Computer Full Form in Hindi | कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है

दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल में हम आपको ” कंप्यूटर के फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर कंप्यूटर का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको कंप्यूटर से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त होगी।

जैसा कि आप जानते हैं कि, पहले के जमाने में किसी भी प्रकार के कामों को करने के लिए ज्यादातर आदमी अपने आपके ऊपर ही डिपेंड रहता था, क्योंकि तब टेक्नोलॉजी उतनी एडवांस नहीं थी, जितना की आज है। पहले के जमाने में अक्सर लिखाई पढ़ाई के काम व्यक्ति खुद ही करता था

क्योंकि तब कोई ऐसी मशीन या फिर ऐसी कोई टेक्नोलॉजी नहीं थी, जिसका इस्तेमाल करके किसी भी प्रकार के डाटा को स्टोर किया जा सके, परंतु जैसे-जैसे मानव ने साइंस में तरक्की की, वैसे-वैसे मानव ने अपनी सुविधा के लिए नई नई मशीनों का निर्माण किया।

आप अपने आसपास जो भी चीजें देखते हैं, उसका निर्माण किसी ना किसी मानव ने ही किया है, हालांकि सभी चीजों का निर्माण मानव ने नहीं किया है। जैसे कि प्रकृति का निर्माण मानव कभी नहीं कर सकता, क्योंकि प्रकृति का निर्माण भगवान करते हैं।

हालांकि जितने भी मशीनें, रॉकेट लॉन्चर या फिर अन्य ऐसी वस्तु जिसमें लोहे का इस्तेमाल होता है, उन सभी का निर्माण मानव ने ही किया है। मानव समय-समय पर अपनी सुविधा के लिए विभिन्न प्रकार की चीजों का निर्माण करता रहता है।

आज हम जिस भी चीज का इस्तेमाल करते हैं वह हमें वैज्ञानिकों के द्वारा ही प्राप्त हुई है। इसीलिए हमें वैज्ञानिकों का शुक्रगुजार होना चाहिए।आप में से बहुत से लोग कंप्यूटर के बारे में परिचित होंगे और आपने कभी ना कभी कंप्यूटर चलाया भी होगा।

परंतु बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें कंप्यूटर का फुल फॉर्म पता नहीं होता है, क्योंकि कभी कभी हम अपने रोज के जीवन में इस्तेमाल होने वाली चीजों के बारे में बहुत सी जानकारियां नहीं जानते हैं। ऐसा ही कंप्यूटर भी है, बहुत से लोग कंप्यूटर का फुल फॉर्म नहीं जानते हैं, तो चलिए इसके बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

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■ कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है

Computer full form in hindi

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि, कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है। कंप्यूटर का फुल फॉर्म होता है Commonly Operated Machine Particularly Used in Technical and Educational Research

C – Commonly

O – Operated

M – Machine

P- Particularly

U- Used

T – Technical

E – Educational

R – Research

■ कंप्यूटर का हिंदी में फुल फॉर्म क्या होता है

सी – आम तौर पर

ओ – संचालित

एम – मशीन

पी- विशेष रूप से

यू- प्रयुक्त

टी – तकनीकी

ई – शैक्षणिक

आर – अनुसंधान

कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जिसका इस्तेमाल सामान्य तौर पर टेक्निकली और पढ़ाई से संबंधित कामों के लिए किया जाता है।

■ कंप्यूटर की परिभाषा क्या है

वास्तव में कंप्यूटर शब्द अंग्रेजी के शब्द से बना हुआ है जिसे कंप्यूट कहा जाता है। कंप्यूटर का अर्थ होता है गणना करना या गिनती करना,इसीलिए कंप्यूटर को गणक या संगणक भी कहा जाता है। कंप्यूटर की खोज गिनती या फिर कैलकुलेशन को करने के लिए हुई थी।परंतु बाद में इसके द्वारा विभिन्न प्रकार के काम होने लगे

जब कंप्यूटर की खोज हुई थी, तब से लेकर अब तक इसमें काफी बदलाव हुए हैं और इसके फीचर में भी काफी चेंजिंग हुए हैं। जैसे कि पहले कम्यूटर सिर्फ कैलकुलेशन करने के लिए ही इस्तेमाल किया जाता था परंतु अब कंप्यूटर के द्वारा विभिन्न प्रकार के काम किए जा सकते हैं।

जैसे कि अब इंसान कंप्यूटर का इस्तेमाल करके दूर बैठे किसी व्यक्ति से वीडियो कॉलिंग के जरिए बात कर सकता है,कंप्यूटर का इस्तेमाल करके हम किसी भी टेक्स्ट को किसी भी कागज पर प्रिंट कर सकते हैं। कंप्यूटर के द्वारा हम अपना बायोडाटा बना सकते हैं।

कंप्यूटर पर हम मनोरंजन के लिए गेम खेल सकते हैं, वीडियो देख सकते हैं, गाने सुन सकते हैं, लाइव समाचार भी देख सकते हैं। इसके अलावा कंप्यूटर पर हम विभिन्न प्रकार के डाटा भी सेव कर सकते हैं। कंप्यूटर का इस्तेमाल करके हम डाटा एंट्री का काम भी कर सकते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कंप्यूटर को प्रोग्रामिंग मशीन भी कहा जाता है क्योंकि यह प्रोग्राम के बिना कुछ भी नहीं कर सकता। कंप्यूटर यूजर से डाटा ग्रहण करता है और फिर उसे आउटपुट प्रदान करता है।

■ कंप्यूटर के दुसरे फुल फॉर्म्स

कंप्यूटर के अन्य फुल फॉर्म भी है, जिसके बारे में हमने आपको नीचे लिस्ट दी है। इस पर गौर अवश्य करें।

1. Common Operating Machine Particularly Used for Trade, Education, and Research

2. Common Operations Made Possible Under Technical Engineering Researches

3. Commonly Operating Machine Particularly Used for Technical and Education Research

4. Common Operating Machine Particularly Used for Technical, Education and Research

5. Common Oriented Machine Particularly Used for Trade Education and Research

6. Common Operating Machine Particularly Used for Training, Education, and Reporting

7. Computing Oriented Manipulation Programming Used in Technology Education and Research

8. Commonly Oriented Machine Particularly Used for Trade Education and Research

9. Common Oriented Machine Purely Used for Technical and Educational Research

10. Commonly Operated Machine Particularly Used in Technical Education and Research

11. Capable Of Making Perfectly Uncomplicated Tasks Extremely Rigorous

12. Complicated Office Machine Put Under Tremendous Effort to Reduce manpower

13. Common Operating Machine Particularly Used For Trade Education And Research

14. Common Operating Machine Particularly Used For Technical And Research

■ क्या सच में कंप्यूटर का फुल फॉर्म होता है

अगर सामान्य शब्दों में कहा जाए तो कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जिसका मुख्य काम तेजी से कैलकुलेशन करना है और इसका इस्तेमाल लोग पहले इसीलिए करते थे।

हालांकि कुछ लोग का मानना है कि, कंप्यूटर का फुल फॉर्म भी होता है परंतु हमने आपको ऊपर कंप्यूटर का जो फुल फॉर्म बताया है वह इसका कोई प्रमाणित फुल फॉर्म नहीं है।वह फुल फॉर्म लोगों ने ऐसे ही अपने मन से बना लिया है, क्योंकि कंप्यूटर में कंप्यूटर शब्द जो लिया गया है वह एक लैटिन शब्द है, इसलिए इसका कोई फुल फॉर्म नहीं है।

■ कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं

बहुत से लोगों को कंप्यूटर के अंग्रेजी में फुल फॉर्म के बारे में पता होता है, परंतु बहुत से लोगों को यह नहीं पता होता है कि कंप्यूटर को आखिर हिंदी में क्या कहते हैं। अगर आपको भी नहीं पता तो घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आप कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं, इसके बारे में भी जान जाएंगे।

कई बार बहुत से इंटरव्यू में कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहा जाता है, ऐसा सवाल अभ्यर्थियों से पूछा जाता है और तब अभ्यर्थी इस कंफ्यूजन में हो जाते हैं कि आखिर कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहा जाता है और वह उसका जवाब नहीं दे पाते हैं।

अगर आप भी कोई इंटरव्यू देने जा रहे हैं या कोई इंटरव्यू देने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं उसके बारे में पता होना जरूरी है। दोस्तों कंप्यूटर को हिंदी में संगणक कहा जाता है, जिसका अंग्रेजी में अर्थ होता है कैलकुलेशन।

■ कंप्यूटर से क्या कर सकते हैं

जब कंप्यूटर की खोज हुई थी, तब से लेकर अब तक इसमें काफी बदलाव हुए हैं और इसके फीचर में भी काफी चेंजिंग हुए हैं। जैसे कि पहले कम्यूटर सिर्फ कैलकुलेशन करने के लिए ही इस्तेमाल किया जाता था परंतु अब कंप्यूटर के द्वारा विभिन्न प्रकार के काम किए जा सकते हैं।

जैसे कि अब इंसान कंप्यूटर का इस्तेमाल करके दूर बैठे किसी व्यक्ति से वीडियो कॉलिंग के जरिए बात कर सकता है,कंप्यूटर का इस्तेमाल करके हम किसी भी टेक्स्ट को किसी भी कागज पर प्रिंट कर सकते हैं। कंप्यूटर के द्वारा हम अपना बायोडाटा बना सकते हैं।

कंप्यूटर पर हम मनोरंजन के लिए गेम खेल सकते हैं, वीडियो देख सकते हैं, गाने सुन सकते हैं, लाइव समाचार भी देख सकते हैं। इसके अलावा कंप्यूटर पर हम विभिन्न प्रकार के डाटा भी सेव कर सकते हैं। कंप्यूटर का इस्तेमाल करके हम डाटा एंट्री का काम भी कर सकते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कंप्यूटर को प्रोग्रामिंग मशीन भी कहा जाता है क्योंकि यह प्रोग्राम के बिना कुछ भी नहीं कर सकता। कंप्यूटर यूजर से डाटा ग्रहण करता है और फिर उसे आउटपुट प्रदान करता है।

■ कंप्यूटर के अन्य पार्ट के फुल फॉर्म

कंप्यूटर में कंप्यूटर के अलावा भी अन्य पार्ट होते हैं जो कंप्यूटर को चलाने में काफी सहायक होते हैं। इनके अन्य सभी पार्ट के फुल फॉर्म की जानकारी हमने आपको नीचे दी है, उन पर गौर अवश्य करें।

  • ALU Arithmetic Logic Unit
  • ALGOL Algorithmic Language
  • ASCII American Standard Code For Information Interchange
  • BASIC Beginner’s All-purpose Symbolic Instruction Code
  • BCD – Binary Coded Decimal Code
  • CPU – Central Processing Unit
  • CAD – Computer Aided Design
  • COBOL- Common Business Oriented Language
  • CD – Compact Disk
  • C-DOT – Center for Development of Telematics
  • CLASS – Computer Literacy And Studies in School
  • COMAL – Common Algorithmic Language
  • DOS – Disk Operating System
  • DTS – Desk Top System
  • DTP – Desk Top Publishing
    E-Commerce – Electronic Commerce
  • E-Mail – Electronic Commerce
  • E-Mail – Electronic Mail
  • ENIAC – Electronic Numerical Integrator and Computer
  • FORTRAN – Formula Translation
  • FAX – Far away Xerox
    Flops Floating Operations per Second
  • HLL – High Level Languages
  • HTML – High Text Markup Language
  • IBM – International Business Machine
  • IC – Integrated Circuit
  • LAN – Local Area Network
  • LDU – Liquid Display Unit
  • LISP – List Processing
  • LLL – Low Level Language
  • MICR – Magnetic Ink Character Reader
  • MIPS – Millions of Instructions Per Second
  • MOPS – Millions of Operation per Second
  • MODEM – Modulator – Demodulate
  • NICNET – National Information Center Network
  • OMR – Optical Mark Reader
  • PC-DOS – Personal Computer Disk Operating System
  • PROM – Programmable Read-only Memory
  • RAM – Random Access Memory
  • ROM – Read Only Memory
  • RPG – Report Programmer Generator
  • SNOBOL – String Oriented Symbolic Language
  • VDU – Visual Display Unit
  • VLSI – Very Large Scale Integration
  • WAN – Wide Area Network
  • WWW – World Wide Web
  • ASP- ACTIVE SERVER PAGES
  • DVD – DIGITAL VIDEO DISK
  • EXE – EXECUTABLE FORMAT
  • CD – COMPACT DISK
  • CPU – CENTRAL PROCESSING UNIT
  • PDF – PORTABLE DOCUMENT FORMAT
  • WBMP – WIRELESS BITMAP IMAGE
  • VHF – VERY HIGH FREQUENCY
  • HDD – HARD DISK DRIVE
  • WINDOWS – WIDE INTERACTIVE NETWORK FOR DEVELOPMENT OF OFFICE WORK SOLUTION
  • GSM – GLOBAL SYSTEM FOR MOBILE COMMUNICATION
  • CDMA – CODE DIVISION MULTIPLE ACCESS
  • 3G – 3RD GENERATION
  • LTE – LONG TERM EVOLUTION
  • I/O – INPUT AND OUTPUT
  • LED – LIGHT EMBEDDED DIODE
  • USB – UNIVERSAL SERIAL BUS
  • AP – ACCESS POINT
  • IBM – INTERNATIONAL BUSINESS MACHINES
  • LG – LIFE’S GOOD ELECTRONICS
  • IT – INFORMATION TECHNOLOGY
  • HTTP – HYPERTEXT TRANSFER PROTOCOL
  • DMCA – DIGITAL MILLENNIUM COPYRIGHT ACT
  • 3GP – 3RD GENERATION PROTOCOL
  • 3GPP – 3RD GENERATION PARTNERSHIP PROJECT
  • AAC – ADVANCED AUDIO CODEC
  • AC3 – DOLBY DIGITAL SOUND FILE
  • AIFF – AUDIO INTERCHANGE FILE FORMAT
  • AMR – ADOPTIVEMULTI-RATEE
  • AWB – ADOPRATEMULTI RATE WIDEBAND
  • AVI – AUDIO VIDEO INTERLEAVED
  • CDA – COMPACT DISK AUDIO
  • DLL – DYNAMIK LINK LIBRARY
  • DVD – DIGITAL VIDEO DISK
  • EXE – EXECUTABLE FORMAT
  • FLAC – FREE LOSSLESS AUDIO CODEC
  • FLV – FLASH LIVE VIDEO
  • JPEG – JOINT PHOTOGRAPHIC EXPERT GROUP
  • BMP – BITMAP
  • GIF – GRAPHICS INTERCHANGE FORMAT
  • JAD – JAVA APPLICATION DEVELOPMENT
  • JAR – JAVA ARCHIVE
  • HTTP – HYPER TEXT TRANSFER PROTOCOL
  • HTTPS – HYPER TEXT TRANSFER PROTOCOL SECURE
  • IP – INTERNET PROTOCOL
  • ISP – INTERNET SERVICE PROVIDER
  • TCP – TRANSMISSION CONTROL PROTOCOL
  • UPS – UNINTERRUPTIBLE POWER SUPPLY
  • VHF – VERY HIGH FREQUENCY
  • UHF – ULTRA HIGH FREQUENCY
  • ALU- ARITHMETIC LOGIC UNIT
    URL – UNIFORM RESOURCE LOCATOR
  • WINDOWS – WIDE INTERACTIVE NETWORK FOR DEVELOPMENT OF OFFICE WORK SOLUTION

■ Computer का आविष्कार किसने किया और कब किया था

कंप्यूटर की खोज Charles Babbage ने की थी और उन्हें कंप्यूटर का फादर भी कहा जाता है।

■ कंप्यूटर का आविष्कार कब हुआ

साल 1822 में कंप्यूटर का आविष्कार किया गया था। सबसे पहले चार्ल्स बैबेज ने एक मैकेनिकल कंप्यूटर बनाया था और वह उस कंप्यूटर पर रिसर्च कर रहे थे, परंतु कुछ वजह से वह उस पर रिसर्च नहीं कर पाए, जिसके बाद साल 1910 में उस कंप्यूटर पर रिसर्च किया गया और उसे और भी बेहतर बनाने की कोशिश की गई जिसमें वे सफल भी हुए।

■ कंप्यूटर के पार्ट

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कंप्यूटर दो चीजों से बना हुआ होता है।पहला सॉफ्टवेयर और दूसरा हार्डवेयर। कंप्यूटर को हम टच कर सकते हैं परंतु हम सॉफ्टवेयर को टच नहीं कर सकते, क्योंकि सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का वह प्रोग्राम है, जो कंप्यूटर को सही ढंग से काम करने में मददगार साबित होता है

और सॉफ्टवेयर के द्वारा ही कंप्यूटर में विभिन्न प्रकार के बदलाव किए जाते हैं।जब कोई कंप्यूटर धीमे काम करने लगता है, तब उसके हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर में कोई गड़बड़ी होती है, जिसे ठीक करने पर ही कंप्यूटर सही तरीके से काम करता है।

कंप्यूटर के पार्ट और कुछ दूसरे डिवाइस आपस में जुड़ कर काम करते हैं और इन्हीं पार्ट के द्वारा हमें कंप्यूटर चलाने में काफी आसानी होती है, कंप्यूटर के कुछ मुख्य पार्ट नीचे बताए अनुसार हैं।

  • Monitor
  • CPU
  • Keyboard
  • Mouse
  • Speakers
  • Printer

■ फादर ऑफ कंप्यूटर किसे कहा जाता है

यह सवाल अक्सर कई परीक्षाओं में भी पूछा जाता है कि आखिर फादर ऑफ कंप्यूटर किसे कहा जाता है और बहुत से विद्यार्थी इसका जवाब नहीं दे पाते, तो वैसे लोगों के लिए बता दें कि फादर ऑफ कंप्यूटर चार्ल्स बबेज को कहा जाता है, क्योंकि इनके द्वारा ही डिजाइन किए गए मैकेनिकल कंप्यूटर को एनालिटिकल इंजन कहा गया।

■ कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं

सामान्य तौर पर कंप्यूटर चार प्रकार के होते हैं तो आइए उन सभी चारों प्रकार के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

– सुपर कंप्यूटर

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुपर कंप्यूटर सबसे पावरफुल कंप्यूटर होता है और यह काफी महंगा कंप्यूटर भी होता है, साथ ही सुपर कंप्यूटर का अधिकतर इस्तेमाल बड़े-बड़े संस्थान करते हैं।इसके अलावा दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस रिसर्च एजेंसी नासा में भी सुपर कंप्यूटर का ही इस्तेमाल किया जाता है।

अगर हम जैसे सामान्य लोग सुपर कंप्यूटर खरीदना चाहें तो हमें यह बड़ी ही कठिनाई से प्राप्त होगा, क्योंकि एक तो इसका दाम ज्यादा होता है, ऊपर से इसे खरीदने के लिए बहुत से डॉक्यूमेंट व्यक्ति से मांगे जाते हैं।

सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल नासा तथा अन्य स्पेस एजेंसीया रॉकेट लॉन्चर और स्पेस को लॉन्च करने के लिए करती हैं और उन्हें सुपरकंप्यूटर के द्वारा कंट्रोल करती हैं। इसके अलावा स्पेस को एकसपलोर करने के लिए भी सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है।

– मेनफ्रेम कंप्यूटर

यह कंप्यूटर ज्यादा पावरफुल नहीं होता है जितना कि सुपरकंप्यूटर होता है, परंतु फिर भी यह कंप्यूटर काफी महंगा मिलता है। अधिकतर गवर्नमेंट संस्थान इसी तरह के कंप्यूटर का इस्तेमाल करती हैं,जैसे कि बैंक, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट और इंश्योरेंस कंपनी भी इस तरह के कंप्यूटर का इस्तेमाल अपने कामों को करने के लिए करती हैं। इसके अलावा इंश्योरेंस कंपनी भी इसका इस्तेमाल करती हैं। ज्यादातर कंपनियां इस कंप्यूटर का इस्तेमाल अपने ग्राहकों के डाटा को स्टोर करने के लिए करती हैं।

– मिनी कंप्यूटर

इस प्रकार के कंप्यूटर का इस्तेमाल छोटे बिजनेस और फार्म के द्वारा किया जाता है। इस कंप्यूटर को हम mid-range कंप्यूटर के नाम से भी जानते हैं,यह आकार में थोड़ा छोटा होता है।

– माइक्रो कंप्यूटर

हम अपनी सामान्य जिंदगी में जिस कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं, उस ही माइक्रो कंप्यूटर कहा जाता है।माइक्रो कंप्यूटर के अंतर्गत कंप्यूटर,लैपटॉप, टेबलेट और स्मार्टफोन आते हैं।

यह कंप्यूटर कंप्यूटर की तुलना में थोड़े से सस्ते होते हैं। इस तरह के कंप्यूटर में हम विभिन्न प्रकार के काम कर सकते हैं जैसे कि गेम खेलना,वीडियो देखना, गाने सुनना तथा अन्य काम करना।

■ कंप्यूटर काम कैसे करता है

बहुत से लोग यह भी जानने की इच्छा रखते हैं कि आखिर कंप्यूटर काम कैसे करता है तो ऐसे लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि हम कंप्यूटर को काम करते हुए नहीं देख सकते परंतु अगर हम इसे समझाएं तो जब हम कीबोर्ड और माउस की हेल्प से कंप्यूटर को कोई इंस्ट्रक्शन देते हैं

तब वह इंस्ट्रक्शन सबसे पहले सीपीयू यानी कि सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट तक जाता है और सीपीयू हमारे द्वारा दिए गए इंस्ट्रक्शन का पालन करता है तथा उसे प्रोसेस करके कंप्यूटर की स्क्रीन पर हमें हमने जो भी इंस्ट्रक्शन दिया हुआ होता है उसका रिजल्ट दिखाता है। इस तरह हमारा कंप्यूटर काम करता है।

■ कंप्यूटर की विशेषता

अगर हम कंप्यूटर की विशेषता के बारे में बात करें तो इसे इस तरह से समझिए कि जब आप पैदल कहीं जाते हैं तब आपको अपनी मंजिल तक पहुंचने में कितना समय लगता है और जब आप कार के द्वारा कहीं पर जाते हैं तब आपको अपनी मंजिल तक पहुंचने में कितना समय लगता है।

यह बात तो सभी जानते हैं की मशीन का निर्माण हमारे काम को आसान बनाने के लिए ही होता है, इसी तरह कंप्यूटर का इस्तेमाल करके हम बहुत से काम बड़े ही आसानी से कर सकते हैं। कंप्यूटर बहुत तेजी से गुणा भाग जोड़ घटाना जैसी क्रियाएं कर सकता है और आप इन क्रियाओं को चाहे जितनी बार दोहरा सकते हैं। आप कितनी भी बड़ी से बड़ी संख्या को जोड़ घटाव गुणा भाग चंद सेकेंड में कर सकते हैं।

हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत सी ऑटोमेटिक मशीनों का इस्तेमाल करते हैं।इसी तरह कंप्यूटर भी एक ऑटोमेटिक मशीन है।कंप्यूटर अपना कार्य, प्रोग्राम के एक बार लोड हो जाने पर स्वत: करता रहता हैं।

कंप्यूटर अपना सारा काम बिना किसी गलती के करता है। अगर सामान्य व्यक्ति से किसी संख्या को लगातार 10 बार जोड़ने के लिए कहा जाए तो उससे अवश्य गलती हो जाएगी परंतु कंप्यूटर यही काम चाहे जितनी बार बिना कोई गलती दोहराए कर सकता है, क्योंकि यह एक ऑटोमेटिक मशीन है, इसीलिए हम कंप्यूटर के ऊपर पूर्ण विश्वास कर सकते हैं।

कंप्यूटर के सिस्टम में किसी भी प्रकार के डाटा को स्टोर करने के लिए बहुत जगह होती है।कंप्यूटर लाखों-करोड़ों शब्दों को बहुत ही कम जगह में स्टोर करके रख सकता है।

इसके अलावा यह विभिन्न प्रकार के डाटा, पिक्चर, फाइल,प्रोग्राम, गेम और साउंड को भी अपने अंदर स्टोर करके रख सकता है और हम जब चाहे इन सभी को एक्सेस कर सकते हैं, इसके अलावा हम चाहे तो इनमे से किसी भी चीज को मिटा भी सकते हैं।

कंप्यूटर अपने कामों को इस्तेमाल करने के लिए कागज का इस्तेमाल नहीं करता है।इसके साथ ही यह किसी भी प्रकार के डाटा को स्टोर करने के लिए कागज का यूज नहीं करता है, इसीलिए कंप्यूटर अप्रत्यक्ष रूप से प्रकृति के रक्षक भी होते हैं और इससे लागत में भी कमी आती हैं।

कंप्यूटर बहुत ही विश्वसनीय मशीन होती है और इसका जीवन भी लंबा होता है, साथ ही इससे जुड़े हुए अन्य उपकरणों को बड़ी आसानी से पलटा या फिर एक जगह से दूसरी जगह हटाया जा सकता है।

■ कम्प्यूटर में करियर

कंप्यूटर के क्षेत्र में रोजगार के बहुत से अवसर हैं, क्योंकि लगातार कंप्यूटर का इस्तेमाल बढ़ता ही जा रहा है, इसीलिए इसमें कैरियर के बहुत अच्छे विकल्प हैं। नीचे हमने कंप्यूटर संबंधित कुछ जॉब्स के बारे में जानकारी दी है जो आपको कंप्यूटर के क्षेत्र में मिल सकती है।

  • Computer Programmer
  • Hardware Engineer
  • Data Scientist
  • Software Developer
  • Web Developer
  • Web Designer
  • Computer Typist
  • Network Administrator
  • Game Developer
  • Computer Teacher
  • Computer Operator
  • Data Entry Operator
  • Blogging
  • Vlogging
  • Graphic Designer

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको कंप्यूटर के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी.

अगर आपको हमारा ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो प्लीज इस पोस्ट को १ लाइक जरुर करे और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे. धन्येवाद दोस्तों.

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