ANM Full Form in Hindi | ANM का फुल फॉर्म क्या है

ANM Full Form in Hindi: आज के इस आर्टिकल में हम आपको एएनएम की फुल फॉर्म के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, एएनएम का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर एएनएम का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज आपको इसके बारे में जानकारी प्राप्त होगी।

दोस्तों हमारा भारत देश एक बहुत बड़ी जनसंख्या वाला देश है। वर्तमान के समय में हमारे भारत देश की आबादी 130 करोड़ के पार पहुंच गई है और यह लगातार बढ़ती ही जा रही है और इतनी बड़ी जनसंख्या होने के कारण हमारे भारत देश में लगातार हेल्थ सेक्टर में लोगों की डिमांड बनी रहती है।

कयोंकि इतनी बड़ी जनसंख्या में हर रोज बहुत से लोग बीमार होते हैं, कुछ लोग तो सामान्य बीमार होते हैं और कुछ लोगों बहुत गंभीर बीमार होते हैं और ऐसे लोगों को इलाज करवाने के लिए अस्पताल जाना पड़ता है

और जैसा कि आप जानते हैं कि अकेला व्यक्ति सभी काम नहीं कर सकता अगर मरीजों का इलाज करने के लिए
अस्पताल में सिर्फ डॉक्टर ही रहेगा, तो भी वह पूरा काम नहीं कर पाएगा, इसीलिए अस्पताल में डॉक्टर की हेल्प करने के लिए तथा अन्य चीजों का ध्यान रखने के लिए सभी अस्पताल नर्स की भर्ती करते हैं।

भारत के लगभग सभी प्राइवेट और सरकारी अस्पताल में समय-समय पर नर्स की भर्ती की जाती है, क्योंकि नर्स मरीजों की देखभाल करने के साथ-साथ अस्पताल के अन्य उपकरणों की भी देखभाल करती हैं और अगर डॉक्टर को भी सर्जरी या फिर कोई ऑपरेशन करता है, तो वह उसमें डॉक्टर की मदद करती है।

वर्तमान के समय में हमारे भारत देश में बेरोजगारी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और आज के समय में नौकरी पाने के लिए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि हमारे भारत देश में नौकरी कम है और हमारे देश की जनसंख्या ज्यादा है।

इसलिए जो व्यक्ति बहुत अधिक पढ़ा लिखा होता है, उसे ही नौकरी प्राप्त हो रही है और जो कम पढ़े लिखे होते हैं, उन्हें नौकरी प्राप्त नहीं हो रही है, परंतु अगर आप रोजगार पाना चाहते हैं, तो आपको अपने कैरियर को अच्छा बनाना होगा और किसी ऐसे क्षेत्र को चुनना होगा जिसमें आपको इंटरेस्ट हो और जिसमें आपका कैरियर बन जाए।

अगर आप मेडिकल लाइन में जाने की इच्छा रखते हैं तो आप एएनएम नर्सिंग में अपना कैरियर बनाकर अपनी जिंदगी सेटल कर सकते हैं और अच्छी कमाई भी कर सकते हैं।यह कोर्स आपके लिए बहुत ही फायदेमंद होगा, क्योंकि एएनएम का कोर्स करने के बाद आपको किसी भी सरकारी अथवा प्राइवेट अस्पताल में आसानी से नौकरी मिल जाएगी,आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

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■ एएनएम का फुल फॉर्म क्या होता है

ANM Full form in hindi

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि एएनएम का फुल फॉर्म क्या होता है।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एएनएम का फुल फॉर्म होता है “Auxiliary Nurse Midwifery”

■ एएनएम कोर्स क्या है

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एएनएम नर्सिंग में डिप्लोमा कोर्स किया जाता है और यह कोर्स मेडिकल साइंस का बेहद अहम कोर्स होता है।

इसके अलावा एएनएम का कोर्स सिर्फ महिला अभ्यर्थी ही कर सकती हैं। पुरुष अभ्यर्थी एएनएम का कोर्स नहीं कर सकते। पुरुष अभ्यर्थी अगर नर्सिंग में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, तो वह जीएनएम का कोर्स कर सकते हैं। जीएनएम का कोर्स महिला तथा पुरुष दोनों लोग कर सकते हैं।

एएनएम का कोर्स 2 साल का कोर्स होता है और इस कोर्स के अंतर्गत अभ्यर्थियों को ह्यूमन एनाटॉमी, बायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोलॉजिकल साइंस, समाजशास्त्र, व्यवहार विज्ञान, मनोविज्ञान, नर्सिंग के बुनियादी सिद्धांत के बारे में जानकारी दी जाती है। इस कोर्स को करने के लिए अभ्यर्थी को 12वीं पास होना जरूरी है परंतु उसके 12वीं में अंग्रेजी विषय अवश्य होनी चाहिए।

■ एएनएम का काम

एएनएम का कोर्स करने के बाद जब अभ्यर्थी नर्स बन जाती है, तब उसे विभिन्न प्रकार के काम करने पड़ते हैं। जैसे नर्स बनने के बाद जब अभ्यर्थी किसी अस्पताल में नौकरी पा जाती है तो उसे अस्पताल में मुख्य तौर पर रोगियों की देखभाल करने का जिम्मा दिया जाता है।

इसके अलावा जब डॉक्टर किसी रोगी की जांच करता है तब नर्स को साथ में रहना जरूरी होता है और डॉक्टर के बताए अनुसार नर्स को समय-समय पर रोगी को दवाई देनी होती है।

इसके अलावा मरीजों के रिकॉर्ड मेंटेन करने का काम भी एएनएम नर्स करती है, साथ ही मरीजों के इलाज में जो भी उपकरण इस्तेमाल होते हैं, उनके रखरखाव का जिम्मा भी एएनएम नर्स के ऊपर होता है तथा समय-समय पर रोगी की हालत में क्या बदलाव हो रहे हैं।इसकी जानकारी डॉक्टर को देना एएनएम नर्स का जिम्मा होता है।

■ क्या है नर्सिंग

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नर्सिंग की फील्ड में विभिन्न प्रकार के कोर्स होते हैं। जैसे कि अंडर ग्रैजुएट, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स। आप अपनी योग्यता और अपने इंटरेस्ट के हिसाब से किसी भी कोर्स का चुनाव कर सकते हैं।

अगर आपने नर्सिंग में बैचलर ऑफ साइंस का कोर्स किया है, तो इसके बाद आप चाहे तो पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स भी कर सकते हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स के तहत आप डाइटेटिक्स, कार्डियोलॉजिस्ट,ऑफथर्मालॉजी, पीडियाट्रिक्स, ऑर्थोपेडिक्स जैसे क्षेत्र में भी महारत हासिल कर सकते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहते हैं तो आप इस क्षेत्र में एमफिल और पीएचडी भी कर सकते हैं।

हालांकि अगर आप नर्सिंग के किसी भी कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको उसकी प्रवेश परीक्षा में अच्छे अंक लाने होंगे। क्योंकि प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही आपको अच्छे इंस्टिट्यूट में एडमिशन मिलेगा।

■ नर्सिंग में करियर

अगर आप नर्सिंग करना चाहते हैं तो आप जूनियर नर्स, मिडवाइफ, हेल्थ वर्कर्स के कोर्स से अपनी शुरुआत कर सकते हैं। यह सभी कोर्स टोटल 2 साल के होते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एएनएम के कोर्स में अभ्यर्थियों को विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है। जैसे अभ्यर्थियों को भारत के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों खासतौर पर बच्चों, माताओं और बूढ़े लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकता की देखभाल कैसे करें, इसके बारे में सिखाया जाता है।

एएनएम का कोर्स डिप्लोमा का कोर्स होता है, जो विभिन्न व्यक्तियों की हेल्थ देखभाल के अध्ययन पर आधारित होता है। इसमें यह भी सिखाया जाता है कि अस्पताल में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का ध्यान कैसे रखना है।

थिएटर की सफाई कैसे करनी है, रोगी को समय पर दवा किस प्रकार देनी है और कौन-कौन से रिकॉर्ड रखने हैं। एएनएम अभ्यर्थियों को खासतौर पर बच्चे, बूढ़े और महिलाओं की देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

एएनएम के अलावा आप चाहे तो जीएनएम का कोर्स भी कर सकते हैं। जीएनएम का फुल फॉर्म होता है जनरल नर्स मिडवाइफरी। जीएनएम का कोर्स 3:30 साल का कोर्स होता है जो कि सामान्य स्वास्थ्य देखभाल, नर्सिंग और दाई के काम में नर्सों की शिक्षा से संबंधित है।

■ नर्सिंग के विभिन्न प्रकार

– कार्डियोलॉजिकल नर्सिंग

– क्रिटिकल केयर नर्सिंग

– नेफ्रोलॉजिकल नर्सिंग

– न्यूरो-साइंस नर्सिंग

– साइक्रेट्रिक नर्सिंग

– पीडियाट्रिक नर्सिंग

– ऑर्थोपीडिक नर्सिंग

– ऑनकोलॉजिकल नर्सिंग

■ एएनएम नर्सिंग के लिए योग्यता

अगर आप एएनएम में सहायक नर्स, मिडवाइफ या फिर हेल्थ वर्कर का कोर्स करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपसे कुछ योग्यताएं मांगी जाती हैं। इनमें से किसी भी कोर्स को करने के लिए आप को कम से कम 12वीं कक्षा को पास होना जरूरी है।

आपको 12वीं कक्षा आर्ट या फिर साइंस के विषय के साथ पास होना जरूरी है।इसके अलावा एएनएम का कोर्स करने के लिए आपकी कम से कम उम्र 17 साल और अधिक से अधिक उम्र 35 साल होनी चाहिए।

■ एएनएम कोर्स के बाद नौकरी की संभावनाएं

जब आप नर्सिंग के कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं, तो सबसे पहले आपको अस्पताल में स्टाफ के तहत नर्स के तौर पर भर्ती किया जाता है और फिर नर्स के तौर पर 2 से 3 साल तक काम करने के बाद आपको वार्ड सिस्टर बना दिया जाता है।

नर्सिंग का कोर्स करने के बाद आप अपनी पसंद के अनुसार सरकारी या फिर प्राइवेट अस्पताल में नौकरी के लिए आवेदन दे सकते हैं।अगर आपकी नौकरी सरकारी अस्पताल में लग जाती है, तो फिर आपकी सैलरी ज्यादा होगी।

हालांकि प्राइवेट अस्पताल में भी आपकी सैलरी 18000 के ऊपर ही होगी, इसलिए आपकी नौकरी चाहे प्राइवेट में लगे चाहे सरकारी में आपकी तनख्वाह अच्छी रहेगी।

सरकारी और प्राइवेट अस्पताल के अलावा आप स्कूल हेल्थ नर्स, इंडस्ट्रियल नर्स और आर्मी नर्स, कम्युनिटी हेल्थ नर्स, ड्रग कंपनी, स्पेशल केयर सेंटर या फिर काउंसलिंग सेंटर में भी नौकरी के लिए आवेदन दे सकते हैं।

इसके साथ ही आप नर्सिंग कॉलेज में टीचर के पद के लिए भी आवेदन दे सकते हैं, साथ ही आप 12वीं कक्षा को पास करने के बाद बीएससी नर्सिंग का कोर्स करके इंडियन आर्मी में नर्स बनने के लिए भी आवेदन दे सकते हैं। इस तरह से आप हमारे भारत देश के सैनिकों की सेवा भी कर सकते हैं।

■ एएनएम कोर्स की फीस

जैसा कि आप जानते हैं कि, अगर कोई अभ्यर्थी सरकारी कॉलेज से कोई कोर्स करता है, तो उसकी फीस प्राइवेट कॉलेज की तुलना में कम होती है। इसीलिए एक अंदाज के मुताबिक अगर आप एएनएम का कोर्स सरकारी कॉलेज से करते हैं

तो इसकी सालाना फीस 15 से 20000 के आसपास हो सकती है, वहीं अगर आप इस कोर्स को प्राइवेट कॉलेज से करते हैं, तो इसकी फीस ₹40000 सालाना हो सकती है। हालांकि नर्सिंग की पढ़ाई का खर्च कॉलेज और आप जहां रहते हैं उस स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। सरकारी कॉलेज में आपको छात्रवृत्ति भी मिल सकती है।

■ एएनएम के लिए पाठ्यक्रम

– सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग

– पोषण

– पर्यावरण स्वच्छता

– स्वच्छता

– संक्रमण और टीकाकरण

– प्राथमिक चिकित्सा

– प्राथमिक चिकित्सा देखभाल

– संचारी रोग

– सामुदायिक स्वास्थ्य समस्याओं

– बाल स्वास्थ्य देखभाल

– दाई का काम

– मानसिक स्वास्थ्य

– स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन

■ जीएनएम पाठ्यक्रम

– जैविक विज्ञान

– शरीर रचना विज्ञान और शरीर विज्ञान

– कीटाणु-विज्ञान

– व्यावहारिक विज्ञान

– मनोविज्ञान

– नागरिक सास्त्र

– नर्सिंग की बुनियादी बातें

– प्राथमिक चिकित्सा

– व्यक्तिगत स्वच्छता

– सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग- I

– सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग

– पर्यावरण स्वच्छता

– स्वास्थ्य शिक्षा और संचार कौशल

– पोषण

– अंग्रेज़ी

– मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग I

– मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग

– औषध

– मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग II (स्पेशलिटीज)

– संचारी रोग

– आर्थोपेडिक नर्सिंग

– कान, नाक और गला

– कैंसर विज्ञान / त्वचा

– ऑप्थाल्मिक नर्सिंग

– मानसिक स्वास्थ्य और मनोरोग नर्सिंग

– सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग

– कंप्यूटर शिक्षा

– मिडवाइफरी और गायनोकोलॉजी नर्सिंग

– सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग- II

– बाल चिकित्सा नर्सिंग

– इंटर्नशिप अवधि

– नर्सिंग के अभ्यास में शिक्षण के लिए शैक्षिक

– तरीके और मीडिया

– अनुसंधान के लिए परिचय

– व्यावसायिक रुझान और समायोजन

– प्रशासन और वार्ड प्रबंधन

– स्वास्थ्य अर्थशास्त्र

■ एएनएम कोर्स की प्रवेश प्रक्रिया

अगर आप एएनएम के कोर्स में प्रवेश पाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको एक प्रवेश परीक्षा देनी होती है। यह प्रवेश परीक्षा आप 12वीं क्लास को पास करने के बाद दे सकते हैं।

हालांकि जो कॉलेज प्राइवेट होते हैं, उनकी अपनी प्रवेश परीक्षा होती है और सभी गवर्नमेंट कॉलेज की एक ही होती है और उस प्रवेश परीक्षा मे आपको जो अंक मिलते हैं उसके आधार पर ही आपको कॉलेज में एडमिशन मिलता है।

बहुत से ऐसे कॉलेज है, जिसमें प्रवेश परीक्षा का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होता है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आपको अपनी 10वीं और 12वीं के अंकों को एप्लीकेशन फॉर्म में भरना होता है और उसमें अपनी फोटो भी देनी होती है,

साथ ही अपना डिजिटल सिग्नेचर भी देना होता है। इस कोर्स को करने के लिए सबसे मुख्य बात यह है कि आपको फिजिकली तौर पर फिट होना जरूरी है।

■ ऑक्सीलरी नर्स मिडवाइफरी का कोर्स करने के लिए इंडिया के बेस्ट कॉलेज की लिस्ट

एएनएम का कोर्स करने के लिए हमारे भारत में कई कॉलेज है, जहां से आप इस कोर्स को कर सकते हैं। नीचे हमने कुछ ऐसे कॉलेज की नाम दिए हैं, जहां से आप एएनएम का कोर्स कर सकते हैं।नीचे हमारे भारत देश के बेस्ट कॉलेज हैं।

हालांकि किसी भी कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले आप यह अवश्य चेक कर लें कि, वह कॉलेज सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है या नहीं। इसके अलावा आप अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार सरकारी अथवा प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन ले सकते हैं।

– आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, दिल्ली

– आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, भुवनेश्वर

– आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हाइजीन एंड पब्लिक हेल्थ, कोलकाता

– क्रिस्चियन मेडिकल कॉलेज, बेल्लूर, तमिलनाडु

– सिम्बोसिस इंटरनॅशनल यूनिवर्सिटी

– जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च

– बरेली इंटरनॅशनल यूनिवर्सिटी

– रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज, बरेली

– विवेकानंद कॉलेज ऑफ नर्सिंग लखनऊ

– बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ अलाइड हेल्थ साइंस

– एरा नर्सिंग कॉलेज, लखनऊ

– राजीव गांधी पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

– अपोलो स्कूल ऑफ नर्सिंग, दिल्ली

– अहिल्याबाई कॉलेज ऑफ नर्सिंग, दिल्ली

■ एएनएम नौकरी के लिए सबसे अच्छी कंपनी का

– इंडियन रेडक्रास सोसाइटी

– इंडियन नर्सिंग कौंसिल

– स्टेट नर्सिंग कौंसिल

– मेट्रो हॉस्पिटल

– कैलाश हॉस्पिटल

– एम्स हॉस्पिटल

– फोर्टिस हॉस्पिटल

– मैक्स हॉस्पिटल

– मेडिकल कॉलेज

■ एएनएम कोर्स के बाद बेस्ट करियर ऑप्शन

– ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र

– नर्सिंग होम

– क्लिनिक

– हॉस्पिटल

– गैर सरकारी संगठन

– एनजीओ

– बृद्धावस्था घर

– एजुकेशनल इंस्टीट्यूट

– मेडिकल कॉलेज

■ एएनएम की सैलरी कितनी होती है

अगर हम एएनएम की सैलरी के बारे में बात करें, तो शुरुआत में अभ्यर्थी की सैलरी 10000 से 15000 के आसपास हो सकती है और जैसे-जैसे उनका इस क्षेत्र में एक्सपीरियंस बढ़ता जाएगा वैसे वैसे उनकी सैलरी में वृद्धि होती है।

वहीं सरकारी एएनएम की सैलरी शुरुआत में 25000 से लेकर 3000 के आसपास होती है और प्रमोशन होने पर इनकी अधिकतम सैलरी ₹80000 प्रति महीने हो जाती है। इसके अलावा इन्हे पीएफ और ग्रेजुएटी का लाभ भी मिलता है।

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया है कि, एएनएम का कोर्स मेडिकल से रिलेटेड होता है, इसीलिए आपको विज्ञान के विषय पर ज्यादा मेहनत करनी होगी। इसके अलावा आपको सामान्य बीमारी में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों के नाम भी याद करने होंगे तथा मेडिकल फील्ड से संबंधित सभी उपकरणों के बारे में भी अधिक से अधिक बातें जानने की कोशिश करनी होगी।

■ एएनएम से संबंधित अन्य प्रश्न

– एएनएम का फुल फॉर्म क्या होता है

एएनएम का फुल फॉर्म होता है औकसीलरी नर्स मिडवाइफ

– एएनएम का कोर्स कितने साल का होता है

एएनएम का कोर्स 2 साल का होता है।

– एएनएम का काम क्या होता है

एएनएम का काम अस्पताल में मरीजों की देखभाल करना होता है।

– एएनएम के कोर्स में कौन सी पढ़ाई करनी होती है

एएनएम के कोर्स में अभ्यर्थियों को Community Health Nursing,Health Promotion,
Primary Healthcare, Nursing I (Prevention of diseases and restoration of health)
Child Health Nursing की पढ़ाई करनी होती है।

– एएनएम की फीस कितनी होती है

एएनएम की फीस सरकारी और प्राइवेट कॉलेज में अलग-अलग होती है, प्राइवेट कॉलेज की तुलना में सरकारी कॉलेज की फीस कम होती है।

– एएनएम और जीएनएम में क्या अंतर है

एएनएम एक नर्सिंग कोर्स होता है और यह 1 साल का होता है, जबकि जीएनएम का कोर्स 3 सालों का डिप्लोमा कोर्स होता है। एएनएम की अपेक्षा जीएनएम को अधिक महत्व दिया जाता है। एएनएम नर्सिंग कोर्स को दसवीं कक्षा को पास करने के बाद किया जा सकता है, जबकि जीएनएम के कोर्स को करने के लिए 12वीं कक्षा पास करना जरूरी है।

आपकी और दोस्तों:

तो दोस्तों ये था ANM का फुल फॉर्म  क्या है, हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप सभी को ANM के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल  गयी होगी|

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