ATM Full Form in Hindi | ATM का फुल फॉर्म क्या है

ATM Full Form in Hindi: दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल में हम आपको ” एटीएम के फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, एटीएम का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर एटीएम का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको एटीएम से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त होगी।

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि एटीएम क्या होता है और एटीएम काम कैसे करता है। कुछ सालों पहले हमें पैसों के लेनदेन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था क्योंकि तब बैंकिंग सिस्टम इतना एडवांस नहीं था, जितना कि आज हो गया है।

परंतु साल 2014 में जब हमारे भारत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बने, तब उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कडक कदम उठाते हुए 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए,जिसे नोटबंदी का नाम दिया गया था। इसके पीछे यह उद्देश्य था कि जिन लोगों ने अवैध रूप से काला धन इकट्ठा किया है, उनके सभी काले धन बर्बाद हो जाएंगे।

क्योंकि उस समय हमारे देश में 500 और 1000 की नोट ही सबसे बड़ी नोट होती थी और इसीलिए जिन लोगों ने अवैध रूप से काला धन इकट्ठा किया था, उनमें से काफी लोगों को काफी भारी नुकसान हुआ था

परंतु जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने नोट बंदी का कानून लाया था, उसके बाद काले धन वाले तो परेशान हो गए, उसके साथ ही हमारे भारत देश की सामान्य जनता भी काफी परेशान हुई थी जिसके बाद मोदी जी ने हमारे भारत देश की जनता को कैशलेस लेनदेन का सुझाव दिया था।

कैशलेस लेनदेन का मतलब होता है कि अब हमें अपने हाथों से किसी को भी पैसे नहीं देने हैं, बल्कि हमें उन्हें ऑनलाइन पेमेंट करनी है।

हालाकी कैशलैस इकोनामी की तरफ बढ़ना इतना आसान नहीं है, परंतु हम कोशिश तो कर ही सकते हैं। आज के समय में इंटरनेट का कितना महत्व है, इस बात से हम सभी भलीभांति परिचित हैं।

परंतु फिर भी हमारे भारत देश में ऐसी कई जगह अभी भी है, जहां पर इंटरनेट की स्पीड बहुत ही कम है और कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें इंटरनेट के बारे में पता तो है, परंतु उसका इस्तेमाल कैसे करना है उसके बारे में नहीं जानते हैं।

हालांकि यूपीआई के अलावा आज भी हमारे देश में अधिकतर लोग कैश में पैसे का लेन देन करने के लिए एटीएम का इस्तेमाल करते हैं। हमारे भारत देश में लगभग सभी बैंकों के लाखों एटीएम पूरे देश में लगे हुए हैं,जहां से हर रोज करोड़ों के ट्रांजैक्शन होते हैं।एटीएम से पैसे निकालने के लिए हमें एक डेबिट कार्ड की आवश्यकता होती है,जो हमें उस बैंक के द्वारा दिया जाता है, जिस बैंक में हमारा खाता होता है।

एटीएम को दुनिया के अलग-अलग देशों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। जैसे कनाडा में एटीएम को ऑटोमेटिक बैंकिंग मशीन कहा जाता है और अन्य देशों में इसे कैसपाइंट, कैश मशीन, मिनी बैंक और होल इन द वॉल भी कहा जाता है।

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ATM Full Form in Hindi

ATM का फुल फॉर्म क्या है

ATM Full Form In Hindi

■ एटीएम का फुल फॉर्म क्या होता है

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि एटीएम का फुल फॉर्म क्या होता है। एटीएम का फुल फॉर्म होता है “ऑटोमेटेड टेलर मशीन” एटीएम का इस्तेमाल हम पैसे निकालने के लिए करते हैं।

  • A – Automated
  • T – Teller
  • M – Machine

■ एटीएम के अन्य फुल फॉर्म

  • Air traffic Management
  • Asynchronous Transfer Mode
  • Association of Teachers of Mathematics
  • Angkatan Tentera Malaysia

■ एटीएम क्या है

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऑटोमेटेड टेलर मशीन एक इलेक्ट्रॉनिक टेलीकम्युनिकेशन डिवाइस होता है। इसका इस्तेमाल करके हम पैसे को निकाल सकते हैं, पैसे को जमा सकते हैं और फंड ट्रांसफर कर सकते हैं।

इसके अलावा हम बैंक से संबंधित अन्य कोई काम कर सकते हैं। हमारे भारत देश में जितने भी बैंक हैं, उन सभी के अपने अपने एटीएम है। हमारे भारत देश में हर बैंक के एटीएम हर राज्य में उपस्थित है, क्योंकि बैंक अपनी ब्रांच पूरे भारत में खोलती है और ऐसे में उस ब्रांच में जो भी व्यक्ति अपना खाता खुलवाता है उसे एटीएम कार्ड दिया जाता है।

जिसका इस्तेमाल करके वह एटीएम मशीन से पैसे निकालता है, हालांकि ऐसा नहीं है कि अगर आप के पास बैंक ऑफ बड़ौदा का एटीएम कार्ड है तो आप एचडीएफसी बैंक के एटीएम से पैसे नही निकाल सकते। कोई भी व्यक्ति किसी भी बैंक के एटीएम से किसी भी अन्य बैंक के एटीएम से पैसे निकाल सकता है।

परंतु इसके लिए चार्ज लिए जाते हैं, हालांकि यह चार्ज 5 ट्रांजैक्शन के बाद लिए जाते हैं। किसी भी बैंक के एटीएम से किसी भी अन्य बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पर पहले 5 ट्रांजैक्शन बिल्कुल मुफ्त होते हैं और उसके बाद ग्राहकों से चार्ज किए जाते हैं।

हालांकि अगर आप अपने ही बैंक के एटीएम से पैसे निकालते हैं तो आप जितनी मर्जी उतनी बार पैसे निकाल सकते हैं, इसके लिए आपसे कोई भी चार्ज नहीं लिया जाएगा।

ऑटोमेटेड टेलर मशीन बैंकिंग प्रक्रिया को काफी आसान बनाता है, क्योंकि यह सभी मशीनें ऑटोमेटिक होती है और इसी के कारण हमें बैंक कर्मचारियों के साथ सीधे बातचीत करने की कोई भी जरूरत नहीं होती है।

एटीएम से पैसे निकालने के लिए यूजर को बैंक की तरफ से एक प्लास्टिक का कार्ड दिया जाता है। इसमें कार्ड के ऊपर एक मैग्नेटिक स्ट्रिप पर यूजर की जानकारी के साथ इनकोडेड होती है और उसमें एक आईडेंटिफिकेशन कोड होता है, जो बैंक के सेंट्रल कंप्यूटर पर मॉडेम के द्वारा प्रेषित होता है और जब यूजर एटीएम मशीन में अपना कार्ड डालता है तब एटीएम मशीन मैग्नेटिक स्ट्रिप को रीड करके यूजर की जानकारी को फेच करती है।

■ एटीएम को हिंदी में क्या कहते हैं

एटीएम को हिंदी में स्वचालित टेलर मशीन कहा जाता है।

■ एटीएम के पार्ट क्या है

ऑटोमेटेड टेलर मशीन में दो प्रकार के पार्ट होते हैं जो यूजर को आसानी से इसका उपयोग करने में हेल्प करते हैं।

1. इनपुट डिवाइस

– Card Reader

कार्ड रीडर एटीएम कार्ड के डाटा याने की खाते की जानकारी को पढता है, जो आपके एटीएम कार्ड के पीछे की तरफ से रखी मैग्नेटिक स्ट्रिप पर एकत्रित होती है और इसे वेरिफिकेशन के लिए सर्वर पर भेजता है और जब सरवर सही तरीके से रिसपोंड करता है तब यूजर सर्विस से प्राप्त परमिशन के आधार पर कैश निकालने की अनुमति देता है।

– Keypad

कीपैड का इस्तेमाल करके यूजर अपना एटीएम पिन, कितना पैसा निकालना चाहते हैं तथा अन्य सुविधा जैसे कि कैंसिल, क्लियर, इंटर का इस्तेमाल करता है।

२. आउटपुट डिवाइस

– Screen

इसका इस्तेमाल खाता से संबंधित जानकारी जैसे कि खाता धारक का नाम, मौजूदा बैलेंस को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।

– Speaker

अधिकतर ATM में स्पीकर मौजूद होते हैं। जब आप अपना लेन-देन करते हैं तो यह Audio Feedback प्रदान करने के लिए प्रदान किया जाता है।

– Cash dispenser

यह एटीएम के सबसे जरूरी आउटपुट डिवाइसों में से एक है।इसका उपयोग कैस निकालने के लिए होता है।

– Receipt printer

यह आपके लेन-देन से संबंधित एक रसीद प्रदान करता है जिसमें निकासी राशि, शेष अमाउंट, डेट, टाइम, स्थान आदि शामिल होते हैं।

■ ATM कैसे काम करता है

एटीएम से पैसे निकालने के लिए या फिर अपने बैंक अकाउंट का बैलेंस जानने के लिए आपको सबसे पहले अपने एटीएम कार्ड को एटीएम की मशीन में डालना होता है, हालांकि कुछ एटीएम मशीनों में एटीएम मशीन आपके कार्ड को अपने अंदर खींच लेती है

और कुछ एटीएम मशीन में जब आप अपने एटीएम कार्ड को एटीएम मशीन के कार्ड रीडर में डालते हैं, तो वह आपका कार्ड रीड करके आपका कार्ड वापस कर देती है और इसके बाद आप आगे की ट्रांजैक्शन कर सकते हैं

और जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि एटीएम कार्ड में एक मैग्नेटिक पट्टी के रूप में आप के खाते की जानकारी और अन्य जानकारी होती है और जब आप अपने एटीएम कार्ड को एटीएम मशीन में स्वाइप या फिर डालते हैं तो मशीन आपके खाते की जानकारी को ढूंढती है और फिर आपसे आप का पिन नंबर मांगा जाता है, इसके बाद आप अपने आगे के सभी ट्रांजैक्शन कर पाते हैं।

■ ATM के प्रकार

– Online ATM

जो एटीएम इस प्रकार का एटीएम होता है वह अपनी बैंक के डेटाबेस से 24 घंटे कनेक्टेड रहता है।इस एटीएम से आप अपने खाते में मौजूद बैलेंस के अलावा अधिक पैसे नहीं निकाल सकते।

– Offline ATM

यह एटीएम अपने बैंक के डेटाबेस से कनेक्टेड नहीं होता है। यहां तक कि अगर आपके पास आपके खाते में आवश्यक राशि नहीं है, तो आप इसे निकाल पाएंगे।इसके लिए बैंक कुछ जुर्माना लगा सकता है।

– On Site ATM

जो एटीएम बैंक के अंदर ही स्थित होते हैं उन्हें ऑनसाइट एटीएम कहा जाता है

– Off Site ATM

जो एटीएम बैंक के बाहर विभिन्न स्थानों पर स्थित होते हैं, उन्हें ओफसाइट एटीएम कहा जाता है

– White Label ATM

जो एटीएम नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी के द्वारा स्थापित किए जाते हैं उन्हें व्हाइट लेबल एटीएम के रूप में जाना जाता है। जैसे टाटा इंडिकैश एटीएम, मुथूट एटीएम, इंडिया वन एटीएम, हिताची एटीएम इत्यादि

– Yellow Label ATM

इस प्रकार के एटीएम ई-कॉमर्स के कारणों के लिए दिए जाते हैं।

– Brown Label ATM

ब्राउन लेबल एटीएम के हार्डवेयर और एटीएम मशीन के पट्टे पर एक सर्विस प्रोवाइडर की मलिकी होती है परंतु बैंकिंग नेटवर्क के लिए कैश मैनेजमेंट और कनेक्टिविटी एक बैंक द्वारा ही प्रदान की जाती है।

– Orange Label ATM

ऑरेंज लेबल एटीएम शेयर ट्रांजैक्शन के लिए दिए जाते हैं।

– Pink Label ATM

ये एटीएम केवल महिलाओं के लिए प्रदान किए जाते हैं।

– Green Label ATM

ये एटीएम कृषि लेनदेन के लिए प्रदान किए जाते हैं।

■ एटीएम का आविष्कार किसने किया

ऑटोमेटेड टेलर मशीन यानी कि एटीएम का आविष्कार जॉन शेफर्ड बैरोन ने किया था। जब जॉन शेफर्ड बैरोन ने एटीएम का आविष्कार किया तब उन्होंने इसके पिन को 6 अंकों का रखने के बारे में सोचा परंतु उनकी पत्नी ने 6 अंकों की जगह एटीएम के पिन को 4 अंकों का रखने के लिए कहा और इस तरह से एटीएम का पिन 4 अंकों का हो गया।

■ दुनिया का पहला फ्लोटिंग एटीएम कौन सा था।

भारतीय स्टेट बैंक (केरल)

■ भारत में पहला एटीएम कौन सा था।

1987 में HSBC (हांगकांग और शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन) द्वारा स्थापित.

■ दुनिया का पहला एटीएम कौन सा था।

यह 27 जून 1967 को लंदन के बर्कले बैंक में स्थापित किया गया था।

■ ATM का उपयोग करने वाला पहला व्यक्ति कौन था।

फेमस कॉमेडी अभिनेता रेग वर्नी ATM से पैसे निकालने वाले पहले व्यक्ति थे।

■ बिना अकाउंट के ATM

रोमानिया में, जो कि एक यूरोपीय देश है, कोई भी व्यक्ति बैंक खाते के बिना ATM से पैसे निकाल सकता है.

■ बायोमेट्रिक एटीएम

ब्राजील देश में बायोमेट्रिक एटीएम का इस्तेमाल किया जाता है और जैसा कि इसके नाम से ही पता चल रहा है कि इस एटीएम से पैसे निकालने के पहले यूजर को एटीएम पर अपनी उंगलियों को स्कैन करना होता है।

■ एटीएम कार्ड क्या है

एटीएम कार्ड एक ऐसा कार्ड होता है, जिसका इस्तेमाल करके बैंक का ग्राहक किसी भी बैंक के एटीएम से पैसे निकाल सकता है। एटीएम कार्ड ग्राहक को तब दिया जाता है, जब वह किसी बैंक में अपना अकाउंट खुलवाता है

और उस बैंक से एटीएम कार्ड के लिए रिक्वेस्ट करता है।आपका खाता जिस बैंक में होगा, आपको उसी बैंक का एटीएम कार्ड दिया जाता है।अगर आपके पास एटीएम कार्ड नहीं है, तो आप अपनी बैंक में जाकर एक सिंपल फॉर्म को भर कर जमा कर सकते है।

जिसके बाद आपको एटीएम कार्ड प्राप्त हो जाएगा, परंतु अगर आपके पास बैंक का खाता नहीं है, तो इसके लिए आपको सबसे पहले उस बैंक में खाता खुलवाना होगा, जिस बैंक में आप अपना खाता खुलवाना चाहते हैं या फिर आप जिस बैंक का एटीएम कार्ड चाहते हैं।

■ ऑटोमेटेड टेलर मशीन कैसे चलाएं

एटीएम मशीन चलाना काफी आसान होता है। अगर आप एटीएम के बारे में कुछ भी नहीं जानते तब भी आप एटीएम मशीन बड़ी ही आसानी से चला सकते हैं। एटीएम मशीन को चलाने के लिए हमें बैंक के द्वारा एटीएम कार्ड या फिर डेबिट कार्ड दिया जाता है।

इसका इस्तेमाल करके हम अपने खाते से एटीएम मशीन के द्वारा पैसे निकाल सकते हैं, इसके साथ ही हम एटीएम कार्ड के द्वारा अपने खाते का बैंक बैलेंस भी चेक कर सकते हैं।

एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले हमें अपने एटीएम कार्ड को एटीएम मशीन में डालना होता है और उसके बाद हम जिस भाषा में एटीएम को उपयोग करना चाहते हैं, वह भाषा सिलेक्ट करनी होती है।

एटीएम में विभिन्न प्रकार की भाषाएं होती है, जैसे हिंदी, इंग्लिश, गुजराती, पंजाबी, तमिल, तेलुगू इत्यादि। इसमें से आप अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं और फिर आगे की प्रक्रिया कर सकते हैं।

■ ऑटोमेटेड टेलर मशीन से पैसे कैसे निकाले

एटीएम से पैसे निकालने के लिए सबसे पहले आप अपने एटीएम कार्ड को एटीएम मशीन में डालें और फिर अपनी पसंद की भाषा का चुनाव करें। उसके बाद आपके सामने विथड्रावल का विकल्प आ जाएगा। जिस पर क्लिक करें और इसके बाद आपको कितने पैसे निकालने हैं वह इंटर करें और फिर अपनी पिन नंबर इंटर करें, बस इतना करते ही आपका काम हो जाएगा।

■ ऑटोमेटेड टेलर मशीन में पैसे कैसे डालें

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप एटीएम से पैसे निकालने के अलावा एटीएम से पैसे डाल भी सकते हैं, हालांकि एटीएम मे पैसे डालने के लिए जो मशीन होती है, वह अधिकतर शहरों में ही होती है,

क्योंकि यह सुविधा शहरों में ही ज्यादा मिलती है।कयोंकि शहरों में एटीएम का इस्तेमाल ज्यादा होता है। एटीएम में पैसे जमा करने की मशीन पैसे निकालने वाली मशीन से थोड़ी अलग होती है। इस मशीन में आप सिर्फ पैसे जमा कर सकते हैं, पैसे निकाल नहीं सकते।

■ एटीएम की विशेषताएं क्या है

एटीएम कार्ड में काले रंग का मैग्नेटिक स्ट्रिप लगा हुआ होता है और इसी स्ट्रीप में कार्ड से जुड़ी अकाउंट की सभी जानकारी होती है।

आप जब एटीएम मशीन में एटीएम कार्ड डालते हैं, तो एटीएम मशीन इसमें मौजूद सभी डाटा को पढ़ लेती है और आगे की प्रोसेस पूरी करती है। इसके अलावा चिप आधारित एटीएम भी मौजूद है।ये एटीएम मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले एटीएम कार्ड से अधिक सुरक्षित और महंगे है।

■ एटीएम से लाभ क्या है

वर्तमान के समय में एटीएम की सुविधा हमारे देश की लगभग सभी बैंके दे रही है।

इमरजेंसी के समय में इसकी सुविधा देश की सभी छोटी-बड़ी बैंक देती है। एटीएम की सहायता से आप कभी भी अपने बैंक अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं और अपने जरूरी काम कर सकते हैं।वर्तमान के समय में हमारे भारत देश के लगभग हर शहर में एटीएम आसानी से उपलब्ध होता है।

इसकी सबसे बड़ी बात यह है कि इसका इस्तेमाल करने के लिए एक विशेष पिन की आवश्यकता पड़ती है और अगर कभी आपका एटीएम खो जाता है,

तो आपके एटीएम के पिन के बिना कोई भी उसका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। एटीएम बहुत ही तेज गति से काम करता है और यह तुरंत पैसे प्रदान करता है।एटीएम 24 घंटे आपकी सेवा में हाजिर रहता है।

■ एटीएम का उपयोग करते समय अपनाई जाने वाली सावधानियाँ

जब भी आप अपने एटीएम का इस्तेमाल करें तब एटीएम का इस्तेमाल करने के बाद अपने एटीएम कार्ड को सुरक्षित रख ले। इसके अलावा आप अपने एटीएम के साथ अपने एटीएम का पिन लिखकर बिल्कुल भी ना रखें, क्योंकि अगर कभी आपका एटीएम खो गया या फिर चोरी हो गया तो, आपको काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

आप अपने एटीएम के पिन को किसी के साथ भी शेयर ना करें, ना ही अपने एटीएम के पिन को अपने कार्ड के साथ लिख कर रखें, क्योंकि अगर आपका एटीएम पिन कोई और व्यक्ति जान जाता है और कभी उसके हाथ आपका एटीएम कार्ड लग जाता है,

तो वह आपके खाते से धोखे से पैसे निकाल सकता है। इसके अलावा अगर कोई आपका नंबर जानता भी है तो तुरंत अपने एटीएम के पिन को चेंज कर दें।

अपने कार्ड के संबंध में कोई भी जानकारी किसी के साथ भी शेयर ना करें, क्योंकि आजकल टेलीफोन के जरिए बहुत से लोग आपको फोन कॉल करके बेवकूफ बनाने का प्रयास करते हैं और आपके कार्ड के पिन और कार्ड से संबंधित अन्य जानकारियां जानने का प्रयास करते हैं।

इसका इस्तेमाल करके वह आपके अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं।एक बात आपको ध्यान में रखनी है कि आपका पिन बहुत ही महत्वपूर्ण नंबर है और इसे जानने का अधिकार आपके अलावा किसी को भी नहीं है, आपके बैंक को भी नहीं।

आपको अपने कार्ड से संबंधित किसी भी अज्ञात ईमेल का जवाब नहीं देना है, क्योंकि किसी भी तरह के धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए आजकल ईमेल का इस्तेमाल भी किया जाने लगा है।

जैसे कभी आपको यह इमेल प्राप्त होता है कि, आपका अकाउंट बंद होने वाला है, इसलिए नीचे दिए गए लिंक से अपनी डिटेल सबमिट करें और अपना अकाउंट बंद होने से बचाएं।

आपको ऐसे लिंक पर बिल्कुल भी क्लिक नहीं करना है, क्योंकि यह सभी लिंक धोखाधड़ी वाली लिंक होती है और इनसे बचे रहना ही आपके लिए सही है। ईमेल के जरिए कोई भी बैंक आपसे किसी भी प्रकार की जानकारी की डिमांड नहीं करती है।

जब भी आप इंटरनेट से कोई भी शॉपिंग करें तब आपको इस बात का ध्यान रखना है कि आप जिस वेबसाइट से शॉपिंग कर रहे हैं, वह बिल्कुल सुरक्षित हो, क्योंकि जब आप किसी वेबसाइट में शॉपिंग करते हैं, तब वहां पर आपको अपने डेबिट कार्ड से पेमेंट करने का ऑप्शन आता है

और इसीलिए अगर आप किसी ऐसी वेबसाइट से शॉपिंग कर रहे हैं, जो सिक्योर नहीं है, तो हो सकता है कि वह वेबसाइट पेमेंट करने के बाद आपकी सभी कार्ड डिटेल को सेव कर ले और बाद में साइबर क्राइम करने वाले आपके कार्ड को इस्तेमाल करके आपके खाते से पैसे निकाल ले।

इसके अलावा जब भी आप किसी वेबसाइट से शोपिंग करे तब शॉपिंग करने के बाद उस वेबसाइट से लॉगआउट कर दें, ताकि आपका पर्सनल डाटा सुरक्षित रहें।

जब कभी आपका एटीएम कार्ड चोरी हो जाए या फिर खो जाए, तो तुरंत उसकी रिपोर्ट पुलिस थाने में दर्ज करवाएं। इसके अलावा अपने फोन से अपने बैंक में फोन करके आप अपने कार्ड को तुरंत ब्लॉक करने की रिक्वेस्ट करें।

ऐसा करने पर अगर कोई व्यक्ति आपका एटीएम कार्ड पा जाता है और वह एटीएम से पैसे निकालने जाता है, तो पैसे नहीं निकलेंगे, क्योंकि आपने अपने एटीएम कार्ड को पहले ही बैंक के द्वारा ब्लॉक करवा दिया है।

आपको अपने बैंक अकाउंट के स्टेटमेंट को चेक करने की सुविधा बैंक के माध्यम से पहले ही ले लेनी चाहिए, ताकि आप जब भी कोई ट्रांजैक्शन करें तो आप उसका स्टेटमेंट अपनी बैंक की एप्लीकेशन में देख सकें। इससे यह फायदा होगा कि अगर आपको कोई गलत ट्रांजैक्शन दिखती है, तो आप उसकी तुरंत कंप्लेंट कर सकते हैं।

जब कभी भी आप एटीएम मशीन पर जाकर पैसे निकालने का प्रयास करें, तब इस बात का ध्यान अवश्य कर ले कि वहां का वातावरण कैसा है। अगर आपको कुछ भी संदिग्ध लगता है, तो आप उसको छोड़कर किसी अन्य एटीएम पर जा सकते हैं।

इसके अलावा एटीएम का इस्तेमाल करते समय इस बात का ध्यान भी रखें कि जब पिन डालने की बारी आए तब आपका एटीएम पिन कोई भी अन्य व्यक्ति ना देख पाए, साथ ही किसी भी अन्य व्यक्ति से अपने एटीएम के ट्रांजैक्शन के लिए मदद बिल्कुल भी ना लें कयोंकि कई बार आपने यह देखा होगा कि लोग मदद करने के बहाने उस व्यक्ति के खाते से पैसे निकाल लेते हैं।

एटीएम मशीन का इस्तेमाल करने के बाद अपने कार्ड को बाहर निकालना बिल्कुल भी ना भूलें, क्योंकि कई बार मशीन में यह लिखा आता है कि अगर आप दोबारा ट्रांजैक्शन करना चाहते हैं तो नहीं के विकल्प को सेलेक्ट करें और अपने पूरे ट्रांजेक्शन के बाद क्लियर बटन दबाना नहीं भूले।

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था ATM का फुल फॉर्म क्या है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको एटीएम के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी |

अगर आपको हमारी ये पोस्ट अच्छी लगी है तो प्लीज इसको अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे ताकि अधिक से अधिक लोगो को एटीएम के फुल फॉर्म के बारे में जानकारी मिल पाए धन्येवाद दोस्तों|

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