रूठी बीवी को मनाने वाली शायरी | वाइफ को मनाने की शायरी

हेल्लो दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपके साथ पत्नी को मनाने की शायरी शेयर करने वाले है जिसको पड़कर आपकी बीवी का दिल खुश हो जायेगा. कई बार ऐसा होता है की आपकी वाइफ आपसे नाराज हो जाती है और फिर उसको मनाना थोडा मुश्किल हो जाता है.

लेकिन ये सभी शायरी इतनी अच्छी है की इसको पढ़कर आपकी रूठी हुई पत्नी मान जाएगी और आपसे पूरी तरह से खुश हो जाएगी. तो फिर चलिए दोस्तों बिना कोई टाइम बर्बाद करते हुए सीधे इस पोस्ट को स्टार्ट करते है.

रूठी बीवी को मनाने वाली शायरी

वाइफ को मनाने की शायरी

biwi ko manane ki shayari

1
हर बार तुम क्यों मुझसे इस तरह नारज हो जाया करती हो
मै तुम्हे कितना मनाने की कोशिश करता हूं
पर तुम माना ही नहीं करती हो
खता क्या हो गई बता दो हमें
सारी गलतियां भूलकर गले से लगा लो हमें

2
हर बार तो तुम्हें मैने मनाया है
हर वक्त तो मैंने तुम्हें चाहा है
फिर तुम को नाराज होती हो मुझसे
जब मैंने तुम्हें इतना प्यार किया है

3
अब मान भी जाओ गुस्सा छोड़ दो ना
जरा मेरे पास आकर जो दिल में है वह बोल देना
मैं तो कब से बैठा हूं तुम्हारे इंतजार में
तुम अपने सारे दिल के राज खोल दो ना

4
दिल तो कब से तुम्हारा ही है
हम भी अब तुम्हारे ही हैं
हम तुमसे कभी नाराज हो नहीं सकते
हमारी हर सांस अब तुम्हारी ही है
तुम भी हमसे नाराज ना रहा करो ना
हमारी हर धड़कन अब तुम्हारी ही है

5
तुमसे कितनी मोहब्बत की है मैंने
तुमको कितना चाहा है मैंने
हर वक्त तुम्हें ही सोचा है अपने ख्वाबों में
हर वक्त कि नहीं पाया है मैंने
नाराज ना रहा करो ऐसे तुम मुझसे
तुम्हें इतना सब कुछ माना है मैंने

6
मैं तुम्हारे लिए यह क्या करूं तुम ही बताओ ना
मैं तुम्हारे लिए कहां जाऊं तुम ही बताओ ना
हर बार तुम्हें मनाने की कोशिश करता हूं
इससे ज्यादा मैं क्या करूं तुम ही बताओ ना

7
मैंने तुम्हें खुद से भी ज्यादा चाहा है
मैंने तुम्हें खुद से भी ज्यादा प्यार किया है
तुमसे क्यों मुझसे नाराज होती हो
जब मैंने हर घड़ी तुम्हारा इंतजार किया है

8
तुम्हारे नाराज होने से मुझे फिर कुछ अच्छा नहीं लगता
कौन कितना भी मेरे पास रहे
फिर वह मुझे दिल से अच्छा नहीं लगता
मैं सिर्फ तुम्हारा ही होकर रहना चाहता हूं
तुम्हारे सिवा मुझे किसी और से बात करना अच्छा नहीं लगता

9
तुम्हारे हाथ का खाना मुझे कितना अच्छा लगता है
तुम जब मेरे पास होती हो तो मुझे यह जहां आप सा लगता है तुम ही मेरे दिल की वो रानी हो
जिसके पास जाने से मुझे सुकून मिलता है

10
जब से भी मुझे सुकून की तलाश हुई है
मैं तुम्हारे पास आया हूं
तुम्हें ही गले से लगाकर तुम्हें ही अपना बनाया हो
तो मुझसे नाराज ना रहा करो इस तरह
मैं तुम्हें अपना दिल से माना हूं

11
तुम ही मैंने दिल दिया है
तुम्हारे लिए ही मैंने सब कुछ किया है
तुम ही मेरी जिंदगी हो
मैंने तुम्हें ख़्वाबों में भी अपना बनाया है

12
तुम मेरी आंखों में इस कदर बस चुकी हो
और मुझसे दूर जा नहीं सकती
तुम कितनी भी कोशिश कर लो मुझ से पीछा छुड़ा नहीं सकती हम सात जन्मों के लिए एक बंधन में बंध चुके हैं
अब तुम मुझे दूर भगा नहीं सकते

13
मुझसे दूर जाना चाहती हो पर जा नहीं पाओगी
मेरी याद हर वक्त तुम्हें सताएगी
तुम वापस लौटी जाओगी
मैंने इतनी की है तुमसे मोहब्बत
तुम्हें ऐसे कैसे मुझे छोड़ कर चली जाओगी

14
मैंने तुमसे ही प्यार किया है
मैंने तुम्हारा ही इंतजार किया है
हर वक्त रहा हूं मैं तुम्हारे पास हूं
तुम्हारा ही ख्वाबों में नाम लिया है

15
तुम्हारा नाम जब भी लेता हूं
तुम्हारा चेहरा मेरे सामने आ जाता है
जब भी तुम रहती हो मेरे पास
तो फिर मुझे तुम्हारा ही ख्याल आ जाता है
तो नहीं हर वक्त रहती हो उस दिल में
और फिर तुम्हारा ही मुझे हर वक्त नाम याद आ जाता है

16
मैं तुमसे कितनी मोहब्बत की है
मैंने तुम्हें जितना चाहा है
हर वक्त तुमसे प्यार किया तो मैं अपना माना है
फिर तुम मुझसे मुझे छोड़ कर जा रही हो
जब मैंने हर वक्त में ही प्यार किया है

17
हमेशा तुमसे ही प्यार करता रहूंगा
मैं हमेशा तुमसे ही मोहब्बत करता रहूंगा
तुम ही मेरी जान हो यह मानता हूं मैं
और हर वक्त मैं सिर्फ तुम्हें अपनी जान मानता रहूंगा

18
रानी मैंने तुम्हारा इंतजार किया
मैंने सिर्फ और सिर्फ तुमसे ही प्यार किया है
तुम्हारे अलावा किसी और का सोचा तक नहीं है
मैंने मैंने सिर्फ तुम्हारे ख्वाबों में इंतजार किया है

19
तुम्हारी मोहब्बत को मैं दिल से लगा लूंगा
तुम्हें अपना बना कर मैं सीने से लगा लूंगा
तुम मेरे दिल में रहती हो
मैं तुम्हें हर वक्त अपने पास बुला लूंगा

20
वैसे तुम से ही मोहब्बत करता हूं
मैं सिर्फ तुमसे ही चाहत रखता हूं
तुम्हें हमेशा बस्ती हो मेरे दिल में
मैं सिर्फ तुमसे बात करता हूं

21
तुम्हारे अलावा मैंने कभी किसी को सोचा नहीं है
तुम्हारे नमन कभी किसी को चाह नहीं है
इस दिल मै सिर्फ तुम ही बसती हो
तुम्हारे अलावा कोई इस दिल को भाया नहीं है

22
मैंने हर वक्त तुम्हें प्यार से मनाया है
मैंने हर वक्त अपने सीने से लगाया है
मुझसे आज इस तरह नाराज बैठी हो
जब मैंने तुम्हें इतना प्यार से मनाया है

23
आखिर तुम नाराज क्यों बैठी हो
आगे तुम्हारे नाराज होने की वजह क्या है
मैं तुमसे मोहब्बत करता हूं यही मेरी कमी है
या फिर तुम्हें कुछ और ही चाहिए जिसका मुझे इल्म नहीं है

24
मैंने सिर्फ तुमसे मोहब्बत करने में सिर्फ तुम्हें ही चाहा
मैंने हर वक्त तुम्हें अपना माना
तू ही मुझसे दूर जा रही हो
तुम मेरे पास क्यों नहीं आ रही हो

25
जरा मेरे पास तो आओ ना
जरा मुझे अपने पास तो बुलाओ ना
मैं तुमसे कितनी मोहब्बत किया
तुम मुझे अपनी मोहब्बत दिखाओ ना

26
इस तरह मुझसे नाराज ना रहा करो
कभी-कभी तो तुम मेरा ख्याल किया करो ना
मैं तुमसे कितना प्यार करता हूं
हर बात तुम्हें बताता हूं
तुम भी तो अभी मुझे यह सब बताया करो ना

27
तुम मुझे मोहब्बत दिखाया करो ना
मुझसे प्यार प्यार करूंगा मैं तुम्हारा हर वक्त इंतजार करुंगा
ऐसे ही तुम भी मेरा इंतजार करना
मै सिर्फ तुम्हें प्यार करूंगा।।

28
तुम्हारी मोहब्बत के सिवा मुझे कुछ नहीं आता
तुम्हारे अलावा फिर मुझे कुछ नहीं आता
मैं हर वक्त सिर्फ तुम्हारे इंतजार में रहता हूं
तुम्हारे इंतजार करने के सिवा मुझे और कुछ नहीं आता

29
मैंने सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा ही इंतजार किया हूं
मैंने हर वक्त ख्वाबों में सिर्फ तुम्हारा ही नाम लिया है
इस दिल में तुम्हारे सिवा कोई भी नहीं है
मैंने तुमसे कुछ कभी कुछ नहीं छुपाया
हर वक्त मैंने तुम्हें सब कुछ बताया है

30
इस बात के लिए तो मुझसे नाराज होती हो
जिस बात के लिए तो मुझसे दूर करती हो
मैंने तो कभी इस बात को तुम से छुपाया ही नहीं है
हर बात बताई है मैंने तुम्हें हर बार
अपने दिल में कोई बात रखी है नहीं

31
अच्छा अब तुम ही बता दो
मैं तुम्हें मनाने के लिए क्या करूं
तुम्हें अपना प्यार दिखाने के लिए क्या करूं
क्योंकि दिल में तुम्हें अपना हम दिखा नहीं सकता
बहुत मोहब्बत कर ली है मैंने तुमसे
हर बार मै इसे जाता नहीं सकता

32
यह जो मोहब्बत तुमसे है
वह तुम सही रहेंगे
जो इश्क की इबादत है और तुमसे ही रहेगी
तुम चाहे जितनी भी रुठ जाओ मुझसे मैं तुम्हें मना लूंगा शिकायत भी तुमसे ही रहेगी यह चाहत भी तुमसे ही रहेगी

33
तुम मुझसे कितनी शिकायतें करती हो
तुम्हारे बात मुझसे दूर जाने की कोशिश करती हो
सिर्फ बहाना चाहिए तुम्हें लड़ने की लिए
और तुम्हें बेवजह का नाटक किया करती हो

34
मैंने तुम्हें इतनी प्यार से मनाया है
तुमने उसकी इज्जत तक नहीं की
तुम मुझे छोड़ कर चली गई
तुमने मेरी जरूरत महसूस तक नहीं की
मैंने कितनी कोशिश की तुम्हें मनाने की
तुम वापस नहीं आई
तुमने मेरे प्यार की इज्जत भी नहीं की

35
तुम्हें मनाने के लिए मैं और क्या कर जाऊंगा
तुम्हारी खूबसूरती की तारीफ कर जाऊंगा
तुम रहती हो हमेशा मेरे दिल में
यह तो हर वक्त मैं तुम्हें बताता ही हूं
पर इस बार में तुम्हारे लिए तोहफा भी ले आऊंगा

36
मैंने जबसे तुम्हें पहली बार देखा था
मैं तुम्हारी आंखों में खो सा गया था
तुमसे इतनी मोहब्बत में तुम्हारा हो गया था
मैंने सिर्फ तुम्हें ही चाहता हर वक्त पर
मैं तुम्हारा ही बन जाता तुम ही रहती थी इस दिल मै
और मैंने तुमसे ही प्यार कर लिया था

37
तुम्हारे सिवा मेरी जिंदगी में मेरा कोई नहीं है
तुम्हारे सिवा मेरा कोई अपना नहीं है
मैं सिर्फ तुम्हें ही चाहता हूं पूरे दिल से
तुम्हारे सिवा मुझे कोई अच्छा नहीं लगता
तुम्हारे सिवा मेरा कोई नहीं है

38
एक तुम ही तो मैं अपनी मोहब्बत मानता हूं
और तुम्हें ही तुम्हें अपनी जान मानता हूं
अगर तुम्हें मुझसे रूठ जाओगी तो फिर कौन रहेगा मेरा
इस दुनिया में तुम्हें ही तुम्हें अपना सब कुछ मानता

39
मैंने तुम्हें ही तो अपना सब कुछ माना है
मैंने तुम्हें ही तो अपना दिल दिया है
तुम ही तो रहती हूं मेरे पास
मैंने हमेशा हमें तुम्हारा नाम लिया है

40
हर वक्त मुझे तुमसे चाहत रहती है
और तुम मुझे तुमसे वादा करती है
इस दिल को सिर्फ तेरी ही कमी महसूस होती है
वरना मेरे पास बात करने के लिए और भी बहुत होती है

41
तुम जब-जब नाराज होती हो
तुम बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती
तुम्हारे चेहरे पर यह उदासी बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती तुम्हारी खूबसूरती को खत्म कर देती है यह नाराजगी
तुम्हारे चेहरे पर भी नाराजगी अच्छी नहीं लगती

42
तुम्हारी खूबसूरती की तारीफ में क्या करोगी
खुदा ने बड़ी फुर्सत से बनाया है
मैं बड़ा खुशनसीब हूं जो तुम्हें मेरे पास भेजा है
मेरी जिंदगी में लाया है

43
देखो तुम अब इस तरह से मुझे सताओ ना
मुझसे यू दूर दूर रहकर मुझे रुलाओ ना
मैं अपनी गलती की माफी मांगता हूं तुमसे
तुम एक बार फिर से मेरे पास आ जाओ

44
तो फिर से मुझे गले से लगा लो ना
फिर से थोड़ी सी मोहब्बत दिखा दूंगा
मानता हूं मैं मेरी ही गलती है
पर एक बार उस दिन मुझे माफ कर दो ना

45
जो गलती मैंने आज की है
वह गलती में कभी दोबारा नहीं करूंगा
तुमसे ही करता हूं मोहब्बत और तुमसे ही करूंगा
इस तरह मेरे से नाराज मत रहा करो मेरी जान
मैं सिर्फ तुमसे प्यार करता हूं और तुमसे ही करूंगा

46
हर तरफ देखो तुम्हारा ही साया छाया है
मुझे तुम्हारे अलावा कोई नहीं पाया
इसलिए तुम ही रहती हो हमेशा मेरे दिल और दिमाग में
तुम्हारे अलावा मैं किसी से प्यार नहीं जताया है

47
मैं तुम्हारे प्यार की कसम खाकर कहता हूं
मैं तुम्हें आज के बाद कभी दुःखी नहीं करूंगा
तुम बस एक बार मान जाओ ना
मैं तुम्हें खुद से कभी दूर नहीं करूंगा
तुम तो जानती हो मैं तुम्हें कितना प्यार करता हूं
मैं तुम्हें कभी भी गुस्सा नहीं करूंगा

48
मैं कभी तुम पर गुस्सा कर ही नहीं सकता
मैं कभी तुमसे दूर जा ही नहीं सकता
तुम मेरी जिंदगी का खुशनुमा एहसास हो
जिसे मैं कभी भुला नहीं सकता

49
मैं तुम्हें कभी भूलना नहीं चाहता
मैं तुम्हें कभी खोना नहीं चाहता
तुम रूठ जाती हो मना लेता हूं मैं
क्योंकि मैं तुमसे कभी दूर जाना नहीं चाहता

50
तुम क्या सोचती हो तुम रूठ जाओगी
तो मैं तुम्हें मना नहीं पाऊंगा
अरे नहीं सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा हूं
मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर जाऊंगा
हर वक्त तुम ही रहती हो मेरे दिल में
अगर तुम नहीं रहे तो फिर मैं मर जाऊंगा

51
तुम मेरे दिल में रहती हो
तुम ही मुझसे मोहब्बत करती हो
मैं भी तुमसे चाहत रहता हूं
तुम मुझसे इश्क इबादत करती हो
मैंने तुम्हें हर वक्त चाहा है और तुम ही मेरे दिल में रहती हो

52
तुम मेरे दिल में ही रहा करूंगा
तुम मुझसे कभी दूर ना जाया करो ना
यह मोहब्बत जो तुम्हे मुझसे से है
सिर्फ तुम मुझे ही दिखाया करो ना
नाराजगी बहुत होती है अगर तुम्हें मुझसे
तो फिर तुम मुझसे रूठ जाया करो ना

53
अब मै तुम्हें और कितना मनाऊंगा
मैं तुम्हें और अपना कितना प्यार दिखाऊंगा
मैंने हर कोशिश कर ली है तुम्हें मानने की
अब मै तुम्हे कैसे मना पाऊंगा
तुम ही रहना हमेशा मेरे दिल में
मैं तुम्हें क्या मोहब्बत दिखाउंगा

54
तुमसे है मैंने प्यार किया है
तुम्हारा ही है हर घड़ी मैंने इंतजार किया है
तुमसे ही मैंने चाहत की है
तुम्हें मैंने अपना बनाया है

55
ए चाहत मोहब्बत तुम्हारे अलावा कभी किसी और से नहीं होगी मैं वादा करता हूं कभी मुझसे दोबारा ऐसी गलती नहीं होगी
जो मैंने आज छोड़ दिया वह मैं कभी नहीं करूंगा
तुम्हें मुझसे कभी कोई शिकायत नहीं होगी

56
तुम्हारी सारी शिकायतों को मैं दूर कर दूंगा
तुम्हारे अलावा मैं कभी किसी और से प्यार नहीं करूंगा
तुम्हें अपनी जान मानता हूं मैं
सिर्फ तुम्हें अपनी जिंदगी के रानी समझता हूं मैं

57
राजा के बिना रानी बिल्कुल अधूरी होती है
उसके बिना कोई कहानी पूरी नहीं होती है
तुम ही मेरे दिल की रानी हो
जिसके बिना मुझे कुछ अच्छा नहीं लगता
मेरी कहानी अधूरी ही रहती है हमेशा
जब मैं तुम्हारे पास नहीं रहता

58
तुम्हारे बिना मुझे कभी कुछ अच्छा नहीं लगता
तुम ही मेरे इस दिल में रहती हो
फिर तुम्हारे सिवा मुझे कोई अच्छा नहीं लगता
तुम मुझसे इस तरह रूठना जाया करो
फिर मुझे खुद भी कुछ समझ नहीं आता

59
तुम्हारा रूठ जाना भी कितना खूबसूरत होता है
तुम बहुत प्यारी लगती हो
जब तुम्हारा गुस्सा बहुत ज्यादा होता है
मैं तुम्हें हर वक्त मनाने की कोशिश करता हूं प्यार से
और गले लगा लेता हूं जब तुम्हारा गुस्सा बहुत ज्यादा होता है

60
तुम्हें मैं और कितना मना लूंगा
तुम्हें मैं हूं कितना प्यार जताऊंगा
तुम ही रही हो मेरे दिल में हमेशा
और क्या फिर मैं तुम्हारे बिना मर जाऊंगा

61
एक बार मान जाओ ना
एक बार तो वापस मुझे दिल से लगा लूंगा
जो गलती की है मैंने दोबारा होकर भी नहीं करूंगा
तुम सब कुछ भुला कर मुझे अपना बना लो

62
तुम्हें अपना बनाने के लिए मैंने क्या नहीं किया
तुमसे मोहब्बत करने के लिए मैंने क्या नहीं किया
हमेशा तुम्हारा इंतजार किया है मैंने
क्या मैंने कभी तुमसे प्यार नहीं किया

63
हमेशा ही मैं तुमसे प्यार करता हूं
हमेशा ही मैं तुमसे मोहब्बत करता हूं
तुम रहती हो मैंने तुम्हें मैं तुमसे इश्क इबादत करता हूं
मैंने हमेशा चाहा है तुम्हें मैं सिर्फ तुमसे ही प्यार करता हूं

64
तुम्हारे प्यार को मैं कभी भुला नहीं सकता
तुम्हारी जान मेरे दिल में है
वो किसी और को दिखा नहीं सकता
तुम्हें ही रहती हो मेरे दिल में हमेशा
मैं तुम्हें कभी किसी और का होते हुए देख नहीं सकता

65
मैं तुम्हें अपने सीने से लगा कर रखूंगा
मैं तुम्हें अपने दिल में बसा कर रखूंगा
तुम कभी भी मुझसे दूर मत जाना
मैं तुम्हें हर वक्त अपने पास रख लूंगा

66
मैं अपनी गलती की माफी मानता हूं
मैं जो भी किया है वह मैं खुद मानता हूं
मैं नहीं हूं तुम्हारे प्यार के काबिल तो क्या हुआ
तुमसे बहुत प्यार करता हूं
और मैं सिर्फ और सिर्फ तुम्हें ही चाहता हूं

67
एक बार मान जाओ ना
एक बार तो मुझे गले से लगा लो ना
जो कि मैंने किया है वह सब तुम भुला दो ना
ऐसी गलती में कभी दुबारा नहीं करूंगा
तुम मुझे फिर से अपना बना लो ना

68
देखो आज तुम कितनी खूबसूरत लग रही हो
तुम्हारे बाल हवा में लहरा रहे हैं और मेरे चेहरे पर आ रहे हैं
तुम हमेशा ही इतनी खूबसूरत लगती हो या मुझे बता रहे हैं

69
मैंने जब जब तुम्हारा इंतजार किया है
मैंने तुमसे हर समय बहुत प्यार किया है
मैंने कभी तुम्हारे अलावा किसी को नहीं चाहा है
मैंने फागुन मै जब से तुम्हें देखा है
मेरे दिल ने फिर तुम्हारा ही नाम लिया है

80
तुम्हारे अलावा किसी और से कभी मोहब्बत नहीं कि
तुम्हारे अलावा मैंने कभी किसी और से चाहत नहीं कि
हम दोनों का रिश्ता तो बन चुका है अब सात जन्मों का
मैंने तुम्हारे अलावा कभी किसी और से इश्क इबादत नहीं की

81
इस बार अगर तुम मान जाओगी
तो तुम जो कहोगी वह मैं तुम्हें लाकर दे दूंगा
मैं सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा हो कर रह लूंगा
कि तुम हूं मेरे दिल में रहती हो सिर्फ
और सिर्फ तुमसे ही प्यार करूंगा

82
मैं सिर्फ और सिर्फ तुमसे ही मोहब्बत करता हूं
मैं सिर्फ और सिर्फ तुमसे ही प्यार करता हूं
तुम्हें इस दिल में इस कदर बस चुकी होती
मैं सिर्फ तुम्हारी ही बात करता हूं

83
मैंने तुम्हें अपना खुदा माना है
मैंने तुम्हें अपना सब कुछ माना है
इस दिल से मैंने कभी तुम्हें दूर नहीं किया
मैंने तुम्हें इस दिल की धड़कन माना है

84
अगर तुम मान जाओगी
तो फिर हम बाहर घूमने चलेंगे
तो मैं तुम्हें गले से लूंगा
और अब बहुत प्यार करेंगे
हर बात तुम्हारी मान लूंगा मैं
फिर हम तुमसे इश्क का इजहार करेंगे

85
तुम्हारी हर ख्वाहिश को मैं पूरी कर सकता हूं
तुम जो चाहोगे वह मैं तुम्हें लाकर दे सकता हूं
बस तुम इस तरह से मुझसे नाराज ना रहना और
वरना मैं फिर अंदर ही अंदर मर सकता हूं

86
तुम्हारी नाराजगी है मुझे मार देती है
इसलिए तुम्हारी ना बोलने की आदत
ही मुझे बहुत खलती है तुम्हारा गुस्सा मुझसे बर्दाश्त नहीं होता मुझे तुम्हारी चुप्पी मुझसे अब सहन नहीं होती

87
हमारी गलती की हमें इतनी बड़ी सजा मत दो
हमसे दूर रहकर हमें अकेला मत कर दो
हमने तो तुम्हारे लिए सब कुछ किया है
पर तुम इस तरह से दूर जाकर हमें अकेला मत कर दो
हम अपनी यह गलती कभी दोबारा नहीं करेंगे
तुम हमसे यू किनारा ना कर दो

88
उसने हमसे किनारा कर लिया
उसने बिना मोहब्बत से गुजारा कर लिया
वह कितनी बदनसीब थी उसने हमारे जैसे को छोड़कर
किसी और का साथ कर लिया
मैंने उसे कितना मनाया
लेकिन फिर उसने किसी और को याद कर लिया

89
मैंने तो ख्वाबों में भी तुम्हें ही सोचा है
कि मैं तो हर वक्त तुम्हें ही चाहा है
तुम्हारे प्यार के अलावा कौन है मेरा इस दुनिया में
मैंने तो नहीं अपना सब कुछ माना है

90
मैं तुम्हें और कितना मनाऊ
इस दिल में तुम्हें अपनी जरूरत कैसे दिखाओ
तुम्हारी चाहत के सिवा क्या है मेरे पास
क्या मैं अब उसे भी भूल जाऊं

91
तुम्हारी नाराजगी को मैं सहन कर सकता हूं
तुम जितना चाहो मैं तुम्हें उतना मना सकता हूं
पर मेरी जब कोई गलती ही नहीं है
तो फिर मैं कैसे तुम्हें अपना प्यार दिखा सकता हूं

92
तुम मेरी नाराजगी सहन कर नहीं पाओगे
फिर तुम मुझसे दूर जा नहीं पाऊंगी
मैं तुम्हें मना लूंगा नहीं तुमसे तुम मेरे पास आ नहीं पाऊंगी
मैं अगर नाराज हो गया तुमसे तो फिर
तुम मुझे कभी अपना बना नहीं पाओगे

93
तुम्हें हर वक्त मैंने प्यार से चाहा है
तुम्हें हर वक्त मैंने प्यार से मनाया है
मैंने तुम्हारी हर इच्छा को पूरी किया है
वह हर बार तुम्हें दिल से लगाया है
बताओ तुम्हें क्या चाहिए
मैं तुम्हारे हर सपनों को पूरा किया है

94
तुम्हारी खूबसूरती के चर्चे हजार है
हम जैसे आशिक तुम्हें दिल देने को तैयार है
तुम्हारे चेहरे पर यह उदासी अच्छी नहीं लगती
हम तुम्हें अपना दिल देने को तैयार है

95
इस दिल में कभी तुम्हारे सिवा कोई आया नहीं
इन आंखों में तुम्हारे अलावा चेहरा किसी और का आया नहीं
मैं तुम्हें कभी भूल नहीं सकता तुम मुझे याद हो गई हो
तुम्हारे अलावा किसी और का ख्याल मुझे आया नहीं

96
अगर बात खूबसूरती की करते हो
तुम सब ने हसीन लगती हो
मुझे जान से भी ज्यादा प्यारी लगती हो
हर वक्त रहती हो तुम मेरे पास
और तुम फिर मुझे बहुत अच्छी लगती हो

97
मैं तुम्हें कभी उदास देख नहीं सकता
मैं तुमसे कभी दूर जाना नहीं सकता
मेरे दिल की है धडकन हो जिसे मैं भुला नहीं सकता
तुम्हें ना देखूं तो मेरा दिल नहीं लगता
और तुम अगर दूर चली जाओगी मुझसे
तो फिर मैं जिंदा नहीं रह सकता

98
तुम्हारे अलावा इस दुनिया में कौन है मेरा
इसे मैंने दिल से चाहा है
एक तुम ही तो हो मेरी जिसे मैंने अपना माना है
तुम्हारी नाराजगी को सहन कर सकता हूं मैं
और तुम मुझसे दूर मत जाना
और मैं तुम्हारे बिना मर सकता हूं मैं

99
चाहा तुमसे ही है मुझे यह इश्क इबादत तुमसे ही है मुझे
तुम ही रहती हो हमेशा मेरे दिल में
और यह मोहब्बत भी तुमसे है मुझे

100
चलो आज हम फिर से इश्क का इजहार करते हैं
हम सिर्फ तुमसे और तुमसे ही प्यार करते हैं
तुम इतनी हसीन और खूबसूरत हो कि
हम तुम ही अपनी जान मानते हैं
बस तुमसे ही मोहब्बत करते हैं

Final Words:

तो दोस्तों ये था पत्नी को मनाने की शायरी, हम उम्मीद करते है की आपको ये सभी शायरी बहुत अच्छी लगी होगी. आप इन सभी शायरी को अपनी बीवी के साथ जरुर शेयर करे और फिर देखने उसको गुस्सा दूर हो जायेगा.

अगर आपके पास और कोई शायरी है तो उसको हमारे साथ कमेंट में जरुर शेयर करे और हम आपकी शायरी को इस पोस्ट में जरुर शामिल करेंगे धन्येवाद.

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