ADM Full Form in Hindi | ADM का फुल फॉर्म क्या है

ADM Full Form in Hindi: दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल में हम आपको “एडीएम के फुल फॉर्म” के बारे में जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंटरनेट पर यह सर्च करते रहते हैं कि, एडीएम का फुल फॉर्म क्या होता है या फिर एडीएम का मतलब क्या होता है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आपको एडीएम से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त होगी।

भारत में जन्म लेने वाले सभी विद्यार्थियों का एक ही सपना होता है कि वह अच्छी पढ़ाई लिखाई करके एक अच्छी नौकरी प्राप्त करें और इसके लिए वह दसवीं कक्षा से ही काफी मेहनत करते हैं, क्योंकि किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए शुरू से ही उसके बारे में सोचना पड़ता है और उस चीज को अपना लक्ष्य बनाकर उसके अनुसार अपनी तैयारी करनी पड़ती है।

कोई भी चीज हमें एक ही दिन में प्राप्त नहीं होती है।किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए हमें निरंतर प्रयास करना होता है, फिर चाहे वह पैसा हो या फिर नौकरी हो।हमारे भारत देश में हर साल लाखों लोग विभिन्न प्रकार की नौकरियों के लिए आवेदन देते हैं।

हालांकि आज के इस दौर में नौकरी पाना इतना आसान नहीं है, क्योंकि आप तो यह बात जानते ही हैं कि, हमारे भारत देश की जनसंख्या कितनी ज्यादा है और इतनी बड़ी जनसंख्या होने के कारण हमारे भारत देश में सीमित संसाधन है और अधिक जनसंख्या होने के कारण सभी को तो नौकरी नहीं दी जा सकती

या फिर सभी लोग नौकरी नहीं कर सकते। इसीलिए हमारे भारत देश में जो लोग अच्छी नौकरी प्राप्त नहीं कर पाते वह लोग अन्य स्वरोजगार के काम करते हैं। नौकरी पाने के लिए आज के समय में एजुकेशन की डिमांड बहुत ही बढ़ गई है।

क्योंकि वर्तमान के समय में ऐसी कोई भी फील्ड नहीं है, जहां पर शिक्षा का महत्व ना हो। अगर आपने अच्छी पढ़ाई लिखाई की है तभी आप एक अच्छी नौकरी प्राप्त करने के बारे में सोच सकते हैं और अगर आपने कम पढ़ाई की है तो आपको एक अच्छी नौकरी मिलना मुश्किल है।

सरकारी नौकरी पाना कोई बच्चों का खेल नहीं है। सरकारी नौकरी पाने के लिए काफी मेहनत के साथ पढ़ाई करनी पड़ती है और मेहनत के साथ साथ एक सटीक रणनीति बना कर चलना पड़ता है, क्योंकि जब व्यक्ति का उदेश्य अपनी मंजिल को हर हाल में पाना ही होता है तो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को सही दिशा की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रयत्न करना चाहिए।

हमारे भारत देश में ऐसे कई लड़के और लड़कीया है, जो 12वीं कक्षा को पास करने के बाद इस असमंजस में हो जाते हैं कि, अब वह आगे क्या करें, क्योंकि 12वीं कक्षा को पास करने के बाद हमें ग्रेजुएशन करना होता है और हम जिस भी विषय में ग्रेजुएशन करते हैं, हमें उसी के हिसाब से नौकरी प्राप्त होती है।

जैसे जो अभ्यर्थी कॉमर्स विषय से ग्रेजुएशन करते हैं अधिकतर बैंकिंग सेक्टर में नौकरी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा जो अभ्यर्थी साइंस के विषयों से ग्रेजुएशन पूरी करते हैं वह अधिकतर मेडिकल के क्षेत्र में जाते हैं।

तथा जो अभ्यर्थी आर्ट के विषयों से अपनी ग्रेजुएशन पूरी करते हैं, वह अधिकतर अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद विभिन्न सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते हैं और आईएएस और आईपीएस जैसे पदों को पाने की कोशिश करते हैं।

हमारे भारत देश में सरकारी नौकरी पाने का क्रेज इसलिए भी है क्योंकि एक तो सरकारी नौकरी में बहुत आराम होता है और इसमें तनख्वाह भी ज्यादा होती है।

इसके अलावा जो अभ्यर्थी सरकारी नौकरी पा जाता है, उसे समाज में कभी मान सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है, साथ ही सरकारी नौकरी पाने के बाद व्यक्ति अधिक दहेज की डिमांड करता है, हालांकि दहेज प्रथा गलत है फिर भी कई लोग सरकारी नौकरी पाने के बाद अच्छे खासे दहेज ले कर शादी करते हैं।

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ADM Full Form in Hindi

ADM का फुल फॉर्म क्या है

ADM Full Form in Hindi

■ एडीएम का फुल फॉर्म क्या होता है

सबसे पहले तो आइए जान लेते हैं कि एडीएम का फुल फॉर्म क्या होता है एडीएम का अंग्रेजी में फुल फॉर्म होता है “एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और एडीएम को हिंदी में एडिसनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कहते हैं। इसके अलावा इसे शुद्ध हिंदी में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के नाम से जाना जाता है।

एडीएम का पद एक सरकारी पद होता है,जो एसडीएम के पद के बाद आता है। जैसे डीएम की गैर मौजूदगी में डीएम का सारा काम एसडीएम करता है, वैसे ही एसडीएम की गैरमौजूदगी में एसडीएम का सारा काम एडीएम करता है।

हमारे देश में जनता को सुविधाएं प्रदान करने के लिए और देश की रक्षा करने के लिए विभिन्न प्रकार के अधिकारी बनाए गए हैं जिसके माध्यम से हमारे देश की जनता को कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं, जिससे जनता के बहुत से काम आसान हो जाते हैं और जनता को विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं।

इसी तरह एडीएम भी एक सरकारी अधिकारी होता है, यह एक ऐसा पद होता है,जिसके माध्यम से हमारे देश के कई कार्यों को पूरा किया जाता है। इसीलिए जिला मजिस्ट्रेट के पूरे दिन के कामों को करने और उन्हें सहायता देने के लिए एडीएम का पद बनाया गया है।

एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को नियमों के तहत मजिस्ट्रेट के कामों को करने के लिए पावर प्रदान की गई है। इसके अलावा ADM को Sub Divisional Magistrate के रूप में कानून और व्यवस्था, सामान्य प्रशासन, राजस्व कार्य और ऐसे विकासात्मक कार्य की भी जिम्मेदारी भी दी गई है।

■ एडीएम का काम क्या होता है

एडीएम का पद एक सरकारी पद होता है और इसीलिए इन्हें सरकार द्वारा विभिन्न शक्तियां प्रदान की जाती हैं, जो अभ्यर्थी एडीएम के पद पर चयनित होते हैं, उन्हें विभिन्न प्रकार के काम करने पड़ते हैं।

जैसे कि एडीएम को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंध रखने वाले लोगों का सर्टिफिकेट बनाना पड़ता है, इसके अलावा विभिन्न समुदाय के लोगों का सर्टिफिकेट एडीएम बनाता है। इसके अलावा एडीएम नागरिकता के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के वैलिडिटी आइडी प्रूफ भी जारी करता है।

इसके साथ ही एडीएम प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट का रजिस्ट्रेशन, प्रॉपर्टी की बिक्री, वकीलों की शक्ति, शेयर सर्टिफिकेट और अन्य सभी डॉक्यूमेंट विशेषकर जिसे कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त हो, को जारी करता है और उनका रजिस्ट्रेशन करता है। यह सभी कार्य सब रजिस्टार ऑफिस में किए जाते हैं।

■ मजिस्ट्रेट के द्वारा एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के काम

एडीएम ऑफिसर, डिप्टी कमिश्नर और सब डिविजनल मजिस्ट्रेट की पावर का इस्तेमाल करके काम को संपन्न करता है।इसके साथ ही एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के द्वारा ऐसे मामले में पूछताछ भी करवाई जाती है, जिसमें किसी शादीशुदा महिला की अप्राकृतिक मौत शादी के 7 साल के अंदर हो जाती है।

इसके अलावा एडीशनल डिस्टिक मजिस्ट्रेट आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को किसी भी केस को दर्ज करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश की दे सकता है।

इसके साथ ही एडीएम अधिकारी को पुलिस लॉकअप में अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है या फिर जेल में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है या फिर महिला होम में किसी की मृत्यु हो जाती है या फिर थाने में किसी की मृत्यु हो जाती है, तो इसकी जांच करने का भी अधिकार सरकार द्वारा प्राप्त होता है।

हमारी भारतीय सरकार इन अधिकारियों से यही आशा करती है कि, वह समय पर अपने कामों को पूरा करके दिखाएं।इसके अलावा एडीएम अधिकारी दंगा, आगजनी तथा प्राकृतिक आपदाओं की जांच भी करते हैं और उसकी छानबीन करते हैं।

डिप्टी कमिश्नर, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को हिंदू विवाह अधिनियम और विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत शादी के रजिस्ट्रार के रूप में शक्तियां मिली हुई होती हैं और इस तरह की शक्तियां आमतौर पर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के द्वारा ही दी जाती है।

■ एडीएम क्या है

एडीएम हमारे भारत देश में एक सरकारी नौकरी होती है और यह भी काफी ऊंचा पद माना जाता है। आपको शायद पता ना हो परंतु एडीएम राज्य प्रशासनिक सेवा में सबसे ऊपर का पद माना जाता है।

जैसा कि आप जानते हैं कि, हमारे भारत देश में विभिन्न राज्य हैं और उन सभी राज्यों में अलग-अलग जिले बनाए गए हैं और सभी जिलों में एक एडीम अधिकारी की नियुक्ति हमारी भारतीय सरकार करती है।

■ एडिसनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की सैलरी और मिलने वाली अन्य सुविधाएं

एडीएम एक सरकारी पद होता है और इसीलिए एडीएम को काफी अच्छी तनख्वाह मिलती है। इसके साथ इन्हें अन्य कई सरकारी लाभ भी मिलते हैं, साथ ही इन्हें मान सम्मान भी प्राप्त होता है।

अगर हम एडीएम अधिकारी की महीने की सैलरी के बारे में बात करें तो एक एडिसनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को महीने की सैलरी के तौर पर ₹50000 से लेकर ₹100000 तक मिलते हैं।

इसके अलावा भी एडीएम अधिकारी अन्य कई तरीके से पैसे कमा सकते हैं, परंतु वह सभी तरीके अवैध हैं, आइए जानते हैं कि एडीएम अधिकारी को महीने की तनख्वाह के अलावा कौन-कौन से लाभ सरकार के द्वारा दिए जाते हैं।

एडीएम एक सरकारी पद होता है, इसीलिए एडीएम अधिकारी की जिस भी जिले में नियुक्ति होती है, वहां पर उन्हें सरकार की तरफ से रहने के लिए फ्री में घर दिया जाता है। इस घर के बदले एडीएम अधिकारी से कोई भी किराया नहीं लिया जाता है।

इसके अलावा एडीएम अधिकारी की सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से सुरक्षा गार्ड भी दिए जाते हैं तथा एडीएम अधिकारी के घर के कामों को करने के लिए नौकर, माली और बावर्ची भी सरकार की तरफ से ही दिया जाता है।

साथ ही एडीएम अधिकारी के आवागमन के लिए सरकारी गाड़ियां भी एडीएम अधिकारी को मिलती है और अगर एडीएम अधिकारी कहीं टूर पर जाते हैं तो उन्हें ठहरने के लिए हाई क्लास घर दिया जाता है।

एडीएम अधिकारी को रेलवे में मुफ्त यात्रा का अधिकार होता है। इसके अलावा गाड़ी चलाने के लिए एडीएम अधिकारी को ड्राइवर भी दिया जाता है, साथ ही एडीएम अधिकारी को पीएफ और ग्रेजुएटी का लाभ भी मिलता है।

■ एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बनने के तरीके

एडीएम का पद सिविल सर्विस सेवा के अच्छे पदों में से एक पद माना जाता है। इसके अलावा हमारे समाज में एडीएम को बहुत ही सम्मान की नजरों से देखा जाता है और यह बड़े ही अच्छे तरीके से अपने जिंदगी का मजा लेते हैं।

हर राज्य एडीएम के चयन के लिए साल में एक बार परीक्षा का आयोजन अवश्य करवाता है, शायद आपको पता ना हो परंतु आप दो तरह से एडीएम बन सकते हैं।आइए दोनों के बारे में जानते हैं।

– यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के द्वारा

एडीएम बनने का पहला तरीका है कि आप यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली सिविल सर्विस सेवा की परीक्षा को पास करें और इस परीक्षा में शामिल होने के लिए सबसे पहले आपको अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करनी होगी।

क्योंकि एडीएम बनने के लिए आपका ग्रेजुएशन होना जरूरी है। आप अपना ग्रेजुएशन किसी भी सब्जेक्ट से कर सकते हैं। इसके बाद जब आप यूपीएससी की परीक्षा को पास कर ले तो, फिर आपको आईएएस ऑफिसर की शुरुआत में एडीएम की पोस्ट मिलती है और जब आपके कुछ साल बीत जाते हैं, तब आपको एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की पोस्ट मिलती है।

– स्टेट पीसीएस एग्जाम के द्वारा

एडीएम बनने का दूसरा तरीका है कि आप स्टेट पीसीएस की परीक्षा में अपना आवेदन दें और इस परीक्षा में शामिल होकर इस परीक्षा को सफलतापूर्वक अच्छे अंको से पास करें।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस परीक्षा में शामिल होने के लिए भी आपको ग्रेजुएट होना जरूरी है।

आप अपने ग्रेजुएशन की डिग्री किसी भी विषय में कर सकते हैं। जब आप स्टेट पीसीएस की परीक्षा को दे देंगे, तो फिर आप अगर टॉप रैंक में आते हैं, तो ट्रेनिंग होने के बाद आपको सीधा एडीएम की पोस्ट मिल जाती है और फिर कुछ साल बीत जाने के बाद आपको डीएम की पोस्ट प्राप्त होती है।

अगर कोई अभ्यर्थी पीसीएस एग्जाम को पास कर लेता है, परंतु वह टॉप रैंक में नहीं आता है तब भी वह उसके पास एडीएम बनने का मौका होता है।

■ एडीएम की परीक्षा का आयोजन कौन करता है

इस परीक्षा का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग करवाता है। संघ लोक सेवा आयोग को हिंदी में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन कहा जाता है।यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन इसके अलावा भी अन्य कई परीक्षाओं का आयोजन करवाता है।

■ संघ लोक सेवा आयोग क्या है

शायद आपको पता ना हो परंतु आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब हमारा भारत देश आजाद नहीं हुआ था और जब हमारा भारत देश अंग्रेजों की कैद में था, तब आईएएस की परीक्षा का आयोजन इंग्लैंड में किया जाता था

परंतु जब हमारे भारत देश के राष्ट्र वादियों को इसके बारे में पता चला, तब हमारे भारत देश के राष्ट्र वादियों ने काफी लंबा आंदोलन करके अंग्रेज सरकार से इसे भारत में ट्रांसफर करने की मांग की थी।

इसके बाद पहली लोक सेवा आयोग की स्थापना अक्टूबर के महीने में साल 1926 में हुई थी और जब हमारा भारत देश अंग्रेजों से आजाद हो गया, तब इसे संघ लोक सेवा आयोग का नाम दिया गया।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग की स्थापना हमारे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत की गई है।

■ संघ लोक सेवा आयोग कौन- कौन सी परीक्षा का आयोजन करता है

वर्तमान के समय में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन 24 सर्विस के लिए विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन हर साल करवाता है। इसमें से मुख्य नाम इस प्रकार हैं।

  • भारतीय अभियांत्रिकी सेवा
  • भारतीय आर्थिक और सांख्यिकी सेवा
  • भूगर्भ सेवा
  • भारतीय प्रशासनिक सेवा
  • भारतीय पुलिस सेवा
  • भारतीय राजस्व सेवा
  • विशिष्ट श्रेणी रेलवे प्रशिक्षु सेवा
  • संयुक्त चिकित्सा सेवा
  • केंद्रीय पुलिस सेवा
  • संयुक्त रक्षा सेवा
  • राष्टीय रक्षा सेवा

■ एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बनने के लिए शैक्षिक योग्यता

अगर आप एडीएम बनना चाहते हैं या फिर भविष्य में एडीएम बनने की इच्छा रखते हैं तो आपको यह जानकारी रखना अति आवश्यक है कि एडीएम बनने के लिए आपको कितनी पढ़ाई करनी पड़ेगी।

अगर आप नहीं जानते तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एडीएम बनने के लिए आपको ग्रेजुएशन की डिग्री लेनी होगी, हालांकि इसमें विषय की कोई बाध्यता नहीं है। आप अपना ग्रेजुएशन किसी भी विषय से कर सकते हैं।

■ एडीएम बनने हेतु आयु सीमा

एडीएम बनने के लिए अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग उम्र सीमा निर्धारित की गई है। जो अभ्यर्थी सामान्य वर्ग से संबंध रखते हैं और एडीएम बनना चाहते हैं, वह कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 40 साल तक एडीएम बन सकते हैं।

इसके अलावा एससी एसटी, ओबीसी समुदाय को भारतीय संविधान में दिए गए आरक्षण के तहत उम्र सीमा में छूट दी जाती है। sc-st समुदाय से संबंध रखने वाले लोग कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 45 साल तक एडीएम बन सकते हैं।

इसके साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंध रखने वाले लोग भी कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 45 साल तक एडीएम बन सकते हैं तथा जो दिव्यांग जन हैं वह कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 55 साल तक एडीएम बनने की कोशिश कर सकते हैं।

■ कितनी बार दे सकते हैं एडीएम की परीक्षा

एडीएम की परीक्षा भी विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग निर्धारित की गई है। सामान्य वर्ग से संबंध रखने वाले अभ्यर्थी एडीएम की परीक्षा अधिकतम 6 बार दे सकते हैं।

ओबीसी समुदाय से संबंध रखने वाले अभ्यर्थी अधिकतम 9 बार दे सकते हैं। एससी एसटी समुदाय के लोग जितनी मर्जी उतनी बार एडीएम बनने की परीक्षा दे सकते हैं।इनके लिए अधिकतम प्रयास की कोई भी सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

■ एडीएम बनने के लिए नागरिकता

भारत में रहने वाले लोग एडीएम बनने के लिए आवेदन दे सकते हैं, हालांकि इसके लिए उनके पास भारतीय नागरिकता होना जरूरी है।इसके अलावा नेपाल और भूटान के नागरिक भी भारत में एडीएम बनने के लिए पढ़ाई कर सकते हैं और एडीएम बन सकते हैं।

■ एडीएम बनने हेतु चयन प्रक्रिया

अन्य नौकरियों की तरह ही एडीएम की नौकरी प्राप्त करने के लिए आपको तीन चरणों से गुजरना होता है, जिसमें सबसे पहले आपसे प्रारंभिक परीक्षा ली जाती है। इसके बाद आपको मुख्य परीक्षा में शामिल होना होता है और सबसे आखरी में आपको इंटरव्यू देना होता है।

जब आप इन्हीं तीनों चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं, तो फिर आपको ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है और फिर उसके बाद ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आपको पोस्टिंग दे दी जाती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपकी ट्रेनिंग के दरमियान आप की जितनी भी तनख्वाह बनती है, वह आपको ट्रेनिंग पूरी होने के बाद दी जाती है, मतलब कि आप को ट्रेनिंग के भी पैसे मिलते हैं।

■ एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का इंटरव्यू

जो अभ्यर्थी एडीएम बनने के लिए प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा को पास कर लेते हैं उन्हें सबसे आखरी में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इस इंटरव्यू में अभ्यर्थी के मानसिक स्तर को समझने के लिए विभिन्न प्रकार के सवाल पूछे जाते हैं।

इस इंटरव्यू में इंटरव्यू लेने वाले लोगों की टीम द्वारा कुछ ऐसे सवाल पूछे जाते हैं, जिनका जवाब सोचने में काफी आसान होता है, परंतु उसका जवाब काफी मुश्किल होता है।

इसलिए जब भी अभ्यर्थी इंटरव्यू देने के लिए जाएं, तब एकदम शांति से बैठे और इंटरव्यू लेने वाले लोगों की टीम की पूरी बातों को ध्यान से सुने और उसके अनुसार ही एकदम शांति से और धैर्य पूर्वक अपना जवाब दें।

■ एडीएम अधिकारी बनने के लिए तैयारी कैसे करे

जैसा कि आप जानते हैं कि किसी भी परीक्षा को पास करने के लिए एक निश्चित रणनीति के तहत काम करना होता है।

क्योंकि हमने आपको पहले ही बता दिया है कि एडीएम का पद काफी जिम्मेदारी वाला पद होता है, इसलिए हमारी भारतीय सरकार यही चाहती है कि इस पद पर ऐसे ही लोगों का चयन हो जो वाकई में इसके हकदार हो और इसीलिए एडीएम की परीक्षा को इस प्रकार से बनाया गया है कि केवल योग्य व्यक्तियों का ही चयन इसमें हो सके

और इसीलिए एडीएम बनने के लिए आपको विशेष तौर पर तैयारी करनी होती है आइए जानते हैं कि एडीएम बनने के लिए तैयारी कैसे करें।

2: जब आप यह निश्चय कर लें कि मुझे एडीएम बनना है, तो इसके बाद आपको एडीएम की परीक्षा के पाठ्यक्रम को अच्छे से समझना होगा। आपको एडीएम की परीक्षा के प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम को बहुत ही गंभीरता से लेना होगा

और दोनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग योजना बनानी होगी तथा सिलेबस के सभी पॉइंट को मार्किंग करते हुए क्लियर करते जाएं की आपको क्या-क्या बातें जाननी और सीखनी है, क्योंकि किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए परीक्षा के पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है।

3: पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद आपको इसका रिवीजन अवश्य करना है क्योंकि रिवीजन करने से आपने जो भी पड़ा है या सीखा है वह आपको अवश्य याद रहेगा।

आप जितना ज्यादा रिवीजन करेंगे, आपकी परीक्षा में सफल होने के उतनी ही ज्यादा चांस होंगे, क्योंकि बार-बार रिवीजन करने से आदमी के दिमाग में वह बातें बैठ जाती है, जो उसने पढ़ी या सिखी होती है।

4: एडीएम की परीक्षा की अच्छे से तैयारी
करने के लिए आपको अपने खुद के नोट्स अवश्य बनाने चाहिए, क्योंकि अगर आपके खुद के नोट है तो आपको अधिक समय तक सभी चीजें यह याद रहेगी

5:इसके अलावा अपनी तैयारी करने के लिए आपको एक टाइम टेबल का निर्माण भी करना होगा, क्योंकि टाइम टेबल का निर्माण करने से आपको यह बातें पता रहेंगी कि, आपको कौन से दिन किस विषय का अध्ययन कितनी देर तक करना है।

6: आपने जो भी पढा है या जो भी सीखा है समय-समय पर उसे चेक करते रहें, इसके अलावा एडीएम की परीक्षा में सफल होने के लिए आप इसके मॉडल टेस्ट पेपर को भी हल करने का प्रयास करें। इसके अलावा आप चाहे तो ऑनलाइन मॉक टेस्ट में भाग ले लेकर भी अपनी तैयारी परख रख सकते हैं

साथ ही अगर हो सके तो, एडीएम के पिछले 5 सालों के क्वेश्चन पेपर को इकट्ठा करने का प्रयास करें और उनके पैटर्न और प्रश्नों को समझें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एडीएम की परीक्षा के प्रश्न पत्र आपको ऑनलाइन आसानी से प्राप्त हो जाएंगे।

7: इसके अलावा अगर आप एडीएम की तैयारी करना चाहते हैं, तो आप अपने घर के आस-पास स्थित किसी अच्छे कोचिंग इंस्टिट्यूट का सहारा भी ले सकते हैं और अगर आपके घर के आसपास कोई अच्छा कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं है तो आप ऑनलाइन यूट्यूब के माध्यम से भी अपनी पढ़ाई कर सकते हैं

क्योंकि आज के समय में यूट्यूब पर एजुकेशन से रिलेटेड ऐसे कई चैनल है, जहां पर सिर्फ एडीएम ही नहीं बल्कि अन्य बड़ी-बड़ी परीक्षा की तैयारी भी करवाई जाती है। यूट्यूब पर विभिन्न चैनल मौजूद है,जहां से आप अपने इंटरेस्ट के हिसाब से चैनल का चुनाव पढ़ाई करने के लिए कर सकते हैं।

8: इसके अलावा एडीएम की तैयारी करने के लिए रोजाना अखबार और मैगजीन अवश्य पढ़ें, क्योंकि इससे आपको करंट अफेयर के बारे में बहुत सी जानकारियां प्राप्त होती है।इससे आपको यह पता भी होगा कि आपको किसी विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए ज्यादा रिसर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी

9: इसके अलावा ऐसे लोगों से मिलने का प्रयास करें जो एडीएम बनने की कोशिश कर रहे हैं या फिर एडीएम की तैयारी कर रहे हैं और उनसे उनके अनुभव के बारे में जानकारी प्राप्त करें, क्योंकि जो जिस फील्ड में होता है, उसे उस फील्ड के बारे में अच्छी नॉलेज होती है, इसलिए ऐसे लोग आपको काफी जानकारी प्रदान कर सकते हैं।

आपकी और दोस्तों

तो दोस्तों ये था adm का फुल फॉर्म क्या है हम उम्मीद करते है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको adm के फुल फॉर्म के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी.

अगर आपको हमारी ये पोस्ट अच्छी लगी तो प्लीज पोस्ट को १ लाइक और शेयर जरुर करे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगो को adm के फुल फॉर्म के बारे में जानकारी मिल पाए धन्येवाद दोस्तों|

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