आईएएस ऑफिसर कैसे बने | आईएएस ऑफिसर बनने के लिए क्या करे

आईएएस ऑफिसर कैसे बने: इस दुनिया में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति बड़ा होकर एक सफल व्यक्ति बनने का सपना देखता है और इसके लिए वह काफी मेहनत करता है,जैसा कि आप जानते हैं कि आज के इस शिक्षा के दौर में पढ़ाई लिखाई कितनी आवश्यक है क्योंकि अगर आपने अच्छी पढ़ाई की है और आपके पास किसी विषय में डिग्री है तो आपको आसानी से अपनी पसंद की नौकरी मिल जाएगी।

हर व्यक्ति को प्राइवेट नौकरी की जगह सरकारी नौकरी ज्यादा पसंद होती है क्योंकि सरकारी नौकरी में आदमी को ज्यादा पगार मिलती है। इसके अलावा उसे अन्य सरकारी खर्चे भी मिलते हैं।

भारत में अगर कोई मिडिल क्लास का व्यक्ति सरकारी नौकरी में सिलेक्ट हो जाता है तो वह दिन उसके लिए किसी त्यौहार से कम नहीं होता। अगर हम भारत की बात करें तो भारत में IAS का पद सरकारी नौकरियों में सबसे ऊंचा माना जाता है। जो व्यक्ति इस पद को प्राप्त कर लेता है वह अपने कैरियर के साथ साथ अपना भी विकास करता है।

अगर आप भी पढ़ाई लिखाई करके आईएएस बनना चाहते हैं परंतु आपको आईएएस कैसे बनते हैं, इसके बारे में जानकारी नहीं है तो चिंता बिल्कुल भी ना करें|

आईएएस ऑफिसर कैसे बने

इससे पहले की हम आपको एक आईएस ऑफिसर बनने की पूरी जानकारी दे. जिनको एक आईएस ऑफिसर क्या होता है उसके बारे में थोड़ी जानकारी दे देते है.

IAS Officer kaise bane

आईएएस का इतिहास

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हमारे भारत देश में आईएएस की शुरुआत अंग्रेजों के समय हुई थी परंतु उस समय इसका नाम आईएएस नहीं था बल्कि उस समय इसे “इंपीरियल सिविल सर्विस” अर्थात “आईसीएस” के नाम से जाना जाता था।

इसकी स्थापना आज से 160 साल पहले साल 1858 में हुई थी और जब हमारा भारत देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ तब भारतीय सरकार ने इसका नाम बदलकर आईएएस कर दिया और तब से ही इसका नाम आईएएस ही रहा है।

आईएएस का फुल फॉर्म क्या होता है?

IAS Full Form In Hindi

सबसे पहले तो हम यह जान लेते हैं कि आखिर आईएएस का फुल फॉर्म क्या होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईएएस का फुल फॉर्म होता है “इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस”। इसे हिंदी में भारतीय प्रशासनिक सेवा कहा जाता है।

आईएएस का पद हमारे भारत देश में सिविल सर्विस में सबसे बड़ा पद माना जाता है। अगर हम यह कहे कि इससे बड़ा सिविल सर्विस का पद हमारे भारत देश में और कोई नहीं है तो इसमे कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

एक आईएएस अधिकारी के पास सरकार द्वारा प्रदान की गई पावर होती है, जिसका इस्तेमाल वह शासन व्यवस्था को अच्छे से चलाने के लिए करता है।

आईएएस की परीक्षा का आयोजन

आईएएस की परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग करवाता है। इसे इंग्लिश में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन भी कहते हैं।

संघ लोक सेवा आयोग क्या है

आज आप जिसे आईएएस के नाम से जानते हैं उसे आजादी के पहले आईसीएस कहा जाता था और जब हमारा भारत देश आजाद नहीं हुआ था तो उसके पहले आईएएस की परीक्षा का आयोजन इंग्लैंड में होता था, परंतु भारत के राष्ट्रवादी लोगों ने पॉलिटिकल दबाव देकर इस पद को भारत में स्थापित करने की मांग की।

इसके बाद साल 1926 में अक्टूबर के महीने में हमारे भारत देश में पहले लोक सेवा आयोग अर्थात यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की स्थापना हुई। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसकी स्थापना हमारे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत की गई।

संघ लोक सेवा आयोग कौन-कौन सी परीक्षाएं करवाता है?

अगर हम वर्तमान की बात करें तो आज के समय में संघ लोक सेवा आयोग 24 अलग-अलग प्रकार की सेवाओं के लिए एग्जाम का आयोजन करवाता है, जिसमें से मुख्य सेवाएं नीचे बताए अनुसार हैं।

  • भारतीय पुलिस सेवा
  • भारतीय आर्थिक और सांख्यिकी सेवा
  • भूगर्भ सेवा
  • विशिष्ट श्रेणी रेलवे प्रशिक्षु सेवा
  • संयुक्त चिकित्सा सेवा
  • केंद्रीय पुलिस सेवा
  • भारतीय राजस्व सेवा
  • भारतीय अभियांत्रिकी सेवा
  • संयुक्त रक्षा सेवा
  • राष्टीय रक्षा सेवा
  • भारतीय प्रशासनिक सेवा
  • आईएएस के लिए शैक्षिक योग्यता

अगर आप आईएएस बनना चाहते हैं या फिर आईएएस की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आपको आईएएस बनने के लिए कितनी पढ़ाई चाहिए, इसके बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है।

एक आईएएस बनने के लिए आपको भारत की किसी भी सर्टिफाइड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करना होगा। आप चाहे तो ग्रेजुएशन किसी भी विषय में कर सकते हैं।

आईएएस बनने के लिए उम्र

अगर आप सामान्य वर्ग से संबंध रखते हैं तो आप 21 साल से लेकर 32 साल तक आईएएस की परीक्षा दे सकते हैं। आप अधिकतम छह बार आईएएस की परीक्षा दे सकते हैं।

अगर आप एससी एसटी समुदाय से संबंध रखते हैं तो आप 21 साल से लेकर 37 साल तक आईएएस की परीक्षा दे सकते हैं।इसके अलावा आप अनगिनत बार आईएएस की परीक्षा दे सकते हैं

जो अभ्यर्थी ओबीसी समुदाय से संबंध रखते हैं वह 21 साल से लेकर 35 साल तक आईएएस की परीक्षा दे सकते हैं और ओबीसी समुदाय के लोग अधिकतम 9 बार आईएएस की परीक्षा दे सकते हैं।

जो लोग शारीरिक रूप से हल्के-फुल्के विकलांग हैं, वह लोग 21 साल से लेकर 42 साल की उम्र तक आईएएस की परीक्षा दे सकते हैं।

आईएएस के लिए राष्ट्रीयता

अगर आप भारतीय नागरिक हैं तो आप आईएएस की एग्जाम दे सकते हैं। इसके अलावा अगर आप नेपाल अथवा भूटान के निवासी हैं तब भी आप भारत की आईएएस की एग्जाम के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आईएएस की परीक्षा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन अर्थात संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आईएएस की परीक्षा को तीन चरणों में करवाया जाता है।इसकी जानकारी नीचे बताए अनुसार है।

  • प्रारंभिक परीक्षा
  • मुख्य परीक्षा
  • इंटरव्यू

1. प्रारंभिक परीक्षा

प्रारंभिक परीक्षा में टोटल 2 पेपर होते हैं। इसमें पहला पेपर जनरल स्टडी और दूसरा पेपर एप्टयूड का होता है। यह दोनों पेपर 200-200 अंकों के होते हैं तथा इन पेपर को देने के लिए 2 घंटे का समय दिया जाता है।
प्रारंभिक परीक्षा के पहले पेपर में 100 सवाल और दूसरे पेपर में 80 सवाल पूछे जाते हैं।

2. मुख्य परीक्षा

जो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा को पास कर लेते हैं उन्हें प्रारंभिक परीक्षा को पास करने के बाद मुख्य परीक्षा देनी होती है। इस परीक्षा में टोटल 9 पेपर होते हैं, जिसमें से 7 पेपर मुख्य होते हैं।

यह सभी पेपर लिखित होते हैं।यह सभी 7 पेपर टोटल 1750 अंकों के होते हैं। इन सभी सातों पेपर में उम्मीदवार से राजनीति, इतिहास, भूगोल तथा भाषा से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं।

जिस अभ्यर्थी के इस परीक्षा में ज्यादा अंक आते हैं, उसका नाम मेरिट लिस्ट में सबसे पहले आता है।आईएएस बनने के लिए इस परीक्षा को पास करना बहुत ही जरूरी होता है। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन हर साल सितंबर और अक्टूबर के महीने में इस परीक्षा का आयोजन करवाता है।

3. इंटरव्यू

जो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा को पास कर लेते हैं, उन्हें फिर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।इस इंटरव्यू में 4 से 5 लोगों की टीम होती है, जो काफी पढ़े लिखे होते हैं और वह आपसे आपके व्यवहार, आपकी बॉडी लैंग्वेज तथा आपके जनरल नोलेज से संबंधित सवाल पूछते हैं।

इस इंटरव्यू में कई लोग आत्मविश्वास की कमी के कारण असफल हो जाते हैं, इसलिए जब भी आप इंटरव्यू देने जाए तो अपने अंदर कॉन्फिडेंस अवश्य रखें, साथ ही अपना दिमाग इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति की बातों पर ही रखें।

इंटरव्यू के समय किसी और बातों पर ध्यान ना दें, बल्कि इंटरव्यू लेने वाले लोग जो सवाल पूछे उसका सही से और शांति से जवाब दें।

आईएएस में मिलने वाले पद

जब आप आईएएस बनने की प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू को पास कर लेते हैं तो उसके बाद आपको सरकार द्वारा आपकी रैंक के हिसाब से पद प्रदान किया जाता है। आईएएस में मिलने वाले पद नीचे बताए गए अनुसार है।

  • जिला कलेक्टर
  • आयुक्त
  • चुनाव आयुक्त
  • मुख्य सचिव
  • Cabinet सचिव
  • एसडीएम
  • डीएम

आईएएस में सिलेक्शन का आधार

जो अभ्यर्थी आईएएस बनने के लिए आईएएस की प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू को पास कर लेता है उसे आईएएस के अंतर्गत आने वाले पदों के लिए सिलेक्ट किया जाता है|

जिस उम्मीदवार की रैंक सबसे अच्छी होती है उसे आईएएस का पद सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है तथा जिनकी रैंक कम होती है उन्हें अन्य सरकारी पद सरकार द्वारा प्रदान किए जाते हैं। आईएएस में सिलेक्शन मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों और इंटरव्यू में प्राप्त अंकों के आधार पर होता है।

आईएएस की तैयारी कैसे करें

आईएएस ऑफिसर बनने के लिए क्या करें

जैसा कि आप जानते हैं कि आईएएस की परीक्षा पास करना कोई बच्चों का खेल नहीं है।यह एक कठिन परीक्षा होती है, इसीलिए आपको इस परीक्षा को पास करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। अगर आप आईएएस की तैयारी करना चाहते हैं तो नीचे बताई गई बातों का ध्यान अवश्य रखें।

अगर आप आईएएस का पद प्राप्त करना चाहते हैं तो आपके अंदर धैर्य होना बहुत ही जरूरी है क्योंकि यह एक लंबी प्रक्रिया होती है, इसलिए आप संयम अवश्य रखें।

आईएएस की अच्छे से तैयारी करने के लिए आपको इसके सिलेबस को अच्छे से समझना होगा और प्रारंभिक तथा मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम को बहुत ही गंभीरता से लेना होगा और इन दोनों परीक्षाओं को पास करने के लिए अपनी स्ट्रेटजी बनानी होगी, साथ ही पाठ्यक्रम के सभी सवालों का गहनता से अध्ययन करना होगा

आईएएस की परीक्षा में सफल होने के लिए आप जो भी तैयारी करें, उसका समय समय पर रिवीजन अवश्य करें क्योंकि इससे आपको आपने जो भी पढ़ा है वह याद रहेगा और आपके आईएएस की परीक्षा में सफल होने के चांस भी बढ़ेंगे।

आईएएस की परीक्षा की तैयारी करने के लिए आप टाइम टेबल जरूर बनाएं क्योंकि इससे आपको यह पता रहेगा कि आपको कौन से दिन किस विषय की पढ़ाई करनी है।

आईएएस की परीक्षा की अच्छे से तैयारी करने के लिए आईएएस के पिछले सालों के प्रश्न पत्र के सवालों को जरूर हल करें क्योंकि इससे आपको सवालों की कठिनता के बारे में अंदाजा लगेगा।

आईएएस की तैयारी करने के लिए आप अपने आसपास स्थित किसी कोचिंग इंस्टिट्यूट का सहारा भी ले सकते हैं।कोचिंग इंस्टिट्यूट का चुनाव करते समय इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि कोचिंग इंस्टिट्यूट के टीचर आईएएस की तैयारी करवा पाएंगे या नहीं तथा वह कितने पढ़े लिखे हैं।

हो सके तो जो व्यक्ति आईएएस की परीक्षा दे चुका है उनसे संपर्क करें और उनसे आईएएस की परीक्षा के बारे में उनकी राय ले।

आईएएस की ट्रेनिंग

जो उम्मीदवार आईएएस बनने के लिए आईएएस की प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू को पास कर लेता है उसे फिर ट्रेनिंग के लिए मसूरी और उसके बाद हैदराबाद भेजा जाता है।यह ट्रेनिंग 1 साल से लेकर 2 सालों तक चलती है। इस ट्रेनिंग के दरमियान आईएएस उम्मीदवार को सैलरी भी मिलती है।

आईएएस ऑफिसर का काम

एक आईएएस अधिकारी जिले स्तर के सभी कामों के लिए जिम्मेदार होता है। फिर चाहे वह विकास से संबंधित काम हो या फिर प्राकृतिक आपदा अथवा कानून व्यवस्था से संबंधित काम हो।

आईएएस अधिकारी जब अपना काम जिला स्तर पर करते हैं तो इन्हें हम कलेक्टर और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के नाम से जानते हैं।

आईएएस अधिकारी पर कानून व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है।

आईएएस अधिकारी को आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों की भी देखरेख करनी होती है। यह अपनी रिपोर्ट राज्य के गृह मंत्रालय को देते हैं।

कई बार नेताओं के कहने पर आईएएस अधिकारी नीति योजना भी बनाते हैं।

एक आईएएस अधिकारी भारतीय संसद में बनने वाले नियमों और कानूनों को अपने क्षेत्र में सही ढंग से लागू करवाते हैं।

आईएएस ऑफिसर की सैलेरी कितनी होती है?

जैसा कि आप जानते हैं कि आईएएस एक बहुत ही बड़ा पद होता है, इसलिए इसमें महीने की सैलरी भी ज्यादा होती है।अगर हम आईएएस अधिकारी की महीने की सैलरी की बात करें तो इन्हें महीने की सैलरी के रूप में ₹56000 से लेकर ₹2.50000 तक मिलते हैं।

इसके अलावा अन्य सरकारी खर्चे जैसे पेट्रोल खर्चा, वाहन खर्चा, टेलीफोन बिल, नौकर, घर का भाड़ा, यात्रा खर्चा भी मिलता है। इसके अलावा आईएएस अधिकारी को यात्रा करने के लिए कम से कम एक और ज्यादा से ज्यादा तीन गाड़ियां सरकार द्वारा दी जाती हैं|

साथ ही आईएएस अधिकारी और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए 3 होमगार्ड भी सरकार द्वारा दिए जाते हैं।आईएएस अधिकारियों को इन सभी लाभों के अलावा ग्रेजुएटी, पीएफ, जीवन बीमा और आजीवन पेंशन जैसे लाभ भी मिलते हैं ।

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आपकी और दोस्तों:

तो दोस्तों ये था एक आईएस ऑफिसर कैसे बने, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप सभी को पता चल गया होगा की एक आईएस ऑफिसर बनने के लिए क्या करना पड़ता है.

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