FSSAI Full Form in Hindi | FSSAI का फुल फॉर्म क्या है

FSSAI Full Form in Hindi: आज के इस आर्टिकल में हम आपको Fssai की फुल फॉर्म के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि Fssai क्या है या फिर इसका पूरा मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको इसके बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।

दोस्तों हर कोई अमीर घर में पैदा नहीं होता है, बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जो अमीर घर में पैदा होते हैं और बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जो गरीब या फिर मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा होते हैं।

जो लोग गरीब या मध्यम वर्गीय परिवार में पैदा होते हैं, उनका एक ही सपना होता है कि, वह अच्छी पढ़ाई लिखाई करके एक अच्छी नौकरी प्राप्त करें और अपने सपनों को साकार करें तथा मानव की मूलभूत जरूरत जैसे की रोटी कपड़ा मकान इत्यादि को प्राप्त करें।

इसलिए हमारे भारत में हर साल लाखों लोग विभिन्न नौकरी के लिए आवेदन देते हैं। हालांकि किसी भी नौकरी को प्राप्त करने के लिए कुछ कंडीशन होती है। जैसे कुछ नौकरियों को पाने के लिए 10वीं पास लोग ही आवेदन कर सकते हैं

तो कुछ नौकरियों के लिए 12वीं या फिर ग्रेजुएट लोग भी आवेदन कर सकते हैं। इसी बात से आप अंदाजा लगा लगा सकते हैं, कि आज के समय में पढ़ाई लिखाई का कितना महत्व है। हालांकि हम यह नहीं कह रहे हैं कि जो व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं होता है, वह अपनी जिंदगी में सफलता प्राप्त नहीं कर पाता।

ऐसे बहुत से लोग इस दुनिया में है, जो कम पढ़े लिखे हैं या फिर अनपढ़ हैं परंतु उन्होंने अपनी जिंदगी में सफलता की ऊंचाइयों को छुआ है। उदाहरण के तौर पर तौर पर आप एमडीएच मसाले वाले बाबा जी को
ही ले लीजिए।

पहले वे छोटे तौर पर अपना काम करते थे और धीरे-धीरे उन्होंने अपनी मेहनत से एमडीएच का इतना बड़ा कारोबार खड़ा कर दिया है। आज एमडीएच मसाले हमारे भारत देश के अलावा दुनिया के बहुत से देशों में इस्तेमाल किए जाते हैं ।

और इनका सालाना टर्नओवर करोड़ों रुपए में है, हालांकि दोस्तों अगर आप हमारे भारत देश में कोई धंधा करना चाहते हैं, तो उसके लिए सरकार ने अब से कुछ लाइसेंस का प्रावधान कर दिया है। जहां पहले किसी भी धंधे को चालू करने के लिए किसी भी प्रकार का लाइसेंस नहीं लगता था।

वहीं अब किसी भी धंधे की शुरुआत करने के लिए सरकार ने कुछ लाइसेंस को लेना अनिवार्य कर दिया है। खासतौर पर जो लोग फूड या फिर खाने पीने का धंधा करते हैं उनके लिए सरकार ने Fssai लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है, ऐसे में बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि Fssai लाइसेंस क्या होता है तो आइए इसके बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

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1. Fssai का इंग्लिश में फुल फॉर्म क्या है

Fssai का अंग्रेजी में फुल फॉर्म होता है “फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया”

FSSAI full form in hindi

2. Fssai का हिंदी में क्या मतलब है

Fssai का हिंदी में मतलब होता है “भारत खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण”
फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के लाइसेंस पर 14 अंक प्रिंटेड होते हैं और यह अंक जिस कंपनी ने फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया का लाइसेंस लिया होता है, उसके प्रोडक्ट पर प्रिंटेड होता है।

उदाहरण के तौर पर आपने देखा होगा कि जब आप पारले बिस्किट खरीदते हैं, तब उसके ऊपर भी Fssai लिखा हुआ होता है। इसी तरह हर प्रोडक्ट के ऊपर फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिखा हुआ होता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया का हेड क्वार्टर हमारा भारत देश की राजधानी नई दिल्ली में है और हमारे पूरे भारत में इसके 8 ऑफिस हैं।

इसका ऑफिस हमारे भारत देश के दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, गुवाहाटी, मुंबई, कोलकाता, कोचीन और चेन्नई में है। इसके अलावा फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के हमारे पूरे देश में 76 लेबोरेटरी है जहां पर खाद्य पदार्थों की जांच की जाती है।

3. Fssai की स्थापना कब हुई थी

हमारी भारत सरकार ने साल 2008 में 5 सितंबर को फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया की स्थापना की थी और आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया का हेड क्वार्टर हमारे भारत देश की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है।

इसके अलावा इसके हमारे पूरे भारत देश में 8 ऑफिस हैं, जो दिल्ली कोचिंग चेन्नई लखनऊ गुवाहाटी मुंबई चंडीगढ़ और कोलकाता में स्थापित है। इसके साथ ही हमारे देश में इसकी 76 लेबोरेटरी है। हमारे भारतीय सरकार द्वारा फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुख्य अधिकारी को दिल्ली में ही नियुक्त किया जाता है।

4. भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के काम

हमारी भारत सरकार द्वारा फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया की स्थापना नीचे दिए गए कामों को करने के उद्देश्य से की गई है, आइए आपको उन कामों के बारे में जानकारी देते हैं।

1) प्रशिक्षण देना

फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया खाद्य से संबंधित ट्रेनिंग का आयोजन करती है।इसके जरिए वह ऐसे लोगों को ट्रेनिंग देती है, जो खानपान से संबंधित बिजनेस करना चाहते हैं या फिर खानपान से संबंधित कुछ अन्य काम करना चाहते हैं।इस ट्रेनिंग में लोगों को वह सभी जानकारी प्रदान की जाती है, जो खाद्य से संबंधित होती है और इससे फूड की दुकान करने वाले लोगों को बहुत फायदा होता है।

2) दिशा निर्देश को निर्धारित करना

Food Safety and Standards Authority of India का सबसे मुख्य काम यह होता है कि, यह खाद्य पदार्थों से संबंधित इंस्ट्रक्शन बनाते हैं और यह इस बात का ख्याल रखते हैं कि इनके द्वारा बनाए गए नियम कानून का हमारे पूरे देश में पालन किया जा रहा है या नही।

कभी-कभी यह अचानक विभिन्न दुकानों पर छापा भी मारते हैं और वहां पर से सैंपल इकट्ठा करके अपने लेबोरेटरी में टेस्ट करवाते हैं और अगर कोई फूड सैंपल लेबोरेटरी की जांच में फेल हो जाता है तो फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी उस दुकान वाले को दंडित करते हैं

जिसका वह सैंपल होता है, इससे लोगों में यह डर होता है कि, अगर वह खाद्य पदार्थों में मिलावट करेंगे तो उन्हें जुर्माना भरना पड़ सकता है।

3) प्रमाणन देना

फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी फूड बिजनेस करने वाले लोगों के द्वारा बनाए गए खाने की जांच करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि, उनके द्वारा बनाए गए खाने में किसी भी प्रकार की कोई मिलावट नहीं है

और उनके द्वारा बनाया गया खाना खाने के लायक है और इसके बाद खाना टेस्ट होने के बाद सब सही होता है, तो फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया का लाइसेंस उस व्यक्ति को दे दिया जाता है, जिसने उस खाने का निर्माण किया होता है और इस तरह से लाइसेंस प्राप्त करने के बाद वह अपना काम करने के लिए स्वतंत्र होता है।

4) नेटवर्क की स्थापना

FSSAI एक उद्देश्य भी है कि वह पूरे देश में एक ऐसे नेटवर्क की स्थापना करें जिससे आम उपभोक्ता और व्यापारी एक दूसरे से जुड़ सके और वह अधिक तेजी से जानकारियां प्राप्त कर सकें।

5) वैज्ञानिक सलाह और तकनीकी सहायता प्रदान करना

एफएसएसएआई प्रत्यक्ष या फिर अप्रत्यक्ष रूप से फूड सेफ्टी और न्यूट्रिशन के संबंध में भारत की केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को वैज्ञानिक सलाह और टेक्नोलॉजी सहायता प्रदान करता है।

6) जागरूकता को बढ़ावा देना

फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया का एक काम यह भी है कि वह फूड से संबंधित जानकारियां लोगों के सामने प्रस्तुत करें और सामान्य जागरूकता को बढ़ावा दें।

हमारी भारतीय सरकार ने भारत में पुराने फूड सेफ्टी के नियमों को एफएसएस एक्ट 2006 में शामिल कर दिया है, जिसकी जानकारी हमने आपको नीचे दी है

  • – Vegetable Oil Products (control) order 1947 (वनस्पति तेल उत्पाद (नियंत्रण) आदेश 1947)
  • – Prevention of Food Adulteration Act 1954 ( खाद्य व्यभिचार अधिनियम 1954 )
  • – Fruit Products Order 1955 ( फल उत्पाद आदेश 1955 )
  • – Solvent Extracted Oil, De-Oiled Meal & Edible Flour (control) order 1967 ( सॉल्वेंट निकाले गए तेल, डी-ऑइलड भोजन और खाद्य आटा (नियंत्रण) आदेश 1967 )
  • – Meat Food Products order 1973 ( मांस खाद्य उत्पाद आदेश 1973 )
  • – Edible Oils Products(regulation)order 1988 ( खाद्य तेल उत्पाद ( विनियमन ) आदेश 1988 )
  • – Milk & Milk Products Order 1992 ( दूध और दूध उत्पाद आदेश 1992 )

7. Fssai लाइसेंस बनवाने के लिए कौन से डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होती है

  • – दो पासपोर्ट साइज का फोटो
  • – पहचान पत्र जैसे कि आधार कार्ड,वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस
  • -पान कार्ड, owner, प्रोपराइटर,पार्टनर या डायरेक्टर का
  • – घर का एग्रीमेंट
  • – घर का इलेक्ट्रिसिटी बिल
  • – ऐड्रेस प्रूफ
  • – व्यवसाय में आप कौन सी चीजें शामिल करेंगे उसकी लिस्ट
  • – अपना शपथ पत्र
  • – घोषणा पत्र
  • – अपना कैरेक्टर सर्टिफिकेट
  • – नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट

8. fssai की स्थापना का उद्देश्य क्या है?

फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया का मुख्य उद्देश्य यही है कि लोगों को शुद्ध और और मिलावट रहित खाना मिले तथा जो लोग खाने में मिलावट करते हैं, उन्हें दंड दिया जा सके।

अगर हम सामान्य शब्दों में कहे तो फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया खाने की गुणवत्ता की जांच करता है, इसमें वह यह देखते हैं कि खाने की महक कैसी है, खाने में कोई हानिकारक केमिकल तो नहीं मिलाया गया है, खाना खाने लायक है या नहीं, खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए किसी हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा इत्यादि।

अगर इनके टेस्ट में फूड पास हो जाता है तो ही यह उसे विक्रेता को बेचने की अनुमति देते हैं।फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी समय-समय पर रिटेल और होलसेलर दुकानों पर छापा मारते हैं और उनके खाद्य पदार्थों की जांच करते हैं

और अगर कहीं से शंकासपद फूड प्राप्त होता है, तो यह उसे अपनी लेबोरेटरी में जांच के लिए भेज देते हैं और वहां से मिलने वाले रिजल्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करते हैं।

9. Fssai कितने प्रकार के लाइसेंस जारी करता है

फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया तीन प्रकार के लाइसेंस जारी करता है, जिसमें पहला बेसिक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, दूसरा स्टेट लाइसेंस और तीसरा सेंट्रल लाइसेंस होता है, आइए इन तीनों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

– बेसिक लाइसेंस

अगर आपका बिजनेस 0 से लेकर 12 लाख रुपए तक का है, तो आप बेसिक लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके तहत एक ही क्षेत्र या फिर शहर में काम करने वाले सभी छोटे कर्मचारी शामिल है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस एक्ट के द्वारा फूड कारोबारियों को उसके द्वारा बेचे या बनाए गए खाद्य उत्पाद यानी फूड प्रोडक्ट सूची के संबंध में लाइसेंसिंग अथॉरिटी को हर साल 31 मई या फिर उससे पहले d1 के रूप में फाइल किया जाता है।

– स्टेट लाइसेंस

अगर आपका बिजनेस 1200000 रुपए से ज्यादा है या फिर आपका बिजनेस 20 रोड से कम है, तो आप स्टेट लाइसेंस के लिए आवेदन दे सकते हैं।अगर आपके बिजनेस की शाखाएं आपके राज्य के अलावा अन्य राज्यों में भी हैं, तो आपको हर राज्य के लिए एक लाइसेंस प्राप्त करना होगा।

– सेंट्रल लाइसेंस

अगर आप का बिजनेस है 20 करोड़ से अधिक है तो आप फिर सेंट्रल लाइसेंस के लिए आवेदन दे सकते हैं।

10. state Fssai लाइसेंस के लिए कितनी फीस लगती है?

– अगर आपका 4 स्टार होटल है तो इसके लिए आपको ₹5000 लाइसेंस के लिए देने होंगे।

– इसके अलावा जो लोग भोजन सर्व करने का बिजनेस करते हैं उनके लिए ₹2000 निर्धारित किए गए हैं।

– क्लब, रेस्टोरेंट, बोर्डिंग हाउस आदि के लिए यह फीस 2000 रुपये रखी गई है।

– एक मैन्युफैक्चरर और मिलर जो एक मीट्रिक टन दूध या 501 से 10 हजार लीटर के दूध का प्रोडक्शन करता है या फिर 2.5 एमपी से 500 मीट्रिक टन दूध के लिए हर साल 3000 रुपये फीस चुकानी पड़ती है।

11. Central Fssai लाइसेंस के लिए कितनी फीस लगती है?

अगर आप फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया का सेंट्रल लाइसेंस लेना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको ₹7500 भरने पड़ेंगे।यह सालाना फीस है और अगर आप 1 साल पूरा होने के बाद अपने लाइसेंस को रिन्यू करवाना चाहते हैं तो उसके लिए फिर से आपको ₹7500 भरने पड़ेंगे।

12. Fssai लाइसेंस की वैलिडिटी कितने साल की होती है

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के लाइसेंस की वैलिडिटी 5 साल की होती है और 5 साल पूरा होने के बाद आपको इसे रिन्यू करवाना होता है। हालांकि अगर आप 5 सालों के बाद अपना धंधा बंद करना चाहते हैं, तो आपको इसको रिन्यू करवाने की कोई आवश्यकता नहीं रहेगी।

आपकी और दोस्तों:

तो दोस्तों ये था fssai का फुल फॉर्म क्या है, हम आशा करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप सभी को ये पता चल गया होगा की fssai का फुल फॉर्म क्या होता है. अगर आपको हमारी ये पोस्ट अच्छी लगी तो प्लीज पोस्ट को १ लाइक जरुर करे और अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया साइट्स पर भी अवश्य शेयर करे.

क्यूंक हम चाहते है की अधिक से अधिक लोगो को fssai के बारे में जानकारी मिल पाए, धन्येवाद दोस्तों.

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