IAS Full Form in Hindi | IAS का फुल फॉर्म क्या है

IAS Full Form in Hindi: दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल में हम आपको “आईएएस के फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, आईएएस का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर आईएएस का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको आईएएस से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त होगी।

हमारा भारत देश जनसंख्या के मामले में विश्व में दूसरा सबसे बड़ा देश है। हमारे देश के पहले जनसंख्या के मामले में चीन का नंबर आता है। वर्तमान में हमारे भारत देश की जनसंख्या 130 करोड़ के पार पहुंच गई है और इतनी बड़ी जनसंख्या होने के कारण अपराध दर भी हमारे भारत में बहुत ज्यादा है।

और अपराध को कम करने के लिए तथा लोग कानून का पालन करे, इसके लिए हमारी भारतीय सरकार ने भारतीय पुलिस विभाग की स्थापना की है, जो भारत के हर जिले में रहकर कानूनों का पालन करवाती है और जो अपराधी होते हैं उन्हें पकड़कर कोर्ट के सामने पेश करती है और फिर कोर्ट उस अपराधी को सजा सुनाती है।

इसके अलावा हमारे देश की सीमा की सुरक्षा के लिए हमारी भारतीय सरकार ने विभिन्न आर्मी को तैनात किया हुआ है,जिसमें जल, थल और वायु सेना शामिल है। इसके अलावा हमारे भारत के जंगलों में तथा ऐसे इलाकों में जो नक्सली से प्रभावित है, वहां पर भारतीय सरकार ने सीआईएसएफ और सीआरपीएफ की स्थापना की है।

जो नक्सली हमलों से आम लोगों को बचाते हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि किसी भी सिस्टम को चलाने के लिए बहुत से लोगों की आवश्यकता होती है, अगर इसे उदाहरण के तौर पर समझा जाए पुलिस को अपराधी को गिरफ्तार करने का अधिकार है ना कि उसे सजा देने का।

परंतु कई बार ऐसा होता है कि, पुलिस खुद ही बेलगाम हो जाती है और वह अपनी मनमर्जी करने लगती है। आपने ऐसे कई उदाहरण देखे होंगे, जहां पर पुलिस खुद ही नियम कानून को ताक पर रखकर कई निर्णय लेने लगती है,

जिससे लोगों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसीलिए हमारी भारतीय सरकार ने सभी लोगों को मैनेज करने के लिए किसी ना किसी अधिकारी को रखा है।

उदाहरण के तौर पर अगर पुलिस में कोई व्यक्ति सब इंस्पेक्टर के पद पर है तो उसे नियंत्रित करने के लिए एसओ का पद भी रखा जाता है और एसओ को नियंत्रित करने के लिए सीओ का पद रखा जाता है

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IAS Full Form in Hindi

IAS का फुल फॉर्म क्या है

IAS full form in hindi

■ आईएएस का फुल फॉर्म अंग्रेजी में क्या होता है

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि आईएएस का फुल फॉर्म अंग्रेजी में क्या होता है, आईएएस का अंग्रेजी में फुल फॉर्म होता है “इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस” यह एक सरकारी पद होता है।

एक आईएएस अधिकारी को हमारे भारतीय समाज में शक्ति और मान सम्मान का प्रतीक माना जाता है, क्योंकि हमारे भारत देश में सभी सरकारी मशीनरी की चाबी आईएएस अधिकारी के हाथों में ही होती है।

इसके अलावा आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, शहर के सभी पुलिस अधीक्षक भी आईएएस अधिकारी के तहत ही काम करते हैं।एक आईएएस अधिकारी बाद में डीएम याने के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बनता है।, जिसे हिंदी में जिलाधिकारी कहा जाता है।

आईएएस ऑफिसर का काम काफी जिम्मेदारी वाला होता है, इसलिए जो अभ्यर्थी आईएएस बन जाते हैं, उन्हें काफी मान सम्मान प्राप्त होता है।

आईएएस का पद बहुत ही जिम्मेदारी वाला पद होता है और इतनी बड़ी जिम्मेदारी के लिए सही अभ्यर्थी का चुनाव करने के लिए काफी बातों को ध्यान में रखा जाता है।

इसलिए सिविल सेवा परीक्षा को इस तरह से बनाया गया है कि, जो अभ्यर्थी प्रतिभाशाली है, वही इस परीक्षा को पास कर सके। इस परीक्षा में किसी भी प्रकार की कोई भी नकल नहीं होती है, क्योंकि यह परीक्षा काफी हाईटेक होती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर साल आईएएस की परीक्षा के लिए लाखों लोग आवेदन देते हैं और उन लाखों लोग में से मुश्किल से मुश्किल 1000 लोग ही आईएएस की परीक्षा को पास कर पाते हैं।

सामान्य तौर पर आईएएस के लिए होने वाली सिविल सेवा परीक्षा में ग्रेजुएट से लेकर डॉक्टर, इंजीनियर तथा वैज्ञानिक आवेदन करते हैं।यह परीक्षा बहुत ही कठिन मानी जाती है।

इसलिए इस परीक्षा को पास करने के लिए व्यक्ति रोजाना 7 से 8 घंटे की पढ़ाई और प्रैक्टिस करते हैं,च ऐसा कई आईएएस सफल हुए अभ्यर्थियों ने बताया है।

■ IAS क्या होता है

आईएएस हमारे भारत देश की एक प्रमुख एग्जाम है और यह सबसे कठिन एग्जाम भी होती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आइएएस की की परीक्षा को पास करना इतना आसान नहीं है जितना कि लोग सोचते हैं

क्योंकि यह हमारे भारत देश का प्रतिष्ठित पद है और इसीलिए सही व्यक्ति ही आईएएस के पद के लिए चुने जाएं इसका ख्याल खासतौर पर रखा जाता है और इसीलिए इस परीक्षा में ऐसे ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं जिनका जवाब काफी मुश्किल होता है।

आपने अक्सर टीवी में देखा होगा कि जो व्यक्ति आईएएस बन जाता है, उन्होंने अपने इंटरव्यू में भी यह बात कही है कि वह रोजाना छह से 8 घंटे की पढ़ाई आईएएस की परीक्षा को पास करने के लिए करते थे।

हमारे भारत देश के अधिकतर युवा जिंदगी में एक ना एक बार आईएएस बनने की ख्वाहिश अवश्य रखते हैं, हालांकि जो लोग पढ़ाई में तेज होते हैं, वही आईएएस बनने के लिए कोशिश करते हैं तथा जो लोग पढ़ाई में कमजोर होते हैं, वह तो इस परीक्षा में शामिल ही नहीं होते।

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन हर साल आईएएस बनने के लिए सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन करवाती है। यह परीक्षा हर साल एक बार अवश्य होती है।

■ इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस का हिंदी मतलब क्या होता है

बहुत से लोग आईएएस का अंग्रेजी फुलफोरम तो जानते हैं, परंतु उन्हें यह पता नहीं होता है कि इसे हिंदी में क्या कहते हैं, तो वैसे लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि आईएएस को हिंदी में “भारतीय प्रशासनिक सेवा” कहा जाता है तथा इसे अंग्रेजी में इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस कहते हैं।

I – भारतीय (Indian)
A – प्रशासनिक (Administrative)
S – सेवा (Service)

■ आईएएस की परीक्षा का आयोजन कौन करता है

आईएएस हमारे भारत देश की सबसे बड़ी परीक्षा होती है और इस परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग करवाता है। संघ लोक सेवा आयोग को हिंदी में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन कहा जाता है।यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन इसके अलावा भी
अन्य कई परीक्षाओं का आयोजन करवाता है। आइए आगे जानते हैं कि यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन अन्य कौन सी परीक्षा करवाता है।

■ संघ लोक सेवा आयोग कौन- कौन सी परीक्षा का आयोजन करता है ?

वर्तमान के समय में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन 24 सर्विस के लिए विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन हर साल करवाता है। इसमें से मुख्य नाम इस प्रकार हैं।

  • भारतीय प्रशासनिक सेवा
  • भारतीय पुलिस सेवा
  • भारतीय राजस्व सेवा
  • भारतीय अभियांत्रिकी सेवा
  • भारतीय आर्थिक और सांख्यिकी सेवा
  • भूगर्भ सेवा
  • विशिष्ट श्रेणी रेलवे प्रशिक्षु सेवा
  • संयुक्त चिकित्सा सेवा
  • केंद्रीय पुलिस सेवा
  • संयुक्त रक्षा सेवा
  • राष्टीय रक्षा सेवा

■ संघ लोक सेवा आयोग क्या है

शायद आपको पता ना हो परंतु आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब हमारा भारत देश आजाद नहीं हुआ था और जब हमारा भारत देश अंग्रेजों की कैद में था, तब आईएएस की परीक्षा का आयोजन इंग्लैंड में किया जाता था

परंतु जब हमारे भारत देश के राष्ट्र वादियों को इसके बारे में पता चला, तब हमारे भारत देश के राष्ट्र वादियों ने काफी लंबा आंदोलन करके अंग्रेज सरकार से इसे भारत में ट्रांसफर करने की मांग की थी।

इसके बाद पहली लोक सेवा आयोग की स्थापना अक्टूबर के महीने में साल 1926 में हुई थी और जब हमारा भारत देश अंग्रेजों से आजाद हो गया, तब इसे संघ लोक सेवा आयोग का नाम दिया गया।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग की स्थापना हमारे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत की गई है।

■ आईएएस की परीक्षा के चरण

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आईएएस की परीक्षा 3 चरणों में संपन्न करवाई जाती है, जिसमें सबसे पहले प्राथमिक परीक्षा होती है फिर मुख्य परीक्षा होती है और सबसे आखरी में अभ्यर्थी का इंटरव्यू लिया जाता है और जो अभ्यर्थी इन तीनों चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लेता है, उसे ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है।

■ इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस की प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न

1: सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र I (वस्तुनिष्ठ) 200 अंक

2: सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र II (वस्तुनिष्ठ) 200 अंक

■ इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस की मुख्य परीक्षा पैटर्न

1. सामान्य अध्ययन (प्रश्नपत्र –I) 250 अंक

2. सामान्य अध्ययन (प्रश्नपत्र –II) 250 अंक

3. सामान्य अध्ययन (प्रश्नपत्र –III) 250 अंक

4. सामान्य अध्ययन (प्रश्नपत्र –IV) 250 अंक

5. वैकल्पिक विषय (प्रश्नपत्र –I) 250 अंक

6. वैकल्पिक विषय (प्रश्नपत्र –II) 250 अंक

7. निबंध लेखन) 250 अंक

8. अंग्रेज़ी (अनिवार्य) 300 अंक

9. भारतीय भाषा (अनिवार्य) 300 अंक

■ इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस का इंटरव्यू

जो अभरर्ती सफलतापूर्वक इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस बनने के लिए आयोजित होने वाली प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा को पास कर लेते हैं उन्हें फिर सबसे आखरी में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।

यह इंटरव्यू टोटल 275 अंकों का होता है और इस इंटरव्यू में अभ्यर्थी से मानसिक तार्किक सवाल पूछे जाते हैं, उससे कुछ ऐसे सवाल पूछे जाते हैं जो आमतौर पर तो काफी सामान्य लगते हैं परंतु उनका जवाब काफी मुश्किल होता है

और ऐसे में अगर कोई अभ्यर्थी जल्दबाजी में किसी सवाल का जवाब देता है, तो यह तय है कि उसका सिलेक्शन ना हो, इसलिए आईएएस का इंटरव्यू देने के लिए जाएं तो एकदम शांत मन से इंटरव्यू लेने वाले लोगों की टीम की बातों को सुने और फिर शांति से उनकी बातों का सोच समझ कर जवाब दें।

अगर आप इस इंटरव्यू में पास हो जाते हैं तो फिर आपको ट्रेनिंग के लिए मसूरी या फिर हैदराबाद भेजा जाता है और फिर उसके बाद आपको पोस्टिंग दे दी जाती है, इस तरह से अभ्यर्थी आईएएस बन जाता है।

■ इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में चयन का आधार

जो अभ्यर्थी आईएएस बनने के लिए तीनों चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं,उन्हें फिर इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस के अंतर्गत आने वाले पदों के लिए सिलेक्ट किया जाता है और जिस अभ्यर्थी की रैंक सबसे अच्छी होती है, उन्हें आईएएस के पद पर सिलेक्ट कर लिया जाता है।

इसके अलावा जिन अभ्यर्थियों की रैंक कम होती है उन्हें अन्य पदों पर नियुक्ति दी जाती है और कुछ सालों तक काम करने के बाद उन्हें भी आईएएस का पद प्राप्त हो जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईएएस में चयन के लिए मेरिट और मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार के अंकों को आधार बनाया जाता है।

■ आईएएस बनने के लिए योग्यता

जो अभ्यर्थी आईएएस बनना चाहता है, उसका भारतीय नागरिक होना जरूरी है इसके अलावा भारतीय नागरिक के अलावा नेपाल तथा भूटान के लोग भी भारत में आईएएस बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

अगर हम आईएएस बनने के लिए योग्यता की बात करें तो आईएएस बनने के लिए अभ्यर्थी का ग्रेजुएट होना आवश्यक है हालांकि वह ग्रेजुएशन अपना किसी भी विषय में कर सकता है, चाहे वह साइंस ग्रेजुएट हो आर्ट से ग्रेजुएट हो या फिर
कॉमर्स से ग्रेजुएट हो।

आईएएस बनने के लिए अभ्यर्थी की उम्र कम से कम 21 साल अधिक से अधिक 32 साल होनी चाहिए, हालांकि जो लोग एससीएसटी एसटी समुदाय से संबंध रखते हैं उन्हें उम्र में भारतीय संविधान के तहत दिए गए आरक्षण के अंतर्गत छूट दी गई है।

एससी एसटी के लोग कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 37 साल तक आईएएस बनने के लिए कोशिश कर सकते हैं।एससीएसटी के लोग चाहे जितनी बार आईएएस बनने की कोशिश कर सकते हैं तथा सामान्य वर्ग के लोग अधिक से अधिक 6 बार आईएएस बनने की कोशिश कर सकते हैं

तथा जो लोग ओबीसी समुदाय से संबंध रखते हैं वह लोग अधिक से अधिक 9 बार आईएएस बनने की कोशिश कर सकते हैं। ओबीसी समुदाय के लोग कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 35 साल तक आईएएस बन सकते हैं तथा जो लोग हैं लोग फिजिकली डिसएबल है वह लोग 21 साल से लेकर 42 साल तक आईएएस बन सकते हैं।

जिन लोगों के पास जम्मू एंड कश्मीर का डोमेसाइल है वह सामान्य वर्ग के लोग 37 साल और ओबीसी वर्ग के लोग 40 साल तथा एससी एसटी वर्ग के लोग 42 और फिजिकली हैंडिकैप्ड के लिए 50 साल रखी गई है।

■ आईएएस के लिए तैयारी कैसे करे

जैसा कि आप जानते हैं कि किसी भी परीक्षा को पास करने के लिए एक निश्चित रणनीति के तहत काम करना होता है। हालांकि इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस की परीक्षा भारत की अन्य परीक्षाओं से काफी हार्ड होती है

क्योंकि हमने आपको पहले ही बता दिया है कि आईएएस का पद काफी जिम्मेदारी वाला पद होता है, इसलिए हमारी भारतीय सरकार यही चाहती है कि इस पद पर ऐसे ही लोगों का चयन हो जो वाकई में इसके हकदार हो और इसीलिए आईएएस की परीक्षा को इस प्रकार से बनाया गया है कि केवल योग्य व्यक्तियों का ही चयन इसमें हो सके

और इसीलिए आईएएस बनने के लिए आपको विशेष तौर पर तैयारी करनी होती है आइए जानते हैं कि आईएएस बनने के लिए तैयारी कैसे करें।

1: आईएएस के पद तक पहुंचने के लिए अभ्यर्थियों को काफी संयम रखना पड़ता है। अगर इसमें आपका मनोबल जरा सा भी कमजोर हुआ तो आप अपनी मंजिल से भटक जाएंगे और आप अपनी मंजिल को प्राप्त नहीं कर पाएंगे।

इसलिए जब आप आप अपने मन में यह बात ठान ले कि मुझे आईएएस बनकर ही रहना है तभी इस क्षेत्र में अपना कदम आगे बढ़ाए, क्योंकि जिस व्यक्ति का मनोबल कमजोर होता है, वह कुछ नहीं कर पाता क्योंकि उसका दिमाग यहां-वहां भटकता है इसीलिए अपने मनोबल को मजबूत बनाएं।

2: जब आप यह निश्चय कर लें कि मुझे आईएएस बनना है, तो इसके बाद आपको आईएएस की परीक्षा के पाठ्यक्रम को अच्छे से समझना होगा। आपको आईएएस की परीक्षा के प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम को बहुत ही गंभीरता से लेना होगा

और दोनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग योजना बनानी होगी तथा सिलेबस के सभी पॉइंट को मार्किंग करते हुए क्लियर करते जाएं की आपको क्या-क्या बातें जाननी और सीखनी है, क्योंकि किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए परीक्षा के पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है।

3: पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद आपको इसका रिवीजन अवश्य करना है क्योंकि रिवीजन करने से आपने जो भी पड़ा है या सीखा है वह आपको अवश्य याद रहेगा।

आप जितना ज्यादा रिवीजन करेंगे, आपकी परीक्षा में सफल होने के उतनी ही ज्यादा चांस होंगे, क्योंकि बार-बार रिवीजन करने से आदमी के दिमाग में वह बातें बैठ जाती है, जो उसने पढ़ी या सिखी होती है।

4: आईएएस की परीक्षा की अच्छे से तैयारी
करने के लिए आपको अपने खुद के नोट्स अवश्य बनाने चाहिए, क्योंकि अगर आपके खुद के नोट है तो आपको अधिक समय तक सभी चीजें यह याद रहेगी

5:इसके अलावा अपनी तैयारी करने के लिए आपको एक टाइम टेबल का निर्माण भी करना होगा, क्योंकि टाइम टेबल का निर्माण करने से आपको यह बातें पता रहेंगी कि, आपको कौन से दिन किस विषय का अध्ययन कितनी देर तक करना है।

टाइम टेबल बनाने से आपकी कमांड सभी विषयों पर समान रूप से बनी रहेगी और आप अच्छे से अपनी तैयारी कर पाएंगे। जैसे आपने जिम में देखा होगा कि जिम में हर दिन अलग-अलग कसरत करवाई जाती है और हर दिन अलग-अलग कसरत करने से ही आदमी के सभी अंगों पर पर असर पड़ता है

और उसकी बॉडी बनती है, इसी तरह आईएएस की परीक्षा में सफल होने के लिए टाइम टेबल का भी महत्व है, क्योंकि जब आप सभी विषयों पर समान रूप से ध्यान देंगे तो आपको सभी बातों की जानकारी प्राप्त होगी।

6: आपने जो भी पड़ा है या जो भी सीखा है समय-समय पर उसे चेक करते रहें, इसके अलावा आईएएस की परीक्षा में सफल होने के लिए आप इसके मॉडल टेस्ट पेपर को भी हल करने का प्रयास करें। इसके अलावा आप चाहे तो ऑनलाइन मॉक टेस्ट में भाग ले लेकर भी अपनी तैयारी परख रख सकते हैं

साथ ही अगर हो सके तो, आईएएस के पिछले 5 सालों के क्वेश्चन पेपर को इकट्ठा करने का प्रयास करें और उनके पैटर्न और प्रश्नों को समझें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईएएस की परीक्षा के प्रश्न पत्र आपको ऑनलाइन आसानी से प्राप्त हो जाएंगे।

7: इसके अलावा अगर आप आईएएस की तैयारी करवाना चाहते हैं, तो आप अपने घर के आस-पास स्थित किसी अच्छे कोचिंग इंस्टिट्यूट का सहारा भी ले सकते हैं और अगर आपके घर के आसपास कोई अच्छा कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं है तो आप ऑनलाइन यूट्यूब के माध्यम से भी अपनी पढ़ाई कर सकते हैं

क्योंकि आज के समय में यूट्यूब पर एजुकेशन से रिलेटेड ऐसे कई चैनल है, जहां पर सिर्फ आईएएस ही नहीं बल्कि अन्य बड़ी-बड़ी परीक्षा की तैयारी भी करवाई जाती है। यूट्यूब पर विभिन्न चैनल मौजूद है,जहां से आप अपने इंटरेस्ट के हिसाब से चैनल का चुनाव पढ़ाई करने के लिए कर सकते हैं।

8: इसके अलावा आईएएस की तैयारी करने के लिए रोजाना अखबार और मैगजीन अवश्य पढ़ें, क्योंकि इससे आपको करंट अफेयर के बारे में बहुत सी जानकारियां प्राप्त होती है।इससे आपको यह पता भी होगा कि आपको किसी विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए ज्यादा रिसर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी

साथ ही पहले से ही अगर आप आईएएस बनने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको दसवीं कक्षा में उन विषयों को चुनना चाहिए, जिसमें आपको इंटरेस्ट हो और जिसे आप सिविल सर्विस के दौरान चुन सके। अगर आपके पास अपनी पसंद का विषय है तो आपको तैयारी करने में काफी आसानी होगी।

9: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूपीएससी की परीक्षा में टोटल 25 विषयों में से अपना विषय चुनना होता है, इसीलिए आप वही विषय चुनें जिसमें आपको पढ़ाई करने में आसानी हो और जिसमें आपको इंटरेस्ट हो।

■ क्या करता है आईएएस ऑफिसर

एक आईएएस अधिकारी विभिन्न प्रकार के काम करता है। आईएएस अधिकारी हमारी केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए नियम और कानून को लागू करवाने का काम करता है, साथ ही वह सरकार की नीतियों को लागू करवाता है और उसका पालन हो, यह सुनिश्चित करता है।

एक आईएएस अधिकारी किसी भी जिले में जिला मजिस्ट्रेट, कलेक्टर या फिर कमिश्नर हो सकता है। इसके अलावा पद बढ़ने पर वह कैबिनेट सेक्रेटरी, ज्वाइंट सेक्रेट्री, अंडर सेक्रेट्री, डिप्टी सेक्रेटरी का पद भी प्राप्त कर सकता है।

इसके अलावा आईएएस ऑफिसर को सरकार के विभिन्न विभागों, कंपनियों, बोर्ड आदि का प्रमुख भी बनाया जाता है जैसे सीबीएसई और बिहार बोर्ड के चेयरमैन आईएएस ऑफिसर हैं।

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आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था IAS का फुल फॉर्म क्या है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको ias ऑफिसर के बारे में बहुत अच्छी जानकारी मिल गयी होगी.

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