DIG Full Form in Hindi | DIG का फुल फॉर्म क्या है

DIG Full Form in Hindi: नमस्कार दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में हम आपको डीआईजी की फुल फॉर्म बताने वाले हैं।अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि डीआईजी का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर डीआईजी को हिंदी में क्या कहते हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं क्योंकि आज आपको डीआईजी के फुल फॉर्म तथा इससे संबंधित अन्य सभी जानकारियां इसी आर्टिकल में प्राप्त हो जाएंगी।

भारत में जन्म लेने वाले सभी विद्यार्थियों का एक ही सपना होता है कि वह अच्छी पढ़ाई लिखाई करके एक अच्छी नौकरी प्राप्त करें और इसके लिए वह दसवीं कक्षा से ही काफी मेहनत करते हैं, क्योंकि किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए शुरू से ही उसके बारे में सोचना पड़ता है और उस चीज को अपना लक्ष्य बनाकर उसके अनुसार अपनी तैयारी करनी पड़ती है।

कोई भी चीज हमें एक ही दिन में प्राप्त नहीं होती है।किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए हमें निरंतर प्रयास करना होता है, फिर चाहे वह पैसा हो या फिर नौकरी हो।हमारे भारत देश में हर साल लाखों लोग विभिन्न प्रकार की नौकरियों के लिए आवेदन देते हैं।

हालांकि आज के इस दौर में नौकरी पाना इतना आसान नहीं है, क्योंकि आप तो यह बात जानते ही हैं कि, हमारे भारत देश की जनसंख्या कितनी ज्यादा है और इतनी बड़ी जनसंख्या होने के कारण हमारे भारत देश में सीमित संसाधन है और अधिक जनसंख्या होने के कारण सभी को तो नौकरी नहीं दी जा सकती

या फिर सभी लोग नौकरी नहीं कर सकते। इसीलिए हमारे भारत देश में जो लोग अच्छी नौकरी प्राप्त नहीं कर पाते वह लोग अन्य स्वरोजगार के काम करते हैं। नौकरी पाने के लिए आज के समय में एजुकेशन की डिमांड बहुत ही बढ़ गई है।

क्योंकि वर्तमान के समय में ऐसी कोई भी फील्ड नहीं है, जहां पर शिक्षा का महत्व ना हो। अगर आपने अच्छी पढ़ाई लिखाई की है तभी आप एक अच्छी नौकरी प्राप्त करने के बारे में सोच सकते हैं और अगर आपने कम पढ़ाई की है तो आपको एक अच्छी नौकरी मिलना मुश्किल है।

सरकारी नौकरी पाना कोई बच्चों का खेल नहीं है। सरकारी नौकरी पाने के लिए काफी मेहनत के साथ पढ़ाई करनी पड़ती है और मेहनत के साथ साथ एक सटीक रणनीति बना कर चलना पड़ता है, क्योंकि जब व्यक्ति का उदेश्य अपनी मंजिल को हर हाल में पाना ही होता है तो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को सही दिशा की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रयत्न करना चाहिए।

हमारे भारत देश में ऐसे कई लड़के और लड़कीया है, जो 12वीं कक्षा को पास करने के बाद इस असमंजस में हो जाते हैं कि, अब वह आगे क्या करें, क्योंकि 12वीं कक्षा को पास करने के बाद हमें ग्रेजुएशन करना होता है और हम जिस भी विषय में ग्रेजुएशन करते हैं, हमें उसी के हिसाब से नौकरी प्राप्त होती है।

जैसे जो अभ्यर्थी कॉमर्स विषय से ग्रेजुएशन करते हैं अधिकतर बैंकिंग सेक्टर में नौकरी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा जो अभ्यर्थी साइंस के विषयों से ग्रेजुएशन पूरी करते हैं वह अधिकतर मेडिकल के क्षेत्र में जाते हैं।

तथा जो अभ्यर्थी आर्ट के विषयों से अपनी ग्रेजुएशन पूरी करते हैं, वह अधिकतर अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद विभिन्न सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते हैं और आईएएस और आईपीएस जैसे पदों को पाने की कोशिश करते हैं।

हमारे भारत देश में सरकारी नौकरी पाने का क्रेज इसलिए भी है क्योंकि एक तो सरकारी नौकरी में बहुत आराम होता है और इसमें तनख्वाह भी ज्यादा होती है।

इसके अलावा जो अभ्यर्थी सरकारी नौकरी पा जाता है, उसे समाज में कभी मान सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है, साथ ही सरकारी नौकरी पाने के बाद व्यक्ति अधिक दहेज की डिमांड करता है, हालांकि दहेज प्रथा गलत है फिर भी कई लोग सरकारी नौकरी पाने के बाद अच्छे खासे दहेज ले कर शादी करते हैं।

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DIG Full Form in Hindi

DIG का फुल फॉर्म क्या है

Dig full form in hindi

■ डीआईजी का फुल फॉर्म क्या होता है

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि डीआईजी का फुल फॉर्म क्या होता है। डीआईजी का अंग्रेजी में फुल फॉर्म होता है “डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल”यह एक सरकारी पद होता है जो कि हमारी भारतीय पुलिस विभाग से संबंध रखता है। डीआईजी पुलिस विभाग में काफी ऊंचा पद माना जाता है।

डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल अधिकारी खाकी रंग के कपड़े पहनते हैं और यह अपने कॉलर पर गौर गेट पैच पहनते हैं, जिसमें एक गहरे नीले रंग का बैकग्राउंड होता है और उस पर एक सफेद लाइन भी बनी होती है,जो की एसएसपी की ड्रेस के समान होती है। किसी राज्य में एक से अधिक डीआईजी हो सकते हैं,कई राज्यों में 1 से अधिक डीआईजी है भी।

अगर डीआईजी की रैंकिंग के बारे में बात की जाए तो इनकी रैंकिंग हमारी भारतीय सेना में लगभग ब्रिगेडियर की रैंक के बराबर होती है। एक डीआईजी अधिकारी के पास विभिन्न प्रकार की बहुत सी ताकत होती है और यह अपने मन के मुताबिक काम कर सकते हैं परंतु उसकी सूचना सबसे पहले अपने सीनियर अधिकारी को देनी होती है।

किसी भी राज्य में डीआईजी की संख्या जिलों के आधार पर निर्भर होती है।एक राज्य में बहुत सारे डीआईजी हो सकते हैं। हमारे समाज में डीआईजी को काफी मान सम्मान मिलता है, क्योंकि डीआईजी के नाम से ही लोग जान जाते हैं कि यह व्यक्ति पुलिस में काफी पावरफुल पद पर विराजमान है।

■ डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल कैसे बने

जब कोई अभ्यर्थी पुलिस विभाग में किसी पद पर भर्ती होता है, तो उसका सपना यही होता है कि उसका जल्द से जल्द प्रमोशन हो और वह जल्दी से जल्दी पुलिस विभाग में किसी ऊंचे पद पर विराजमान हो।

परंतु हर कोई यह पद प्राप्त नहीं कर सकता क्योंकि पुलिस विभाग में पदोन्नति या तो वरिष्ठता के आधार पर होती है या फिर आपने कोई ऐसा बड़ा काम किया हो कि सरकार खुश हो जाए और आपको पदोन्नति दे दे।

जब कोई विद्यार्थी पुलिस विभाग में जाने की तैयारी करता है, तो उसे राज्य तथा केंद्र सरकार के द्वारा करवाई जाने वाली परीक्षा को देना होता है और परीक्षा को पास करके उसे इंटरव्यू देना होता है और जो अभ्यर्थी इंटरव्यू पास कर लेता है उसे उसने जिस पद के लिए आवेदन दिया होता है वह पद प्रदान किया जाता है।

आइए हम आपको बताते हैं कि डीआईजी बनने के लिए आपके अंदर कौन-कौन सी योग्यताएं होनी चाहिए।

■ डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल बनने के लिए पात्रता

यह बात तो सभी जानते हैं कि जब केंद्र या फिर राज्य सरकार किसी पद के लिए कोई वैकेंसी निकालती है, तो उस पद के लिए कौन-कौन से अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं उसकी जानकारी भी अपनी नोटिफिकेशन में देती है और किसी भी पद पर नौकरी प्राप्त करने के लिए व्यक्ति से कुछ योग्यताएं मांगी जाती हैं, आइए जानते हैं कि डीआईजी बनने के लिए आपके अंदर कौन सी योग्यता होनी चाहिए।

■ डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल की परीक्षा का आयोजन कौन करता है

डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल हमारे भारत देश की सबसे बड़ी परीक्षा होती है और इस परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग करवाता है। संघ लोक सेवा को हिंदी में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन कहा जाता है।

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन इसके अलावा भी अन्य कई परीक्षाओं का आयोजन करवाता है। आइए आगे जानते हैं कि यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन अन्य कौन सी परीक्षा करवाता है।

■ संघ लोक सेवा आयोग कौन- कौन सी परीक्षा का आयोजन करता है

वर्तमान के समय में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन 24 सर्विस के लिए विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन हर साल करवाता है। इसमें से मुख्य नाम इस प्रकार हैं।

  • भारतीय अभियांत्रिकी सेवा
  • भारतीय आर्थिक और सांख्यिकी सेवा
  • भूगर्भ सेवा
  • भारतीय प्रशासनिक सेवा
  • भारतीय पुलिस सेवा
  • भारतीय राजस्व सेवा
  • विशिष्ट श्रेणी रेलवे प्रशिक्षु सेवा
  • संयुक्त चिकित्सा सेवा
  • केंद्रीय पुलिस सेवा
  • संयुक्त रक्षा सेवा
  • राष्टीय रक्षा सेवा

■ संघ लोक सेवा आयोग क्या है

शायद आपको पता ना हो परंतु आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब हमारा भारत देश आजाद नहीं हुआ था और जब हमारा भारत देश अंग्रेजों की कैद में था, तब आईएएस की परीक्षा का आयोजन इंग्लैंड में किया जाता था

परंतु जब हमारे भारत देश के राष्ट्र वादियों को इसके बारे में पता चला, तब हमारे भारत देश के राष्ट्र वादियों ने काफी लंबा आंदोलन करके अंग्रेज सरकार से इसे भारत में ट्रांसफर करने की मांग की थी।

इसके बाद पहली लोक सेवा आयोग की स्थापना अक्टूबर के महीने में साल 1926 में हुई थी और जब हमारा भारत देश अंग्रेजों से आजाद हो गया, तब इसे संघ लोक सेवा आयोग का नाम दिया गया।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग की स्थापना हमारे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत की गई है।

■ डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल बनने के लिए शैक्षिक योग्यता

जो अभ्यर्थी डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल बनना चाहता है या फिर डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल बनने का ख्वाब देख रहे हैं, उन्हें यह जानकारी रखना अति आवश्यक होता है कि डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल बनने के लिए उन्हें कितनी पढ़ाई करनी होगी।

डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल बनने के लिए अभ्यर्थियों को किसी भी विषय में ग्रेजुएट करना जरूरी है। इसके अलावा जो लोग ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष के छात्र हैं वह भी डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल बनने के लिए आवेदन दे सकते हैं।हमारे भारत देश में हर साल में एक बार डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल
की परीक्षा का आयोजन होता है जिसे संघ लोक सेवा आयोग करवाता है।

इसके अलावा डीआईजी बनने के लिए अभ्यर्थी को राज्य या फिर केंद्र सरकार के द्वारा करवाई जाने वाली परीक्षा को पास करना होगा, साथ ही डीआईजी बनने के लिए अगर उम्र की बात की जाए तो अभ्यर्थी की कम से कम उम्र 25 साल होनी चाहिए।

हालांकि ऐसा बहुत कम ही होता है कि, कोई अभ्यर्थी 25 साल की उम्र में डीआईजी का पद प्राप्त कर लें, क्योंकि अभी तक हमने यही देखा है कि जो वरिष्ठ अधिकारी होते हैं उन्हें हि डीआईजी के पद मिलते हैं,यानी कि कम उम्र में कोई अभ्यर्थी डीआइजी बन जाए इसकी संभावना बहुत ही कम होती है।

इसके अलावा जो अभ्यर्थी डीआईजी बनना चाहता है, उसके ऊपर किसी भी प्रकार का कोई भी कानूनी केस नहीं होना चाहिए।

इसके अलावा डीआईजी बनने के लिए एसपी और डीएसपी के पद पर रहते हुए उन्होंने बहुत सारे ऐसे काम किए हुए होने चाहिए, जो जनहित से संबंधित हो।डीआईजी बनने के लिए आपका मेंटली और शारीरिक से रूप से फिट होना जरूरी है।

इसके अलावा डीआईजी बनने के लिए अभ्यर्थियों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है और उसकी आंखों की दृष्टि भी ठीक होनी चाहिए। उसे सभी चीजें बिल्कुल साफ साफ दिखाई देनी चाहिए।

■ डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल बनने के लिए नागरिकता

डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल बनने के लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी है। इसके अलावा जो अभ्यर्थी नेपाल या फिर भूटान के नागरिक है वह भी डायरेक्टरेट इंस्पेक्टर जनरल बनने के लिए भारत में आवेदन कर सकते हैं।

■ सिलेबस की जानकारी

किसी भी एग्जाम की तैयारी तभी अच्छे हो पाती है, जब अभ्यर्थी को एग्जाम के सिलेबस के बारे में सभी जानकारी होती है क्योंकि जब आपको किसी भी एग्जाम के सिलेबस के बारे में जानकारी होगी तब आप उस परीक्षा की अच्छी तैयारी कर पाएंगे।

क्योंकि जिस परीक्षा का जैसा सिलेबस होता है और परीक्षा में उसी सिलेबस से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं और अगर कोई अभ्यर्थी उसी सिलेबस के अनुसार अपनी तैयारी करता है, तो उसके परीक्षा में पास होने के चांस काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं।

नीचे हमने डीआईजी बनने के लिए जो परीक्षा आयोजित होती है, उसमें संघ लोक सेवा आयोग के द्वारा कौन-कौन से विषय से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं, उसकी जानकारी दी है। इस पर अवश्य गौर करें।

  • – सामान्य ज्ञान
  • – इतिहास
  • – भूगोल
  • – विज्ञान
  • – अर्थशास्त्र
  • – कंप्यूटर
  • – हिंदी
  • – इंग्लिश
  • – गणित
  • – रिजनिंग
  • – निबंध
  • – दैनिक घटनाएं
  • – योजना
  • – संविधान
  • – राज्य व्यवस्था
  • – महापुरुषों की जीवनी तथा अन्य

■ डीआईजी बनने के लिए डॉक्यूमेंट

जब अभ्यर्थी सभी परीक्षाओं को पास कर लेता है और इंटरव्यू को भी पास कर लेता है तो उसे ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसे डीआईजी की पोस्ट पर पोस्टिंग भी दी जाती है।

अभ्यर्थी जितने महीने डीआईजी की ट्रेनिंग करता है, उसे उतने महीने की तनख्वाह भी मिलती है, परंतु डीआईजी बनने के लिए अभ्यर्थी के पास से कुछ डॉक्यूमेंट भी मांगे जाते हैं।जैसे 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र,बैंक अकाउंट डिटेल्स, चार पासपोर्ट साइज के फोटो इत्यादी।

■ डीआईजी की परीक्षा कितनी बार दे सकते हैं

डीआईजी की परीक्षा देने के लिए हमारी भारतीय सरकार ने अलग-अलग वर्गो के लोगों के लिए अलग-अलग अधिकतम प्रयासों की सीमा निर्धारित की है, जो अभ्यर्थी सामान्य वर्ग से संबंध रखते हैं वह अधिक से अधिक तीन बार डीआईजी बनने की परीक्षा दे सकते हैं।

इसके अलावा जो अभ्यर्थी ओबीसी समुदाय से संबंध रखते हैं वह अधिक से अधिक 6 बार डीआईजी बनने की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।इसके अलावा जो अभ्यर्थी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं उनके लिए अधिकतम प्रयासों की कोई भी सीमा निर्धारित की गई है। एससी एसटी समुदाय के लोग जितनी चाहे उतनी बार डीआईजी बनने की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

■ डीआईजी की सैलरी कितनी होती है

अभी तक आपने जाना कि डीआईजी का फुल फॉर्म क्या होता है और डीआईजी कैसे बनते हैं, आइए अब आपको बताते हैं कि डीआईजी की महीने की सैलरी कितनी होती है।डीआईजी का पद एक सरकारी पद होता है जो कि पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ है और इसीलिए सरकारी पद होने के कारण डीआईजी की महीने की सैलरी अच्छी होती है।

जो अभ्यर्थी डीआईजी के पद पर कार्यरत है उनकी पहली तनख्वाह कम थी परंतु सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद डीआईजी की तनख्वाह बढ़ गई है और वर्तमान के समय में डीआईजी की महीने की तनख्वाह 90000 के आसपास है।

■ डीआईजी को मिलने वाली अन्य सुविधाएं

डीआईजी को महीने की तनख्वाह के अलावा अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती है। जैसे डीआईजी के घर के कामों को करने के लिए सरकार की तरफ से नौकर दिए जाते हैं। इसके अलावा डीआईजी की सुरक्षा के लिए सरकार सुरक्षा गार्ड भी देती है।

साथ ही फ्री राशन खर्चा, फ्री लाइट बिल खर्चा और आवागमन के लिए मुफ्त वाहन भी डीआईजी को दिए जाते हैं। इसके अलावा डीआईजी को फ्री पेट्रोल खर्चा, फ्री मोबाइल टॉकटाइम भी जाता है।

साथ ही डीआईजी को पीएफ और ग्रेजुएटी का लाभ भी मिलता है और जब डीआईजी अपने पोस्ट से रिटायर हो जाते हैं, तब उन्हें सरकारी पेंशन भी मिलती है।इस प्रकार से डीआईजी को तनख्वाह के अलावा अन्य कई लाभ मिलते हैं।

■ डीआईजी बनने की तैयारी कैसे करें

1: डीआईजी के पद तक पहुंचने के लिए अभ्यर्थियों को काफी संयम रखना पड़ता है। अगर इसमें आपका मनोबल जरा सा भी कमजोर हुआ तो आप अपनी मंजिल से भटक जाएंगे और आप अपनी मंजिल को प्राप्त नहीं कर पाएंगे।

इसलिए जब आप आप अपने मन में यह बात ठान ले कि मुझे डीआईजी बनकर ही रहना है तभी इस क्षेत्र में अपना कदम आगे बढ़ाए, क्योंकि जिस व्यक्ति का मनोबल कमजोर होता है, वह कुछ नहीं कर पाता क्योंकि उसका दिमाग यहां-वहां भटकता है इसीलिए अपने मनोबल को मजबूत बनाएं।

2: जब आप यह निश्चय कर लें कि मुझे डीआईजी बनना है, तो इसके बाद आपको डीआईजी की परीक्षा के पाठ्यक्रम को अच्छे से समझना होगा। आपको डीआईजी की परीक्षा के प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम को बहुत ही गंभीरता से लेना होगा

और दोनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग योजना बनानी होगी तथा सिलेबस के सभी पॉइंट को मार्किंग करते हुए क्लियर करते जाएं की आपको क्या-क्या बातें जाननी और सीखनी है, क्योंकि किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए परीक्षा के पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है।

3: पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद आपको इसका रिवीजन अवश्य करना है क्योंकि रिवीजन करने से आपने जो भी पड़ा है या सीखा है वह आपको अवश्य याद रहेगा।

आप जितना ज्यादा रिवीजन करेंगे, आपकी परीक्षा में सफल होने के उतनी ही ज्यादा चांस होंगे, क्योंकि बार-बार रिवीजन करने से आदमी के दिमाग में वह बातें बैठ जाती है, जो उसने पढ़ी या सिखी होती है।

4: डीआईजी की परीक्षा की अच्छे से तैयारी
करने के लिए आपको अपने खुद के नोट्स अवश्य बनाने चाहिए, क्योंकि अगर आपके खुद के नोट है तो आपको अधिक समय तक सभी चीजें यह याद रहेगी

5:इसके अलावा अपनी तैयारी करने के लिए आपको एक टाइम टेबल का निर्माण भी करना होगा, क्योंकि टाइम टेबल का निर्माण करने से आपको यह बातें पता रहेंगी कि, आपको कौन से दिन किस विषय का अध्ययन कितनी देर तक करना है।

टाइम टेबल बनाने से आपकी कमांड सभी विषयों पर समान रूप से बनी रहेगी और आप अच्छे से अपनी तैयारी कर पाएंगे। जैसे आपने जिम में देखा होगा कि जिम में हर दिन अलग-अलग कसरत करवाई जाती है और हर दिन अलग-अलग कसरत करने से ही आदमी के सभी अंगों पर पर असर पड़ता है

और उसकी बॉडी बनती है, इसी तरह डीआईजी की परीक्षा में सफल होने के लिए टाइम टेबल का भी महत्व है, क्योंकि जब आप सभी विषयों पर समान रूप से ध्यान देंगे तो आपको सभी बातों की जानकारी प्राप्त होगी।

6: आपने जो भी पढा है या जो भी सीखा है समय-समय पर उसे चेक करते रहें, इसके अलावा डीआईजी की परीक्षा में सफल होने के लिए आप इसके मॉडल टेस्ट पेपर को भी हल करने का प्रयास करें। इसके अलावा आप चाहे तो ऑनलाइन मॉक टेस्ट में भाग ले लेकर भी अपनी तैयारी परख रख सकते हैं

साथ ही अगर हो सके तो, डीआईजी के पिछले 5 सालों के क्वेश्चन पेपर को इकट्ठा करने का प्रयास करें और उनके पैटर्न और प्रश्नों को समझें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डीआईजी की परीक्षा के प्रश्न पत्र आपको ऑनलाइन आसानी से प्राप्त हो जाएंगे।

7: इसके अलावा अगर आप डीआईजी की तैयारी करवाना चाहते हैं, तो आप अपने घर के आस-पास स्थित किसी अच्छे कोचिंग इंस्टिट्यूट का सहारा भी ले सकते हैं और अगर आपके घर के आसपास कोई अच्छा कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं है तो आप ऑनलाइन यूट्यूब के माध्यम से भी अपनी पढ़ाई कर सकते हैं

क्योंकि आज के समय में यूट्यूब पर एजुकेशन से रिलेटेड ऐसे कई चैनल है, जहां पर सिर्फ डीआईजी ही नहीं बल्कि अन्य बड़ी-बड़ी परीक्षा की तैयारी भी करवाई जाती है। यूट्यूब पर विभिन्न चैनल मौजूद है,जहां से आप अपने इंटरेस्ट के हिसाब से चैनल का चुनाव पढ़ाई करने के लिए कर सकते हैं।

8: इसके अलावा डीआईजी की तैयारी करने के लिए रोजाना अखबार और मैगजीन अवश्य पढ़ें, क्योंकि इससे आपको करंट अफेयर के बारे में बहुत सी जानकारियां प्राप्त होती है।इससे आपको यह पता भी होगा कि आपको किसी विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए ज्यादा रिसर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी

साथ ही पहले से ही अगर आप डीआईजी बनने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको दसवीं कक्षा में उन विषयों को चुनना चाहिए, जिसमें आपको इंटरेस्ट हो और जिसे आप सिविल सर्विस के दौरान चुन सके। अगर आपके पास अपनी पसंद का विषय है तो आपको तैयारी करने में काफी आसानी होगी।

9: इसके अलावा डीआईजी की परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करने के लिए आप अपने अंदर आत्मविश्वास जगाएं और कड़ी मेहनत से लगातार डीआईजी की परीक्षा की तैयारी करते रहे। इसके अलावा आप यूपीएससी या फिर राज्य लोक सेवा आयोग की वेबसाइट को रोजाना चेक करते रहें, ताकि आपको डीआईजी की परीक्षा से संबंधित सभी जानकारी मिलती रहे।

10: जब भी आप अपनी पढ़ाई करने बैठे तब पढ़ाई करने के लिए ऐसी जगह का चयन करें जहां पर शोर-शराबा ना होता हो क्योंकि जहां पर शोर-शराबा होगा, वहां पर आपका ध्यान पढ़ाई में नहीं लगेगा। इसके अलावा पढ़ाई शुरू से करने से पहले अपने मोबाइल फोन को स्विच ऑफ कर दें, ताकि आपको डिस्टर्ब ना हो।

11: पढ़ाई के साथ साथ ही आप अपनी फिजिकल फिटनेस का भी ध्यान रखें फिजिकली रूप से फिट रहने के लिए आप सुबह उठकर दौड़ लगाएं तथा जोगिंग अवश्य करें क्योंकि पुलिस की नौकरी एक ऐसी नौकरी होती है, जिसमें शारीरिक रूप से फिट होना जरूरी होता है।

■ राज्य लोक सेवा आयोग

यूपीएससी के अलावा विभिन्न राज्य भी अपने अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए राज्य लोक सेवा आयोग के अंतर्गत डीआईजी बनने की परीक्षा करवाते हैं, जो परीक्षा जो राज्य करवाते हैं उस परीक्षा में उसी राज्य के लोग शामिल हो सकते हैं।

जब आप राज्य लोक सेवा आयोग के द्वारा करवाई जाने वाली परीक्षा में शामिल होकर और परीक्षा को पास कर लेते हैं तो आप की पोस्टिंग डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के रूप में होती है और जब आप इस पद पर 10 से 15 साल तक काम कर लेते हैं तो फिर आपका प्रमोशन हो जाता है और उसके बाद आपको पुलिस महानिदेशक बना दिया जाता है।

■ डीआईजी बनने के लिए योग्यता संक्षेप में

– आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।

– आवेदक राज्य तथा केंद्र सरकार द्वारा संचालित परीक्षाएं को पास किया हो।

– आवेदक सुप्रिडेंट पुलिस की पोस्ट पर 14 साल तक कार्य किया हो।

– आवेदक के ऊपर किसी प्रकार के अपराध तथा कानूनी कार्रवाई सिद्ध ना हुई हो।

– SP तथा DSP के पद पर रहते हुए उन्होंने बहुत सारे ऐसे कार्य किए हो जो जनहित के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हुए हो।

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था DIG का फुल फॉर्म क्या होता है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको dig के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी|

अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी तो पोस्ट को १ लाइक और शेयर जरुर करे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगो को dig का फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल पाए धन्येवाद दोस्तों.

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