नवाजुद्दीन सिद्दिक्वि बायोग्राफी जीवनी Success Struggle Story in Hindi



Nawazuddin Siddiqui Success & Struggle story in hindi – नमस्कार दोस्तों आज का यह पोस्ट आपके लिए बहुत ज्यादा मोटिवेशनल और प्रेरणादायक साबित होगा क्योंकि आज हम आपके साथ अभिनेता और मशहूर एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बायोग्राफी सक्सेस और स्ट्रगल स्टोरी के बारे में आप के साथ हिंदी में शेयर करने वाले हैं

इस पोस्ट में हम आपको नवाजुद्दीन सिद्दीकी की पूरी जीवनी उनके स्ट्रगल की कहानी और उनके सक्सेस की ऊंचाई के बारे में आपको बताने वाले हैं जिसको पढ़कर आपको बहुत ज्यादा प्रेरणा मिलेगी कि जीवन में अगर आप सच्चे मन से कोई भी काम करने की कोशिश करेंगे तो भगवान आपको उसका फल जरूर देता है

हमसे बहुत लोगों ने यह रिक्वेस्ट किया था कि कृपया करके एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की जीवन की कहानी और उनकी कामयाबी और संघर्ष के दिनों की बात हमारे साथ शेयर करें इसलिए आज हमने यह पोस्ट लिखने का निर्णय लिया और आज के इस पोस्ट में हम आपको बॉलीवुड के टॉप एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की जीवनी और सच्ची कहानी के साथ उनके सक्सेस और स्ट्रगल के बारे में आज आपके साथ बात करने वाले हैं

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दोस्तों आप लोगों को तो पता ही होगा कि आजकल नौजवान बॉलीवुड में अपना कदम जमाने के लिए और एक्टर एक्ट्रेस बनने के लिए कितना ज्यादा शौक रखते हैं लेकिन वह जमाना चला गया जब आप अपने घर से केवल एक बैग लेकर आते थे या अपने जेब में केवल ₹10 का नोट होता था और अब बॉलीवुड में आकर सुपरस्टार बन जाते थे

आज बॉलीवुड में इतना ज्यादा कॉन्पिटिशन है और इतनी ज्यादा स्ट्रगल करने वाले एक्टर है जो लोग सालों सालों से पिक्चर में काम करने का मौका ढूंढते हैं लेकिन उनको वह मौका नहीं मिल पाता है

ऐसे ही कुछ एक्टर थे नवाजुद्दीन सिद्दीकी जो बहुत ही छोटे शहर से आए लेकिन आज वह बॉलीवुड में बड़े-बड़े सितारे जैसे कि शाहरुख खान सलमान खान आमिर खान इन सब के साथ उन्होंने काम किया है और आज वह बहुत ज्यादा सक्सेसफुल है

दोस्तों हम आपसे यह रिक्वेस्ट करेंगे कि आज का यह पोस्ट आप पूरे अंत तक पढ़िए ताकि आपको भी वह प्रेरणा मिल पाया और वह मोटिवेशन मिल पाए कि जीवन में आप कुछ भी हासिल कर सकते हैं आपको संघर्ष से कभी डरना नहीं चाहिए और नियंत्रण रूप से अपने लक्ष्य को पाने की कोशिश करना चाहिए

चलिए दोस्तों ज्यादा समय बर्बाद ना करते हुए हम आज के इस पोस्ट की शुरुआत करते हैं और हम उम्मीद करते हैं कि आज का यह पोस्ट आपको जीवन में अपने लक्ष्य को पाने के लिए बहुत ज्यादा प्रेरणा देगा

नवाजुद्दीन सिद्दीकी बायोग्राफी जीवनी और सच्ची कहानी

Nawazuddin Siddiqui Success & Struggle story in hindi

Nawazuddin Siddiqui Success & Struggle story in hindi

 

दोस्तों नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक ऐसे एक्टर हैं जिन्होंने बॉलीवुड में केवल अपने एक्टिंग के दम पर ही अपना नाम कमाया है ना तो उन का रंग रूप गोरा है नई उनकी कार्ड काफी बड़ी है और ना ही उनको कोई बैकअप सपोर्ट था

इसके बावजूद भी आज वह बॉलीवुड में बड़े-बड़े सितारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं और बहुत ज्यादा सक्सेस उन्होंने हासिल कर लिया है. आज वह अपनी एक्टिंग के मदद से किसी को भी हटा सकते हैं रूला सकते हैं और डरा सकते हैं वह एक वर्सेटाइल एक्टर हैं जिनको आप जो भी रोल दे देंगे वह उसको बहुत इमानदारी से और बहुत अच्छी तरीके से कंप्लीट कर देते हैं और यही वजह है कि आज बॉलीवुड में उनका इतना ज्यादा डिमांड है

एक समय था जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी के पास कोई भी काम नहीं हुआ करता था और आज उनके पास कितना काम है कि उनके पास उनके एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जब मुझे एक बड़ा रोल मिला उसके बाद मेरे पास लगभग 20 स्क्रिप्ट आती थी

नवाजुद्दीन सिद्दीकी कुल मिलाकर 9 भाई-बहन थे उनका जन्म 19 मई 1974 कोई यूपी के छोटे से डिस्ट्रिक्ट मुजफ्फरनगर के एक छोटे गांव बुढाना में हुआ था. यही उनका सारा बचपन खेल-कूद और उनकी इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई लिखाई पूरी हुई थी

हमको लगता है कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी बहुत ज्यादा गरीब परिवार के थे लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं था उनके पिता श्री वहां के बहुत बड़े जमींदार थे और उनके पास बहुत ज्यादा खेती और जमीन थी वह चाहते तो जिंदगी भर वही पर रह कर अपना गुजारा कर सकते थे लेकिन उन्होंने जीवन में संघर्ष का रास्ता चुनने का कोशिश किया ताकि जीने से कोई फायदा नहीं है हमको अपने जीवन को सक्सेसफुल बनाना बहुत ज्यादा जरूरी होता है

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दोस्तों हमारा यह मानना है कि और हम इस बात पर बहुत ज्यादा अमल करते हैं कि अगर आप गरीब पैदा हुए हो तो इसमें आपकी कोई भी गलती नहीं है लेकिन यदि आप गरीब मर जाओगे तो इसमें केवल आपकी गलती है

नवाजुद्दीन सिद्दीकी को अपने जीवन में क्या करना है उनको कुछ समझ में नहीं आ रहा था वह काम तो उन्होंने बहुत किया छोटे-मोटे काम chemist और वॉचमैन तक की नौकरी उन्होंने की लेकिन शायद उनके नसीब में कुछ और ही लिखा था

उनके गांव का माहौल इतना ज्यादा खराब था कि वहां पर कोई भी पढ़ाई लिखाई में ज्यादा ध्यान नहीं देता था इसलिए जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने गांव से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की तब वह अपनी आगे की पढ़ाई करने के लिए हरिद्वार के गुरुकुल कांगरी यूनिवर्सिटी मैं जाकर उन्होंने अपना एडमिशन लिया और बीएससी केमिस्ट्री से कंप्लीट किया

नवाजुद्दीन सिद्दीकी का यह कहना है कि हमारे गांव का माहौल इतना खराब है कि वहां पर पढ़ाई लिखाई का तो कोई मतलब ही नहीं है वहां पर केवल तीन चीज चलती है गेहूं गन्ना और गोली

जब उनकी पढ़ाई कंप्लीट हो गई तो वह गुजरात में आकर वडोदरा में एक केमिस्ट की दुकान में काम करने लगे लेकिन उनको वह काम करने में मजा नहीं आ रहा था एक दिन उसके दोस्त ने उनको कोई नाटक दिखाने के लिए लेकर चले गए

जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने उस नाटक को देखा तो उनको लग गया कि शायद यह काम मेरे लिए बना हुआ है क्योंकि वह इससे पहले भी बहुत काम कर चुके थे लेकिन उनका किसी भी काम में मन नहीं लगता था

आज तक उनके गांव में उन्होंने केवल बी ग्रेड और बी ग्रेड मूवी देखी थी और उन्होंने ऐसा नाटक पहले कभी नहीं देखा था और जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने वह नाटक को देखा तो उनको समझ में आ गया कि यही काम है जो मैं करना चाहता था लेकिन मुझको समझ में नहीं आ रहा था

उन्होंने फॉरेन अपने दोस्त से कहा कि मैं एक्टिंग करना चाहता हूं तब उसके दोस्त ने यह कहा कि अगर आपको एक्टिंग करना है तो सबसे पहले आपको थिएटर ज्वाइन करना होगा और थिएटर डिजाइन करने के लिए आपको दिल्ली जाना होगा

इसके बाद क्या था नवाजुद्दीन सिद्दीकी मैं सीधा दिल्ली जाने का फैसला कर लिया और उन्होंने वडोदरा में केमिस्ट की नौकरी छोड़ दी

दिल्ली में आने के बाद भी नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कुछ नाटक देखें और उनका एक्टर बनने का सपना और भी ज्यादा मजबूत बन गया

एक्टिंग सीखने के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा शायद पूरे एशिया में सबसे बेहतर एक्टिंग स्कूल है लेकिन वहां पर एडमिशन इतनी आसानी से नहीं मिलता है

वहां पर आपको एडमिशन मिलने के लिए आप को पहले से ही एक्टिंग का एक्सपीरियंस होना चाहिए और यह बात नवाजुद्दीन सिद्दीकी को पता चल गई थी इसलिए उन्होंने एक छोटा सा प्ले ग्रुप ज्वाइन कर लिया जिसका नाम था साक्षी थिएटर ग्रुप और यही वह ग्रुप था जिसमें से जाने माने एक्टर मनोज वाजपेई ने भी एक्टिंग का गुण सीखा था

फिर नवाजुद्दीन सिद्दीकी को छोटे-मोटे नाटक करने का मौका मिला लेकिन उस नाटक मैं काम करने से उनको ज्यादा पैसे नहीं मिलते थे और इसी वजह से उन्होंने फैसला कर लिया कि अगर मुझे गुजारा करना है तो मुझको एक नौकरी भी करनी पड़ेगी

1 दिन बाद दिल्ली के नई रेलवे स्टेशन में पेशाब कर रहे थे तो वहां पर उनको एक पर्चा छपा हुआ दिखा जिसमें लिखा था कि इतने सिक्योरिटी गार्ड चाहिए इतने वॉचमैन चाहिए और वहां पर कांटेक्ट नंबर भी दिया हुआ था

नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने तुरंत वह कांटेक्ट नंबर नोट कर लिया और शाहदरा चले गए वहां पर उन्होंने कहा कि मुझको नौकरी चाहिए उन्होंने कहा ठीक है हम आपको वॉचमैन की नौकरी दे देंगे लेकिन इसके लिए आपको ₹5000 डिपाजिट करना होगा

उस समय पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की हालत इतनी खराब थी कि उनके पास ₹5000 नहीं थे तब वह अपने गांव चले गए और फिर अपने मां के जेवर गिरवी रखकर वहां पर उनको ₹5000 दे दिए और फिर नोएडा में एक खिलौने की दुकान में उनको बताओ वॉचमैन की नौकरी मिल गई

यहां पर जब वह नौकरी करते थे तब बहुत ज्यादा दुबले पतले थे और वह बहुत जल्दी थक जाते थे और जिस फैक्ट्री में उनको काम मिला था वहां पर उनको धूप में खड़ा रहना पड़ता था इसलिए वह समय समय पर बैठ जाते थे

लेकिन उनकी किस्मत इतनी खराब थी जब भी वह आराम करने के लिए बैठते थे उसी टाइम पर कंपनी का मालिक एंट्री मारता था. उन्होंने नवाजुद्दीन सिद्दीकी को एक या दो बार देखा जब वह बैठ गए थे थक कर और जब उन्होंने तीसरी बार देखा तब उनका सब्र का सीमा पार हो चुका था और उन्होंने सीधे नवाजुद्दीन सिद्दीकी को नौकरी से निकाल दिया

उसके बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी बहुत ज्यादा परेशान हो गए और वह फिर से शाहदरा ऑफिस में गए जहां पर उन्होंने नौकरी के लिए अप्लाई किया था वहां पर जाकर उन्होंने कहा कि उन्होंने मेरे को नौकरी से निकाल दिया है आप मेरे ₹5000 डिपाजिट वापिस दीजिए

लेकिन उन्होंने कहा कि आपको वह ऐसे नौकरी से नहीं निकाले हैं आप की हरकत कुछ इस टाइप की थी इसलिए आपको नौकरी से निकाल दिया गया और आपके ₹5000 आपको नहीं मिलेंगे

वहां से निराश होकर नवाजुद्दीन सिद्दीकी को एक भी पैसा नहीं मिला जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी वॉचमैन की नौकरी कर रहे थे उस समय पर उनकी जॉब की टाइमिंग थी सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम के 5:00 बजे तक और उसके बाद वह एक्टिंग करते थे

जब उनको नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन मिला तो वहां पर उनको थोड़ी सहूलियत मिलने लगी जैसे कि खाना पीना रहना और केवल उनका वहां पर एक ही काम था कि उनको केवल एक्टिंग में फोकस करना था और कुछ भी नहीं

नवाजुद्दीन सिद्दीकी 1996 में नेशनल स्कूल ऑफ बाहर निकल गए उनको एक्टिंग का बहुत ज्यादा एक्सपीरियंस हो गया. नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से निकलने के 4 साल तक वह दिल्ली के स्ट्रीट प्ले और थिएटर नुक्कड़ नाटक करते थे

जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी को लगा कि यह छोटे मोटे नाटक से उनका कोई गुजारा नहीं होने वाला है तब उन्होंने यह निर्णय लिया कि अगर भूखा मरना ही है तो क्यों ना मुंबई जा कर मारा जाए इसलिए नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने साल 2000 मुंबई की ओर रवाना हो गए

मुंबई में आने के बाद उनके पास सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि रहने की जगह उनके पास नहीं थी इसलिए उनके एक मित्र ने उनकी हेल्प कर दी और उनको कहा कि मैं आपको रखने के लिए रेडी हो जाऊंगा लेकिन आपको मेरे लिए खाना बनाना होगा नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बिना कुछ सोचे उनकी यह मांग पूरी कर दी और वह उनके लिए खाना बनाने लगे और उन्हीं के साथ रहने लगी

जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी मुंबई आए उसके बाद उनको छोटे-मोटे सीरियल में 1 या 2 रोल का काम मिलता था और बस उनको कोई फिल्म में काम नहीं देने को तैयार था

नवाजुद्दीन सिद्दीकी का यह कहना था कि उस समय पर सीरियल में काम मिलना भी एक बहुत बड़ी चुनौती थी क्योंकि वहां पर भी गुड लुकिंग एक्टर को ही काम मिलता था और मुझको वहां पर भी बहुत ज्यादा परेशानी हुई

जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी डायरेक्टर और producers के पास काम मांगने के लिए जाते थे उस समय पर डायरेक्टर उनसे पूछते थे कि आप कौन हो तो वह कहते थे कि मैं एक्टर हूं तब डायरेक्टर कहते थे कि आप लगते तो नहीं हो एक्टर जैसे

तब नवाजुद्दीन सिद्दीकी उनको कहते थे कि मैं आपको कुछ कर के दिखाऊं एक्टिंग आपको मैं करके दिखाऊ लेकिन तब भी उनका संघर्ष और उनकी स्ट्रगल की कहानी खत्म नहीं हुई

नवाजुद्दीन सिद्दीकी को इतना ज्यादा स्ट्रगल करना पड़ा कि हम आपको लफ्जों में बता नहीं सकते थे वह जहां पर भी काम मांगने के लिए जाते थे वहां पर उनको रिजेक्ट कर दिया जाता था

नवाजुद्दीन सिद्दीकी कहते थे कि मेरे साथ रिजेक्शन का सिलसिला बहुत पहले से चलता था कि मैं अगर गैस का सिलेंडर लेने के लिए भी जाऊं तो वहां पर भी उनको गैस का सिलेंडर नहीं मिलता था, पासपोर्ट बनाने के लिए जाता तो वहां भी उनका पासपोर्ट नहीं बन पाता, किसी लड़की से दोस्ती करना चाहता था कभी भी वहां पर भी मुझको रिजेक्शन मिलता था

नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने सोचा कि यही मेरी डेस्टिनी है और उन्होंने रिजेक्शन के साथ कंप्रोमाइज कर लिया था और एक समय ऐसा आ गया था कि रिजेक्ट होना उनके लिए एक नॉर्मल बात हो गई थी और उनको रिजेक्ट होने की आदत पड़ गई थी

वह बात आप लोगों ने सुनी ही होगी कि अगर कोई इंसान नियमित रूप से किसी काम को करना चाहता है तो भगवान भी उसकी पूरी मदद करता है और इसी वजह से नवाजुद्दीन सिद्दीकी को आमिर खान की सुपरहिट मूवी सरफरोश में एक बहुत ही छोटा सा रोल मिला जिसमें उनका काम केवल 40 सेकेंड का था और वहां पर उनका काम था कि पुलिस उनसे पूछताछ करती है

नवाजुद्दीन सिद्दीकी को लगा कि अब शायद उनकी स्ट्रगल की स्टोरी खत्म हो जाएगी और उनको सक्सेस मिल जाएगी लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ उनको छोटे मोटे रोल मिलते रहे और एक बार तो उन्होंने सचिन तेंदुलकर की पेप्सी वाली ऐड में भी काम किया था जिसमें उनको ₹500 मिला था

नवाजुद्दीन सिद्दीकी की एक्टिंग में तो कोई कमी नहीं थी लेकिन उनकी कद काठी और उनका रंग ऐसा था कि उनको कोई भी एक्टर का रोल देने को तैयार नहीं था और जिस तरीके से उनकी शरीर की बनावट थी वह बहुत ज्यादा दुबले-पतले थे काले थे और गरीब दिखते थे इसलिए डायरेक्टर उनको छोटे-मोटे काम देते थे जिसमें उनको कभी वेटर का रोल मिल जाता था या फिर कभी भिकारी का

लेकिन नवाजुद्दीन सिद्दीकी का यह मानना था कि काम तो काम होता है और उन्होंने यह बात कही थी कि मैं मुंबई शहर कोई बड़ा सपना लेकर नहीं आया था कि मुझे बॉलीवुड का सबसे बड़ा स्टार बनना है वह यह सोचकर आए थे कि उनका केवल गुजारा होता है पर ऐसे ही काम चलते रहे

नवाजुद्दीन सिद्दीकी का कहना था कि बॉलीवुड में कोई मेरिट सिस्टम नहीं है कि आपके कितने नंबर आएंगे तो आपको एक्टर का रोल मिल जाएगा वहां पर केवल गुड लुकिंग एक्टर और जिन लोगों के पास बहुत ज्यादा पैसा होता था या जिन के माता-पिता पहले से ही बॉलीवुड में काम करते थे उनको बहुत आसानी से काम मिल जाता था

नवाजुद्दीन सिद्दीकी को यह बात बहुत परेशान करती थी थी उनमें एक्टिंग के इतनी ज्यादा प्रतिभा होने के बाद भी कोई भी उनको काम देने के लिए तैयार नहीं था इसलिए वह बहुत ज्यादा परेशान रहते थे

कई बार तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी के मन में यह बात भी आया जब उनका स्ट्रगल का सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था बहुत साल हो गए थे और उनका मन करता था कि बोरिया बिस्तर बांध कर अपने गांव लौट जाता हूं लेकिन फिर वह वहां जाने से डरते थे क्योंकि वहां पर वह क्या काम करते उनको एक्टिंग के अलावा और कोई काम भी नहीं आता था और उनको यह डर लगता था कि गांव वाले उनका मजाक उड़ाएंगे कि लो आ गया एक्टर मुंह उठाकर

इस डर की वजह से नवाजुद्दीन सिद्दीकी कभी अपने गांव नहीं लौट आए और उन्होंने कहा कि अब जो कुछ भी होगा यही होगा जीना यहां मरना यहां इसके सिवा जाना कहां

जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी बहुत ज्यादा स्ट्रगल कर रहे थे क्योंकि उनके पास ज्यादा काम भी नहीं होता था और उनके पास पैसे भी नहीं होते थे. एक टाइम ऐसा आ गया नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि वह मुंबई की शहरों में 2 साल तक ऐसे ही घूमते रहते थे क्योंकि वह बहुत ज्यादा पतले और कमजोर हो गए थे और उनको लगता था कि कुछ ही दिनों बाद मेरी मौत हो जाएगी

इसलिए वह पूरे 2 साल तक ऐसे ही मुंबई की सड़कों पर घूमते थे और सोचते थे कि मैं यह रोशनी यह सड़कें यह सब कुछ देख लेता हूं क्योंकि इसके बाद तो मेरी मौत ही हो जाएगी

जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी बहुत ज्यादा स्ट्रगल कर रहे थे उस समय पर केवल उनकी मां ने उनका बहुत साथ दिया और उनकी मां की कही हुई एक बात उनको आज भी याद है कि उनकी मां ने यह कहा था कि 12 साल में तो कचरे के दिन भी बदल जाते हैं तू तो इंसान है

यह बात सुनकर नवाजुद्दीन सिद्दीकी को बहुत ज्यादा हौसला मिलता था और वह कभी हार नहीं मानी. और एक बात सच है कि अगर मां का आशीर्वाद आपके साथ है तो आपको दुनिया की कोई ताकत पीछे नहीं जीत सकती और आपको सफलता एक दिन जरूर मिलती है

और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ भी ऐसा ही हुआ 12 साल संघर्ष करने के बाद उनको 2010 में पीपली लाइव मूवी में एक पत्रकार की भूमिका मिली और यह रोल करने के बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी को बॉलीवुड में थोड़ी सी पहचान मिलनी शुरू हो गई

और फिर क्या था एक बात तो आपने सुनी होगी जब ऊपरवाला देता है तो बिल्कुल छप्पर फाड़ कर देता है उसके बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी के सामने पिक्चर की लाइन लग गई और उसके बाद उन्होंने कहानी, गैंग्स ऑफ वासेपुर, तलाश, माझी द माउंटेन मैन, बदलापुर, बजरंगी भाईजान, रईस जैसी सुपर डुपर हिट मूवी में उन्होंने काम किया और उसके बाद उनको लगा की शायद अब उनकी स्ट्रगल की कहानी खत्म हो गई और उनकी सक्सेस की कहानी शुरू हो गई है

उसके बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी के पास स्क्रिप्ट की लाइन लगनी शुरू हो गई और उनके पास कभी भी काम की कोई कमी नहीं होती थी और यह बात यह सिद्ध करता है कि अगर आप अपने काम के प्रति वफादार हो और अगर आप अपना एक गोल बना लो कि मुझको जीवन में यही काम करना है और आप अगर पूरे वफादारी से और लगन से उस काम को करने में जुट जाओ तो आपको उस काम में सक्सेस जरूर मिलती है

दोस्तों सक्सेस और स्ट्रगल दोनों का एक बहुत ही गहरा संबंध है यदि आप सोचते होंगे कि जीवन में मुझको कभी भी स्ट्रगल या संघर्ष नहीं करना पड़ेगा और मुझको सफलता बहुत आसानी से मिल जाएगी तो यह बात आपकी गलत है आपको स्ट्रगल करना ही पड़ेगा

नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बायोग्राफी और जीवनी पढ़ने के बाद आप लोगों को पता चल गया होगा की स्ट्रगल करना भी सक्सेस पाने का एक हिस्सा होता है और आपको संघर्ष करने से कभी भी नहीं डरना चाहिए

समय एक जैसा नहीं रहता है दोस्तों भगवान आपकी मेहनत पर हमेशा नजर रखता है और वह कहावत आपने सुनी होगी मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती है और उनको उनकी मेहनत का फल जरुर मिलता है

यह बात सच है कि कल मिलने में आपको थोड़ा टाइम लग सकता है लेकिन आप अगर सच्चे दिल से कोई भी लक्ष्य को पाने की कोशिश करेंगे और उसमें अपनी पूरी जान लगा देंगे तो आपको भगवान आपकी मेहनत का फल जरुर देगा

आज नवाजुद्दीन सिद्दीकी बॉलीवुड में बहुत ही ऊंचा रुतबा रखते हैं और वह बड़े-बड़े एक्टर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं और भगवान की दुआ से आज उनके पास नाम पैसा और शोहरत है

भारत में लाखों करोड़ों लोगों उनके एक्टिंग के जबरदस्त फैन हैं और उनकी पिक्चर देखने के लिए हर कोई हमेशा बेताब रहता है

दोस्तो टैलेंट आपके रंगरूप आपके कद काठी पर डिपेंड नहीं करता है और हर एक इंसान में ऐसा कोई ना कोई टैलेंट जरूर होता है लेकिन दुख की बात यह है कि इंसान अपने उस प्रतिभा को कभी भी पहचान नहीं पाता है और जीवन भर संघर्ष करते रह जाता है

हर एक इंसान में कोई ना कोई स्ट्रांग पॉइंट होता है आपको अपने आप में झांक कर उस स्ट्रांग पॉइंट को ढूंढना है और जिस दिन आपको पता चल जाएगा कि मैं इस काम को करने में माहिर हूं तब आपको उसी काम को करना चाहिए आपको सक्सेस जीवन में जरूर मिलेगी

आपकी और दोस्तों

दोस्तों यह था मशहूर एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बायोग्राफी जीवनी सक्सेस और स्ट्रगल की स्टोरी हम उम्मीद करते हैं कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी की जीवन की सच्ची कहानी पढ़कर आपको भी बहुत ज्यादा प्रेरणा और मोटिवेशन मिली होगी

यदि आपको हमारा यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो कृपया करके इसे अपने दोस्तों के साथ और घर परिवार वालों के साथ जरुर शेयर करें ताकि उन लोगों को भी पता चल पाए कि जीवन में यदि आप सच्चे मन से कोई भी लक्ष्य को पाने की कोशिश करेंगे तो आपको उसमें सफलता जरूर मिलेगी

हम आपसे यह रिक्वेस्ट करेंगे कि आप इस पोस्ट को Facebook WhatsApp Twitter और गूगल प्लस पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि उन तमाम लोगों को पता चल जाए कि जीवन में अगर आपका दृढ़ निश्चय है तो आप अपने सभी सपनों को पूरा कर सकते हो धन्यवाद दोस्तों



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