38 Mother Teresa Quotes in Hindi | मदर टेरेसा के अनमोल वचन विचार



Mother Teresa Quotes in Hindi

मदर टेरेसा के अनमोल वचन विचार

मदर टेरेसा कोट्स इन हिंदी

  1. कार्य में प्रार्थना प्यार है, कार्य में प्यार सेवा है
  2. कुछ लोग आपकी ज़िन्दगी में आशीर्वाद की तरह  कुछ लोग एक सबक की तरह
  3. खूबसूरत लोग हमेशा अच्छे नहीं होते। लेकिन अच्छे लोग हमेशा खूबसूरत होते है
  4. भगवान यह अपेक्षा नहीं करते कि हम सफल हों। वे तो केवल इतना ही चाहते हैं कि हम प्रयास करें
  5. दया और प्रेम भरे शब्द छोटे हो सकते हैं लेकिन वास्तव में उनकी गूँज अन्नत होती है
  6. प्रेम एक ऐसा फल है, जो हर मौसम में मिलता है और जिसे सभी पा सकते हैं
  7. अकेलापन और किसी के द्वारा न चाहने की भावना का होना भयानक गरीबी के सामान है
  8. चलिए जब भी एक दूसरे से मिलें मुस्कान के साथ मिलें, यही प्रेम की शुरुआत है
  9. आप दुनिया में प्रेम फ़ैलाने के लिए क्या कर सकते हैं ? घर जाइये और अपने परिवार से प्रेम कीजिये
  10. कल जा चुका है, कल अभी आया नहीं है, हमारे पास केवल आज है, चलिए शरुआत करते हैं
  11. मैं चाहता हूँ की आप अपने पडोसी के लिए भी चिंतित हों, क्या आप जानते हैं की आपका पडोसी है कौन
  12. सबसे बड़ा रोग किसी के लिए भी कुछ न होना है
  13. वे शब्द जो ईश्वर का प्रकाश नहीं देते अँधेरा फैलाते हैं
  14. बिना प्रेम के कार्य करना दासता है
  15. किसी नेता की प्रतीक्षा मत करो, अकेले करो, व्यक्ति से व्यक्ति द्वारा
  16. यदि आप सौ लोगो को नहीं खिला सकते तो एक को ही खिलाइए
  17. प्रेम हर ऋतू में मिलने वाले फल की तरह है जो प्रत्येक की पहुँच में है
  18. एक जीवन जो दूसरों के लिए नहीं जीया गया वह जीवन नहीं है
  19. मैं सफलता के लिए प्रार्थना नहीं करता मैं सच्चाई के लिए करता हूँ
  20. प्रत्येक वस्तु जो नहीं दी गयी है  खो चुकी है
  21. यह महत्वपूर्ण नहीं है आपने कितना दिया, बल्कि यह है की देते समय आपने कितने प्रेम से दिया
  22. हम सभी महान कार्य नहीं कर सकते लेकिन हम अन्य कार्यों को प्रेम से कर सकते हैं
  23. हम सभी ईश्वर के हाथ में एक कलम के सामान है
  24. मैं एक छोटी पेंसिल के समान हूँ जो ईश्वर के हाथ में है जो इस संसार को प्रेम का सन्देश भेज रहे हैं
  25. मुझे लगता है हम लोगो का दुखी होना अच्छा है, मेरे लिए यह यीशु के चुम्बन की तरह है
  26. पेड़, फूल और पौधे शांति में विकसित होते हैं, सितारे, सूर्य और चंद्रमा शांति से गतिमान रहते हैं, शांति हमें नयी संभावनाएं देती है
  27. सबसे बड़ी बीमारी कुष्ठ रोग या तपेदिक नहीं है , बल्कि अवांछित होना ही सबसे बड़ी बीमारी है
  28.  प्रेम की शुरुआत निकट लोगो और संबंधो की देखभाल और दायित्व से होती है, वो निकट सम्बन्ध जो आपके घर में हैं
  29. अगर आप यह देखेंगे की लोग कैसे हैं तो आप के पास उन्हें प्रेम करने का समय नहीं मिलेगा
  30. जहाँ जाइये प्यार फैलाइए। जो भी आपके पास आये वह और खुश होकर लौटे
  31. शांति की शुरुआत मुस्कराहट से होती है
  32. यदि हमारे मन में शांति नहीं है तो इसकी वजह है कि हम यह भूल चुके हैं कि हम एक दुसरे के हैं
  33. लोग अवास्तविक, विसंगत और आत्मा केन्द्रित होते हैं फिर भी उन्हें प्यार दीजिये
  34. मैं चाहती हूँ कि आप अपने पड़ोसी के बारे में चिंतित हों।  क्या आप जानते हैं कि आपका पड़ोसी कौन है
  35. जो आपने कई वर्षों में बनाया है वह रात भर में नष्ट हो सकता है तो भी क्या आगे बढिए उसे बनाते रहिये
  36. छोटी चीजों में वफादार रहिये क्योंकि इन्ही में आपकी शक्ति निहित है
  37. यीशु ने कहा है की एक दूसरे से प्रेम करो। उन्होंने यह नहीं कहा की समस्त संसार से प्रेम करो
  38. अनुशासन लक्ष्यों और उपलब्धि के बीच पुल है


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