लोको पायलट कैसे बने 2021 | लोको पायलट बनने के लिए क्या करे

लोको पायलट कैसे बने: हमारे भारत देश की आबादी 130 करोड़ की है और यह जाहिर सी बात है कि 130 करोड़ की आबादी में हर व्यक्ति के पास अपना पर्सनल वाहन नहीं होगा इसीलिए भारत सरकार ने बहुत साल पहले ही भारत में रेलवे लाइनों का विस्तार करना चालू कर दिया था|

हालांकि भारत में पहली रेलवे मुंबई से ठाणे के बीच अंग्रेजों के समय चालू हुई थी, परंतु जब हमारा भारत देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ, तो भारत सरकार ने रेलवे पटरियों के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया।

अगर हम वर्तमान की बात करें तो आज के समय में हमारी भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है और भारतीय रेलवे भारत में सबसे ज्यादा नौकरी देने वाला विभाग भी है।

हर साल भारतीय रेलवे में अलग-अलग पदों के लिए रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा भर्ती निकाली जाती है, जिसमें हर साल लाखों लोग आवेदन करते हैं और सिलेक्ट भी होते हैं।

वैसे तो रेलवे में अनेक प्रकार के पद होते हैं जिसमें सबसे ज्यादा लोगों को टीटी का पद पसंद आता है परंतु इसके अलावा भी रेलवे में एक ऐसा पद है, जो काफी लोग प्राप्त करना चाहते हैं। हम बात कर रहे हैं रेलवे लोको पायलट की। जो व्यक्ति इस पद को प्राप्त कर लेता है उसे अच्छी सैलरी मिलने लगती है।बहुत से लोगों की इस पद में रुचि देखने को मिलती है।

लोको पायलट कैसे बने 2021

लोको पायलट बनने के लिए क्या करें

loco pilot kaise bane

अगर आप भी रेलवे में लोको पायलट बनना चाहते हैं, तो आज के हमारे इस आर्टिकल को पूरा अवश्य पढ़ें, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में हम आपको रेलवे में लोको पायलट कैसे बनते हैं, इसके बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं।

आज के इस आर्टिकल में आप जानेंगें कि लोको पायलट कौन-कौन से काम करता है, रेलवे में लोको पायलट बनने के लिए कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है, रेलवे लोको पायलट की सैलरी कितनी होती है तथा अन्य जानकारियां, तो चलिए चलते हैं मुख्य मुद्दे पर।

1. लोको पायलट क्या है

रेलवे में विभिन्न प्रकार के पद होते हैं, जिसमें से एक पद लोको पायलट का भी होता है। सामान्य भाषा में लोको पायलट को ट्रेन ड्राइवर भी कहा जाता है, क्योंकि यह ट्रेन को चलाने का काम करता है और ट्रेन को अपनी मंजिल तक पहुंचाता है।

जैसे किसी भी प्रकार के वाहनों को चलाने के लिए एक ड्राइवर की आवश्यकता पड़ती है, वैसे ही ट्रेन के इंजन को चलाने के लिए भी एक ड्राइवर की जरूरत होती है, जिसे लोको पायलट कहा जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लोको पायलट को लोकोमोटिव पायलट भी कहा जाता है। लोको पायलट को इंडियन रेलवे सिस्टम की रीढ़ की हड्डी कहा जाता है, क्योंकि इनके सर पर यात्रियों से भरी ट्रेन अथवा मालगाड़ी को सही सुरक्षित अपने अड्डे तक पहुंचाने का जिम्मा होता है।

आमतौर पर लोकोमोटिव इंजन में ड्राइविंग करने के लिए दो लोको पायलट होते हैं और इनकी काम करने की अवधि 10 घंटे तक होती है।भारत में हर साल भारतीय रेलवे मंत्रालय द्वारा रेलवे लोको पायलट के लिए भर्तियां निकाली जाती हैं।

लोको पायलट का पद बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि एक लोको पायलट के ऊपर ट्रेन के संचालन से संबंधित जिम्मेदारी होती है। अगर आप लोको पायलट बनना चाहते हैं तो आपको इससे संबंधित सभी जानकारियां पता होना आवश्यक है।

चलिए अब आगे जानते हैं कि, लोको पायलट बनने के लिए कौन सी पढ़ाई जरूरी होती है।

2. लोको पायलट बनने के लिए पढ़ाई

जो अभ्यर्थी लोको पायलट बनने की इच्छा रखते हैं, उन्हें सबसे पहले भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से दसवीं की परीक्षा को पास करना जरूरी है। इसके साथ ही अभ्यर्थी के पास आईटीआई का एनसीवीटी या फिर एससीवीटी से प्रमाणित सर्टिफिकेट या डिप्लोमा डिग्री होनी जरूरी है।

यह डिप्लोमा आईटीआई या फिर पॉलिटेक्निक से होना चाहिए, जो इलेक्ट्रिकल,मैकेनिक,ऑटोमोबाइल इनमें से किसी भी एक ट्रेड में होना चाहिए।इसके अलावा आपका कॉलेज एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त होना चाहिए।

अक्सर जो अभ्यर्थी लोको पायलट बनने के लिए तैयारी करते हैं, उनके मन में इससे संबंधित कई प्रकार के सवाल आते रहते हैं।वह यही सोचते हैं कि आखिर लोको पायलट कैसे बनते हैं और जो लोग लोको पायलट बनना चाहते है, उसकी उम्र लोको पायलट बनने के लिए कितनी होनी चाहिए या फिर उसकी लोको पायलट बनने के लिए फिजिकल फिटनेस कितनी होनी चाहिए।

अगर आप भी यही सोचते हैं, तो चिंता ना करें क्योंकि आगे हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं, चलिए जानते हैं कि लोको पायलट बनने के लिए कितनी उम्र होनी चाहिए।

3. लोको पायलट बनने के लिए उम्र सीमा

लोको पायलट बनने के लिए भारतीय रेलवे ने आरक्षण का ध्यान रखते हुए अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग उम्र सीमा का निर्धारण किया है, जिसमें जो लोग सामान्य वर्ग से संबंध रखते हैं, वह लोग 18 साल से लेकर 28 साल तक लोको पायलट का पद प्राप्त करने के लिए कोशिश कर सकते हैं।

इसके अलावा sc-st समुदाय को लोको पायलट बनने के लिए उम्र में 5 साल की छूट दी जाती है तथा ओबीसी समुदाय को उम्र में 3 साल की छूट लोको पायलट का पद प्राप्त करने के लिए दी जाती है, हालांकि उम्र में छूट लेने के लिए आपको अपने आरक्षण का प्रमाण पत्र देना जरूरी है।

4. लोको पायलट बनने के लिए फिजिकल फिटनेस

लोको पायलट बनने के लिए फिजिकल फिटनेस में लंबाई से संबंधित किसी भी प्रकार का कोई भी नियम नहीं है, परंतु आपका वजन आपकी हाइट के हिसाब से होना जरूरी है और सबसे जरूरी बात यह है कि आप की दोनों आंखें पूर्ण रूप से स्वस्थ होनी चाहिए|

क्योंकि लोको पायलट के तहत आपको लंबी दूरी के लिए ट्रेन चलानी पड़ती है और ऐसे में आपको साफ साफ दिखाई देना जरूरी है।इसके अलावा आपका विजुअल स्टार कार्ड डिस्टेंस विजन 6/6,6/6 बिना चश्मे के होना आवश्यक है।

5. लोको पायलट की सैलरी

लोको पायलट एक सरकारी नौकरी है और इसीलिए इनकी महीने की सैलरी अच्छी होती है। जो सहायक लोको पायलट होते हैं, उनकी महीने की सैलरी 35,000 के आसपास होती है।इसमें उन्हें ₹1900 का ग्रेड पे मिलता है।

इसके अलावा एक लोको पायलट को पीएफ और ग्रेजुएटी का लाभ भी मिलता है, साथ ही उन्हें जीवन बीमा का लाभ भी मिलता है तथा लोको पायलट और उसके परिवार के सदस्यों को ट्रेन में जल्दी कंफर्म सीट मिल जाती है।

6. लोको पायलट बनने के लिए चयन प्रक्रिया

आज के समय में लोको पायलट बनने के लिए कंप्यूटर आधारित एप्टिट्यूड टेस्ट होता है।इसके अंतर्गत कंप्यूटर आधारित परीक्षण दो मुख्य चरणों में होता है।

इसमें सबसे पहले 250 अंकों के विकल्प वाले प्रश्न पूछे जाते हैं और इस परीक्षा को देने के लिए अभ्यर्थियों को 2 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाता है। इस परीक्षा में माइनस मार्किंग होती है, मतलब की हर गलत जवाब देने पर आपके 1/3 अंक कटेंगे।

#1. सेक्शन –ए

निर्धारित समय – 90 मिनट

प्रश्नों की संख्या – 100

#2. सेक्शन- बी

निर्धारित समय – 60 मिनट

प्रश्नों की संख्या – 75

#1. सेक्शन ए का सिलेबस

1. गणित

संख्या प्रणाली, बोडमास, दशमलव, अंश, एलसीएम, एचसीएफ, अनुपात और अनुपात, प्रतिशत, मानकीकरण, समय और कार्य, समय और दूरी, सरल और मिश्रित ब्याज, लाभ और हानि, बीजगणित, ज्यामिति और त्रिकोणमिति, प्राथमिक सांख्यिकी, स्क्वायर रूट, आयु की गणना, कैलेंडर और घड़ी, पाइप्स और कूटर आदि।

जरूरी टिप्स

आर डी शर्मा और आर एस अग्रवाल द्वारा लिखित पुस्तकों से सवाल हल कर सकते हैं। इसके अलावा एनसीईआरटी से गणित की पढ़ाई कर सकते हैं और गणित के उदाहरण तथा प्रश्नों को हल करके उसका अभ्यास कर सकते हैं।

इसमें सिलेबस के अंतर्गत आने वाले सभी कांसेप्ट को अच्छे से समझ कर उनका अभ्यास करने का प्रयास करें और जल्दी कैलकुलेटिंग करने की कोशिश करें।

2.सामान्य बुद्धि और तर्क

एनालॉग्स, वर्णक्रमानुसार और संख्या श्रृंखला, कोडिंग और डिकोडिंग, गणितीय संचालन, रिश्ते, सिलेगिजम, जुंबलिंग, वेन आरेख, डाटा इंटरप्रिटेशन, और दक्षता, निष्कर्ष और निर्णय लेने, समानताएं और अंतर, विश्लेषणात्मक तर्क, वर्गीकरण, निर्देश, विवरण – तर्क और आकलन आदि ।

जरूरी टिप्स

इसमें सभी सवालों के लिए शॉर्टकट ट्रिक्स का इस्तेमाल करने का प्रयास करें। इसके अलावा रोजाना 30 से 40 सामान्य बुद्धि और तर्क के प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें तथा उनके समाधान को भी देखें और प्रश्नों को किस तरह और कैसे हल किया जाता है, इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करें।

3. बुनियादी विज्ञान और इंजीनियरिंग

इस विषय में सम्मिलित किए गए विस्तृत विषय मापन, जन वजन और घनत्व, कार्य शक्ति और ऊर्जा, गति और वेग, गर्मी और तापमान, मूलभूत बिजली, इंजीनियरिंग ड्राइंग (प्रोजेक्शन, दृश्य, ड्राइंग इंस्ट्रूमेंट्स, लाइन्स, ज्यामितीय आंकड़े, प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व, इकाइयों, लीवर और सरल मशीनें, व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य, पर्यावरण शिक्षा, आईटी साक्षरता आदि )।

4. सामान्य जागरूकता

विज्ञान और प्रौद्योगिकी, खेल, , राजनीति, संस्कृति, व्यक्तित्व, अर्थशास्त्र और महत्व के किसी भी अन्य विषय में वर्तमान मामले।

जरूरी टिप्स

रोजाना आने वाले अखबार को पढ़ें। इसके अलावा अपनी याद शक्ति को अच्छी रखने के लिए करंट अफेयर के प्रश्नों का दैनिक रूप से अभ्यास करें।हर सप्ताह के अंत में सभी जानकारियों को देखें और उनका अवलोकन करें। इसके अलावा जब भी समय मिले तब अपने दोस्तों के साथ जनरल नॉलेज और करंट अफेयर्स पर चर्चा करें। ऐसा करने से आपको नई-नई बातें जानने को मिलेंगी।

#2. सेक्शन बी का पाठ्यक्रम

सेक्शन बी के पाठ्यक्रम में डिप्लोमा और इंजीनियरिंग डिग्री से संबंधित सवाल शामिल होते हैं। कहने का मतलब है कि यह पेपर योग्यता से संबंधित होता है और इसमें संबंधित ट्रेड से सवाल पूछे जाते हैं।

इस पेपर को कोलीफाई करने के लिए 35% मार्क निर्धारित किए जाते हैं तथा इसमें किसी भी प्रकार का आरक्षण नहीं दिया जाता है।

7. लोको पायलट एग्जाम पैटर्न

  • अंकगणित: 20 अंक
  •  तर्क कौशल: 10 अंक
  • सामान्य जागरूकता: 25 अंक
  • सामान्य विज्ञान: 30 अंक
  • तकनीकी योग्यता: 30 अंक
  • सामान्य बुद्धि: 05 अंक

8. डॉक्यूमेंट की जांच

जब लोको पायलट बनने की इच्छा रखने वाला व्यक्ति सभी परीक्षा को पास कर लेता है, तो उसके बाद उसके सभी एजुकेशन से संबंधित डॉक्यूमेंट की जांच की जाती है। इसके अलावा अन्य डॉक्यूमेंट की जांच भी की जाती है।

इसमे आपके सभी पढ़ाई से संबंधित सर्टिफिकेट, जाति प्रमाण पत्र, टेक्निकल योग्यता सर्टिफिकेट, आपकी फोटो, आपके आरक्षण प्रमाण पत्र इत्यादि बिल्कुल सही पाए जाते हैं, तो आप पर अंतिम मुहर लगा दी जाती है और आप लोको पायलट बन कर ट्रेन का इंजन चलाने के लिए चयनित हो जाते हैं।

लोको पायलट का काम

लोकोमोटिव पायलट जब यार्ड से ट्रेन के इंजन को निकालता है, तो उसे यार्ड से ट्रेन के इंजन को निकालने से पहले ट्रेन के इंजन की अच्छे से जांच करनी होती है।

किसी भी रिमार्क को लिखने के पहले लोकोमोटिव की मरम्मत की किताब की जांच लोकोमोटिव पायलट करता है।

इसके अलावा ट्रेन के इंजन की ब्रेकिंग कंडीशन और उसमें कितना तेल है, इसकी जांच भी लोकोमोटिव पायलट करता है।

ट्रेन के चलने के बाद लोकोमोटिव पायलट हर समय ट्रेन की गति के ऊपर अपनी नजर बनाए रखता है और जहां कोई अवरोध अथवा स्टेशन आता है, वहां अगर ट्रेन का स्टॉपेज है तो ट्रेन को ब्रेक लगाकर रोकने का काम करता है।

लोको पायलट इमरजेन्सी कंडीशन में अपने विवेक के अनुसार निर्णय लेकर घटनाओं को टालने का प्रयास करता है।

एक लोको पायलट आपातकालीन स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता है।

9. लोको पायलट की तैयारी कैसे करें

लोको पायलट की परीक्षा को पास करने के लिए आपको इसकी तैयारी पर विशेष तौर पर ध्यान देना होगा। आप लोको पायलट की तैयारी किस प्रकार कर सकते हैं, इसकी जानकारी हमने नीचे दी है।

लोको पायलट बनने की परीक्षा को पास करने के लिए आपको करंट अफेयर को विशेष तौर पर पढ़ना होगा, क्योंकि इसमें अधिकतर सवाल करंट अफेयर से जुड़े हुए ही आते हैं। करंट अफेयर के बारे में जानकारी लेने के लिए आप रोजाना अखबारों और इंटरनेट का सहारा ले सकते हैं तथा यूट्यूब और फेसबुक पर न्यूज़ चैनल भी देख सकते हैं।

इसके अलावा जो अभ्यर्थी लोको पायलट की तैयारी कर रहा है, उसकी जनरल अवेयरनेस भी अच्छी होनी चाहिए।

अभ्यर्थी के पास अंग्रेजी, बेसिक गणित और जनरल नॉलेज का अच्छा ज्ञान होना चाहिए।

इसके अलावा आप लोको पायलट की तैयारी करने के लिए अपने घर के आस-पास स्थित किसी अच्छे कोचिंग इंस्टिट्यूट का सहारा भी ले सकते हैं या फिर आप घर बैठे ही यूट्यूब के द्वारा भी लोको पायलट की परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं, क्योंकि यूट्यूब पर ऐसे कई चैनल है|

जो काफी पढ़े लिखे लोगों द्वारा चलाए जाते हैं और उन चैनलों पर आपको ना सिर्फ लोको पायलट
बल्कि अन्य परीक्षा की तैयारी कैसे करें, इसके बारे में भी जानकारी बताई जाती है तथा परीक्षा से संबंधित सभी अपडेट दिए जाते हैं।

लोको पायलट बनने के लिए दसवीं क्लास के विज्ञान के सभी विषयों की अच्छे से पढ़ाई करें। जैसे फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के विषय।

10. लोको पायलट बनने की ट्रेनिंग

जब अभ्यर्थी सफलतापूर्वक सारे टेस्ट को पास कर लेता है, तो उसे उसके बाद भारतीय रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट का पद दिया जाता है। इसके अलावा जो लोग नए अभ्यर्थी होते हैं और जिन्हें इस पद के लिए चुन लिया जाता है|

उन्हें नियुक्ति देने से पहले जोनल ट्रेंनिंग सेंटर में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है। वहां पर अभ्यर्थी को टेक्निकल और ऑपरेटिव ट्रेनिंग दी जाती है और लोकोमोटिव के बारे में पूरी जानकारी बताई जाती है।

आपकी और दोस्तों:

तो दोस्तों ये था लोको पायलट कैसे बने, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको पता चल गया होगा की एक लोको पायलट बनने के लिए क्या करना पड़ता है.

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खुनकी हम चाहते है की इस पोस्ट की मद्दद से ज्यादा से ज्यादा लोगो को ये जानकारी मिल पाए की एक लोको पायलट बनने के लिए क्या करना चाहिए| धनेवाद दोस्तों|

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