कोर्ट मैरिज कैसे करे | कोर्ट में शादी करने का तरीका

क्या आपको पता है शादी भी क़ानूनी तोर पर होती है और अगर आपको भी कोर्ट मैरिज करना है वो भी क़ानूनी तोर पर तो आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले है कोर्ट मैरिज कैसे करे और क़ानूनी तोर पर कोर्ट मैरिज कैसे की जाती है तो चलिए जानते है।

दोस्तों आजकल का जमाना मॉडर्न हो चूका है और आज के टाइम पर तो हर किसी का बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड तो होती ही है. जो लोग प्यार करते है उनकी बस एक ही खाविश होती है की किसी भी तरह उनको उनका प्यार मिल जाये.

वो चाहते है की किसी भी तरह से वो अपने बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड से शादी कर पाए. लेकिन दुर्भाग्य की बात ये है की आज के टाइम पर लड़का या लड़की के घरवाले शादी के लिए तैयार नहीं होते है.

भले ही जमाना मॉडर्न हो गया है लेकिन आज भी ज्यादातर माता पिता arrange marriage के हित में ही होते है. ऐसे भी प्यार करने वाले कपल बहुत टेंशन में आ जाते है की अब हमारी शादी कैसे होगी.

यदि आपके भी घरवाले आपकी शादी के लिए तैयार नहीं है तो आपके पास कोर्ट मैरिज करने का आप्शन बच जाता है और ये पूरी तरह से मान्य होती है.

कोर्ट मैरिज कैसे करे

court marriage kaise kare

1. दोस्तों जब कोई लड़का और लड़की क़ानूनी तोर पर शादी करते है उसी को हम कोर्ट मैरिज कहते है। और यहाँ शादी कोर्ट में की जाती है और उस वक्त कोर्ट में शादी करने वाला जोड़ा मैरिज Officer और वकील तथा एक गवाह ये सभी शामिल होते है।

2. कोर्ट में जब दोनों लड़का और लड़की का मैरिज हो जाता है तब वहा दोनों कानून की नजर में Legally पति -पत्नी बन जाते है। लेकिन कोट में मैरिज करने के लिये आपको कुछ नियाम का पालन करना बहुत जरुरी है। जो क़ानूनी तोर पर होते है और यहाँ नियम सभी के लिए एक जैसे होते है अगर लड़का और लड़की को कानूनी तोर पर कोर्ट मैरिज करना है तो उनको कुछ नियमो का पालन करना होगा तभी आप कोर्ट मैरिज कर सकते है।

कोर्ट मैरिज के नियम

1. अगर लड़का और लड़की दोनों में से किसी एक की या फिर दोनों की भविष्य में पहले गलती से शादी हो चुकी है तब वह क़ानूनी तोर पर शादी के लिए आवेदन नहीं कर सकते इसलिए अगर लड़का और लड़की को कोर्ट मैरिज करना है तो वे दोनों तभी कोर्ट मैरिज कर सकते है जब वह शादी शुदा ना हो।

2. अगर आपकी शादी पहले हो चुकी है और दोनों पक्षों के पहले वाले पति-पत्नी जिनकी एक दूसरे से शादी हुई थी और वह जीवित नहीं है तब आप क़ानूनी तोर पर कोर्ट मैरिज कर सकते है इसमें आपको कोई समस्या नहीं होगी। लेकिन अगर दोनों पक्षों के पति-पत्नी जीवित है तब आप कोर्ट मैरिज नहीं कर सकते है।

3. कोर्ट मैरिज करने के लिए लड़का और लड़की दोनों की सहमति होना बहुत जरुरी है तभी वह क़ानूनी तोर पर शादी कर सकते है और दोनों समझबूझ होना चाहिए अगर लड़का और लड़की दोनों की शादी करने के लिए पूर्ण सहमति है तब बिलकुल वह कोर्ट मैरिज कर सकते है

4. कानून के हिसाब से आज के समय में कम उम्र के लड़के और लड़की दोनों को शादी करने की अनुमति नहीं है इसलिए अगर आप कोर्ट मैरिज कर रहे है तो लड़की की उम्र 18 साल होना बहुत जरुरी है तथा लड़के की उम्र कम से कम 21 साल होना ही चाहिए तभी वहा दोनों कोर्ट मैरिज कर सकते है।

5. कोर्ट मैरिज करने के लिए लड़का और लड़की दोनों संतान पैदा करने के लिए शारीरिक रूप से योग्य होना चाहिए।

6. कोर्ट मैरिज करने के लिए लड़का और लड़की दोनों का पीडियो के हिसाब से उनके सम्बन्धो की सीमा से बाहर होना आवश्यक है याने दोनों का संबंध भाई बहन का कतय नहीं होना चाहिए।

कोर्ट मैरिज के लिए क्या क्या डॉक्यूमेंट चाहिए

अगर आप कोर्ट मैरिज कर रहे है तो आपको कुछ दाशतावेज की आवश्यकता होगी लेकिन लड़का और लड़की दोनों के अपने अपने डॉक्यूमेंट होना चाहिए।

कोर्ट मैरिज में आवेदन के लिए लड़का और लड़की दोनों के बड़े होने का दस्तावेज Voter ID कार्ड या लइसेंस और आधार कार्ड होना आवश्यक है 10th क्लास की मार्कशीट भी आप कोर्ट मैरिज करते समय दे सकते है यहाँ एक प्रकार से विश्वसनीय दस्तावेज होगा।

कोर्ट मैरिज करने के लिए सबसे पहले लड़का और लड़की दोनों के माता और पिता की सहमति पत्र की फोटो कॉपी देना बहुत जरुरी होता है और उस पत्र में माता और पिता दोनों के हस्ताक्षर और उनकी ID की कॉपी होना भी जरुरी है|

लड़का और लड़की दोनों की कोर्ट मैरिज करने के लिए डॉक्यूमेंट के साथ उनकी फोटो भी चाहिए होती है जिसमे लड़के की 7 फोटो और लड़की की 6 फोटो होना जरुरी है कोर्ट मैरिज करने के लिए लड़का और लड़की दोनों का जहा उन्होंने जन्म लिए या जहा वो रहते है निवास प्रमाण पात्र होना जरुरी है|

गवाह देने वाले व्यक्ति के डॉक्यूमेंट

कभी कभी तो कई सारे प्यार करने वाले कपल घर वालो के खिलाफ जाकर कोर्ट मैरिज कर लेते है और ऐसे में गवाह के रूप में घर वालो की तरफ से कोई नहीं होता है। तब ऐसी स्तिथि में कपल क्या करे तो अब कोर्ट मैरिज में आज के समय में कोई भी व्यक्ति गवाही दे सकता है चाहे फिर वहा आपका कोई फ्रेंड या कोई सबंधी दोनों गवाह दे सकते है|

कोर्ट मैरिज करने के लिए आपको गवाह के निवास प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी और पेन कार्ड या आधार कार्ड कोई भी दोनों में से एक चल सकता है लेकिन निवास प्रमाण पत्र होना जरुरी है तभी आप गवाह को कोर्ट में कोर्ट मैरिज मैरिज करते समय शामिल कर सकते है अन्यथा नहीं कर सकते।

कोर्ट मैरिज की फ़ीस कितनी होती है

विवाह अधिनियम के तहत सरकार कोर्ट मर्रिज करने वालो से आवेदन करते वक्त 100 रुपये लेती है और विशेष कानून के तहत 150 रुपये लिए जाते है इसके आलावा कोर्ट में आवेदन जमा करते वक्तह लफ़नामे पर 500 रुपये देने होते है|

आप कोर्ट मैरिज बिना किसी समारोह के बिलकुल सिंपल तरीको से कोर्ट में मैरिज ऑफिसर के सामने भी कर सकते है इसके आलावा कोर्ट मर्रिज बिना किसी धर्म जाती परम परा के दोनों लड़का और लड़की के बिच हो सकती है तथा कोर्ट मैरिज किसी अन्य भारतीय और विदेशी के बिच भी हो सकती है|

कोर्ट मर्रिज के लिए कानूनी प्रक्रिया

कोर्ट में शादी करने का तरीका

1. कोर्ट मैरिज के लिए आपको क़ानूनी प्रक्रिया करना बहुत जरुरी होता है जब लड़के और लड़की की कोर्ट में शादी होती है उस वक्त घोषणा पत्र पर दोनों को हस्ताक्षर करने होते है की ये शादी बिना किसी दबाव और हस्तक्षेप के अपनी मर्जी से हो रही है|

2. कोर्ट मैरिज करते समय रजिस्टर कार्यालय में अलग से नियत फ़ीस जमा करनी होती है और यहाँ शादी किसी भी जगह पर हो सकती है जो Section 12 के तहत आती है|

3. इसके आलावा अगर लड़का और लड़की के द्वारा दिए गए कोर्ट मैरिज के नोटिस को 3 महीने से ज्यादा हो जाते है तब फिर से उनको शादी करने के लिए नोटिस देना पड़ता है|

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आपकी और दोस्तों:

दोस्तों हमने इस आर्टिकल में कोर्ट मैरिज से सम्बंधित सारि जानकारियाँ आपको बताई है लेकिन इसके आलावा भी अगर आपको कोई डाउट है तो आप हमसे बेझिझक पूछ सकते है कमेंट बॉक्स के द्वारा आप अपना सवाल भेज सकते है या अगर कोर्ट मैरिज से सम्बंधित आपकी कोई राय है तो आप हमें दे सकते है।

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2 thoughts on “कोर्ट मैरिज कैसे करे | कोर्ट में शादी करने का तरीका”

  1. maine suna hai ki court se marriage nahi hoti hai collector office se hoti hai or yadi ladka ladki court se shadi ka rajinama banakar kar mandir se shadi karte hai to kya ye shadi manya hoti hai

    1. हेमंत जी कोर्ट और मंदिर में शादी करने की प्रक्रिया अलग अलग होती है.

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