें और उनके पैटर्न और प्रश्नों को समझें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एमबीबीएस की परीक्षा के प्रश्न पत्र आपको ऑनलाइन आसानी से प्राप्त हो जाएंगे।

इसके अलावा अगर आप एमबीबीएस की तैयारी करवाना चाहते हैं, तो आप अपने घर के आस-पास स्थित किसी अच्छे कोचिंग इंस्टिट्यूट का सहारा भी ले सकते हैं और अगर आपके घर के आसपास कोई अच्छा कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं है तो आप ऑनलाइन यूट्यूब के माध्यम से भी अपनी पढ़ाई कर सकते हैं

क्योंकि आज के समय में यूट्यूब पर एजुकेशन से रिलेटेड ऐसे कई चैनल है, जहां पर सिर्फ एमबीबीएस ही नहीं बल्कि अन्य बड़ी-बड़ी परीक्षा की तैयारी भी करवाई जाती है। यूट्यूब पर विभिन्न चैनल मौजूद है,जहां से आप अपने इंटरेस्ट के हिसाब से चैनल का चुनाव पढ़ाई करने के लिए कर सकते हैं।

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था mbbs का फुल फॉर्म क्या होता है(MBBS full form in Hindi), हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको mbbs के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी.

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