49 Khalil Gibran Quotes in Hindi | खलील जिब्रान के अनमोल विचार वचन



Khalil Gibran Quotes in Hindi

खलील जिब्रान के अनमोल विचार वचन

खलील जिब्रान कोट्स इन हिंदी में

  1. स्वतंत्रता के बिना जीवन आत्मा के बिना शरीर के सामान  है
  2. यदि कोई और आपको  चोट पहुंचाता है तो हो सकता है आप उसे भूल जाएं ; लेकिन यदि आप उसे चोट पहुंचाते हैं तो आप हमेशा याद रखेंगे
  3. यदि आप अपने राज़ हवा से बताते हैं तो उनके  पेड़ों को पता चलने का दोष हवा को नहीं देना चाहिए
  4. यदि आपका ह्रदय ज्वालामुखी है तो भला आप फूलों के खिलने की अपेक्षा कैसे कर सकते हैं
  5. दुःख महज दो बागीचों के बीच की एक दीवार है
  6. सपनो में यकीन करो , क्योंकि उन्ही में  अनंत का द्वार छिपा है
  7. आपकी रोजमर्रा की ज़िन्दगी आपका मंदिर और आपका धर्मं है . जब आप इसमें प्रवेश करते हैं तो पूरी तरह से प्रवेश करिए
  8. ये मत कहो कि  , ” मैंने सच खोज लिया है ,” बल्कि ये कहो कि ,” मैंने एक सच खोज लिया है
  9. आप  वो धनुष हो जिससे आपके बच्चे जीवित तीर के रूप में  भेजे जाते हैं
  10. जो सही है वो लोगों के दिल के करीब होता है , लेकिन जो दयालु है वो भगवान् के ह्रदय के करीब होता है
  11. अपने सुख-दुःख अनुभव करने से बहुत पहले हम स्वयं उन्हें चुनते हैं
  12. जब आप दुखी हों तो पुनः अपने ह्रदय में  झांकें , और आप पाएंगे की वास्तविकता में आप उसके लिए रो रहे हैं जो आपकी ख़ुशी रहा हो
  13. उत्कंठा ज्ञान की शुरुआत है
  14. जब आप अपनी संपत्ति देते हैं तब आप देते तो हैं मगर बहुत . पर जब आप खुद को देते हैं तब आप वास्तविकता में देते हैं
  15. कुछ लोग ऐसे होते हैं जो ख़ुशी के साथ देते हैं , और वही ख़ुशी उनका ईनाम है
  16. जब हम सलाह के लिए एक दूसरे की तरफ  देखते हैं तब हम अपने दुश्मनों की संख्या घटा लेते हैं
  17. बीता हुआ कल आज की स्मृति है , और आने वाला कल आज का स्वप्न है
  18. आपका दोस्त आपकी ज़रूरतों का जवाब है
  19. विश्वास  ह्रदय के भीतर वो नखलिस्तान है जिस तक सोच के  कारवाँ द्वारा नहीं पंहुचा जा सकता
  20. कल हम राजाओं की  आज्ञा  मानते थे और  के शाशकों के सामने सर झुकाते थे . लेकिन आज हम केवल सत्य के सामने घुटने टेकते हैं , सुन्दरता का अनुसरण करते हैं , और केवल प्रेम की आज्ञा मानते हैं
  21. हमारे सभी शब्द महज वो टुकड़े हैं जो  दिमाग  की दावत से नीचे गिरते हैं
  22. जिस व्यक्ति को तुम अज्ञानी और तुच्छ समझते हो वो भगवान् की और से आया है , हो सकता है वो दुःख से आनंद और  निराशा से ज्ञान सीख ले
  23. आत्मज्ञान सभी ज्ञानो की जननी है
  24. आने वाली पीढ़ी गरीबी से समानता और संकट से प्रेम सीखेगी
  25. आत्मा जो चाहती है वो पा लेती है
  26. एक दूसरे से प्रेम करें ,  लेकिन प्रेम का कोई बंधन ना बाधें : बल्कि इसे अपनी आत्माओं के किनारों के बीच एक बहते हुए सागर के सामान रहने दें
  27. कला जो स्पष्ठ और अच्छी तरह से ज्ञात है उससे रहस्य और छिपे हुए की तरफ बढाया हुआ एक कदम है
  28. जीवन और मृत्यु एक हैं जैसे नदी और समुद्र एक हैं
  29. उदारता जितना आप दे सकते हैं उससे अधिक देना है , और गर्व जितना आप ले सकते हैं उससे कम लेना है
  30. कष्ट सह कर ही सबसे मजबूत  लोग निर्मित होते हैं ; सबसे महान चरित्रों  पर घाव के निशान   होते हैं
  31. जीवन के दो मुख्य तोहफे ; सुन्दरता और सत्य,  पहला  मुझे एक प्यार भरे दिल और दूसरा एक श्रमिक के हाथों में मिला
  32. आगे बढ़ी , कभी रुको मत , क्योंकि आगे बढ़ना पूर्णता है . आगे बढ़ो और रास्ते में आने वाले काँटों से डरो मत , क्योंकि वे सिर्फ गन्दा खून निकालते हैं
  33. प्रेम के बिना जीवन उस वृक्ष के सामान है जिसपे ना बहार आये ना फल हों
  34. अनंत काल का स्वयं को दर्पण में देखना ही सौन्दर्य है
  35. ये मत भूलो की धरती तुम्हारे पैरों को महसूस करके खुश होती है और हवा तुम्हारे बालों से खेलना चाहती है
  36. यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो उसे जाने दें , क्योंकि यदि वो लौटते हैं तो वो हमेशा से आपके थे। और यदि नहीं लौटते हैं तो कभी आपके नहीं थे
  37. मुझे उस ज्ञान से दूर रखो जो रोता न हो , उस दर्शन से दूर रखो जो हँसता न हो और उस महानता से दूर रखो जो बच्चों के सामने सर न झुकाता हो
  38. काव्य शब्दकोष के छीटों के साथ ख़ुशी , दर्द और आश्चर्य का सौदा है
  39. प्रेम और संदेह में कभी बात-चीत नहीं रही है
  40. आपके बच्चे आपके बच्चे नहीं हैं . वे जीवन की खुद के प्रति लालसा के पुत्र-पुत्रियाँ  हैं . वे आपके  द्वारा आये पर आपसे नहीं आये और हालांकि वो आपके साथ हैं पर फिर भी आपके नहीं हैं
  41. थोडा ज्ञान जो प्रयोग में लाया जाए वो बहुत सारा ज्ञान जो बेकार पड़ा है उससे कहीं अधिक मूल्यवान है
  42. जाहिर  वो है जो तब तक नहीं पता चलता जब तक कि  कोई उसे सरलता से व्यक्त नहीं कर देता
  43. आस्था एक अन्तरंग ज्ञान है , प्रमाण से परे
  44. अगर मेरा अस्तित्व  किसी के नष्ट होने का कारण बनता है तो मौत मुझे अधिक आकर्षक और प्रिय होगी
  45. और क्या कभी यह जाना गया है कि प्रेम स्वयं अपनी गहराई जानता है जब तक कि बिछड़ने का वक़्त ना आये
  46. दोस्ती की मिठास में हास्य और खुशियों का बांटना होना चाहिए . क्योंकि छोटी -छोटी चीजों की ओस में दिल अपनी सुबह खोज लेता है और तरोताज़ा हो जाता है
  47. जो शिक्षक वास्तव में बुद्धिमान है वो आपको अपने ज्ञान प्रकोष्ठ में प्रवेश करने का आदेश नहीं देता बल्कि वो आपको आपके बुद्धि की पराकाष्ठा  तक ले जाता है
  48. मैं तुमसे प्रेम करता हूँ जब तुम अपने मस्जिद में झुकते हो , अपने मंदिर में घुटने टेकते हो , अपने गिरजाघर में प्रार्थना करते हो। क्योंकि तुम और मैं एक ही धर्म की संतान हैं , और यही भावना है
  49. ज्ञान ज्ञान नहीं रह जाता जब वह इतना अभिमानी हो जाए कि रो भी ना सके, इतना गंभीर हो जाए कि हंस भी ना सके और  इतना स्वार्थी हो जाये कि अपने सिवा किसी और का अनुसरण ना कर सके
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