DNA Full Form in Hindi | DNA का फुल फॉर्म क्या है

DNA Full Form in Hindi: दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल में हम आपको ” डीएनए के फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, डीएनए का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर डीएनए का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको डीएनए से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त होगी।

दोस्तों मानव की उत्पत्ति के बारे में आज तक कोई सटीक जानकारी प्राप्त नहीं हो पाई है परंतु कुछ लोगों के अनुसार मानव की उत्पत्ति आज से 1000 साल पहले हुई थी, वहीं कुछ लोगों के अनुसार मानव की उत्पत्ति कई अरबो वर्षों के पहले हुई थी।

हमारे हिंदू धर्म में मानव की उत्पत्ति ब्रह्मा से मानी गई है क्योंकि हमारे हिंदू धर्म में कहा गया है कि ब्रह्मा विष्णु और महेश इन तीनों ने मिलकर ही सृष्टि की रचना की थी और इसके बाद इन्होंने एक महिला और एक पुरुष को उत्पन्न किया और जब उन्होंने आपस में संबंध बनाया तो उनकी कई संताने हुई और धीरे-धीरे जब उनकी संतानें विवाह करने लगे तो उनका परिवार बढ़ता गया

और इसी तरह मानव जीवन का आरंभ होता गया तथा उनका वंश वृद्धि होती गई और लगातार कई वर्षों के बाद आज दुनिया भर में लगभग 900 अरब से अधिक जनसंख्या हो गई है। इसके अलावा मानव के साथ-साथ भगवान ने इस धरती पर विभिन्न प्रकार के जीव जंतु और जानवर भी बनाए।

जिस तरह मानव की वंश वृद्धि होती है, उसी तरह जानवरों मे भी वंश वृद्धि होती है। मानव तथा जानवर किसी भी प्रकार का जीव आपस में संबंध बनाकर ही वंश वृद्धि करते हैं और इसीलिए जो व्यक्ति जिस व्यक्ति के संबंध बनाने से पैदा हुआ होता है उस व्यक्ति में उस व्यक्ति के गुण अवश्य होते हैं

जैसे आपने देखा होगा कि जब कोई महिला और पुरुष शादी करते हैं और जब उनकी कोई संतान उत्पन्न होती है तो उसे संतान की शक्ल उसके माता या पिता में से किसी एक से अवश्य मिलती है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन दोनों का डीएनए एक ही होता है और आज के जमाने में डीएनए के द्वारा व्यक्ति के माता-पिता का पता भी बड़ी ही आसानी से लगाया जा सकता है।

हमारे भारत में ऐसे कई केस हुए हैं जहां पर बहुत से लोगों ने अपने माता पिता की खोजबीन करने के लिए डीएनए का सहारा लिया है।

अगर आपने 11वीं और 12वीं कक्षा को साइंस के विषय के साथ पास किया है, तो आपने अपनी पढ़ाई के दरमियान डीएनए के बारे में काफी जानकारी प्राप्त की होगी, वहीं जिन लोगों ने बायोलॉजी से अपनी ग्रेजुएशन पूरी की है, उन्हें भी डीएनए के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी अवश्य होती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, इस दुनिया में सभी सजीव चीजों में डीएनए पाया जाता है और डीएनए पीढ़ी दर पीढ़ी ट्रांसफर होता रहता है।

वर्तमान का समय विज्ञान का समय है और समय के साथ विज्ञान तथा मेडिकल साइंस ने इतनी प्रगति कर ली है कि उससे विभिन्न प्रकार की समस्याओं का समाधान बड़ी ही आसानी से किया जा सकता है।

विज्ञान का इस्तेमाल करके बारीक से बारीक चीज भी खोजी जा सकती है और आज के समय में मनुष्य ने विज्ञान के द्वारा अंतरिक्ष से लेकर मानव हेल्थ तक के कई क्षेत्रों में बड़ी बड़ी उपलब्धि हासिल की है।विज्ञान के द्वारा मानव स्वास्थ्य के क्षेत्र में डीएनए की खोज की है।इसके द्वारा मनुष्य ने कई जटिल समस्याओं को हल किया है।

DNA Full Form in Hindi

DNA का फुल फॉर्म क्या है

DNA Full Form in Hindi

■ डीएनए का फुल फॉर्म क्या है

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि डीएनए का फुल फॉर्म क्या होता है,डीएनए का फुल फॉर्म होता है Deoxyribonucleic Acid‘। हिंदी भाषा में इसे डीऑक्सीराइबोज न्यूक्लिक अम्ल के नाम से जाना जाता है।

डीएनए एक तंतुनुमा अणु होता है और डीएनए को जिंदा कोशिकाओं के गुणसूत्र में पाया जाता है। इनका संबंध जीवित कोशिकाओं से होता है। डीएनए की आकृति लहरदार सीढ़ी की तरह होती है और इसे 3D संरचना के द्वारा साफ तौर पर देखा जा सकता है। डीएनए का निर्माण फिलामेंट के द्वारा किया जाता है और इसकी संरचना भी इन्हीं फिलामेंट से मिलकर बनी हुई होती है।

■ डीएनए का मतलब क्या होता है

डीएनए को डीऑक्सीराइबोज न्यूक्लिक अम्ल कहा जाता है।डीएनए एक लहरदार आकृति होती है।इसमें डीएनए के अणु ग्वानिन, ऐडेनिन, थाइमिन और साइटोसिन से निर्मित रहते हैं।इन डीएनए के अणुओं को न्यूक्लियोटाइड के नाम से जाना जाता है।कोशिकाओं के लिए प्रोटीन एक जरूरी तत्व है।प्रोटीन के निर्माण में न्यूक्लियोटाइड बहुत ही सहायक होता है।

■ डीएनए का फुल फॉर्म हिंदी में क्या होता है

डीएनए को हिंदी में ‘डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल’ कहा जाता है।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डीएनए की कभी भी डेथ नहीं होती है। यह अमर होता है क्योंकि यह पीढ़ी दर पीढ़ी एक व्यक्ति से दूसरे में तथा एक जानवर से दूसरे जानवर में ट्रांसफर होता रहता है।

हम सभी के अंदर डीएनए मौजूद है, जो हमें हमारे माता-पिता के द्वारा प्राप्त होता है और जब हमारी शादी होगी तब जो हमारी संतान होंगी, उन्हें हमारे द्वारा डीएनए प्राप्त होगा। ऐसे ही लगातार डीएनए पीढ़ी दर पीढ़ी ट्रांसफर होता रहता है।

इंसानी शरीर में लगभग 3 बिलियन बेस होते हैं और यह 99.9 परसेंट सभी इंसानों के अंदर समान रूप से होते हैं तथा बाकी का 00.1 परसेंट सभी मनुष्यों को एक दूसरे से भिन्न बनाता है।

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि चिंपांजी और मानव के डीएनए में लगभग 98 परसेंट की समानता होती है, क्योंकि हमारे पुराणों और शास्त्रों में मानव की उत्पत्ति बंदरों से ही बताई गई है, इसीलिए बंदरों की हरकत मानव से मिलती जुलती है।

D – Deoxyribo

N – Nucleic

A – Acid

और आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि अगर इंसान के शरीर में मौजूद डीएनए को अगर सुलझाया जाए, तो यह इतना ज्यादा लंबा होगा कि यह सूरज से पृथ्वी तक 300 गुना बार पहुंचकर वापस जा सकता है।

DNA हर कोशिका में 0.09 माइक्रोमीटर की जगह घेरता है।1 ग्राम डीएनए में लगभग 700 टेराबाइट की जानकारी स्टोर की जाती है और 2 ग्राम डीएनए में पूरे संसार के इंटरनेट डाटा को सेव किया जा सकता है।

हमारे मानव शरीर में रोजाना 1000 से लेकर 10 लाख तक के डीएनए बनते हैं और नष्ट हो जाते हैं तथा दुनिया में जितनी भी प्रजातियां हैं, उनकी जानकारी को एक चम्मच डीएनए में सेव किया जा सकता है

■ DNA Test क्या होता है और कैंसे होता है

आपने अक्सर समाचार पत्रों में और फिल्मों में डीएनए टेस्ट के बारे में सुना होगा, परंतु आपको शायद ही पता होगा कि आखिर डीएनए टेस्ट होता कैसे है और डीएनए टेस्ट क्यों करवाया जाता है।

अगर हम डीएनए टेस्ट के बारे में बात करें,तो आज के समय में लगभग 1200 के आसपास डीएनए टेस्ट मौजूद हैं।यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होता रहता है और प्रत्येक आदमी के जींस में 46 गुणसूत्र होते हैं जिनमें से 23 गुणसूत्र पिता के और 23 गुणसूत्र माता के होते हैं।

डीएनए की मृत्यु नहीं होती है बल्कि डीएनए अमर होता है और अगर कभी किसी में डीएनए में बदलाव पाया जाता है, तो उसे म्यूटेशन कहा जाता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह किसी केमिकल दोष के कारण या फिर सूर्य की पराबैंगनी किरणों के कारण हुआ होगा।

डीएनए टेस्ट के द्वारा विभिन्न जानकारियों का पता बड़ी ही आसानी से लगाया जा सकता है और जैसे कि डीएनए में अनुवांशिक गुणों की जानकारी होती है और डीएनए टेस्ट के माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि आपको आने वाले समय में कौन सी बीमारी होगी। डीएनए टेस्ट में आंखों का रंग, बालों का रंग भी सुनिश्चित किया जाता है।

डीएनए टेस्ट करने के लिए मनुष्य के पेशाब के सैंपल, बालों और गालों के अंदर की कोशिकाएं, खून और त्वचा की सहायता ली जाती है। जानवरों का डीएनए टेस्ट करने के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाई जाती है।

डीएनए टेस्ट लेने के लिए मानव या फिर जानवर के पेशाब के सैंपल, बाल और गाल के अंदर की कोशिकाएं, खून और त्वचा को लेकर प्रयोगशाला में भेजा जाता है और वहां पर इसकी जांच की जाती है।

सामान्य तौर पर डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट 10 दिन से लेकर 20 दिन के अंदर दे दी जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डीएनए टेस्ट करने के लिए डीएनए लैबोरेट्री ₹5000 से लेकर ₹50000 तक लेती है।

हालांकि कुछ केस में यह फ्री में भी होता है। जैसे अगर सुप्रीम कोर्ट ने या फिर हाईकोर्ट ने किसी के डीएनए टेस्ट की जांच के आदेश दिए हैं तो वह फ्री में भी सरकारी डीएनए द्वारा किया जाता है। इसके अलावा कभी-कभी यह रकम बढ़ भी सकती है और घट भी सकती है, क्योंकि आज के समय में लगभग 1200 के आसपास डीएनए टेस्ट मौजूद हैं, जिनके अलग-अलग दाम होते हैं।

■ डीएनए की खोज किसने और कब किया था

बहुत से लोगों को यह तो पता होता है कि डीएनए क्या होता है और डीएनए टेस्ट क्यों किया जाता है परंतु उन्हें यह नहीं पता होता कि आखिर डीएनए की खोज किसने की थी तो वैसे लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि डीएनए की खोज साल 1953 में वैज्ञानिक जेम्स और फ्रांसिस ने की थी

और डीएनए की खोज करने के लिए इन दोनों वैज्ञानिकों को साल 1962 में नोबेल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। यह मानव इतिहास में सबसे बड़ी खोज में से एक खोज मानी जाती है।

■ डीएनए का महत्व

मेडिकल साइंस के क्षेत्र में डीएनए का काफी महत्व है।जब डीएनए की खोज की गई, तब से लेकर अभी तक इसके ऊपर विभिन्न प्रकार के प्रैक्टिकल किए गए और इसमें से बहुत सी नई चीजें सामने आई।

वर्तमान के समय में डीएनए का महत्व मेडिकल क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी है। जैसे कि डीएनए का महत्व मेडिकल के अलावा खेती के क्षेत्र में, कानूनी जांच में तथा फॉरेंसिक जांच में भी है।

इन सभी में इसका इस्तेमाल आवश्यकता के अनुसार किया जाता है। डीएनए का इस्तेमाल करके ही एग्रीकल्चर साइंटिस्ट पौधों और फसलों की नई वैरायटी बना रहे हैं, जिससे अधिक उपज हो रही है और किसानों को अधिक फायदा हो रहा है।

वही डीएनए के द्वारा ही बहुत से कानूनी मामलों में अवैध संतानों को उनके असली माता पिता के बारे में जानकारी प्राप्त हुई है और वह अपना कानूनी हक ले सके हैं।
बहुत से अपराधों को सुलझाने में DNA काफी ज्यादा मददगार साबित हुआ है।

डीएनए टेस्ट के द्वारा यह पता लगाया जा सकता है कि किसी बच्चे का माता अथवा पिता कौन है या फिर उसका किस व्यक्ति के साथ कौन सा संबंध है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल उस समय किया जाता है, जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को अपना कोई रिश्तेदार सगा संबंधी या माता-पिता होने का दावा करता है

और उसकी जायदाद में अपना कानूनी हक मांगता है, तो कोर्ट ऐसे केस में उस व्यक्ति और सामने वाले व्यक्ति के डीएनए टेस्ट को करने के लिए कहती है और फिर उनका डीएनए टेस्ट किया जाता है और जब उनका डीएनए आपस में मिल जाता है, तब कोर्ट उस व्यक्ति को उसका कानूनी हक प्रदान करने के लिए सरकार को और उसके सगे संबंधियों को आदेश देती है। इस तरह से व्यक्ति अपना कानूनी हक प्राप्त करता है।

खेती के क्षेत्र में भी फसलों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और उनकी अच्छी उपज को बढ़ाने के लिए डीएनए टेस्ट किया जाता है। इसके अलावा डीएनए टेस्ट की हेल्प से मेडिकल के क्षेत्र में अनुवांशिक बीमारी की पहचान करके उस पर रोकथाम लगाने का प्रयास किया जाता है ताकि वह अगली पीढ़ी तक ना पहुंचे।

■ डीएनए टेस्ट कितने में होता है

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डीएनए टेस्ट करने के लिए डीएनए लैबोरेट्री ₹5000 से लेकर ₹50000 तक लेती है।

हालांकि कुछ केस में यह फ्री में भी होता है। जैसे अगर सुप्रीम कोर्ट ने या फिर हाईकोर्ट ने किसी के डीएनए टेस्ट की जांच के आदेश दिए हैं तो वह फ्री में भी सरकारी डीएनए द्वारा किया जाता है। इसके अलावा कभी-कभी यह रकम बढ़ भी सकती है और घट भी सकती है, क्योंकि आज के समय में लगभग 1200 के आसपास डीएनए टेस्ट मौजूद हैं, जिनके अलग-अलग दाम होते हैं।

■ डीएनए का काम क्या होता है

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि डीएनए एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होता रहता है फिर चाहे वह मनुष्य की पीढ़ी हो या फिर जानवरों की पीढ़ी हो। डीएनए सभी सजीव चीजों में पाया जाता है और यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होता है, जिसके द्वारा पीढ़ी में होने वाले परिवर्तन के बारे में डीएनए टेस्ट के द्वारा जानकारी बड़ी ही आसानी से प्राप्त की जा सकती है।

डीएनए टेस्ट के द्वारा कोशिकाओं में जानकारियों को लंबे समय तक बड़ी ही आसानी से सुरक्षित रखा जा सकता है और इन जानकारियों का इस्तेमाल कई रहस्य का पता लगाने में किया जाता है, जिसमें वंशज के विषय में भी जानकारी प्राप्त हो जाती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डीएनए में अनुवांशिक जानकारियों का एक संग्रह होता है और इस संग्रह को जीन कहा जाता है। इसी के साथ अनुवांशिक जानकारियों के विषय में जानकारी प्राप्त हो जाती है। इसके द्वारा ही अनुवांशिक गुणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर किया जाता है।

■ डीएनए के प्रकार

जीवों में मुख्यतः तीन प्रकार के डीएनए पाए जाते है,जो इस प्रकार है।

A – DNA
B – DNA
Z – DNA

– A-DNA

इस डीएनए में दोनों साइड के फिलामेंट्स छोटे, चौड़े और छोटी-छोटी खांच के बने होते हैं।इसमें 10.9 / 11 क्षार युग्म पाए जाते है।

– B-DNA

इस डीएनए में दोनों साइड के फिलामेंट्स पतले और लंबे होते हैं।इसकी खांच गहरी तथा उथली हुई होती है, इसके प्रत्येक स्तर में 10.9 / 11 क्षार युग्म पाए जाते है।

– Z-DNA

इस प्रकार के डीएनए में दोनों साइड के फिलामेंट्स पतले और लंबे होते हैं,लेकिन इसमें खांचे केवल गहरी होती है।यह ज़िगज़ैग की तरह पायी जाती है।अतः इन्हें Z-DNA कहा जाता है।इसके प्रत्येक स्तर में 12 क्षार युग्म पाए जाते है।

■ डीएनए के बारे में इंटरेस्टिंग फैक्ट्स

इंसानों का लगभग 99.9% परसेंट डीएनए ही एक दूसरे से मिलता है। इसके अलावा बाकी का 0.1 परसेंट ही डीएनए हमें दूसरों से अलग बनाता है।

हम इंसानों का लगभग 98 परसेंट डीएनए चिंपांजी और लगभग 50 परसेंट डीएनए केला के समान होता है।इंसानी शरीर का लगभग 8% डीएनए वायरस से मिलकर बना हुआ होता है जो पहले कभी हमारे शरीर के लिए घातक हुआ करता था, परंतु अब इसका कोई भी असर दिखाई नहीं देता है।

दुनिया भर का इंटरनेट डाटा सिर्फ 2 ग्राम डीएनए में स्टोर किया जा सकता है।हम सभी के अंदर डीएनए मौजूद है, जो हमें हमारे माता-पिता के द्वारा प्राप्त होता है और जब हमारी शादी होगी तब जो हमारी संतान होंगी, उन्हें हमारे द्वारा डीएनए प्राप्त होगा। ऐसे ही लगातार डीएनए पीढ़ी दर पीढ़ी ट्रांसफर होता रहता है।

अगर इंसान के शरीर में मौजूद डीएनए को अगर सुलझाया जाए, तो यह इतना ज्यादा लंबा होगा कि यह सूरज से पृथ्वी तक 300 गुना बार पहुंचकर वापस जा सकता है।

DNA हर कोशिका में 0.09 माइक्रोमीटर की जगह घेरता है।1 ग्राम डीएनए में लगभग 700 टेराबाइट की जानकारी स्टोर की जाती है और 2 ग्राम डीएनए में पूरे संसार के इंटरनेट डाटा को सेव किया जा सकता है।

■ डीएनए किसमें होता है

डीएनए लगभग सभी सजीव चीज में होता है। डीएनए सामान्य तौर पर सभी जानवरों,
सभी पौधों, सभी प्रोटिस्ट, सभी आरकीया और सभी बैक्टीरिया में भी मौजूद होता है। डीएनए हर जीव के प्रत्येक कोशिका में होता है।

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था डीएनए का फुल फॉर्म क्या है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आको डीएनए का फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी|

अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी तो प्लीज इस पोस्ट को १ लाइक जरुर करे और अपने दोस्तों के साथ भी अवश्य शेयर करे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगो को डीएनए के बारे में पूरी जानकारी मिल पाए धन्येवाद दोस्तों|

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