Anmol Vichar, Quotes in Hindi

Swami Vivekananda Quotes in Hindi | स्वामी विवेकानंद के अनमोल शैक्षिक विचार



Swami Vivekananda Quotes in Hindi

स्वामी विवेकानंद के अनमोल शैक्षिक विचार

स्वामी विवेकानंद के अनमोल वचन शिक्षा पर

  1. खड़े हो जाओ, और हिम्मत करके अपनी सारी ज़िम्मेदारी खुद ले लो. यह तय करो कि अब से अपनी असफलता के लिए किसी और को दोषी नहीं ठहराओगे. न किसी और के भरोसे कोई काम करने की सोचोगे। तभी तुम अपने भाग्य निर्माण खुद कर पाओगे और तुम्हारा भविष्य तभी उज्ज्वल होगा
  2. अगर आप समस्याओं का समाना नहीं कर रहे हैं, तो शायद आप गलत रास्ते पर चल रहे हैं
  3. जिंदगी में हमें बने बनाए रास्ते नहीं मिलते हैं, जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए हमें खुद अपने रास्ते बनाने पड़ते हैं
  4. संघर्ष जितना कठिन होता है, सफलता भी उतनी हीं बड़ी मिलती है
  5. अगर शिक्षा चरित्र का निर्माण नहीं करती है और लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत नहीं बनाती है. तो वह शिक्षा अधूरी है
  6. प्रत्येक बड़े काम को तीन चरणों से होकर गुजरना पड़ता है. 1. उपहास 2. विरोध 3. स्वीकृति
  7. जीवन सतत बहाव का नाम है, रुकी हुई जिंदगी बोझ बन जाती है
  8. दूसरों की मदद के इंतजार में समय गंवाना मूर्खता है. खुद पर निर्भर रहकर हीं आप सफलता पा सकते हैं
  9. आज भारत को आवश्यकता है – लोहे के जैसी मांसपेशियों की और वज्र के जैसी स्नायुओं की. भारतवासी बहुत दिनों तक रो चुके हैं, अब और रोने की जरूरत नहीं है, अब जरूरत है. अपने पैरों पर खड़े होने की और अपने और अपने राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की
  10. हम वैसे हीं बन जाते हैं जैसी हमारी सोच होती है. इसलिए इस बात का धयान रखिये कि आप क्या सोचते हैं
  11. जिस व्यक्ति के साथ श्रेष्ठ विचार रहते हैं, वह कभी अकेला नहीं होता है
  12. कुछ सच्चे, ईमानदार और उर्जावान पुरुष तथा महिलाएँ 1 साल में हीं उससे ज्यादा काम कर देते हैं. जितना काम एक साधारण भीड़ 100 सालों में भी नहीं कर पाती है
  13. किसी भी वस्तु को खरीदा या छिना जा सकता है. लेकिन ज्ञान स्वाध्याय के जरिए हीं पाया जा सकता है, इसे न तो खरीदा जा सकता है और न किसी से छिना जा सकता है
  14. किसी से कुछ मत मांगिये, किसी से कोई अपेक्षा मत रखिए. चुपचाप अपने कार्य में लगे रहिए
  15. निर्भय व्यक्ति हीं कुछ कर सकता है, डर-डर कर चलने वाले लोग कुछ नहीं कर सकते हैं. किसी भी चीज से डरो मत. तभी तुम अद्भुत काम कर सकोगे . निडर हुए बिना जीवन का आनंद नहीं लिया जा सकता है
  16. केवल वही व्यक्ति भगवान पर विश्वास नहीं करता है, जिसे खुद पर विश्वास नहीं होता है
  17. स्वतंत्र होने की हिम्मत करो. तुम्हारे विचार तुम्हें जहाँ तक ले जाते हैं वहां तक जाने की हिम्मत करो, और अपने विचारों को जीवन में उतारने की हिम्मत करो
  18. चाहे सत्य को हजारों तरीकों से बताया जाए, लेकिन सत्य एक हीं होता है
  19. जो भी चीज तुम्हें कमजोर बनाती है, उन चीजों को जहर समझकर त्याग दो तभी तुम उन्नति कर पाओगे
  20. अपने बारे में तुम जैसा सोचते हो तुम वैसे हीं बन जाओगे. अगर तुम खुद को कमजोर सोचते हो , तो तुम कमजोर बन जाओगे; उसी तरह अगर तुम खुद को शक्तिशाली सोचोगे, तो तुम शक्तिशाली होते जाओगे
  21. एक वक्त में एक हीं काम करो, और उस काम को करते समय अपना सब कुछ उसी में झोंक दो
  22. ब्रम्हाण्ड की सारी शक्तियाँ पहले से हीं हमारे भीतर मौजूद हैं. हम हीं मूर्खता पूर्ण आचरण करते हैं, जो अपने हाथों से अपनी आँखों को ढंक लेते हैं और फिर चिल्लाते हैं कि चारों तरफ अँधेरा है, कुछ नजर नहीं आ रहा है
  23. एक विचार को पकड़ना. उसी विचार को अपना जीवन बना लेना. उसी के बारे में सोचना, उसी के सपने देखना, उसी विचार को जीना. अपने दिमाग, मांसपेशियों, और शरीर के हर हिस्से को उसी विचार में डूब जाने देना, और बाकी सभी विचारों को किनारे रख देना. यही सफल होने का तरीका है, यही सफलता का सूत्र है
  24. निरंतर सीखते रहना हीं जीवन है और रुक जाना हीं मृत्यु है
  25. जो लोग इसी जन्म में मुक्ति पाना चाहते हैं, उन्हें एक हीं जन्म में हजारों वर्षों का कर्म करना पड़ेगा
  26. ठोकरें खाने के बाद हीं अच्छे चरित्र का निर्माण होता है
  27. जो सच है उसे लोगों से बिना डरे कहो, धीरे-धीरे लोग सच्चाई को स्वीकार करने लगेंगे
  28. लोग तुम्हारी प्रशंसा करें या आलोचना, तुम्हारे पास धन हो या नहीं हो, तुम्हारी मृत्यु आज हो या बड़े समय बाद हो, तुम्हें पथभ्रष्ट कभी नहीं होना चाहिए
  29. दुर्बलता को न तो आश्रय दो और न तो दुर्बलता को बढ़ावा दो
  30. यह सोचना हीं सबसे बड़ा पाप है कि मैं निर्बल हूँ या दूसरे लोग कमजोर हैं
  31. जब तक जीवित हो तब तक अपने और दूसरों के अनुभवों से सीखते रहना चाहिए. क्योंकि अनुभव सबसे बड़ा गुरु होता है
  32. अगर धन का उपयोग दूसरों की भलाई के लिए नहीं किया जाता है, तो धन बोझ बन जाता है. और उस बोझ तले व्यक्ति दबता चला जाता है
  33. उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक कि तुम अपने लक्ष्य को नहीं पा लेते हो
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