करवा चौथ व्रत पूजन विधि – करवा चौथ का व्रत कैसे करे



करवा चौथ व्रत पूजन विधि – नमस्कार दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपके साथ करवा चौथ व्रत और पूजन की पूरी विधि और तरीका बताने वाले है ताकि किसी भी शादीशुदा महिला को करवा चौथ का व्रत रखने में कोई प्रॉब्लम ना हो. इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की करवा चौथ का व्रत कैसे करे क्यूंकि बहुत महिलाए ऐसी होती है जिन्होंने पहले कभी भी करवा चौथ का व्रत नहीं रखा होता है.

तो इन महिलाओ को व्रत की सही विधि और तरीका पता नहीं होता है, इस लिए हम आज का पोस्ट शेयर कर रहे है और इस पोस्ट को पढने के बाद आपको करवा चौथ व्रत पूजन की पूरी विधि पता चल जाएगी. तो चलो दोस्तों बिना टाइम गवाते हुए पोस्ट को स्टार्ट करते है.

देखे – करवा चौथ मेहंदी डिजाइन

करवा चौथ व्रत पूजन विधि पूरी जानकारी

करवा चौथ का व्रत कैसे रखे तरीका

karwa chauth vrat pujan vidhi tarika

करवा चौत का व्रत हर शादीशुदा महिला के लिए रखना बहुत जरुरी होता है और ये उनके लिए बहुत ही प्रमुख व्रत है और ये साल में एक बार आता है. चाहे को गरीब हो या आमिर, नयी नवेली महिला हो या पुराणी हर पत्नी अपने पति की रक्षा और लंबी उम्र के लिए इस व्रत को पुरे शरद्ध और मन से रखती है.

इस व्रत उपवास में फलाहार नहीं लिया जाता है. निर्जला व्रत रखकर रात में चाँद निकलने पर उनकी पूजा करने के बाद ही महिलाए अपना व्रत तोड़ती है और पानी पीती है और फिर वो लोग पूरी पकाते है.

इस दिन चाँद के निकलने का हर शादीशुदा महिला को बहुत ही बेसब्री से इंतेजार होता है और इस दिन चाँद भी देरी से निकलता है. इस व्रत में धातु या मिटटी के करवा से उदय होने पर चन्द्र पूजन किया जाता है.

चीनी ( खांड ) के करवा विशेष रूप से इन दिनों बाजार में बने मिलते है. ये खांड के बने करवा किसी धातु के बने करवा के साथ बहुओ के पीहर से ससुराल में मिठाई, फल, कपडे भेजे जाते है. इसलिए इस व्रत का नाम करवा चौत कहा जाता है.

ये व्रत कार्तिक मास में कृष्णपक्ष की चतुर्थी को परम्परंगत ढंग से किया जाता है. इस दिन महिलाए सजती सवरती है और अपने हाथ पैर में मेहंदी लगती है. इस दिन चन्द्र पूजन करने से पहले वो अपना पूरा श्रृंगार करती है और फिर चाँद की पूजा करके महिला का पति अपने हाथो से अपनी पत्नी को पानी पिलाते है और इसके बाद उनका करवा चौथ का व्रत टूटता है.

व्रत की विधि तरीका

सुबह स्नान करने के बाद यह व्रत की तैयारी शुरू करी जाती है. पूजा की सामग्री एकत्र करके रखा जाता है जिसमे सुहाग की सभी वस्तु होती है. दीवाल पर भीगे चावलों में हल्दी डालकर पीसकर बनाये ऐपन से करवा चौथ माता का चित्र बनाया जाता है.

आजकल कैलेंडर की भाँती छपा छपाया फोटो बाजार में मिल जाता है. इसमें ऊपर चन्द्र और सूर्य, करवा माता, शिव, कार्तिकेय, गणेश देवता, साथ भाई बहिन, सीडी पर चड़ा एक भाई, चलनी से दीपक दिखाता हुआ तथा अन्य परम्परानुसार चित्र बने होते है.

प्राय: परिवार और पास-पड़ोस की महिलाए एकत्र होकर चौथ माता के बने फोटो के सामने बैठकर पूजा करती है और सामायिक गीत गाती है. इस पूजा में लकड़ी के एक पट्टे पर मिट्टी से बनाई गौरा, गणेश और शिव के प्रतिक रूप भी प्रतिष्ठत किये जाते है.

इनका पूजन अर्चन चंद्रोदय से पूर्व कर लिया जाता है. इसी समय हाथ में चावल और फूल लेकर करवा चौथ माता और गणेश जी की कथा पढ़ी-सुनी जाती है. नव वधुए पीहर से आई हुई वस्तुए वहा रखती है और पूजन के पश्चात् बायने के रूप में अपनी सास, जेठानी आदि को देकर आशीष प्राप्त करती है.

चाँद निकलने पर जब चारो और शोर होने लगता है, “चाँद निकल गया, चाँद निकल गया” तब सभी महिलाए चन्द्र दर्शन कर उसे अधर्य देती है तथा पूजा करती है. इसके बाद महिलाए अपने पूज्य वर्ग के पाँव लगकर आशीर्वाद प्राप्त करती है.

यही व्रत के पारण का समय है और व्रती स्त्रियों अपना मुख जुठारती है अर्थात कुछ खाकर अपना मुख जूठा करती है. इसके बाद मिल बैठकर पुड़ी, पुआ, पकवानों को सभी परिवारवाले ख़ुशी से खाते है.

देखे – करवा चौथ की फोटो

करवा चौथ व्रत पूजन सामग्री

अब दोस्तों हम आपको करवा चौत व्रत पूजन की सामग्री बताते है. हम आपको सलाह देंगे की व्रत के एक दिन पहले ही आप इन सभी सामग्री को बाजार से खरीदकर रख ले. और इन लिस्ट में बतेये गए सभी सामग्री को जरुर लाये.

मिट्ठी का बना करवा, धातु ( तांबा, पीतल, स्टील ) का करवा, खांड के करवा, लकड़ी का पट्टा, स्वच्छ पीली मिट्टी प्रतिमाये बनाने को, रोली, चावल, ऐपन, दीपक, घी, रुई, बत्ती, कपूर, धूपबत्ती, दियासलाई, फूल माला, पान, मौसंबी का फल, बताशे, पेडा अथवा मिष्ठान, गंगाजल तथा पील-लाल वस्त्र बिछाने को, सुहाग की वस्तुए इक्छानुसार.

करवा चौथ व्रत पूजन कथा

अब करवा चौथ का व्रत में आपको कथा पढना बहुत जरुरी होता है और आप निचे दिए गए पोस्ट में पूरी कथा पढने को मिलेगी.

पढ़े – करवा चौथ व्रत कथा

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था करवा चौत व्रत कथा पूजन की विधि और तरीका, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढने के बाद आपको करवा चौथ का व्रत कैसे करके है आपको पता चल गया होगा. दोस्तों यदि आपको ये पोस्ट हेल्पफुल लगी तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों और घर परिवारवालों के साथ फेसबुक और whatsapp पर जरुर शेयर करे ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओ को पता चल पाए की करवा चौथ का व्रत और पूजा कैसे करते है. Happy karwa chauth.

करवा चौथ व्रत पूजन विधि – करवा चौथ का व्रत कैसे करे
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