Computer का आविष्कार किसने किया था?

आज इन्सानों ने जो तरक्की की है, उसमें कम्प्युटर का सबसे बड़ा हाथ है। कम्प्युटर ने मानव को प्रत्येक क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान दिया है। बिना कम्प्युटर के आज काम करना बहुत मुश्किल है। प्रत्येक क्षेत्र में कम्प्युटर का कहीं न कहीं जरूर उपयोग होता है, चाहे वो प्रत्यक्ष रूप से हो या अप्रत्यक्ष रूप से।

हमारी आज की दुनिया कम्प्युटर के भरोसे पर ही टिकी हुई है। शुरुआत में बने कम्प्युटर इतने प्रभावशाली नहीं थे, परंतु आधुनिक कम्प्युटर काफी उन्नत है। रोबोट आधुनिक कम्प्युटर का सबसे बड़ा उदाहरण है। वर्तमान समय में बने रोबोट इन्सानों की तरह सोचने में काफी हद तक सफल हो गए हैं।

कंप्यूटर जिन्हें हम प्यार करें या उनसे नफरत करें, हम हर दिन इन पर भरोसा करते हैं। वास्तव में हम अभी एक कम्प्युटर का ही उपयोग कर रहे हैं (आपके हाथ में मोबाइल भी एक कम्प्युटर ही है)।

लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया था और कैसे वे हमारे जीवन पर हावी हो गए? तो आइए जानते हैं सबसे पहले कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया था?

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि कई कंप्यूटर कई महान लोगों की सोच का नतीजा है। कम्प्युटर को बनाने के लिए इन लोगो ने बहुत संघर्ष किया।

इनको नापसंद करने वाले लोग इनके काम को हमेशा नीचा दिखाने का प्रयत्न करते थे। “कंप्यूटर” शब्द भी आपके विचार से बहुत पुराना है!

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पहला कंप्यूटर

computer ka avishkar kisne kiya

प्रारंभिक कंप्यूटर वास्तव में तेज दिमाग वाले कुछ लोग हुआ करते थे, न की मशीन। यह एक नौकरी का शीर्षक था, जो लोगों को दिया जाता था।

कम्प्युटर शब्द 1613 ईस्वी में पहली बार दुनिया के सामने आया। “कंप्यूटर” शब्द का इस्तेमाल पहली बार रिचर्ड ब्रेथवेट की किताब द योंग मैन्स ग्लीनिंग्स में किया गया था.

जिसमें मूल रूप से एक ऐसे व्यक्ति का वर्णन किया गया था जो गणना करता था। यानी “कंप्यूटर” वे लोग थे, जो जटिल गणनाएँ करने में प्रमुख था।

मुख्य रूप से ऐसे लोग गणितज्ञ और मुनीम थे। किसी मशीन का वर्णन करने के लिए पहली बार “कंप्यूटर” शब्द का इस्तेमाल 1897 में किया गया था।

पहला कंप्यूटर किसने बनाया था?

दुनिया का पहला कंप्यूटर जिसके बारे में हम जानते हैं, Antikythera Mechanism है। यह 200 ईसा पूर्व से 70 ईसा पूर्व के समय में विकसित हुआ था।

Antikythera एक प्राचीन-गीक और हाथ से संचालित यांत्रिक उपकरण था। पुरातत्वविदों का मानना है कि इसका उपयोग ग्रहण और अन्य खगोलीय घटनाओं की गणना के लिए किया जाता था।

यह एक 34 सेमी × 18 सेमी × 9 सेमी (13.4 इंच × 7.1 इंच × 3.5 इंच) का लकड़ी का बॉक्स था। जिसमें कम से कम 30 गियर थे, इसके अलावा यह काफी जटिल मशीन थी।

इसकी जटिलता के कारण इसे सिर्फ कुछ ही प्रशिक्षित व्यक्ति ही चला सकते थे। इसके बाद कई “गणना मशीनें” बनाई गईं। आम तौर इनका एक ही उद्देश्य गणना करना था।

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?

चार्ल्स बैबेज, एक अंग्रेजी पॉलीमैथ को “कंप्यूटर का आविष्कार करने वाला व्यक्ति” के रूप में जाना जाता है। 1822 से 1871 के समय मे अपनी मृत्यु तक इन्होंने 3 कंप्यूटरों को डिज़ाइन किया। लेकिन धन की कमी के कारण उनमें से एक को भी बनाने में सफल नहीं हो सके।

1822 में बैबेज ने एक ऐसे इंजन पर काम करना शुरू किया, जिसका उद्देश्य बहुपद कार्यों की गणना करना था। इस कम्प्युटर का नाम एनालिटिकल इंजन था।

अगर उनका यह उद्देश्य पूरा हो जाता तो उस इंजन के 25,000 हिस्से, जिनका वजन 13,600 किलोग्राम तक होता। इसके साथ ही इसकी लंबाई भी 2.4 मीटर (8 फीट) लंबी होती। इस तरह यह आकार में काफी बड़ा होता।

1847-1849 के बीच बैबेज ने एक अलग इंजन के लिए एक डिज़ाइन तैयार किया। जिसे बैबेज के दूसरे “कंप्यूटर” के रूप में जाना जाता है।

1991 में ब्रिटिश विज्ञान संग्रहालय ने बैबेज के इस डिजाइन से मशीन का निर्माण किया। आश्चर्यजनक रूप से इसने अपना काम अच्छे तरीके से किया।

इसे बनाने में 6 साल लगे, इसका वजन 4535.92 किलोग्राम था। आकार में यह 2.1 मीटर X 3.4 मीटर X 0.5 मीटर (6’11” x 11’2” x 1’8”) का था।

साथ ही इसके 8,000 अलग-अलग हिस्से थे। इस प्रकार अगर बैबेज को उस समय आर्थिक सहायता मिली होती तो शायद वो आधुनिक कम्प्युटर का निर्माण करने में कामयाब हो जाते।

एनालिटिकल इंजन (बैबेज कंप्यूटर) में 675 बाइट्स मेमोरी होती थी। उन्होंने सीपीयू को “द मिल” और मेमोरी को “स्टोर” नाम दिया।

जेकक्वार्ड लूम पंच कार्ड प्रणाली के आधार पर पंच कार्डों का उपयोग इनपुट के रूप में किया जाता था। जिसका आविष्कार 19वीं शताब्दी के अंत में किया गया था।

बैबेज के समय में गणना आम तौर पर मानव कंप्यूटर द्वारा की जाती थी, जो अक्सर त्रुटि से भरी होती थी। उन्होंने यांत्रिक कंप्यूटरों को मानव त्रुटि दूर करने के तरीके के रूप में देखा।

10 साल की अवधि में, उन्हें ब्रिटिश सरकार से 17000 पाउंड (2021 में 20,00,000 पाउंड से भी अधिक) धन प्राप्त हुआ।

कुछ समय बाद दुर्भाग्य से सरकार ने उनके विचार में विश्वास करना बंद कर दिया। जिसे परिणामस्वरूप उन्होने फंडिंग में कटौती करनी शुरू कर दी।

जानकारी रिकॉर्ड करने और संग्रहीत करने वाली पहली मशीन

1890 में हरमन होलेरिथ ने अमेरिकी जनगणना के लिए पंच कार्डों पर जानकारी रिकॉर्ड करने और संग्रहीत करने के लिए एक मशीन का निर्माण किया।

होलेरिथ की मशीन मैनुअल सारणियों की तुलना में लगभग दस गुना तेज और लाखों डॉलर की बचत करने वाली मशीन थी।

First Programmable Computer

Z1 दुनिया का पहला प्रोग्रामेबल कम्प्युटर था। इसको जर्मन कोनराड ज़ूस ने 1936 और 1938 के बीच अपने माता-पिता के लिविंग रूम में बनाया था।

इसे पहला इलेक्ट्रोमैकेनिकल बाइनरी प्रोग्रामेबल कंप्यूटर और पहला कार्यात्मक आधुनिक कंप्यूटर माना जाता है।

आधुनिक कम्प्युटर की पहली अवधारणा

ट्यूरिंग मशीन आधुनिक कम्प्युटर की पहली मशीन थी। इसे पहली बार 1936 में एलन ट्यूरिंग द्वारा प्रस्तावित किया गया था। यह मशीन इतनी प्रभावशाली थी कि यह कंप्यूटिंग और कंप्यूटर के सिद्धांतों की नींव बन गई।

यह मशीन एक ऐसा उपकरण थी, जो कागज के टेप पर प्रतीकों को प्रिंट करता था। जिसे एक व्यक्ति तार्किक निर्देशों का श्रृंखला से पालन कर सके। इन बुनियादी बातों के बिना हमारे पास आज के कंप्यूटर नहीं होते।

पहला इलेक्ट्रिक प्रोग्रामेबल कंप्यूटर

कोलोसस पहला इलेक्ट्रिक प्रोग्रामेबल कंप्यूटर था, जिसे टॉमी फ्लावर्स द्वारा बनाया गया था। इसे पहली बार दिसंबर 1943 में दुनिया के सामने प्रदर्शित किया गया।

कोलोसस को ब्रिटिश कोड ब्रेकरों के लिए बनाया गया था। ताकि उन्हें एन्क्रिप्टेड जर्मन संदेशों को पढ़ने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

पहला डिजिटल कंप्यूटर

एटानासॉफ़-बेरी कंप्यूटर (ABC- Atanasoff-Berry Computer) दुनिया का पहला डिजिटल कम्प्युटर था। एबीसी का निर्माण 1937 में प्रोफेसर जॉन विंसेंट एटानासॉफ़ और स्नातक छात्र क्लिफ बेरी द्वारा शुरू किया गया था।

इन दोनों ने 1942 तक पाँच वर्षों की अवधि में इसे आयोवा स्टेट कॉलेज (अब आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी) में विकसित किया।

एबीसी एक विद्युत कंप्यूटर था जो बाइनरी गणित और बूलियन तर्क सहित डिजिटल गणना के लिए 300 से अधिक वैक्यूम ट्यूबों का उपयोग करता था। हालांकि इसमें कोई सीपीयू (प्रोग्राम करने योग्य) नहीं था।

पहले डिजिटल कम्प्युटर का खिताब

ENIAC (Electronic Numerical Integrator and Computer) का आविष्कार जे. प्रेस्पर एकर्ट और जॉन मौचली के द्वारा पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय में किया गया था।

इसका निर्माण 1943 में शुरू हुआ और जो 1946 तक पूरा नहीं हुआ। इसे रखने के लिए 1,800 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता पड़ती थी। साथ ही इसमें लगभग 18,000 वैक्यूम ट्यूबों का इस्तेमाल किया गया, जिनका वजन लगभग 50 टन था।

19 अक्टूबर 1973 को यूएस फेडरल जज अर्ल आर. लार्सन ने यह फैसला सुनाया कि जे. प्रेस्पर एकर्ट और जॉन मौचली द्वारा ENIAC कम्प्युटर अमान्य है। इसके अलावा निर्णय में यह कहा गया कि एटानासॉफ द्वारा बनाया गया कम्प्युटर पूरी तरह से सही है।

इस फैसले के बाद एबीसी कंप्यूटर पहला डिजिटल कंप्यूटर बन गया। लेकिन फिर भी कई लोग ENIAC को पहला डिजिटल कंप्यूटर मानते हैं क्योंकि यह पूरी तरह कार्यात्मक था।

पहला प्रोग्राम संग्रहीत कंप्यूटर (The First Stored Program Computer)

किसी प्रोग्राम को इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्टोर और निष्पादित करने वाला पहला कंप्यूटर SSEM (स्मॉल-स्केल एक्सपेरिमेंटल मशीन) था। इसे 1948 में “बेबी” या “मैनचेस्टर बेबी” के रूप में भी जाना जाता था।

SSEM को फ्रेडरिक विलियम्स द्वारा डिजाइन किया गया और उनके शिष्य टॉम किलबर्न और सहायक ज्योफ टुटिल के द्वारा बनाया गया था। इस कम्प्युटर को इन्होने इंग्लैंड के मैनचेस्टर विश्वविद्यालय में बनाया था।

दूसरा संग्रहीत-प्रोग्राम कंप्यूटर भी इंग्लैंड में तैयार हुआ था। जिसका नाम EDSAC था और इसे इंग्लैंड के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के गणितीय प्रयोगशाला में मौरिस विल्क्स द्वारा निर्मित और डिजाइन किया गया था।

ईडीएसएसी ने अपनी पहली गणना 6 मई, 1949 को की। यह ग्राफिकल कंप्यूटर गेम और “ओएक्सओ” चलाने वाला पहला कंप्यूटर भी था।

लगभग उसी समय मैनचेस्टर मार्क 1 नाम एक अन्य कंप्यूटर विकसित हुआ जो संग्रहीत प्रोग्राम चला सकता था। मैनचेस्टर के विक्टोरिया विश्वविद्यालय में निर्मित मार्क 1 कंप्यूटर का पहला संस्करण अप्रैल 1949 में चालू हुआ।

मार्क 1 का उपयोग उसी वर्ष 16 और 17 जून को बिना त्रुटि के 9 घंटों तक मेर्सन प्राइम की खोज के लिए किया गया था।

पहली कंप्यूटर कंपनी

दुनिया की पहली कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी Electronic Controls Company थी। इसे 1949 में जे. प्रेस्पर एकर्ट और जॉन मौचली द्वारा स्थापित किया गया था।

यह वही व्यक्ति हैं जिन्होंने ENIAC कंप्यूटर बनाया था। बाद में इन्होंने कंपनी का नाम बदलकर EMCC या Eckert-Mauchly Computer Corporation रख दिया। फिर इस कंपनी ने UNIVAC नाम के तहत मेनफ्रेम कम्प्युटर बनाए।

मेमोरी में प्रोग्राम संग्रहीत करने वाला पहला कंप्यूटर

इस कम्प्युटर को EMCC कंपनी के द्वारा ही बनाया गया था। इसका नाम UNIVAC 1101 था जिसे 1950 में संयुक्त राज्य सरकार को सौंपा गया।

UNIVAC 1101 या ERA 1101 को मेमोरी से प्रोग्राम को स्टोर करने और चलाने में पहला सक्षम कंप्यूटर माना जाता है।

पहला व्यावसायिक कंप्यूटर (First Commercial Computer)

1942 में, Konrad Zuse ने Z4 पर नमक कम्प्युटर पर काम करना शुरू किया जो बाद में पहला व्यावसायिक कंप्यूटर बन गया।

इस कंप्यूटर को 12 जुलाई 1950 को स्विस फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ज्यूरिख के गणितज्ञ एडवर्ड स्टीफेल को बेच दिया गया था।

पहला ट्रांजिस्टर कंप्यूटर

1953 में मैनचेस्टर विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित ट्रांजिस्टर कंप्यूटर पहला ट्रांजिस्टर कंप्यूटर और “दूसरी पीढ़ी का कंप्यूटर” था।

यह बेहद अविश्वसनीय था, जो आम तौर पर यह बिना किसी त्रुटि के 1½ घंटे तक चलता था। हालाँकि, यह विशेष रूप से ट्रांजिस्टर पर नहीं चलता था, क्योंकि इसके क्लॉक में कई ट्यूब होते थे।

हारवेल कैडेट (ट्रांजिस्टर इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल ऑटोमेटिक कंप्यूटर- बैकवर्ड) पहली बार फरवरी 1955 में निर्मित हुआ। जो यूरोप या संभवतः पूरी दुनिया में पहला पूरी तरह से ट्रांजिस्टरयुक्त कंप्यूटर था।

इसके अलावा IBM-608 को दुनिया का पहला पूरी तरह से ट्रांजिस्टरयुक्त कंप्यूटर माना जाता है। इसे यह खिताब अप्रैल 1955 में दिया गया।

कुछ लोग मानते हैं कि इसका निर्माण हारवेल कैडेट से पहले हुआ था। लेकिन कोई इसके बारे में निश्चित नहीं है।

आईबीएम आज भी दावा करता है कि IBM 608 कैलकुलेटर “व्यावसायिक रूप से विपणन की जाने वाली पहली सॉलिड-स्टेट कंप्यूटिंग मशीन” और “वाणिज्यिक स्थापना के लिए उपलब्ध पहला पूरी तरह से ट्रांजिस्टरयुक्त कंप्यूटर” था।

RAM वाला पहला कंप्यूटर

MIT ने 8 मार्च, 1955 को Whirlwind मशीन पेश की, जो एक क्रांतिकारी कंप्यूटर था। यह चुंबकीय कोर रैम और रीयल-टाइम ग्राफिक्स वाला पहला डिजिटल कंप्यूटर था।

इस तरह कम्प्युटर की दुनिया में RAM का आगमन होता है। आज प्रत्येक कम्प्युटर RAM की सहायता से चलता है।

पहला डेस्कटॉप और मास-मार्केट कंप्यूटर

1964 में पहला डेस्कटॉप कंप्यूटर ‘प्रोग्रामा 101’ न्यूयॉर्क में जनता के लिए पेश किया गया था। इसका आविष्कार पियर जियोर्जियो पेरोटो द्वारा और निर्माण ओलिवेटी द्वारा किया गया था।

इस तरह के लगभग 44,000 कंप्यूटर बेचे गए, जिनमें प्रत्येक की कीमत $3,200 थी।

1968 में, Hewlett Packard ने HP 9100A को बेचना शुरू किया। यह पहला मास-मार्केटिंग डेस्कटॉप कंप्यूटर माना जाता है।

पीसी का आविष्कार किसने किया?

फ्रांकोइस गर्नेल ने दुनिया के पहले पर्सनल कंप्यूटर (1973 में) ‘माइक्रल एन’ का आविष्कार किया। माइक्रल एन की गति 500 किलोहर्ट्ज़ थी, जो प्रति सेकंड लगभग 50,000 निर्देश चलाने में सक्षम था। उस समय इसकी लागत 8,500 फ्रेंच फ़्रैंक (2020 में लगभग €7,750) थी।

इसके अलावा MITS Altair 8800 (1974) पहला पीसी था जो किसी भी तरह से उपयोग में लिया जा सकता था। यह कम्प्युटर उस समय इतना प्रसिद्ध हुआ कि कंपनी को इसकी मांग पूरा करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करनी पड़ी।

MITS Altair 8800 की कीमत $439 (2020 में लगभग $2,100) थी। इसकी प्रसिद्धता के कारण इसमें समय के साथ बहुत सारे अपग्रेड किए गए। इस तरह MITS Altair 8800 हर काम को करने वाला पहला कम्प्युटर था।

पहला माइक्रो कंप्यूटर

वियतनामी-फ्रांसीसी इंजीनियर André Truong Trong Thi और Francois Gernelle ने 1973 में माइक्रोल कंप्यूटर विकसित किया। यह कम्प्युटर पहले माइक्रो कंप्यूटर के रूप में माना जाता है।

इस कम्प्युटर में Intel 8008 प्रोसेसर (पहला माइक्रोप्रोसेसर Intel ने 15 नवंबर, 1971 को दुनिया के सामने पेश किया था, जिसका नाम Intel 4004 था) का इस्तेमाल किया गया था।

इसके अलावा यह पहला व्यावसायिक गैर-असेंबली कंप्यूटर था। उस समय इस कम्प्युटर को 1750 डॉलर में बेचा गया था।

पहला पर्सनल कंप्यूटर

1975 में एड रॉबर्ट्स ने “पर्सनल कंप्यूटर” शब्द का इस्तेमाल किया, जब उन्होंने Altair 8800 कम्प्युटर को पेश किया। हालांकि कई लोग KENBAK-1 को पहले पर्सनल कंप्यूटर के रूप में जानते हैं। इसे पहली बार 1971 में $750 की कीमत में पेश किया गया था।

पहला लैपटॉप या पोर्टेबल कंप्यूटर

IBM 5100 पहला पोर्टेबल कंप्यूटर था, इसे सितंबर 1975 में लोगों के सामने पेश किया गया था। इस कंप्यूटर का वजन 55-पाउंड था और इसमें पांच इंच का सीआरटी डिस्प्ले, टेप ड्राइव, 1.9 मेगाहर्ट्ज पाम प्रोसेसर और 64 केबी की रैम थी।

सही मायने में Osborne I को पहले पोर्टेबल कंप्यूटर या लैपटॉप के रूप में जाना जाता है। इस कम्प्युटर को अप्रैल 1981 में बाजार में उतारा गया था। इस कम्प्युटर को एडम ओसबोर्न द्वारा विकसित किया गया था।

Osborne I का वजन 24.5 पाउंड, इसमें 5 इंच का डिस्प्ले, 64 केबी मेमोरी, दो 5 1/4″ फ्लॉपी ड्राइव, सीपी/एम 2.2 ऑपरेटिंग सिस्टम और एक मॉडेम शामिल था। शुरुआत में बाजार में इसकी कीमत 1795 डॉलर थी।

IBM PCD (पीसी डिवीजन) ने बाद में आईबीएम पोर्टेबल को 1984 में पेश किया। इसके पहले पोर्टेबल कंप्यूटर का वजन 30-पाउंड था।

बाद में 1986 में, IBM PCD ने अपने पहले लैपटॉप कंप्यूटर की घोषणा की, जिसका वजन 12-पाउंड था। फिर इसके बाद 1994 में, IBM ने IBM ThinkPad 775CD को पेश किया, जो एक एकीकृत CD-ROM वाला पहला नोटबुक था।

पहला लैपटॉप Epson HX-20 (HC-20/HX-20) था। इसे 1981 में जापान में लॉन्च किया गया और 1982 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी किया गया था।

इसका वजन सिर्फ 1.6 किलोग्राम था और यह कागज के A4 टुकड़े के आकार के बराबर था, जो मार्केटिंग अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। इस तरह धीरे-धीरे कम्प्युटर से लैपटॉप का निर्माण हुआ।

Final Words:

तो दोस्तों ये था कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया किया था, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको कंप्यूटर के आविष्कार के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी.

अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी तो पोस्ट को १ लाइक जरुर करे और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगो को ये पता चल पाए की कंप्यूटर का आविष्कार कैसे, कब और किसने किया था धन्येवाद.

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