एसीपी कैसे बने | ACP बनने के लिए क्या करे

एसीपी कैसे बने: हर कोई पढ़ लिखकर एक अच्छी जिंदगी और अच्छा केरियर प्राप्त करना चाहता है और इसके लिए वह काफी मेहनत भी करता है।अच्छी जिंदगी जीना हर किसी का सपना होता है, इसीलिए जब विद्यार्थी वर्ग 12वीं की परीक्षा को पास करते हैं, तो उसके बाद से ही उन्हें अपने कैरियर के बारे में चिंता होने लगती है। अपने कैरियर को अच्छे से स्थापित करने के लिए वह अपने इंटरेस्ट के हिसाब से कोर्स करते हैं और कोर्स करने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी भी प्राप्त करते हैं।

अगर हम हमारे भारत देश की बात करें तो हमारे भारत देश में लोगों को सरकारी नौकरी बहुत ही ज्यादा पसंद होती है, क्योंकि सरकारी नौकरी में ऐसे कई फायदे हैं, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। भारत में हर साल लाखों लोग सरकारी नौकरियों की तैयारी करते हैं और उनमें से बहुत से लोग सरकारी नौकरी पाने में कामयाब हो जाते हैं।

हमारे भारत में सरकारी नौकरी के कई पद हैं जैसे, आईएएस, आईपीएस, डीएम, एसडीएम, लेखपाल, डीआईजी, एसीपी, एसपी। इसमें सभी पद काफी उच्च पद माने जाते हैं और इन सभी पदों में अभ्यर्थी को अच्छी तनख्वाह के साथ-साथ अच्छी पावर भी मिलती है

अगर इनमें से आप एसीपी का पद प्राप्त करना चाहते हैं, तो आज के हमारे इस आर्टिकल को पूरा अवश्य पढ़ें,क्योंकि आज के इस आर्टिकल में हम आपको एसीपी कैसे बने, इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं।

आज के इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि एसीपी क्या होता है, एसीपी का फुल फॉर्म क्या होता है,एसीपी बनने के लिए कौन-कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है, एसीपी बनने के लिए आपके अंदर क्या योग्यता होनी चाहिए, एसीपी बनने के लिए क्या करना पड़ता है, एसीपी की सैलरी कितनी होती है, एसीपी कौन-कौन से काम करता है, चलिए जानते हैं कि एसीपी कैसे बनते हैं।

एसीपी कैसे बने

ACP बनने के लिए क्या करे

ACP kaise bane

1. एसीपी का फुल फॉर्म

सबसे पहले तो हम आपको एसीपी के फुल फॉर्म के बारे में जानकारी देते हैं। एसीपी को हिंदी में सहायक पुलिस आयुक्त कहा जाता है और इसे अंग्रेजी में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस कहा जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, पुलिस विभाग में डीएसपी और एसीपी दोनों एक समान पद माने जाते हैं, क्योंकि इनके अधिकतर काम एक जैसे ही होते है।

एसीपी और डीएसपी इन दोनों को तीन स्टार प्राप्त होते हैं, अर्थात यह जो वर्दी पहनते हैं, उसके ऊपर तीन स्टार कंधों के ऊपर बने हुए होते हैं। जिस अधिकारी के कंधे के ऊपर जितने ज्यादा स्टार होते हैं, वह उतना ही बड़ा पुलिस में उच्च अधिकारी होता है। बहुत सी जगहों पर डीएसपी को ही असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस माना जाता है।

जो आईपीएस अधिकारी होते हैं, वह प्रमोशन के द्वारा भी एसीपी की रैंक को प्राप्त करते हैं। इसके अलावा यह रैंक डीएसपी बनकर भी प्राप्त किया जा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, साल 1876 में नीति के रूप में उप पुलिस अधीक्षक तथा सहायक पुलिस अधीक्षक की नौकरी बनाई गई और इस तरह एसीपी तथा डीएसपी का पद अस्तित्व में आया।

2. एसीपी बनने के लिए शैक्षिक योग्यता

अगर आप सहायक पुलिस आयुक्त अथवा असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस का पद पाने के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको हमारे भारत देश की किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट से अच्छे अंकों के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी करनी जरूरी है।

हालांकि आपका विषय कोई भी हो सकता है, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आप आर्ट, कॉमर्स, साइंस, बायोलॉजी, किसी भी विषय से अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर सकते हैं।

3. एसीपी बनने के लिए उम्र सीमा

भारत सरकार ने एसीपी के पद के लिए हर समुदाय के लोगों के लिए अलग-अलग उम्र सीमा निर्धारित की है। इसकी जानकारी हम आपको आगे दे रहे हैं, जो अभ्यर्थी सामान्य वर्ग अर्थात जनरल कैटेगरी से संबंध रखते हैं, वह एसीपी बनने के लिए 21 साल से लेकर 32 साल की उम्र तक कोशिश कर सकते हैं।

इसके अलावा, जो लोग ओबीसी समुदाय अर्थात अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंध रखते हैं, उन्हें सरकार द्वारा एसीपी के पद के लिए उम्र में 3 साल की छूट तथा जो लोग एससीएसटी अर्थात अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंध रखते हैं, उन्हें सरकार ने एसीपी का पद प्राप्त करने के लिए उम्र में 5 साल की छूट प्रदान की है।

हालांकि इन छूट को प्राप्त करने के लिए ओबीसी, एससी एसटी के लोगों को आरक्षण का प्रमाण पत्र दिखाना जरूरी होता है। अगर उनके पास आरक्षण का प्रमाण पत्र नहीं है, तो उन्हें छूट नहीं मिलेगी।

4. एसीपी बनने के लिए फिजिकल फिटनेस

एसीपी का पद प्राप्त करने के लिए सामान्य वर्ग के पुरुष लोगों की लंबाई 165 सेंटीमीटर और छाती 85 सेंटीमीटर होनी चाहिए।

इसके अलावा जो लोग एससीएसटी तथा ओबीसी समुदाय से संबंध रखते हैं, उन्हें लंबाई में सरकार द्वारा छूट प्रदान की जाती है। इसके अलावा महिला अभ्यर्थियों की लंबाई 150 सेंटीमीटर होनी जरूरी है।

5. एसीपी के पद के लिए कितनी बार परीक्षा दे सकते हैं

सरकार ने एसीपी के पद को प्राप्त करने के लिए सभी वर्गों के लिए अलग-अलग कोशिशों का निर्धारण किया है। इसके बारे में हम आपको जानकारी दे रहे है।

सामान्य वर्ग से संबंध रखने वाले अभ्यर्थी अधिक से अधिक 4 बार एसीपी के पद के लिए परीक्षा दे सकते हैं। जो लोग ओबीसी वर्ग से संबंध रखते हैं, वैसे अभ्यर्थी अधिक से अधिक 7 बार एसीपी की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा एससी एसटी वर्ग के अभ्यर्थी चाहे कितनी भी बार एसीपी के पद की परीक्षा दे सकते हैं। इनके लिए उम्र का निर्धारण सरकार ने नहीं किया है।

एसीपी बनने के लिए चयन प्रक्रिया

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एसीपी बनने के लिए जिस परीक्षा का आयोजन होता है, उस परीक्षा का आयोजन हमारे भारत देश की यूपीएससी संस्था करवाती है। इस संस्था का पूरा नाम है यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन।

यह संस्था एसीपी के अलावा हमारे भारत देश में होने वाली अन्य कई परीक्षाओं का आयोजन करवाती है। एसीपी का पद प्राप्त करने के लिए आपको नीचे बताई गई प्रक्रिया से गुजरना होगा। एसीपी की परीक्षा को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है, जो नीचे बताए अनुसार है।

  • प्रारंभिक परीक्षा
  • मुख्य परीक्षा
  • इंटरव्यू

1: प्रारंभिक परीक्षा

यह एसीपी का पद प्राप्त करने के लिए पहला चरण होता है। प्रारंभिक परीक्षा के अंतर्गत जनरल नॉलेज से संबंधित दो प्रश्न पत्र होते हैं, जिसमें प्रत्येक प्रश्न पत्र के लिए 200 अंक दिए जाते हैं और यूपीएससी संस्था की तरफ से इस परीक्षा को देने के लिए आपको 2 घंटे का समय दिया जाता है।

अगर आप इस परीक्षा को सफलतापूर्वक पास कर लेते हैं, तो इसके बाद आपको मुख्य परीक्षा में शामिल होना पड़ता है। मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए आपको इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य होता है।

अगर आप इस परीक्षा में फेल हो जाते हैं, तो आप मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते और ना ही एसीपी बन सकते हैं।

2: मुख्य परीक्षा

जब अभ्यर्थी सफलतापूर्वक एसीपी बनने के लिए होने वाली प्रारंभिक परीक्षा को पास कर लेता है, तो उसके बाद अभ्यर्थी को दूसरे चरण के अंतर्गत एसीपी बनने के लिए मुख्य परीक्षा में शामिल होना पड़ता है।

इस परीक्षा में टोटल 6 क्वेश्चन पेपर होते हैं और इन क्वेश्चन पेपर में भारतीय भाषा के लिए 300 अंक, अंग्रेजी के लिए 300 अंक, निबंध के लिए 300 अंक, जनरल स्टडी के लिए 300 अंक और वैकल्पिक विषयों के लिए अंक निर्धारित होते हैं।

इस परीक्षा को पास करना अभ्यर्थी के लिए बहुत ही जरूरी होता है, क्योंकि इस परीक्षा को पास करने के बाद लगभग उसका एसीपी बनने का आधा काम पूरा हो जाता है। इसीलिए इस परीक्षा कि अच्छे से तैयारी करें और इस परीक्षा को अच्छे अंको से पास करें।

3: एसीपी बनने के लिए इंटरव्यू

जब अभ्यर्थी एसीपी बनने के लिए होने वाली प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा को सफलतापूर्वक पास कर लेते हैं, तो उसके बाद उन्हें अंतिम चरण अर्थात इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।इस इंटरव्यू का आयोजन पुलिस विभाग के द्वारा किया जाता है।

इस इंटरव्यू में अभ्यर्थी की योग्यता का आकलन किया जाता है और इंटरव्यू में अभ्यर्थी को उसके परफॉर्मेंस के आधार पर अंक दिए जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह इंटरव्यू 250 अंकों का होता है।

जब अभ्यर्थी सफलतापूर्वक सभी परीक्षा और इंटरव्यू को पास कर लेता है, तो उसके बाद उसे एसीपी के पद पर नियुक्ति दे दी जाती है और इस तरह से वह एसीपी बन जाता है।

6. एसीपी बनने के लिए परीक्षा का सिलेबस

1. सामान्य अध्ययन पेपर -1

200 अंक

2. सामान्य अध्ययन पेपर -2

200 अंक

3. सामान्य अध्ययन पेपर -3

200 अंक

4. सामान्य अध्ययन पेपर -4

200 अंक

5. सामान्य हिंदी

150 अंक

6. निबंध

150

7. एसीपी ऑफिसर की सैलरी

ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्हें एसीपी को कितनी सैलरी मिलती है, इसके बारे में पता नहीं होता और एसीपी की सैलरी के बारे में पता लगाने के लिए वह इंटरनेट पर सर्च करते रहते हैं, कि एसीपी को कितनी सैलरी मिलती है, तो हम आपको बता दें कि असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस यानी कि एसीपी को हर महीने 40000 से लेकर 67000 तक की सैलरी मिलती है।

इसके अलावा इन्हें हर महीने ₹12000 रूपए ग्रेड पे के तौर पर दिए जाते हैं।इसके अलावा एसीपी अधिकारी को रहने के लिए फ्री में सरकारी बंगला सरकार की तरफ से दिया जाता है, साथ ही इन्हें खाना बनाने के लिए बावर्ची, घर का काम करने के लिए होमगार्ड, फ्री राशन, फ्री टेलिफोन बिल, फ्री लाइट बिल, आवागमन के लिए वाहन, सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड भी मिलते हैं।

इसके अलावा इन्हें सरकारी यात्रा भी फ्री में उपलब्ध होती है, साथ ही एसीपी अधिकारी को पीएफ और ग्रेजुएटी का लाभ भी मिलता है और रिटायरमेंट के बाद इन्हें पेंशन भी मिलती है।

एसीपी तथा इनके फैमिली मेंबर को ट्रेन में सीटों में रिजर्वेशन भी मिलता रहता है, अर्थात अगर यह चाहे तो आपातकाल की स्थिति में ट्रेन में कंफर्म सीट पा सकते हैं फिर चाहे ट्रेन में कितनी ही वेटिंग क्यों ना हो।

8. एसीपी ऑफिसर बनने के लिए कितने तरीके हैं

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप दो तरह से एसीपी ऑफिसर बन सकते हैं। इसकी जानकारी हमने आपको नीचे दी है।

अगर हम एसीपी ऑफिसर बनने के पहले तरीके के बारे में बात करें, तो एसीपी ऑफिसर बनने के लिए आपको 5 से 10 साल तक पुलिस विभाग में काम करना होगा। अगर आप पुलिस विभाग में एसपी के पद पर काम करते हैं, तो आप 5 से 10 साल के बाद एसीपी ऑफिसर बन सकते हैं। जब आपकी पदोन्नति होगी तब आप एसपी से एसीपी अधिकारी बन जाएंगे।

अगर आप कम समय में एसीपी बनना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको यूपीएससी की परीक्षा को अच्छी रैंक के साथ क्लियर करना होगा, जिससे आपको डायरेक्ट ही एसीपी का पद मिलेगा। इसके अलावा आप राज्य लोकसेवा यानी पीसीएस (PCS) के एक्जाम के द्वारा भी एसीपी (ACP) पद के लिए एग्जाम दे सकते हैं।

9. एसीपी का काम

जैसा कि आप जानते हैं, कि एसीपी पुलिस विभाग में एक उच्च अधिकारी होता है और इनका काम भी अन्य पुलिस अधिकारियों की तरह सेम ही होता है। बस इनके काम में और अन्य पुलिस अधिकारियों के काम में थोड़ा अंतर होता है।

अन्य पुलिस अधिकारियो को कोई बड़ा निर्णय लेने के लिए अपने उच्च अधिकारियों से परमिशन लेनी पड़ती है, परंतु एक एसीपी अधिकारी कोई भी बड़े से बड़ा निर्णय अपने दम पर ले सकता है।

इसके अलावा एसीपी अधिकारी के ऊपर कानून का सही ढंग से पालन हो इसकी जिम्मेदारी होती है तथा एसीपी अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले सभी पुलिस थानों का औचक निरीक्षण तथा ऑडिटिंग करते हैं।

10. एसीपी की परीक्षा की तैयारी कैसे करें

जैसा कि आप जानते हैं कि किसी भी प्रकार की परीक्षा की तैयारी करने के लिए एक टाइम टेबल की आवश्यकता होती है, जिसे हमें खुद बनाना पड़ता है।

टाइम टेबल से हमें यह पता चलता है कि हमें किस दिन कौन से विषय की कितने घंटे पढ़ाई करनी है, इसीलिए एसीपी की परीक्षा की तैयारी करने के लिए एक टाइम टेबल का निर्माण अवश्य करें।

आप एसीपी की परीक्षा की तैयारी ऐसी जगह पर करें, जहां पर बिल्कुल शांति हो क्योंकि जहां पर शोरगुल होगा, वहां पर आप अपना ध्यान नहीं लगा पाएंगे। इसके अलावा तैयारी करते समय अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ रख दे, जिससे आपको बार-बार डिस्टरबेंस ना हो।

इसके अलावा जो लोग पहले एसीपी की परीक्षा दे चुके हैं, वैसे लोगों से मिले और उनसे इस परीक्षा के बारे में जानकारी प्राप्त करें। उनसे यह पूछा कि उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी करने के लिए कैसे पढ़ाई की, कौन सी पढ़ाई की, कौन सी किताबों का इस्तेमाल पढ़ाई करने के लिए किया, रोजाना कितने घंटे पढ़ाई की।

इसके अलावा एसीपी की परीक्षा की तैयारी करने के लिए आप अपने घर के आस-पास स्थित किसी अच्छे कोचिंग इंस्टिट्यूट का सहारा भी ले सकते हैं और अगर आपके घर के आसपास कोई अच्छा कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं है,|

तो आप ऑनलाइन भी एसीपी की परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं, क्योंकि आज ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर ऐसे कई एजुकेशन से संबंधित चैनल है, जो ना सिर्फ एसीपी बल्कि भारत की अन्य बड़ी-बड़ी परीक्षाओं की तैयारी भी करवाते हैं।

एसीपी की परीक्षा की तैयारी करने के लिए आप एसपी की परीक्षा के पहले के प्रश्न पत्रों को इकट्ठा करने का प्रयास करें और उनमें दिए गए सवालों को हल करने का प्रयास करें। इससे आपको परीक्षा सिलेबस और परीक्षा पैटर्न के बारे में जानकारी मिलेगी।

सप्ताह में आपने जो भी तैयारी की है, उसका एक बार रिवीजन अवश्य कर लें तथा बिल्कुल शांत मन से एसीपी की परीक्षा की तैयारी करें।

आपकी और दोस्तों

दोस्तों यह था एसीपी कैसे बने, हम दिल से उम्मीद करते हैं कि इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप सभी को पता चल गया होगा कि एसीपी बनने के लिए क्या करना पड़ता है|

अगर आपको हमारी यह पोस्ट अच्छी और हेल्पफुल लगी है तो प्लीज इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर करना ना भूले|

क्योंकि हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पोस्ट को पढ़ने के बाद उनको यह जानकारी मिल पाए कि एसीपी बनने की तैयारी कैसे करते हैं धन्यवाद दोस्तों|

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