बच्चे की मालिश कैसे करें

बच्चे के सही विकास और बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत ध्यान रखना पड़ता है और बहुत कुछ करना पड़ता है। अगर बच्चे का जन्म से ही ख्याल ना रखा जाए तो उसको आगे चलकर परेशानी होती है।

इसीलिए नवजात शिशु का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। नवजात शिशु के पालन पोषण में बहुत सी चीजें शामिल होती है। उसी में से एक है बच्चे की मालिश। जब एक बच्चा पैदा होता है तो उसका बेहतर ख्याल रखने की जरूरत पड़ती है।

उसको हर तरह से कंफर्टेबल रखना जरूरी होता है। पोषण का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। ठीक उसी तरह उसके शारीरिक विकास के लिए मालिश करना भी जरूरी होती है।

हालांकि कुछ बच्चों की शारीरिक अवस्था थोड़ी सेंसिटिव होती है और डॉक्टर उन बच्चों की मालिश ना करने की सलाह देते हैं। लेकिन बाकी बच्चो के लिए मालिश बहुत जरूरी होता है।

पहले के जमाने में दादी नानी बच्चे की जमकर मालिश किया करते थे और बच्चे एकदम के चुस्त और तंदुरुस्त रहते थे। जमाना भले ही बदल गया हो लेकिन कुछ चीज है जो बदली नहीं है और ना ही कभी बदलेगी।

कुछ ऐसे मेथड जो पुराने जमाने से ही चलते आ रहे हैं, हमारे शरीर के लिए हमेशा ही उपयोगी रहे हैं और आगे भी रहेंगे। आज की पोस्ट में हम इसी विषय पर चर्चा करने वाले हैं।

इस पोस्ट में हम बच्चे की मालिश करने का सही तरीका बताएंगे और साथ ही बच्चे की मालिश के फायदे के बारे में भी थोड़ी बात करेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं और सबसे पहले जानते हैं, मालिश के फायदे क्या है।

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मालिश करने के फायदे:

bache ki malish kaise kare

● शारीरिक विकास तेजी से होता है

अगर रोजाना नियमित रूप से नवजात शिशु की मालिश की जाए तो बच्चे का शारीरिक विकास एकदम तेजी से होता है। जिन बच्चों के बचपन में जबरदस्त मालिश हुई होती है उनका रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी दुरुस्त होता है और उनको बीमारी जल्दी नहीं होती।

● कब्ज, एसिडिटी से छुटकारा

रोजाना मालिश करने से बच्चों को कब्ज, एसिडिटी वगैरह नहीं होता। जिससे बच्चों को भरपूर भूख लगती है पेट भर कर दूध पीते हैं।

● बीमारी जल्दी नहीं लगती है

मालिश करने से बच्चों को गर्मी मिलती है और उन्हें छोटी मोटी बीमारी जल्दी नहीं लगती। खासकर ठंड के मौसम में अगर बच्चे की मालिश की जाए तो बच्चे को सर्दी जुखाम जल्दी नहीं होता।

● शरीर एक्टिव हो जाता है

मालिश करने से बच्चे का शरीर एकदम एक्टिव हो जाता है, जिस वजह से बच्चे ज्यादा खिलखिलाते हैं और ज्यादा खुश रहते हैं। इस तरह बच्चे की रोने धोना कम हो जाता है और बच्चे के साथ घर वाले भी थोड़ी चैन से रह पाते हैं।

● मजबूत हड्डियां

मालिश करने से बच्चे की हड्डियां मजबूत होती है और बच्चे जल्दी से चलने लगते हैं। अगर बचपन में ही किसी बच्चे की मालिश हुई हो तो बड़े होने के बाद भी उनकी हड्डियां काफी मजबूत बनी रहती है। मालिश करने से बच्चे के रक्त संचार प्रक्रिया अच्छी होती है जिससे बच्चे बीमार मुक्त रहते हैं।

इनके अलावा भी बहुत सारे फायदे हैं जो एक बच्चे को सिर्फ मालिश करने से मिल सकती है। लेकिन मालिश करना ही सिर्फ जरूरी नहीं होता, सही तरीके से करना पड़ता है तभी बच्चे को फायदा मिल सकता है। जिन लोगों को मालिश करना आता है, उन्हें ही एक बच्चे की मालिश करनी चाहिए नहीं तो लेने के देने पड़ सकते हैं। आइए जानते हैं, बच्चे की मालिश सही तरीके से कैसे की जाती है।

बच्चे की मालिश कैसे करें:

● धूप में बैठकर

ठंड के मौसम में धूप में बच्चे की मालिश करें। अगर मौसम ठंडी का है तो कोशिश करें कि किसी ऐसी जगह बच्चे की मालिश हो जहां धूप बराबर आती हो। आप आंगन में या छत पर बच्चे की मालिश कर सकते हैं। धूप में बच्चे की मालिश करने से मालिश का दुगना फायदा बच्चे को मिलेगा।

● प्यार से माालिश करेें

कुछ बच्चे मालिश करते समय बहुत रोते हैं। ऐसे में प्यार से और धीरे-धीरे उनकी मालिश करनी चाहिए। कुछ दिनों के बाद बच्चे को खुद ही आदत पड़ जाती है। बच्चे को नरम हाथों से पूरे बदन की मसाज करें ताकि बच्चे को कष्ट न हो और आराम मिले।

● हाथ और पैरों के तलवों की मसाज जरूर करें

कुछ लोग सिर्फ शरीर का मसाज करके छोड़ देते हैं। लेकिन मालिश करते समय हाथ और पैर के तलवों को अच्छी तरह से मालिश देना जरूरी है। इससे रक्त संचार प्रक्रिया में सुधार होता है। साथ ही बच्चे को गर्मी भी मिलती है।

● कान में रोजाना तेल डाले

मालिश करने के अंत में बच्चे के कान में एक एक बूंद तेल जरूर डालें। उसीके साथ कान के चारों ओर भी उंगलियों से अच्छी तरह से मालिश कर दे। हो सके तो नाक में भी थोड़ा तेल डाल सकते हैं। लेकिन कुछ बच्चे नाक में तेल डालने से रोने लगते हैं क्योंकि नाक में तेल डालने से थोड़ी जलन होती है। लेकिन सर्दी जुखाम से राहत के लिए बच्चे के नाक में तेल डालना बहुत कारगर है।

● हड्डियों के अच्छे से मसाज करें

हाथ और पैर के हड्डियों की अच्छी तरह से मसाज करना न भूले। बच्चे को पेट के बल लिटा कर एड़ी से लेकर कमर तक अच्छी तरह से मालिश कर दे। इससे पैरों की हड्डियां मजबूत होगी। ठीक उसी तरह हथेलियों से लेकर कंधों तक अच्छी तरह से मसाज करें। एक हाथ से बच्चे की हथेली को पकड़ कर दूसरे हाथ से हथेली से लेकर कंधों तक मालिश करे।

● छाती की मालिश धीरे धीरे करें

छाती का एरिया बहुत नाजुक होता है। लेकिन वहां भी मालिश जरूरी है। अपने दोनों हाथों में तेल लेकर बच्चे को पीठ के बल लेटा कर छाती और पेट की गोल गोल मसाज करें। छाती और पेट पर ज्यादा दबाव ना डालें।

● आंख नाक और पूरे चेहरे की मसाज करें

हाथ और पैर की मालिश कर लेने के बाद चेहरे पर भी थोड़ा सा तेल लगाकर हल्के हाथों से आंखों के चारों और मालिश करें। फिर उसके गाल और दाढ़ी पर अच्छे से मसाज कर दे। कुछ बच्चे चेहरे पर मसाज करने से थोड़ी इर्रिटेट होते हैं। लेकिन चेहरे की मसाज भी बहुत जरूरी है।

● सिर की मसाज

शरीर के साथ माथे का मसाज भी जरूरी है। थोड़ा सा तेल ले और बच्चे के सिर से गर्दन तक अच्छे से मसाज करें और मसाज करने के बाद थोड़ा सा तेल बच्चे के सिर में थोप दे।

● हड्डियों को खींचे

मसाज करने के बाद हड्डियों को अच्छी तरह से खींच दे। इससे हड्डियां मजबूत होती है। कोहनी और पैर के जोड़ों को अच्छी तरह से खींचे। हाथ और पैर के जोड़ो को चटकाने का प्रयास करें। ऐसा करने से बच्चों को काफी आराम मिलता है।

● उंगलियों को चटकाना भूले नहीं

मसाज करने के बाद हाथ और पैर की उंगलियों को चटकाना कभी ना भूले। पहले पहले बच्चे को दर्द होता है लेकिन बाद में आराम मिलता है। हालांकि ज्यादा जोर से बच्चे की उंगलियों को ना खींच। क्योंकि बच्चे का शरीर बहुत ही नाजुक होता है। ज्यादा जोर से खींचने से खतरा हो सकता है। इसीलिए प्यार से और धीरे धीरे खींचे।

तो दोस्तों यह तो हो गए मालिश करने के तरीके। लेकिन मालिश करने से पहले मालिश के दौरान बरतने लायक कुछ सावधानियों के बारे में जान लेना जरूरी है। नहीं तो बाद में पछताना पड़ सकता है। तो चलिए जानते हैं बच्चे की मालिश करते वक्त कौन कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए।

बच्चे की मालिश करते समय कुछ सावधानियां:

● अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें

मालिश करने से पहले अपने दोनों हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धो ले। हाथों को धोने के बाद ही बच्चे की मालिश करें। गंदे हाथों से कभी भी मालिश ना करें।

● ज्वेलरी उतार दे

मालिश करने से पहले अपने हाथों की ज्वेलरीस को उतार दे। अगर आपने कोई अंगूठी या नुखीली चूड़ी या कंगन पहनी है तो उसे उतार दे। वरना बच्चे को लग सकती है।

● नाखून को छोटे रखें

मालिश करने के पहले अपने नाखूनों को काट ले वरना बच्चे को खतरा हो सकता है। अगर आप रोजाना बच्चे की मालिश करती है तो अपने नाखूनों को रोजाना या 2 या 3 दिन पर छोटे करते रहे।

● बच्चे की आंख में कुछ ना जाने दे

मालिश करते वक्त बहुत ज्यादा ध्यान रखें ताकि बच्चे की आंख में कुछ ना जाए। अगर आप आंखों के चारों तरफ मालिश कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि तेल बच्चे की आंखों में ना जाए। आपकी उंगली भी बच्चे के आंखों के अंदर नहीं छूनी चाहिए।

● साफ कपड़े का इस्तेमाल करें

बच्चे की मालिश करने के लिए आप जिस कपड़े का इस्तेमाल कर रही हैं, जिस कपड़े पर बच्चे को सुला रही है वह साफ होना चाहिए। आप रोजाना उस कपड़े को धो दें। और एक छोटा सा तकिया भी रखे। उस तकिए के कवर को भी दो-तीन दिन बाद बाद धोते रहे।

● दबाव न डाले

मालिश करते वक्त बच्चा बहुत जोर जोर से रो रहा है तो ज्यादा दबाव ना डालें और मालिश करना छोड़ दें। फिर दूसरे दिन प्रयास करें। कुछ दिनों में बच्चे को आदत पड़ जाएगी।

● दूध पीने के कम से कम 1 घंटे बाद बच्चे की मालिश करें

दूध पीते ही अगर आप बच्चे की मालिश शुरु कर देती है तो बच्चा उल्टी कर देगा। इसीलिए दूध पीने के कम से कम 1 घंटे के बाद ही बच्चे की मालिश करें। हालांकि हर बच्चा अलग होता है लेकिन फिरभी कम से कम आधे घंटे का फासला तो रखना ही चाहिए।

● बच्चे को नहलाना भी जरूरी है

अगर आप बच्चे की रोजाना मालिश कर रहे है तो रोजाना बच्चे को नहलाना भी जरूरी है। सर्दी के मौसम में मालिश करने के बाद बच्चे को नहला दे और शाम को फिर से मालिश कर दे। अगर आप बिना नहलाए बच्चे की रोजाना मालिश करती है तो इससे इंफेक्शन का चांस बढ़ सकता है।

● मालिश के लिए तेल और बर्तन साफ होना चाहिए

मालिश के लिए सरसों का Pure Oil सबसे बेस्ट होता है या फिर किसी और तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन वह तेल साफ और स्वच्छ होना चाहिए। उसी तरह तेल रखने वाला बर्तन भी साफ होना चाहिए और उसको किसी ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां धूल मिट्टी या बाकी कोई गंदी चीज ना गिरे।

● कोई भी स्किन प्रॉब्लम हो तो मालिश ना करें

अगर बच्चे को मालिश करने के वजह से उसके त्वचा में फुंसी, खुजली या जलन जैसी कोई समस्या हो रही है या इसके अलावा भी कोई और परेशानी हो रही है तो तुरंत मालिश करना बंद कर दे। एक बार डॉक्टर से मिलकर सलाह ले लें। हो सकता है कि डॉक्टर कोई और तेल से मालिश करने की सलाह दे या फिर मालिश बंद कर देने को कहें। लेकिन आप यह सोचकर मालिश कंटिन्यू ना रखें कि कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाएगा। बच्चे की त्वचा बहुत नाजुक होती है उसके साथ किसी तरह की लापरवाही बरतना उचित नहीं है।

● बातचीत करते रहें

मालिश के दौरान बच्चे के साथ बातचीत करते रहने से बच्चा परेशान नहीं होगा बल्कि मालिश को एन्जॉय करेगा। किसी न किसी बात से बच्चे ध्यान बटाते रहें ताकि बच्चा भी जवाब में हूँ, हाँ करता रहे और उसकी मालिश अच्छे से हो सके। बच्चे को कोई खिलौना भी पकड़ा सकते हैं ताकि बच्चा उसी खिलौने के साथ उलझा रहें।

निष्कर्ष:

इसी तरह की कुछ सावधानियों का पालन करें और बच्चे की अच्छी तरह से मालिश करके बच्चे की शारीरिक विकास सुनिश्चित करें आशा है आपको यह जानकारी अच्छी लगी।

हमने पूरे रिसर्च के बाद इस पोस्ट को इस तरह से तैयार किया है ताकि आप सभी को समझने में आसानी हो और आप लोग बहुत आसानी से बच्चे की मालिश कर सकें।

अगर आप इस मैदान में नए हैं और आपको एकदम नहीं पता कि बच्चे की मालिश कैसे करनी है, फिर भी इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप आसानी से बच्चे की मालिश कर सकते हैं। इस पोस्ट में हमने मालिश के दौरान बरतने लायक कुछ सावधानियां भी बताई है।

आप इन बातों को अवश्य ध्यान में रखें और बच्चे की परफेक्ट रुप से मालिश करें।आपको यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके अवश्य बताएं और इस पोस्ट को अधिक से अधिक अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ शेयर करें।

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