CEO Full Form in Hindi | CEO का फुल फॉर्म क्या है

CEO Full Form in Hindi: दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल में हम आपको “सीईओ के फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, सीईओ का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर सीईओ का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको सीईओ से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त होगी।

भारत में जन्म लेने वाले सभी विद्यार्थियों का एक ही सपना होता है कि वह अच्छी पढ़ाई लिखाई करके एक अच्छी नौकरी प्राप्त करें और इसके लिए वह दसवीं कक्षा से ही काफी मेहनत करते हैं, क्योंकि किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए शुरू से ही उसके बारे में सोचना पड़ता है और उस चीज को अपना लक्ष्य बनाकर उसके अनुसार अपनी तैयारी करनी पड़ती है।

कोई भी चीज हमें एक ही दिन में प्राप्त नहीं होती है।किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए हमें निरंतर प्रयास करना होता है, फिर चाहे वह पैसा हो या फिर नौकरी हो।हमारे भारत देश में हर साल लाखों लोग विभिन्न प्रकार की नौकरियों के लिए आवेदन देते हैं।

हालांकि आज के इस दौर में नौकरी पाना इतना आसान नहीं है, क्योंकि आप तो यह बात जानते ही हैं कि, हमारे भारत देश की जनसंख्या कितनी ज्यादा है और इतनी बड़ी जनसंख्या होने के कारण हमारे भारत देश में सीमित संसाधन है और अधिक जनसंख्या होने के कारण सभी को तो नौकरी नहीं दी जा सकती

या फिर सभी लोग नौकरी नहीं कर सकते। इसीलिए हमारे भारत देश में जो लोग अच्छी नौकरी प्राप्त नहीं कर पाते वह लोग अन्य स्वरोजगार के काम करते हैं। नौकरी पाने के लिए आज के समय में एजुकेशन की डिमांड बहुत ही बढ़ गई है।

क्योंकि वर्तमान के समय में ऐसी कोई भी फील्ड नहीं है, जहां पर शिक्षा का महत्व ना हो। अगर आपने अच्छी पढ़ाई लिखाई की है तभी आप एक अच्छी नौकरी प्राप्त करने के बारे में सोच सकते हैं और अगर आपने कम पढ़ाई की है तो आपको एक अच्छी नौकरी मिलना मुश्किल है।

सरकारी नौकरी पाना कोई बच्चों का खेल नहीं है। सरकारी नौकरी पाने के लिए काफी मेहनत के साथ पढ़ाई करनी पड़ती है और मेहनत के साथ साथ एक सटीक रणनीति बना कर चलना पड़ता है, क्योंकि जब व्यक्ति का उदेश्य अपनी मंजिल को हर हाल में पाना ही होता है तो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को सही दिशा की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रयत्न करना चाहिए।

हमारे भारत देश में ऐसे कई लड़के और लड़कीया है, जो 12वीं कक्षा को पास करने के बाद इस असमंजस में हो जाते हैं कि, अब वह आगे क्या करें, क्योंकि 12वीं कक्षा को पास करने के बाद हमें ग्रेजुएशन करना होता है और हम जिस भी विषय में ग्रेजुएशन करते हैं, हमें उसी के हिसाब से नौकरी प्राप्त होती है।

जैसे जो अभ्यर्थी कॉमर्स विषय से ग्रेजुएशन करते हैं अधिकतर बैंकिंग सेक्टर में नौकरी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा जो अभ्यर्थी साइंस के विषयों से ग्रेजुएशन पूरी करते हैं वह अधिकतर मेडिकल के क्षेत्र में जाते हैं।

तथा जो अभ्यर्थी आर्ट के विषयों से अपनी ग्रेजुएशन पूरी करते हैं, वह अधिकतर अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद विभिन्न सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते हैं और आईएएस और आईपीएस जैसे पदों को पाने की कोशिश करते हैं।

हमारे भारत देश में सरकारी नौकरी पाने का क्रेज इसलिए भी है क्योंकि एक तो सरकारी नौकरी में बहुत आराम होता है और इसमें तनख्वाह भी ज्यादा होती है।

हालांकि सरकारी नौकरी के अलावा प्राइवेट सेक्टर में भी कुछ ऐसी नौकरियां है, जो सरकारी नौकरी के बराबर है। उस नौकरी का नाम है सीईओ। आइए इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करते हैं।

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CEO Full Form in Hindi

CEO का फुल फॉर्म क्या है

CEO Full Form Hindi

 

■ सीईओ का फुल फॉर्म क्या है

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि सीईओ का फुल फॉर्म क्या होता है। सीईओ का फुल फॉर्म अंग्रेजी में होता है “चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर” यह किसी भी कंपनी में काफी ऊंचा पद माना जाता है।

इस पद पर जो भी व्यक्ति सिलेक्ट होता है उसे काफी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है, क्योंकि यह पद काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, किसी भी कंपनी के लिए, फिर चाहे वह सरकारी कंपनी हो या फिर प्राइवेट कंपनी हो।

चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के नीचे ही किसी भी कंपनी के सारे कर्मचारी काम करते हैं और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर ही कंपनी से जुड़े हुए सभी अहम निर्णय लेता है, ताकि कंपनी की इनकम में बढ़ोतरी हो बहुत सी कंपनियों में एमडी यानी की मैनेजिंग डायरेक्टर का पद भी होता है।इस पद को भी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद के समान ही माना जाता है।

■ सीईओ को हिंदी में क्या कहते हैं

सीईओ को अंग्रेजी में चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर कहा जाता है और इसे हिंदी में “मुख्य कार्यकारी अधिकारी” कहा जाता है इसके अलावा सीईओ को अन्य नाम के तहत मैनेजिंग डायरेक्टर भी कहा जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर किसी भी कंपनी, संस्था या इंस्टिट्यूट का मुख्य ऑफिसर यानी कि अधिकारी होता है और किसी भी संस्था में होने वाले किसी भी काम की जिम्मेदारी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की ही होती है।

यह जिस संस्था में काम करते हैं, उस संस्था से जुड़े हुए सभी कामों की देखरेख करते हैं और कई अहम निर्णय अपनी संस्था के लिए लेने का काम करते हैं। किसी भी संस्था का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने के लिए अभ्यर्थी को काफी पढ़ाई करनी पड़ती है।

क्योंकि यह पद काफी जिम्मेदारी वाला पद होता है और जैसा कि हमने बताया कि सीईओ का काम होता है कि वह ऐसा काम करें कि उसकी कंपनी मुनाफे में हो और उसकी कंपनी का नाम पूरी दुनिया में फैले।

इस पद पर योग्य व्यक्तियों को ही सिलेक्ट किया जाता है और जो व्यक्ति एमबीए की पढ़ाई कर चुके होते हैं खासतौर पर वही लोग इस पोस्ट को पाते हैं क्योंकि एमबीए की पढ़ाई में बिजनेस से संबंधित बातें सिखाई जाती है।

कंपनी को किस दिशा में ले जाना है, इसका निर्णय सीईओ ही लेता है। इसके अलावा कंपनी के लिए कौनसा मार्केट फायदेमंद रहेगा या फिर कंपनी को किसके साथ पार्टनरशिप करनी चाहिए या फिर कंपनी में ऐसे कौन से काम करना चाहिए जिससे कंपनी का फायदा हो।

इन सभी का निर्णय चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर ही लेता है।अगर सामान्य भाषा में कहें तो कंपनी को किस तरह से चलाना है, इसका निर्णय सीईओ अधिकारी लेता है।

■ चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर क्या है

अगर सीईओ के बारे में बात किया जाए तो सीईओ का मुख्य काम होता है अपनी कंपनी को सही ढंग से चलाना, ताकि उसकी कंपनी अधिक से अधिक आय अर्जित करें और अपनी कंपनी से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेने का काम भी सीईओ का ही होता है।

■ चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने के लिए शैक्षिक योग्यता

अगर आप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनना चाहते हैं या फिर भविष्य में चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने की इच्छा रखते हैं तो आपको यह जानकारी रखना अति आवश्यक है कि चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर
बनने के लिए आपको कितनी पढ़ाई करनी पड़ेगी।

अगर आप नहीं जानते तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने के लिए आपको ग्रेजुएशन की डिग्री लेनी होगी। हालांकि आपको अपने ग्रेजुएशन की डिग्री मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी कि एमबीए में ही करनी होगी।

क्योंकि कोई भी कंपनी हो, जो अभ्यर्थी एमबीए का कोर्स नहीं करता वह किसी भी कंपनी का सीईओ नहीं बन सकता।इसलिए सीईओ बनने के लिए सबसे पहले आपको एमबीए की डिग्री लेना आवश्यक है।

अगर आपके पास मास्टर आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री नहीं है, तो आपकी लीडरशिप स्किल का कोई भी फायदा नहीं है और जब आपके पास दोनों क्वालिटी होंगी तब आपका सीईओ बनने का रास्ता काफी आसान हो जाएगा।

इसीलिए अपनी ग्रेजुएशन एमबीए में ही करें क्योंकि एमबीए की डिग्री में अभ्यर्थी को बिजनेस से जुड़ी हुई बातें सिखाई जाती है और कोई भी कंपनी हो उनका मुख्य उद्देश्य यही रहता है कि वह अधिक से अधिक लाभ कमाएं और उन्हें कम से कम घाटा हो।

■ चीफ एजुकेटेड ऑफिसर बनने के लिए नागरिकता

अगर आप किसी कंपनी के सीईओ बनना चाहते हैं, तो इसके लिए आप किस देश के निवासी हैं यह बात बिल्कुल भी मायने नहीं रखती, क्योंकि आपने देखा होगा कि हमारे भारत देश में जन्मे हुए कई व्यक्ति अमेरिका की विभिन्न बड़ी-बड़ी कंपनियों में सीईओ के पद पर हैं।

उदाहरण के तौर पर सुंदर पिचाई गूगल के सीईओ हैं। और आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सुंदर पिचाई का जन्म भारत में हुआ था और यह अमेरिका की सबसे बड़ी कंपनी गूगल के वर्तमान में सीईओ है।

इसलिए आप का जन्म किस देश में हुआ है यह बात सीईओ बनने के लिए मायने नहीं रखती है। आप किसी को देश के नागरिक हो, आप सीईओ का पद प्राप्त कर सकते हैं, अगर आपके अंदर योग्यता है तो।

■ चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने के लिए उम्र

अन्य नौकरियों की तरह चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने के लिए कोई भी उम्र सीमा निर्धारित नहीं की गई है, हालांकि ऐसा बहुत कम ही देखा गया है कि कोई कम उम्र का व्यक्ति किसी भी कंपनी का सीईओ बना हो।

हां कुछ अपवाद छोड़ दे तो अगर कोई व्यक्ति खुद की कंपनी चालू करता है तो वह अपनी खुद की कंपनी का सीईओ हो सकता है, परंतु जितनी भी बड़ी-बड़ी कंपनियां हैं, उनमें अधिकतर लोग 25 साल की उम्र के बाद ही चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद को प्राप्त करने में सफलता पाए हैं।

हालांकि अगर सामान्य तौर पर देखा जाए तो किसी भी कंपनी का सीईओ बनने के लिए कम से कम उम्र 18 साल होनी चाहिए। इसके अलावा किसी भी कंपनी के सीईओ के पद को पाने के लिए अधिकतम उम्र की सीमा निर्धारित नहीं की गई है, क्योंकि सीईओ बनने के लिए उम्र से अधिक व्यक्ति के ज्ञान और टैलेंट को महत्व दिया जाता है।

■ चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने के लिए फिजिकल फिटनेस

चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने के लिए व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए और उसे किसी प्रकार की कोई भी बीमारी नहीं होनी चाहिए। उसकी आंखों की दृष्टि भी बिल्कुल ठीक होनी चाहिए और उसे अपनी आंखों से सभी चीजें बिल्कुल साफ साफ दिखाई देनी चाहिए।

■ दुनिया के कुछ प्रसिद्ध सीईओ के नाम

  • CEO Of Google – Sundar Pichai (सुंदर पिचाई)
  • CEO Of Apple – Tim Cook (टिम कुक)
  • CEO Of Microsoft – Satya Narayana Nadella (सत्य नारायण नडेला)
  • CEO Of Infosys – Salil Parekh (सलिल पारेख)
  • CEO Of Amazon – Jeff Bezos (जेफ्फ बेज़ोस)
  • CEO Of Facebook – Mark Zuckerberg (मार्क ज़ुकेरबर्ग)
  • CEO Of TCS – Rajesh Gopinathan (राजेश गोपीनाथन)

■ चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर किसे बनना चाहिए

ऐसे विद्यार्थी जिन्हें गणित का विषय बहुत ही अधिक पसंद होता है या फिर जो गणित के विषय में माहिर होते हैं, वैसे विद्यार्थी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बन सकते हैं।

क्योंकि चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने के लिए अभ्यर्थी का दिमाग तेज होना जरूरी है और जिन विद्यार्थियों का गणित के विषय में मन लगता है, उन विद्यार्थियों का दिमाग स्वाभाविक तौर पर तेज होता है।

क्योंकि चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर के तौर पर व्यक्ति को सही समय पर सही निर्णय लेने होते हैं और सही निर्णय वहीं ले सकता है, जो मार्केट की रणनीतियों को समझता है और मार्केट की रणनीतियों को समझने के लिए दिमाग का तेज होना आवश्यक है।

इसके अलावा ऐसे लोग जिनकी बातचीत करने की कला यानी कि कम्युनिकेशन स्किल अच्छी है, वह भी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर बनने के बारे में सोच सकते हैं, क्योंकि जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर किसी भी कंपनी से जुड़े हुए सभी निर्णय लेने का अधिकार रखता है

और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर अपनी बातों को अपनी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को तभी अच्छे से समझा पाएगा जब उसकी बातचीत करने की कला अच्छी होगी।

क्योंकि बातचीत करने की कला अच्छी होने पर वह अधिक प्रभाव से अपनी बात को कह पाएगा और उसकी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी उसकी बातों को समझ कर अपना काम करेंगे, जिससे कंपनी और कर्मचारियों के बीच टकराव कम होने की संभावना रहेगी।

अच्छी बातचीत की कला होने से एक फायदा यह भी होता है कि व्यक्ति की दूसरों के साथ अच्छी डीलिंग हो जाती है, क्योंकि किसी भी डील को करने के लिए कम्युनिकेशन स्किल अच्छी होनी आवश्यक है तभी सामने वाला आपसे प्रभावित होगा और आपके साथ काम करने के लिए या फिर आपको मटेरियल देने के लिए तैयार होगा।

इसके अलावा ऐसे लोगों को सीईओ बनने के बारे में सोचना चाहिए जिन्हें गुस्सा कम आता है क्योंकि आप तो यह जानते हैं कि गुस्सा स्वास्थ्य के साथ-साथ बिजनेस के लिए भी खतरनाक होता है।

इसीलिए जो लोग अपने गुस्से को कंट्रोल कर लेते हैं या फिर जिन्हें गुस्सा कम आता है, वह चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने के बारे में सोच सकते हैं, क्योंकि अक्सर कई बार कंपनी में कर्मचारी हड़ताल कर देते हैं और ऐसे में कर्मचारियों से अगर सम्मान के साथ पेश ना आया जाए तो कंपनी को काफी नुकसान हो सकता है

और कर्मचारियों के साथ सम्मान से पेश आने के लिए कम गुस्सैल व्यक्ति का होना आवश्यक है, हालांकि अगर आपको अधिक गुस्सा आता है, तब आपको अपने गुस्से को कंट्रोल करने की आदत डालनी चाहिए।

■ चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कैसे बने

अगर आप किसी भी कंपनी के सीईओ बनने के बारे में विचार कर रहे हैं, तो आपको इसके बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है कि किसी भी कंपनी का सीईओ कैसे बना जाता है।

हमने आपको पहले ही बताया है कि सीईओ किसी भी कंपनी या फिर संस्था का एक बड़ा अधिकारी होता है और यह पद काफी जिम्मेदारी वाला पद होता है, इसलिए हर कंपनी योग्य व्यक्तियों को ही चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनाती है।

हालांकि चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनना कोई मजाक नहीं है। किसी भी कंपनी का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनने के लिए आपके अंदर बहुत से गुण और क्वालिटी का होना आवश्यक है

और आपकी जानकारी के लिए यह भी बता दें कि आप सीधा ही किसी भी कंपनी के सीईओ के पद को प्राप्त नहीं कर सकते, बल्कि सीईओ का पद प्राप्त करने के लिए आपको स्टेप बाय स्टेप अपने कदम आगे बढ़ाने होंगे

चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर का पद पाने के लिए आपको अपने लीडरशिप और कम्युनिकेशन स्किल को हाईलाइट करना होगा। अगर आपने किसी भी कंपनी के लिए थोड़ा सा भी काम किया है और आपको उस काम का थोड़ा सा भी अनुभव है

तो आप उन सभी बातों को अपने रिज्यूम यानी कि बायोडाटा में अवश्य लिखें। इसके अलावा आपको यह भी बता दें कि एक सीईओ अधिकारी को हमेशा अपनी कंपनी और अपनी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के प्रति नरम रुख अपनाना चाहिए

और एक अच्छा चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अपने लिए नहीं बल्कि अपनी कंपनी और अपनी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के हितों को ध्यान रखते हुए काम करता है। इसके अलावा सीईओ अधिकारी सही समय पर सही निर्णय लेने के लिए भी ट्रेंड होना चाहिए।

सीईओ बनने के लिए आपको ग्रेजुएशन की डिग्री एमबीए में करना आवश्यक है, क्योंकि एमबीए के कोर्स में अभ्यर्थियों को बिजनेस से संबंधित बातें बताई जाती है।

इस कोर्स को करने के बाद जब आप किसी कंपनी में नौकरी करते हैं और कभी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर की नजर आपके ऊपर पड़ जाती है और उन्हें लगता है कि आप उनकी कंपनी को अच्छे से संभाल लेंगे, तो फिर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बोर्ड ऑफ मैनेजिंग डायरेक्टर की मीटिंग बुलाते हैं

और उस मीटिंग में आपके नाम को लेकर चर्चा होती है और अगर उस मीटिंग में आपके नाम पर सभी लोग सहमति जताते हैं तो फिर आपको उस कंपनी का सीईओ बना दिया जाता है।

चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर के तौर पर व्यक्ति को सही समय पर सही निर्णय लेने होते हैं और सही निर्णय वहीं ले सकता है, जो मार्केट की रणनीतियों को समझता है और मार्केट की रणनीतियों को समझने के लिए दिमाग का तेज होना आवश्यक है।

इसके अलावा ऐसे लोग जिनकी बातचीत करने की कला यानी कि कम्युनिकेशन स्किल अच्छी है, वह भी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर बनने के बारे में सोच सकते हैं, क्योंकि जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर किसी भी कंपनी से जुड़े हुए सभी निर्णय लेने का अधिकार रखता है

और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर अपनी बातों को अपनी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को तभी अच्छे से समझा पाएगा जब उसकी बातचीत करने की कला अच्छी होगी।

क्योंकि बातचीत करने की कला अच्छी होने पर वह अधिक प्रभाव से अपनी बात को कह पाएगा और उसकी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी उसकी बातों को समझ कर अपना काम करेंगे, जिससे कंपनी और कर्मचारियों के बीच टकराव कम होने की संभावना रहेगी।

■ सीईओ के अंदर क्या गुण होने चाहिए

एक अच्छे चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर को हमेशा सभी से प्यार से बात करनी चाहिए और अपने स्वभाव में विनम्रता लानी चाहिए क्योंकि चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के ऊपर कंपनी तथा उसके कर्मचारियों की जिम्मेदारी होती है और विनम्रता ही एक ऐसी चीज है जिससे कंपनी और कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी अपने सीईओ के प्रति नरम रवैया रखते हैं और उसकी बातों को मानते हैं।

एक अच्छा चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर हमेशा अपनी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों और अपनी टीम को प्रोत्साहित करता रहता है और हमेशा माहौल को बढ़िया बनाए रखता है।

एक अच्छे चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर को अपनी बोलने की कला बहुत ही अच्छी रखनी चाहिए, ताकि सामने वाला उनसे इंप्रेस हो और वह आपको हमेशा याद रखे और आपकी बातों को माने।

एक अच्छा सीईओ बनने के लिए व्यक्ति को बोलने से ज्यादा सुनने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि अगर आप ज्यादा बातें ना बोल कर दूसरों की बातों पर गौर करेंगे तो आपको काफी नई बातें सीखने को मिलेंगी।

■ सीईओ का काम क्या होता है

चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर का पद बहुत ही जिम्मेदारी वाला होता है और इनका काम भी बहुत ही जिम्मेदारी वाला होता है। चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर अपनी कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के प्रति जवाबदेह होता है।

चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर का मुख्य काम होता है कि वह कंपनी को इस तरह से चलाएं कि उसकी कंपनी अधिक से अधिक मुनाफा कमाए और कम से कम घाटा हो। इसके अलावा एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यह भी निर्णय लेता है कि उसकी कंपनी को किसी अन्य कंपनी के साथ पार्टनरशिप करनी चाहिए या नहीं।

साथ ही कंपनी को अपने माल कहां बेचने हैं या फिर कंपनी को कच्चा माल कहां से खरीदना है, इसका ध्यान भी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर को ही रखना होता है।

साथ ही अगर कभी कंपनी में हड़ताल हो जाती है तो सीईओ अपनी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों से बातचीत के जरिए उस हड़ताल का कारण जानता है और उस कारण को समाधान के जरिए निपटाने का प्रयास करता है।

■ चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की सैलरी

इंटरनेट पर यह भी काफी सर्च किया जाता है कि आखिर एक सीईओ की सैलरी कितनी होती है, तो आइए इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करते हैं। चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की सैलरी, वह जिस कंपनी में काम कर रहा है, उस कंपनी के अनुसार अलग-अलग होती है।

जैसे जो बड़ी-बड़ी कंपनियां है,उनके चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की साल की सैलरी 10 करोड़ से भी अधिक है तथा जो छोटी कंपनियां है उनके चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर की महीने की सैलरी 300000 से अधिक होती है।

इसके अलावा चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफीसर को सैलरी के साथ-साथ कुछ अन्य सुविधाएं भी दी जाती है जैसे कि घर, गाड़ी, टेलीफोन, राशन खर्चा, फ्री एजुकेशन, फ्री मेडिक्लेम इत्यादि।

■ सफल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की सोच

भारतीय मूल के और गूगल कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सुंदर पिचाई का कहना है कि व्यक्ति को सफलता अपने आप नहीं मिलती है बल्कि सफलता प्राप्त करने के लिए कुछ करना पड़ता है। इसके अलावा एप्पल कंपनी के सीईओ टॉम कुक कहते हैं कि ऐसी चीज तैयार करें जिसे 100 लोग दिल से चाहें, ना की ऐसी चीज जिसे लोग देखकर आगे चले जाएँ।

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था CEO का फुल फॉर्म क्या है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको ceo के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी. यदि हां तो प्लीज पोस्ट को १ लाइक और शेयर जरुर करे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगो को ceo के फुल फॉर्म के बारे में जानकारी मिल पाए धन्येवाद दोस्तों|

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