चालाक कामचोर गधे की कहानी – Lazy Donkey Story in Hindi



Lazy Donkey Story in Hindi – नमस्कार दोस्तों एक बार हम फिर से आप लोगों के साथ एक बहुत ही रोमांचक कहानी लेकर आए हैं और यह कहानी है एक चालाक और आलसी गधे का क्योंकि बहुत ज्यादा कामचोर था.

आज की यह हिंदी स्टोरी पढ़कर आपको बहुत अच्छा लगेगा और इससे आपको एक बहुत ही बढ़िया सीख मिलने वाली है जिसको आप को हमेशा अपनी जिंदगी में याद रखना चाहिए

चलिए दोस्तों ज्यादा समय बर्बाद ना करते हुए हम आज की इस मजेदार चालाक और आलसी गधे की कहानी की शुरुआत करते हैं

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चालाक और कामचोर गधे की कहानी

Lazy Donkey Story in Hindi

Kamchor Gadhe ki Kahani story

किसी गांव में एक किशोर नाम का व्यापारी रहता था उसके पास एक गधा था. वह हर रोज अपने गधे के पीठ में नमक की बोरी लादकर दूसरे गांव में जाकर उसको बेचा करता था

दूसरे गांव में पहुंचने के लिए किशोर को बहुत सारी छोटी-छोटी नदी को पार करना होता था. 1 दिन हर रोज की तरह किशोर अपने गधे की पीठ पर नमक की बोरी लादकर उसको बेचने के लिए दूसरे गांव में जा रहा था

जब वह नदी के पास पहुंचा और नदी पार करने लगा उस समय पर उसके गधे का पैर फिसल गया और वह पानी में गिर गया जिसकी वजह से उसकी नमक की बोरी में जो नमक था सारा पानी में घुल गया

व्यापारी ने किसी तरीके से गधे को पानी से बाहर निकाला और उसने देखा कि कहीं मेरे गधे को कोई चोट तो नहीं लगी है. गधा बिल्कुल सही सलामत था और उसको कोई चोट नहीं लगी थी

लेकिन गधा बहुत ज्यादा खुश हो गया क्योंकि नमक की बोरी का जो वचन था वह बहुत ज्यादा कम हो गया था ना के बराबर हो गया था क्योंकि सारा नमक को पानी में घुल गया था

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लेकिन व्यापारी बहुत ज्यादा ना खुश था क्योंकि उसका नुकसान हो गया था सारा नमक पानी में घुल गया था जिसकी वजह से वह दूसरे गांव में जाकर बेचने के लिए उसके पास कुछ नहीं था वह निराश होकर अपने गधे को लेकर घर वापस लौट गया

लेकिन गधा बहुत ज्यादा खुश हो गया था और उसने यह सोचा कि हर रोज मैं ऐसा ही किया करुंगा ताकि मेरा बोझ हल्का हो जाए. उसके बाद अगले दिन किशोर नाम का व्यापारी अपने गधे की पीठ में नमक की बोरी लौटकर फिर से दूसरे गांव में बेचने के लिए अपने घर से सुबह निकल पड़ा

लेकिन उस दिन गधा फिर से जानबूझकर नदी में आकर पानी में गिर पड़ा और इस तरीके से फिर से उसके पीठ का बोझ बहुत ज्यादा हल्का हो गया उस दिन भी व्यापारी नाराज होकर घर पर वापस लौट गया

अब गधे को बहुत ज्यादा मज़ा आने लगा था क्योंकि वह पहले से ही कामचोर था और वह अपनी चालाकी के वजह से जानबूझकर हर रोज नदी में गिर जाता था जिसकी वजह से नमक की बोरी में से सारा नमक नदी में घुल जाता था जिसकी वजह से उसकी पीठ का बोझ बहुत ज्यादा हल्का हो जाता था

कई दिनों तक गधा अपनी चालाकी और कामचोरी से बचने के लिए ऐसी हरकत जानबूझकर करता था और किशोर का बहुत ज्यादा नुकसान होने लग गया था

लेकिन गधे की रोज रोज की एक चालाकी देखकर किशोर को समझ में आ गया कि एक दिन पैर फिसल सकता है लेकिन हर रोज ऐसा नहीं हो सकता शायद गधा कमजोरी से बचने के लिए मेरे साथ ऐसी चालाकी कर रहा है और जानबूझकर नदी पर गिर पड़ता है

अगले दिन किशोर ने गधे की पीठ पर नमक की बोरी के बजाय रुई की बोरी रख दी. या देखकर गधा और भी ज्यादा खुश हो गया उसने सोचा आज तो पहले से ही वजन बहुत ज्यादा कम है और जब मैं नदी में गिरने का नाटक करूंगा उस समय पर तो पूरा ही वजन कम हो जाएगा

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जैसे ही किशोर नदी के पास पहुंचा अपने गधे को लेकर गधा हर रोज की तरह पानी में गिर गया लेकिन इस बार उसकी पीठ पर नमक की बोरी नहीं थी बल्कि रुई की बोरी थी

जैसे ही गंदा पानी से बाहर आया तब रोई मैं सारा पानी चला गया था जिसकी वजह से रुई की बोरी और भी ज्यादा भारी हो गई

अब गधे की हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई क्योंकि इससे खड़ा भी हुआ नहीं जा रहा था और उससे चला भी नहीं जा रहा था

लेकिन किशोर को उसकी चालाकी पहले ही पता चल गई थी और उसी कानपुरी को देखकर उसको बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था क्योंकि उसका बहुत ज्यादा नुकसान हो चुका था कई दिनों से उसने कोई भी तरीके की कमाई नहीं करी थी

जब गधे को चलने में बहुत ज्यादा परिश्रम करना पड़ रहा था और उस से चला नहीं जा रहा था. तब किशोर ने डंडे से उसकी खूब पिटाई करी और पीटते पीटते उसको घर ले आया

उस दिन के बाद गधे को अपनी चालाकी और काम चोरी करने पर बहुत ज्यादा पछतावा हुआ फिर उसके बाद गधे ने ऐसी हरकत बिल्कुल भी नहीं करें

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इस कहानी से आप लोगों को क्या सीख मिलती है दोस्तों

Moral of this Hindi Story

दोस्तों इस कहानी से हमको यह सीख मिलती है कि हमको जरूरत से ज्यादा है कभी भी चालाकी नहीं करनी चाहिए और कामचोरी हमको कभी भी नहीं दिखाना चाहिए

क्योंकि अगर आप जरूरत से ज्यादा कामचोरी और चालाकी दिखाओगे तो इसका परिणाम आपको बुरा भुगतना पड़ेगा

कामचोर गधे की यह कहानी सुनकर हमको और एक सीख मिलती है कि हम को लालच कभी नहीं करना चाहिए जिस तरीके से गधे ने हर रोज का वह नाटक बनाना शुरु कर दिया था और एक दिन किशोर को पता चल गया कि गधा नाटक कर रहा है

क्योंकि चाहे आप कितने भी चालाक हो या चतुर हो आप की चोरी एक ना एक दिन पकड़ी जाती है इसलिए हमको कभी भी इमानदारी से काम करना चाहिए और जरूरत से ज्यादा चालाकी और काम चोरी नहीं करना चाहिए

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आपकी और दोस्तों

दोस्तों यह था चालाक और कामचोर गधे की कहानी ( Lazy Donkey Story in Hindi ) हम उम्मीद करते हैं कि आज भी यह हिंदी स्टोरी पढ़कर आपको बहुत बढ़िया सीख मिली होगी कि हमको कभी भी जरूरत से ज्यादा चालाकी नहीं दिखानी चाहिए और काम चोरी नहीं करना चाहिए

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