IIT Full Form in Hindi | IIT का फुल फॉर्म क्या है

नमस्कार दोस्तों, आज के हमारे इस आर्टिकल में हम आपको ” आईआईटी की फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, आईआईटी का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर आईआईटी का मतलब क्या होता है तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं।क्योंकि आज के इस आर्टिकल में हम आपको आईआईटी की फुल फॉर्म के बारे में तथा
आईआईटी के बारे में सभी जानकारियां प्रदान करने वाले हैं।

जैसा कि आप जानते हैं कि इस धरती पर जन्म लेने वाला हर व्यक्ति बड़ा होकर एक सफल व्यक्ति बनने की इच्छा रखता है और इसके लिए जब वह समझदार हो जाता है, तब अपने कैरियर को लेकर काफी चिंतित होता है। हमारे भारत देश में हर साल करोड़ों विद्यार्थी 10वीं और 12वीं की परीक्षा को पास करते हैं और 12वीं की परीक्षा को पास करने के बाद वह इसी कन्फ्यूजन में हो जाते हैं कि अब आगे वह किस फील्ड में अपना कदम बढ़ाए।

हालांकि हमारे भारत देश में वैसे तो लाखों नौकरी है परंतु सभी नौकरियों के लिए अलग-अलग क्वालिफिकेशन मांगी जाती है और वर्तमान में तो क्वालिफिकेशन के
साथ-साथ काम का एक्सपीरियंस भी मांगा जाता है और जिस व्यक्ति को क्वालिफिकेशन के साथ-साथ काम का अच्छा एक्सपीरियंस होता है

उसे कंपनियां काफी अच्छा रिस्पांस देती है और उसे जल्दी ही अपनी कंपनी में भर्ती कर लेती है। किसी भी नौकरी को प्राप्त करने के लिए पढ़ाई का बहुत ही महत्व होता है, क्योंकि आपने भी यह अवश्य देखा होगा कि जब आप कहीं भी किसी भी नौकरी को प्राप्त करने के लिए जाते हैं तो आपसे आप की शैक्षिक योग्यता के बारे में अवश्य पूछा जाता है।

और आपने कौन सी पढ़ाई की है, उसका सर्टिफिकेट भी मांगा जाता है। हमारे भारत देश में ऐसे कई इंस्टिट्यूट है जहां से लोग अच्छे-अच्छे कोर्स करके अपना सफल कैरियर बनाते हैं, जिसमें से एक इंस्टिट्यूट है आईआईटी।

आईआईटी हमारे भारत देश की एक संस्था है। यह हमारे भारत देश की एक पब्लिक संस्था है, जहां पर विद्यार्थी हायर एजुकेशन हासिल करने के लिए एडमिशन लेते हैं। हमारे भारत देश में सबसे पहले साल 1951 में टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए खड़कपुर में पहली आईआईटी की स्थापना की गई थी।

इसके पहले हमारे भारत देश में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए कोई भी सरकारी संस्थान नहीं था, जिसके कारण भारतीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए भारत देश को छोड़कर विदेशों में जाना पड़ता था, परंतु आईआईटी की स्थापना होने के बाद बहुत से विद्यार्थी अब भारत देश में रहकर ही उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं और अपना सफल कैरियर बना रहे हैं।

हमारे भारत देश में इंजीनियरिंग की शिक्षा हासिल करने के लिए आईआईटी को सबसे अच्छा संस्थान माना जाता है, क्योंकि इसकी गिनती हमारे भारत देश के टॉप इंस्टिट्यूट में होती है।जो भी छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहता है उसकी सबसे पहली पसंद आईआईटी ही होती है

परंतु आईआईटी में सभी विद्यार्थियों को एडमिशन नहीं मिल पाता है, क्योंकि आईआईटी में एडमिशन पाने के लिए परीक्षा आयोजित की जाती है और जो विद्यार्थी उस परीक्षा को पास कर लेता है उसे ही आईआईटी में एडमिशन लिया जाता है।

आईआईटी में प्रवेश पाने के लिए जो परीक्षा आयोजित होती है, उसे बहुत कम विद्यार्थी ही पास कर पाते हैं, क्योंकि यह परीक्षा बहुत ही कठिन होती है।

■ आईआईटी का फुल फॉर्म क्या होता है

IIT Full Form in Hindi

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि आईआईटी का फुल फॉर्म क्या होता है। आईआईटी का फुल फॉर्म होता है “इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी”यह हमारे भारत देश की एक बहुत ही प्रसिद्ध संस्था है।

हमारे भारत देश में इंजीनियरिंग की शिक्षा हासिल करने के लिए आईआईटी को सबसे अच्छा संस्थान माना जाता है, क्योंकि इसकी गिनती हमारे भारत देश के टॉप इंस्टिट्यूट में होती है।जो भी छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहता है उसकी सबसे पहली पसंद आईआईटी ही होती है।

यह एक पब्लिक संस्था है और इस संस्था में एडमिशन पाने के लिए विद्यार्थियों को सबसे पहले एक एंट्रेंस एग्जाम देनी होती है और जो विद्यार्थी उस एंट्रेंस एग्जाम को पास कर लेता है, उसे फिर आईआईटी में एडमिशन मिल जाता है।

हालांकि यह एंट्रेंस एग्जाम इतनी आसान नहीं होती है।यह एंट्रेंस एग्जाम काफी कठिन होती है और इसीलिए चुनिंदा विद्यार्थी ही इस एंट्रेंस एग्जाम को पास करके आईआईटी में एडमिशन पाने में सफलता प्राप्त कर पाते हैं।

■ आईआईटी को हिंदी में क्या कहते है

आईआईटी का अंग्रेजी में फुल फॉर्म होता है इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी और इसे हिंदी में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कहां जाता है।

■ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में एडमिशन पाने के लिए शैक्षिक योग्यता

– इस परीक्षा में 12वीं पास छात्र ही शामिल हो सकते हैं।

– कक्षा 12वीं में अभ्यर्थी को 75% अंक प्राप्त होना अनिवार्य है।

– एससी और एसटी केटेगरी के उम्मीदवार को 65% अंक प्राप्त होने चाहिए।

– बीई, बीटेक कोर्स के लिए फिजिक्स और मैथेमेटिक्स सबजेक्ट होना चाहिए और टेक्निकल वोकेशनल सबजेक्ट केमेस्ट्री, बॉयोटेक्नोलॉजी, बायोलॉजी में से कोई एक होना चाहिए।

– बीआर्क, बी प्लान कोर्स के लिए मैथेमेटिक्स सबजेक्ट होना चाहिए।

■ आईआईटी में एडमिशन

आईआईटी में एडमिशन पाने के लिए जो परीक्षा आयोजित होती है, उसका आयोजन दो भागों में किया जाता है। इसमें सबसे पहले आईआईटी में एडमिशन पाने के लिए जेईई मुख्य एग्जाम और दूसरी जेईई एडवांस एग्जाम होती है।

आईआईटी में एडमिशन पाने के लिए सबसे पहले विद्यार्थियों को जेईई एग्जाम के लिए आवेदन देना होता है और जो विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होकर इस परीक्षा को सफलतापूर्वक पास कर लेता है, उसे फिर जेईई एडवांस परीक्षा में शामिल होना पड़ता है और फिर जेईई एडवांस परीक्षा को पास करने के बाद ग्रेजुएशन लेवल की पढ़ाई करने के लिए बीटेक के कोर्स में एडमिशन मिलता है।

■ जेईई मेन परीक्षा पाठ्यक्रम

जेईई की मुख्य परीक्षा के पेपर एक और पेपर 2 में अधिकतर सिलेबस सीबीएसई की कक्षा के 11वीं और 12वीं से पूछे जाते हैं

जेईई मुख्य सिलेबस में मैथ्स, फिजिक्स और केमेस्ट्री के सवाल दिए गए होते हैं। जेईई मेन परीक्षा (पेपर-1) में रसायन विज्ञान, भौतिकी और गणित विषयों के ओपशनल सवाल पूछे जायेंगे।

इसके लिए विधार्थी को 3 घंटे का टाइम दिया जाता है। परीक्षा में प्रश्न पत्र का माध्यम अंग्रेजी और हिंदी है। विधार्थी आवेदन करते समय प्रश्नपत्र के लिए भाषा का चयन कर सकते है। हर सही सवाल के उत्तर के लिए 4 अंक होंगे जबकि हर गलत जवाब के लिए 1/4 की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी।

■ जेईई मेन परीक्षा पेपर-1

– फिजिक्स
25 अंक

– केमिस्ट्री
25 अंक

– गणित
25 अंक

■ जेईई मेन परीक्षा पेपर-2

जेईई मेन परीक्षा (पेपर-2) में गणित, एप्टीट्यूड और ड्राइंग सबजेक्ट से सवाल पूछे जायेंगे।इसके लिए छात्र को 3 घंटे का समय दिया जायेगा। पेपर 1 की तरह इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग की जाएगी।

– एप्टीट्यूड
50 अंक

– गणित
25 अंक

– ड्राइंग
02 अंक

■ जेईई एडवांस्ड परीक्षा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जेईई एडवांस परीक्षा में 2 क्वेश्चन पेपर होते हैं और इन दोनों क्वेश्चन पेपर के जवाब को देने के लिए विद्यार्थियों को तीन-तीन घंटे का समय दिया जाता है।

यह दोनों क्वेश्चन पेपर हिंदी और अंग्रेजी में अलग-अलग होता है और विद्यार्थी चाहे तो अपनी इच्छा के अनुसार जेईई एडवांस एग्जाम के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के समय अपनी भाषा का चयन कर सकता है।

हर प्रश्न पत्र में तीन अलग-अलग भाग फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स होंगे।इस एकजाम में सभी सवाल मल्टिपल चॉइस टाइप के होंगे, तथा गलत जवाब के लिए एक्सट्रा नंबर काटे जाएंगे।

इस परीक्षा में विद्यार्थियों को जवाब लिखने के लिए ओएमआर का दो पेज का डबलेड दिया जाता है।ओआरएस के सामने वाले पेज पर हर सवालों के जवाब को मार्क करना होगा। जवाब के सामने गोल बबल सा बना होगा, सही जवाब के सामने वाले बबल को डार्क करना होगा। ध्यान रखे कि बबल को डार्क करने के लिए सिर्फ ब्लैक बॉल पॉइंट का ही प्रयोग करे।

■ जेईई अडवांस्ड मार्किंग स्कीम पेपर-1

– प्रश्न पत्र में कुल 264 मार्क्स होंगे

– सभी 3 विषयों में 3 सेक्शन होंगे

– फिजिक्स के पहले सेक्शन में 8 सवाल, दूसरे सेक्शन में 10 सवाल और तीसरे सेक्शन में 2 सवाल होंगे।

– केमिस्ट्री के पहले सेक्शन में 8 सवाल, दूसरे सेक्शन में 10 सवाल और तीसरे सेक्शन में 2 सवाल होंगे।

– मैथमेटिक्स के पहले सेक्शन में 8 सवाल, दूसरे सेक्शन में 10 सवाल और तीसरे सेक्शन में 2 सवाल होंगे।

– पहले सेक्शन के हर सवाल के लिए 4 अंक निर्धारित हैं। गलत होने पर नेगेटिव मार्किंग नहीं है, अर्थात अतिरिक्त नंबर नहीं काटा जाएगा।

– दूसरे सेक्शन के लिए नेगेटिव मार्किंग की जाएगी, प्रत्येक सवाल के 4 अंक होंगे। हर गलत आंसर के लिए 2 नंबर अतिरिक्त काटे जाएंगे।

– तीसरे सेक्शन में भी नेगेटिव मार्किंग होगी, और प्रत्येक सवाल के 2 नंबर होंगे और गलत आंसर के लिए 1 नंबर अतिरिक्त काटे जाएंगे।

■ जेईई अडवांस्ड मार्किंग स्कीम पेपर-2

– दूसरा पेपर टोटल 240 नंबरों का होगा और सभी 3 विषयों में 3-3 सेक्शन होंगे।

– फिजिक्स के पहले सेक्शन में 8 सवाल, दूसरे सेक्शन में 8 सवाल और तीसरे सेक्शन में 2 सवाल होंगे।

– केमिस्ट्री के पहले सेक्शन में 8 सवाल, दूसरे सेक्शन में 8 सवाल और तीसरे सेक्शन में 2 सवाल होंगे।

– मैथमेटिक्स के पहले सेक्शन में 8 सवाल, दूसरे सेक्शन में 8 सवाल और तीसरे सेक्शन में 2 सवाल होंगे।

– पहले सेक्शन के हर सवाल के लिए 4 अंक निर्धारित हैं। गलत होने पर नेगेटिव मार्किंग नहीं है, अर्थात अतिरिक्त नंबर नहीं काटा जाएगा।

– दूसरे सेक्शन के लिए नेगेटिव मार्किंग की जाएगी, प्रत्येक सवाल के 4 अंक होंगे। हर गलत आंसर के लिए 2 नंबर अतिरिक्त काटे जाएंगे।

– तीसरे सेक्शन में भी नेगेटिव मार्किंग होगी, और प्रत्येक सवाल के 2 नंबर होंगे और गलत आंसर के लिए 1 नंबर अतिरिक्त काटे जाएंगे।

■ आईआईटी एंट्रेस एग्जाम कैसे पास करें

जब आप यह निश्चय कर लें कि मुझे
आईआईटी में एडमिशन प्राप्त करना है तो इसके बाद आपको आईआईटी एंट्रेस एग्जाम के पाठ्यक्रम को अच्छे से समझना होगा। आपको आईआईटी एंट्रेस एग्जाम के प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम को बहुत ही गंभीरता से लेना होगा

और दोनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग योजना बनानी होगी तथा सिलेबस के सभी पॉइंट को मार्किंग करते हुए क्लियर करते जाएं की आपको क्या-क्या बातें जाननी और सीखनी है, क्योंकि किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए आईआईटी एंट्रेस एग्जाम के पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है।

3: आईआईटी एंट्रेस एग्जाम के पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद आपको इसका रिवीजन अवश्य करना है क्योंकि रिवीजन करने से आपने जो भी पढा है या सीखा है वह आपको अवश्य याद रहेगा।

आप जितना ज्यादा रिवीजन करेंगे, आपकी परीक्षा में सफल होने के उतनी ही ज्यादा चांस होंगे, क्योंकि बार-बार रिवीजन करने से आदमी के दिमाग में वह बातें बैठ जाती है, जो उसने पढ़ी या सिखी होती है।

4: आईआईटी एंट्रेस एग्जाम की अच्छे से तैयारी करने के लिए आपको अपने खुद के नोट्स अवश्य बनाने चाहिए, क्योंकि अगर आपके खुद के नोट है तो आपको अधिक समय तक सभी चीजें यह याद रहेगी

5:इसके अलावा अपनी तैयारी करने के लिए आपको एक टाइम टेबल का निर्माण भी करना होगा, क्योंकि टाइम टेबल का निर्माण करने से आपको यह बातें पता रहेंगी कि, आपको कौन से दिन किस विषय का अध्ययन कितनी देर तक करना है।

6: आपने जो भी पढा है या जो भी सीखा है समय-समय पर उसे चेक करते रहें, इसके अलावा आईआईटी एंट्रेस एग्जाम में सफल होने के लिए आप इसके मॉडल टेस्ट पेपर को भी हल करने का प्रयास करें। इसके अलावा आप चाहे तो ऑनलाइन मॉक टेस्ट में भाग ले लेकर भी अपनी तैयारी परख रख सकते हैं

साथ ही अगर हो सके तो, आईआईटी एंट्रेस एग्जाम के पिछले 5 सालों के क्वेश्चन पेपर को इकट्ठा करने का प्रयास करें और उनके पैटर्न और प्रश्नों को समझें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईआईटी एंट्रेस एग्जाम
की परीक्षा के प्रश्न पत्र आपको ऑनलाइन आसानी से प्राप्त हो जाएंगे।

■ आईआईटी की स्थापना कब हुई थी

हमारे भारत देश में सबसे पहले आईआईटी की स्थापना साल 1951 में खड़कपुर में हुई थी और वर्तमान के समय में हमारे पूरे भारत देश में 23 आईआईटी संस्थान मौजूद है। आईआईटी सरकारी संस्थान होता है और इसमें एडमिशन एंट्रेंस परीक्षा को पास करने के बाद मिलता है।आईआईटी ऐसे विद्यार्थियों के लिए बहुत ही अच्छा इंस्टिट्यूट है, जो 12वीं कक्षा को पास करने के बाद इंजीनियरिंग करना चाहते हैं।

Final Words:

तो दोस्तों ये था iit का फुल फॉर्म क्या है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको iit के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी अगर हां तो पोस्ट को १ लाइक जरुर करे और अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और whatsapp पर जरुर शेयर करे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगो को iit के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल पाए धन्येवाद दोस्तों|

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